Shadow

addtop

गांधी जी के नमक कानून तोड़ो आंदोलन में महिलाओं की सहभागिता

गांधी जी के नमक कानून तोड़ो आंदोलन में महिलाओं की सहभागिता

addtop, Today News, TOP STORIES, राष्ट्रीय
  दिसंबर 1929 लाहौर में रावी नदी के तट पर हुए कांग्रेस के वार्षिक अधिवेशन  में पूर्ण स्वराज राष्ट्रीय आंदोलन का लक्ष्य रखा गया । 26 जनवरी 1930 को सम्पूर्ण देश में स्वतंत्रता दिवस भी मनाया गया। पूर्ण स्वराज्य प्राप्ति के उद्देश्य से नमक कानून तोड़ो आंदोलन आरम्भ करने का निश्चय किया गया। गांधी जी का विचार था नमक प्रकृति में हवा, पानी के समान मुफ्त में उपलब्ध है, इसे समुद्र के किनारे पानी को इकठ्ठा करके, नमक के पहाड़ से तथा मिट्टी से बनाया जा सकता है। सरकार सिर्फ कर प्राप्त करने के लिये इसको बनाने पर रोक लगाती है, जिससे गरीबों को पर्याप्त मात्रा में नमक नहीं मिल पाता, अत: इस कर को समाप्त किया जाना चाहिये। सविनय अवज्ञा आंदोलन आरम्भ करने से पूर्व गांधी जी ने ब्रिटिश सरकार से  2 मार्च 1930 को वायसराय को पत्र लिखकर समझौता करने का भी प्रयास किया। परंतु उनका प्रयास असफल रहा। इसके पूर्व 30 जन...
शहरी क्षेत्रों में बाढ़ पूर्वानुमान के लिए नई प्रणाली विकसित

शहरी क्षेत्रों में बाढ़ पूर्वानुमान के लिए नई प्रणाली विकसित

addtop, BREAKING NEWS, TOP STORIES, विश्लेषण
भारी बारिश के कारण देश के कई शहरी इलाके इन दिनों बाढ़ का सामना कर रहे हैं। भारतीय शोधकर्ताओं ने एक विशेष प्रणाली विकसित की है, जो शहरी क्षेत्रों में बाढ़ का पूर्वानुमान लगाने में मददगार हो सकती है।  भारत में विकसित अपनी तरह की यह पहली रियल टाइम एवं एकीकृत शहरी बाढ़ पूर्वानुमान प्रणाली है। यह पूर्वानुमान प्रणाली कंप्यूटर प्रोग्राम पर आधारित है, जो विभिन्न स्रोतों से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर ज्वार और तूफान में क्षेत्रीय मौसम एवं लहरों का अनुमान लगा सकती है। इस प्रणाली की शुरुआत चेन्नई में हो रही है, जहां इसका संचालन राष्ट्रीय तटीय अनुसंधान केंद्र द्वारा किया जाएगा। यह प्रणाली भारी बारिश की घटनाओं पर नजर रखेगी और इसके उपयोग से बंगाल की खाड़ी में आने वाले ज्वार की ऊंचाई और चेन्नई शहर के जलाश्यों और वहां बहने वाली अडयार और कोऊम नदियों में जल स्तर सहित सभी मापदंडों को ध्यान में रखते हुए ...
सरकार की कॉर्पोरेट टैक्स  में कटौती की घोषणा

सरकार की कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती की घोषणा

addtop, BREAKING NEWS, आर्थिक
  अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए 10 बड़े फैसले वित्त मंत्री ने कॉर्पोरेट टैक्स घटाने का प्रस्ताव दिया सरचार्ज और सेस के साथ 25.17 फीसदी कॉर्पोरेट टैक्स लगेगा केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने मिनिमम अल्टरनेट टैक्स को खत्म कर दिया बगैर किसी छूट के इनकम टैक्स 22 फीसदी होगा मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के लिए टैक्स घटेगा शेयर बायबैक पर बढ़ा हुआ टैक्स वापस लिया गया शेयर बायबैक पर 20 फीसदी टैक्स लागू नहीं होगा डेरिवेटिव, सिक्योरिटीज पर सरचार्ज नहीं बढ़ेगा टैक्स घटाने का अध्यादेश पास हो चुका है- वित्त मंत्री इन घोषणाओं से सरकार का 1.45 लाख करोड़ का राजस्व घटेगा सरकार ने अर्थव्यवस्था और निवेश में तेजी लाने के लिए कंपनी कर में कटौती और अन्य उपायों के जरिए उद्योगों को 1.45 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन देने की घोषणा की है। उद्योग जगत ने भी कहा है कि सरकार की कंपन...
बिखरा विपक्ष तार-तार

