खुद को हर कीमत पर साबित करना
एक बहुत ही पुरानी कहावत है वीर भोग्या वसुंधरा। हर सुबह ही अपने आप को वीर या श्रेष्ठ साबित करने की एक दौड़ शुरू हो जाती है, अपने आपको श्रेष्ठ साबित करने की एक दौड़ शुरू हो जाती है। बाघ हिरन के पीछे दौड़ता है जिससे वह उसे पकड़ सके। अब हिरन अपने आप तो बाघ के पास जाकर कहेगा नहीं कि मुझे खाओ, अपनी भूख मिटाओ। बाघ को हिरन को पकडऩे के लिए अपनी पूरी शक्ति का उपयोग करना ही होता है। इसी प्रकार हिरन के लिए भी बहुत बड़ी चुनौती होती है अपने आप को बचाना और दिन भर के लिए जिंदा रहना। तो हर रोज़ हिरन को भी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होता है, न केवल हर दिन बल्कि हर घंटे, हर मिनट। क्योंकि उसे नहीं पता होता कि कब उस पर कोई बड़ा जंगली जानवर आक्रमण कर देगा और उसे अपना शिकार बना लेगा।
आज हम जिस प्रतिस्पर्धी संसार में रहते हैं, वह किसी भी प्रकार से अलग नहीं है। एक सेल्समैन अपना दिन इसी उम्मीद के साथ शुरू...









