अंग्रेजी नहीं, हिन्दी हो सम्पर्क भाषा
अंग्रेजी नहीं, हिन्दी हो सम्पर्क भाषा
- ललित गर्ग-
केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सशक्त भारत-निर्माण के लिए भारतीय भाषाओं के प्रयोग की प्रासंगिकता व्यक्त करते हुए कहा कि जब अलग-अलग भाषाएं बोलने वाले राज्यों के लोग आपस में बातचीत करें तो उन्हें अंग्रेजी के बजाय हिन्दी को या देश की ही किसी अन्य भाषा को इसका माध्यम बनाना चाहिए।’ निश्चित ही बातचीत एवं व्यवहार की भाषा के रूप में हिन्दी या अन्य भारतीय भाषाओं का प्रयोग करने से राष्ट्रीय विकास के नए क्षितिज खुलेंगे, नवाचार के नए-नए आयाम उभरेंगे। भारतीय भाषाओं में बातचीत, व्यवहार, चिंतन एवं शिक्षण से सृजनात्मक एवं स्व-पहचान की दिशाएं उद्घाटित होगी। वास्तव में स्व-भाषाएं विचारों, विचारधाराओं, कल्पनाओं और अपने व्यापक सामाजिक-राष्ट्रीय दर्शन की स्पष्टता का माध्यम बनती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा नई राष्ट्रीय शिक्षा न...