बिखरा विपक्ष तार-तार

addtop, BREAKING NEWS, TOP STORIES, विश्लेषण
होगा हरियाणा व महाराष्ट्र मेंमहाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभाओं के चुनावों की घोषणा हो गई है। पर अभी से यह स्पष्ट सा प्रतीत हो रहा है कि जब चुनावों के 24 अक्तूबर को नतीजे आएंगे तो जनता का साथ और समर्थन किसको मिलेगा। ये चुनाव उस समय हो रहे हैं जब दोनों ही राज्यों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी अपने राजनीतिक विरोधियों से बहुत आगे है। उसका संगठन और सरकार बेहतर काम कर रहा है। मोटा-मोटी यह तो कह ही सकते हैं कि मामला यह नहीं है कि विजय किसे मिलेगी, सारा देश यह देखेगा कि महाराष्ट्र और हरियाणा की क्रमश: 288 और 90 सदस्यीय विधानसभाओं में सत्तासीन दल गठबंधन को किस तरह का बहुमत मिलेगा। देखा यह जायेगा कि इस बार का बहुमत पहले की अपेक्षा कितना अधिक होगा? दोनों राज्यों में विपक्ष तो तार-तार हुआ पड़ा है। महाराष्ट्र में कांग्रेस और ...
महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनाव : कसौटी पर है भाजपा की प्रयोगधर्मिता  और कांग्रेस की परिवार पूजा

महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनाव : कसौटी पर है भाजपा की प्रयोगधर्मिता और कांग्रेस की परिवार पूजा

addtop, BREAKING NEWS, TOP STORIES, विश्लेषण
  चुनाव आयोग द्वारा हरियाणा और महाराष्ट्र में विधानसभा चुनावों की घोषणा के बाद टिकिटार्थियों में हलचल तेज हो ही गई है, साथ ही नेताओं और राजनीतिक विश्लेषकों ने भी अनुमान पेश करने शुरू कर दिए हैं। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की मानें तो वो दोनों राज्यों में स्पष्ट बहुमत हासिल करेंगे, महाराष्ट्र में तीन चौथाई यानी 288 में से 216 सीटें और हरियाणा में 90 में से 75 सीटें। वहीं कांग्रेस भी जीत के दावे कर रही है। वो भारतीय जनता पार्टी को राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और कर्नाटक विधानसभा चुनावों की याद दिला रही है जब उसने केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नेशनल डेमाक्रेटिक एलायंस (एनडीए) की सरकार होते हुए भी चारों राज्यों में सरकार बनाई थी। राजनीति में दावे करने और झूठे-सच्चे बयान देने का हक नेताओं को है। अफसोस कोई उनसे पलट कर सवाल भी नहीं करता कि आखिर उनके दावों-बयानों क...
वीडियो गेम : वास्तविक दुनिया से दूर हो रहे टीनेजर्स

वीडियो गेम : वास्तविक दुनिया से दूर हो रहे टीनेजर्स

addtop, Today News, TOP STORIES, सामाजिक
एक वक्त था जब बच्चे और टीनेजर्स खाली समय में वीडियो गेम का आनंद लिया करते थे, लेकिन आज के दौर में वीडियो गेम का एक नया ही स्तर देखने को मिल रहा है. ऑनलाइन और मल्टी प्लेयर ऑप्शन उपलब्ध होने के कारण यह टीनेजर्स के बीच इतना लोकप्रिय हो गया है कि यह उन्हें वास्तविक दुनिया से पूरी तरह से दूर कर रहा है. बच्चों में वीडियो गेम की ऐसी लत देखने को मिल रही है, जिसके कारण वह पूरी तरह से गेमिंग की दुनिया में खो चुके हैं, एक ऐसी दुनिया जिसका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं है. इन बच्चों के आसपास क्या हो रहा है, किसी बात की कोई खबर नहीं रहती है. सबसे बड़ी समस्या यह है कि वीडियो गेम की लत ही युवास्था में डिप्रेशन और गुस्सेले व्यवहार का मूल कारण बनती है. वीडियो गेम के इस दौर में बच्चे और टीनेजर्स आउटडोर गेम्स को पूरी तरह से भूलते जा रहे हैं. टीनेज एक ऐसी उम्र है जिसमें बच्चों के दिमाग का विकास होता है. इ...
केजरीवाल जी, बाहरी नहीं हैं बिहारी

केजरीवाल जी, बाहरी नहीं हैं बिहारी

addtop, Today News, TOP STORIES, विश्लेषण
जिस समय बिहार की जनता भीषण  बारिश के प्रकोप के कारण त्राहि-त्राहि कर रही है, तब दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उनसे सहानुभूति जताने या मददकरने की बजाय उनके आत्म सम्मान को गहरी चोट पहुंचाई है। वे यह कह रहे हैं कि “बिहार के लोग (उनका तात्पर्य झारखंड समेत समस्त पूर्वॉंचल से है) दिल्ली में 500रुपये का टिकट लेकर आ जाते हैं और फिर लाखों रुपये का मुफ्त इलाज करवाकर वापस चले जाते हैं। क्या दिल्ली के मुख्यमंत्री  को इतना संवेदनहीन और सडकछापहोना  शोभा देता है ? क्या दिल्ली के अस्पतालों में इलाज के लिए बिहारियों का आना निषेध हो?  क्या दिल्ली में अन्य राज्यों का कोई हक ही नहीं है ? क्या दिल्ली बिहारवालों की राजधानी नहीं है ? क्या  एम्स जैसे श्रेष्ठ अस्पताल में कोई बिहार  वासी इलाज न करवाए? केजरीवाल जी, आपको इन सवालों के उत्तर तो देने ही होंगे। वे जरा यहबता दें कि वे कब से दिल्ली वाले हो गए। व...
आदमी की तलाश क्यों जरूरी है? 

