नेविगेशन प्रणाली नाविक के लिए बाधा बन सकते हैं वाई-फाई सिग्नल
मोबाइल फोन में उपयोग होने वाले जीपीएस की तर्ज पर भारत में इसरो द्वारा विकसित की गई नेविगेशन प्रणाली (नाविक) से भविष्य में नेविगेशन और पोजिशनिंग सेवाएं उपलब्ध हो सकती हैं। लेकिन, एक ताजा अध्ययन से पता चला है कि नाविक उपग्रह से प्राप्त होने वाले सिग्नल रिसीवर्स में वाई-फाई के सिग्नल से बाधित हो सकते हैं।
नाविक प्रणाली के अंतर्गत इसरो ने सात उपग्रह लॉन्च किए हैं और उम्मीद है कि इससे भविष्य में स्मार्टफोन और कार नेविगेशन सिस्टम उपलब्ध हो सकते हैं। वर्तमान में प्रचलित जीपीएस प्रणाली अमेरिकी उपग्रहों पर निर्भर है।
इस अध्ययन के दौरान जब वाई-फाई के फ्रीक्वेंसी चैनल को नाविक रिसीवर के एस-बैंड सिग्नल के साथ रिसीव किया गया तो नाविक रिसीवर के सिग्नल में अवरोध दर्ज किया गया। शोधकर्ताओं के अनुसार, उपयोगकर्ता के रिसीवर में कमजोर सिग्नल के कारण ऐसा होता है।
नाविक उपग्रह फ्रीक्वेंसी बैंड एल-5...









