Shadow

राष्ट्रीय

Logic of VIP cells in prisons like enjoyed by Lalu Prasad Yadav

Logic of VIP cells in prisons like enjoyed by Lalu Prasad Yadav

राष्ट्रीय
It refers to media-reports about RJD supremo Lalu Prasad Yadav having been lodged in Upper Division Cell of Birsa Munda Central Jail (Ranchi) having two wings each having four rooms, with only VIP prisoners privileged of having separate rooms with VIP facilities otherwise not available to normal prisoners. Stay of former Bihar Chief Minister in this jail in the year 2017, is the second one after first spell being in the year 2013. At least there must not be any distinction amongst those having found guilty in respect of prison. Even VIP prisoners most of which are politicians must taste hardships of prison life as borne by normal prisoners also to act as deterrent for others against committing crimes. Privileged VIP life-style in jails is nothing but a relaxing resort for prison-du...
Rajnikant Ji enters Politics

Rajnikant Ji enters Politics

राष्ट्रीय
Tax Paying Citizens, your good selves & we know - being in total agreement with above. Due OVERPOWERING CORRUPTION – OUR SYSTEMS ARE IN SHAMBLES, Checks & Balances lie by the Roadside. Therefore there is NEED FOR SYSTEMIC CHANGE. Way forward for INDIA, put in place by former Late, Cabinet Secretary & Ambassador of India to USA, Sh Naresh Chandra, Chairman, Public Interest Foundation (PIF) & then Director Sh Nripendra Misra (IAS Retd) – now in PMO as Principal Secretary. PIF being a Foundation whose ACTIONS we value added & networked, especially, in Election Commission of India, New Delhi from 2008 when PIF set up, till May 27, 2014 when Sh N Misra appointed Principal Secretary in PMO. It all ended after BJP put in Forefront & Gear it’s own Political Agenda. For Citizens it ...
Install statue of Sardar Patel at empty canopy of India Gate

Install statue of Sardar Patel at empty canopy of India Gate

राष्ट्रीय
Canopy at India Gate lying empty now for decades ever since statue of an erstwhile British ruler King George was removed from this place looks very odd to large number of foreign and Indian visitors coming to India. Union government should stall a statue of Sardar Patel at empty canopy at India Gate, also because both Congress and BJP are unanimous in respect for Sardar Patel. It may be recalled that the then Prime Minister Dr Manmohansingh and Narender Modi (now Prime Minister) once shared a common platform with both claiming on legacy of Sardar Patel. There have been rare instances when both ruling party and main opposition-party are united on an aspect like for respect to India’s binding iron-man. MADHU AGRAWAL
Reservation – How to destroy future generations?

Reservation – How to destroy future generations?

EXCLUSIVE NEWS, राष्ट्रीय
competence rather than give them reservations and allow fanatics to subvert the peaceful majority. Hence, all Hindus and nationalist Muslims should unite together to support a leader who does not succumb to gimmicks of appeasement by congress and other pro-Muslim parties. In any case ensure welfare of the peaceful majority. How to destroy future generations? These things will destroy the human race: Progress without Compassion, Wealth without Work, Learning without Silence, Politics without Principle, Religion without Fearlessness and Worship without Awareness. Anthony de Mello "The most ef...
भारत में भूतापीय ऊर्जा पैदा करने की संभावनाओं  पर सरकार का ग्रहण – वैज्ञानिक सूर्य प्रकाश कपूर

भारत में भूतापीय ऊर्जा पैदा करने की संभावनाओं पर सरकार का ग्रहण – वैज्ञानिक सूर्य प्रकाश कपूर

राष्ट्रीय
भारत सहित पूरा विश्व इस समय ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों की तलाश में है। कभी यह तलाश सौर ऊर्जा के रूप में पूरी होती है तो कभी आकाशीय बिजली के द्वारा, विद्युत् उत्पादन की संभावना में। भारत एक बहुत ही विशाल देश है, जिसमें विशाल जनसँख्या के सामने ऊर्जा की समस्या मुंह बाए खड़ी है। भारत की लगभग 70 प्रतिशत आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है। अब तक हमारे देश के 21 प्रतिशत गाँवों तथा 50 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों तक बिजली नहीं पहुँच पाई है। ऊर्जा के स्रोतों की बात करते ही केवल कुछ स्रोत सभी के मस्तिष्क में आते हैं, और उनमें है सौर ऊर्जा, जैव ईंधन, गैस, लकड़ी आदि। परन्तु पिछले कुछ समय से भूतापीय अर्थात जियोथर्मल ऊर्जा के विषय में भी सुना जा रहा है। भूतापीय ऊर्जा क्या है और भारत में इसकी क्या संभावनाएं हैं, क्या भारत में भूतापीय ऊर्जा संभव है और क्या भूतापीय ऊर्जा के रास्ते में कुछ बाधाएं हैं, यदि...
‘‘अपने पास रखो अपने सूरजों का हिसाब, मुझे तो आखिरी घर तक दीया जलाना है’’ एकात्म मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय

‘‘अपने पास रखो अपने सूरजों का हिसाब, मुझे तो आखिरी घर तक दीया जलाना है’’ एकात्म मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय

राष्ट्रीय
- महेन्द्र सिंह, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), ग्रामीण विकास एवं स्वास्थ्य उत्तर प्रदेश सरकार अति मेधावी छात्र के रूप में आपने पहचान बनायी:- आपका जन्म 25 सितम्बर 1916 में मथुरा के छोटे से गांव ‘नगला चंद्रभान’ में हुआ था। तीन वर्ष की उम्र में आपकी माताजी का तथा 7 वर्ष की कोमल उम्र में आपके पिताजी का देहान्त हो गया। वह माता-पिता के प्यार से वंचित हो गये। किन्तु उन्होंने अपने असहनीय दर्द की दिशा को बहुत ही सहजता, सरलता तथा सुन्दरता से लोक कल्याण की ओर मोड़ दिया। वह हंसते हुए जीवन में संघर्ष करते रहे। आपको पढ़ाई का शौक बचपन से ही था। इण्टरमीडिएट की परीक्षा में आपने सर्वाधिक अंक प्राप्त कर एक अति मेधावी छात्र होने का कीर्तिमान स्थापित किया। आप अन्तिम सांस तक जिन्दगी परम सत्य की खोज में लोक कल्याण से भरे जीवन्त साहित्य की रचना करने तथा उसे साकार करने जुटे रहे। ‘‘न जाने कौन सी दौलत थी उनके...
All Public Griviance Portals lead at same destination: Should be decentralised with proper improvements

All Public Griviance Portals lead at same destination: Should be decentralised with proper improvements

राष्ट्रीय
Presently Public-Griviance-Portals exist on websites of President and Prime Minister of India under www.helpline.rb.nic.in and www.pgportal.gov.in/pmocitizen/Grievancepmo.aspx with both these portals auto-forwarding posted submissions at www.pgportal.gov.in administered by Department of Administrative Reforms (Government of India). It is a useless exercise resulting in wastage of man-power and resources of high offices like those of President and Prime Minister of India. In case it is desired to have such a portal on website of Prime Minister of India getting maximum average daily hits exceeding 2000, then such a facility should available only on this website but duly publicised abolishing the other ones like www.helpline.rb.nic.in and www.pgportal.gov.in It is significant that facility av...
On Sonia Gandhi – Blog by Ex-Indian Intelligence Analyst (Nishkamya)  मैकाले के ईसाकुल बनाम गुरुकुल.  महामहिम श्री बान की मून महोदय!

On Sonia Gandhi – Blog by Ex-Indian Intelligence Analyst (Nishkamya) मैकाले के ईसाकुल बनाम गुरुकुल. महामहिम श्री बान की मून महोदय!

राष्ट्रीय
28.5.12 " किसी अच्छे यूरोपीय पुस्तकालय की एक टांड़ ( LoFT ) ही भारत और अरब देशों के समग्र देशी साहित्य के बराबर मूल्यवान है. .......मुझे लगता है कि पूर्व के लेखक साहित्य के जिस क्षेत्र में सर्वोच्च हैं, वह क्षेत्र काव्य का है. पर मुझे अभी तक ऐसा एक भी पूर्वी विद्वान नहीं मिला है जो यह कह सके कि महान यूरोपीय राष्ट्रों की कविता के साथ अरबी और संस्कृत काव्य की तुलना की जा सकती है. ............मेरा तो यह मानना है कि संस्कृत में लिखे गए समग्र साहित्य में संकलित ज्ञान का ब्रिटेन की प्राथमिक शालाओं में प्रयुक्त छोटे से लेखों से भी कम मूल्य है. " मैकाले "........यदि सरकार भारत की वर्त्तमान शिक्षा पद्यतियों को ज्यों का त्यों बनाए रखने के पक्ष में है तो मुझे समिति के अध्यक्ष पद से निवृत्त होने की अनुमति दें. मुझे लगता है कि भारतीय शिक्षा पद्यति भ्रामक है, इसलिए हमें अपनी ही मान्यताओं पर द...
गजब का अजब वीआईपी कल्चर

गजब का अजब वीआईपी कल्चर

राष्ट्रीय
सरकारी गाड़ियों से लालबत्ती और हूटर उतारने से वीआईपी कल्चर ख़त्म नहीं होता बल्कि स्वयं को देश सा सर्वेसर्वा मानने की मानसिकता हटाने से वीआईपी कल्चर ख़त्म होगा /पीएम सीएम मंत्री राज्यपाल राष्ट्रपति सांसद विधायक ये अपने को भाषणों में तो जनसेवक कहते हैं लेकिन व्यवहार और बर्ताव में तो खुद को खुदा ही मानते हैं / कोई कहता है कि उसने बचपन में चाय बेचीं तो कोई कहता है कि उसने दैनिक मजदूरी करी तो कोई कहता है कि उसने एक नेता की रसोई में चाय बनाई तो कोई कहता है उसने जयप्रकाश आंदोलन में जेल की रोटी खायी तो कोई कहता है कि मिटटी के घर में बड़ा हुआ और पेड़ की छांव में पढ़ा लेकिन यह उसका अतीत हुआ लेकिन अब जब बीसियों सालों से पक्ष विपक्ष में रहकर या संवैधानिक पदों का लाभ लेकर लाखों करोड़ों रुपियों चल अचल संपत्ति मालिक बना हुआ है तो उसने अपने खुद के पैसे से अपने समाज और देश के लिए क्या किया ?कितने गरीबों दलितों श...
DECOLONISING OUR Education: TIME FOR CHANGE of Education for Bhaaratiyakaran

DECOLONISING OUR Education: TIME FOR CHANGE of Education for Bhaaratiyakaran

राष्ट्रीय
(The education that we Bhaaratvaasi are receiving is all wrong, rather we are being told only information that also wrong. In Democracy this is in hands of Rulers i.e. the politicians whom we have given votes and elected as our representatives.) As is understood, the education system that we follow in Bhaarat now, was given by British Government in 1835 as per the recommendations of the Education Secretary Lord McCauley. Till that time for nearly 1000 years, there was hardly any education system in existent as a public system. Some Gurukuls were running at important Dharmsthal like Kashi, Paithan, Rishikesh etc. and imparting Vaidik education to willing students. But the students coming out of them were very few and far between. British initiated this education system with...