आदमी की तलाश क्यों जरूरी है? 

addtop, EXCLUSIVE NEWS, सामाजिक
आज हमें ऐसे आदमी की तलाश है जो जीवन के मूल्य मानकों के प्रति बने सोच एवं नजरिए को सही दृष्टि एवं सही दिशा दे। उन सिद्धांतों को नया अर्थ दे जिन पर आज तक लोगों ने अंगुली उठाई है लेकिन जीने का साहस नहीं किया। उन आदर्शों को जीए जो अभी तक संस्कृति को सूरत तो दे सके मगर सीरत नहीं। वह उन जटिल एवं समस्याग्रस्त रास्तों को बदले जिन पर चलकर हर कदम ने अंत तक सिर्फ ठोकरें ही खाई हैं। विज्ञान, संस्कृति, परम्परा, धर्म और जीवन-मूल्यों के नाम पर उठा जिंदगी का यही पहला कदम एक सफल एवं सार्थक जीवन का नायाब तोहफा होगा। लेकिन इसके लिये इंसान को इंसान बनना होगा। ईश्वर का पहला चिन्तन था-फरिश्ता और ईश्वर का ही पहला शब्द भी था मनुष्य। ईश्वर के प्रारंभिक दोनों ही चिन्तन आज लुप्तप्राय है। तभी तो यह भी सुना है-आदमी की जात बड़ी बदजात होती है। खरबूजों को देखकर जैसे खरबूजा रंग बदलता है वैसे ही आदमी-आदमी को देखकर रं...
बारिश की गड़बड़ी से निपटना सीखना पड़ेगा

बारिश की गड़बड़ी से निपटना सीखना पड़ेगा

addtop, EXCLUSIVE NEWS, राष्ट्रीय
चार महीनों का वर्षाकाल खत्म हो गया है। पूरे देश में वर्षा का औसत देखें तो कहने को इस साल अच्छी बारिश हुई है। लेकिन कहीं बाढ़ और कहीं सूखे जैसे हालात बता रहे हैं कि यह मानसून देश पर भारी पड़ा है।मघ्य भारत अतिवर्षा की चपेट में आ गया। मघ्य भारत में औसत से 26 फीसद ज्यादा पानी गिरा है। उधर पूर्व व उत्तरपूर्व भारत में औसत से 16 फीसद कम वर्षा हुई। ज्यादा बारिश के कारण दक्षिण प्रायद्वीप की भी गंभीर स्थिति है। वहां 17 फीसद ज्यादा वर्षा दर्ज हुई है। सिर्फ उत्तर पश्चिम भारत में हुई बारिश को ही सामान्य कहा जा सकता है। हालांकि वहां भी 7 फीसद कम पानी गिरा है। कुलमिलाकर इस साल दो तिहाई देश असमान्य बारिश का शिकार है। आधा देश हद से ज्यादा असमान्य वर्षा से ग्रस्त हुआ है। मघ्य भारत बाढ़ का शिकार है तो पूर्व व पूर्वोत्तर के कई उपसंभागों में सूखे जैसे हालात है। उत्तर पश्चिम भारत जिसे सामान्य वर्षा की श्रेणी मे...
अमिताभ बच्चन से बड़ा हिन्दी सेवी कौन

अमिताभ बच्चन से बड़ा हिन्दी सेवी कौन

addtop, EXCLUSIVE NEWS, विश्लेषण
अमिताभ बच्चन को दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया जाना सच में सुखद समाचार है। वे  आधी सदी से हिन्दी फिल्मों में सक्रिय रहकर हिन्दी को गैर-हिन्दी भाषी क्षेत्रों में लेकर जाने में अभूतपूर्व रूप से सफल रहे हैं। दक्षिण भारत  से लेकर पूर्वोत्तर भारत तक के गैर-हिन्दी भाषी लोग भी उनकी जंजीर, कालिया, दीवार,शोले, मर्द जैसी दर्जनों लोकप्रिय फिल्मों के संवाद अक्सर सुना देते हैं। इस लिहाज से वे लता मंगेशकर जी की ही श्रेणी में रखे जा सकते हैं। लता जी को भी सारा देशजानता और सम्मान करता है। उनके गाए गीतों को गुनगुनाता रहता है। यह सच है कि अमिताभ बच्चन  का जन्म साहित्यिक पृष्ठभूमि वाले ही एक प्रतिष्ठित परिवार मेंहुआ। उसका उन्हें लाभ भी मिला। पर यह भी उतना ही बड़ा सच है कि उन्होंने अपनी फ़िल्मी भाषा को भी सदैव स्तरीय और सुसंस्कृत ही रखा। उन्होंने इस मोर्चे परभी कठिन परिश्रम किया। वे एक महान अभिनेता...