प्रदूषण पर बात नहीं काम करने का समय
आज देश में चारों ओर प्रदूषण की ही बातें हो रही है। आंखों में जलन,चेस्ट कंजेशन,सांसों की बीमारी,खांसी, जुखाम, सर्दी, नजला, दम घुटना आदि हमारी डेली रूटीन में शामिल हो गई है। प्रदूषण हमारे चारों ओर काफी तेजी से फैल रहा है पर हम चाहकर भी उसके साथ खुद को एडजस्ट नहीं कर पा रहे हैं। हमारे चारों ओर प्रकृति ने सुंदरता बिखेर रखी है पर हम अपनी आदतों और लापरवाही से उसे हर कदम पर धता बता रहे हैं । इसी का नतीजा तो है यह प्रदूषण। आज हमारा पर्यावरण बुरी तरह प्रदूषित हो गया है और हम सब इसे झेलने को मजबूर हैं। फिर चाहे दिल्ली में एयर क्वालिटी इंडेक्स का सामान्य से दस गुना अधिक होना या फिर पटना की हवा में सांस लेना मुश्किल होना आम बात हो गई है। प्रदूषण के असर का हाल यह है कि भारत में वर्ष 2017 में करीब 12 लाख लोगों की मौत एयर प्रदूषण की वजह से हुई। यही नहीं लाइफ एक्सपेंटेंसी के मामले में भी साउथ एशिया में एव...









