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बॉडी के 7 चक्र बनाते हैं चमकदार, आप भी कर सकते हैं उन्हें सक्रिय

बॉडी के 7 चक्र बनाते हैं चमकदार, आप भी कर सकते हैं उन्हें सक्रिय

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1. मूलाधार चक्र :  यह शरीर का पहला चक्र है। गुदा और लिंग के बीच 4 पंखुरियों वाला यह 'आधार चक्र' है। 99.9% लोगों की चेतना इसी चक्र पर अटकी रहती है और वे इसी चक्र में रहकर मर जाते हैं। जिनके जीवन में भोग, संभोग और निद्रा की प्रधानता है उनकी ऊर्जा इसी चक्र के आसपास एकत्रित रहती है। मंत्र : लं  चक्र जगाने की विधि : मनुष्य तब तक पशुवत है, जब तक कि वह इस चक्र में जी रहा है इसीलिए भोग, निद्रा और संभोग पर संयम रखते हुए इस चक्र पर लगातार ध्यान लगाने से यह चक्र जाग्रत होने लगता है। इसको जाग्रत करने का दूसरा नियम है- यम और नियम का पालन करते हुए साक्षी भाव में रहना। प्रभाव :  इस चक्र के जाग्रत होने पर व्यक्ति के भीतर वीरता, निर्भीकता और आनंद का भाव जाग्रत हो जाता है। सिद्धियां प्राप्त करने के लिए वीरता, निर्भीकता और जागरूकता का होना जरूरी है। 2. स्वाधिष्ठान चक्...
HAS STRIKE BECOME A HABIT FOR GOVERNMENT EMPLOYEES IN INDIA ?

HAS STRIKE BECOME A HABIT FOR GOVERNMENT EMPLOYEES IN INDIA ?

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On 16th March,2017, employees belonging to government of India including  postal department  went on All India strike, with public losing counts as to how many times the government employees have gone on strike on various pretext in the last few years. In any case, when the government employees went on strike on 16th March, most segment of Indian population who face the brunt of the problems caused due to the strike,  do not know as to what is the purpose of this latest strike. While strike by government employees  no more make news in India as it has become too routine, in the case of the strike on 16th March, most segment of the public were shocked , since the government of India  revised the salaries and perks of the government employees steeply only recently , by accepti...
जीवन की राहः शांति की चाह

जीवन की राहः शांति की चाह

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आज हर व्यक्ति शांति और खुशी को तलाश रहा है। कुछ लोग भौतिक चीजों में शांति और खुशी ढूंढ़ते हैं तो कुछ नाम एवं प्रसिद्धि में । कई लोग मनोरंजन को इसका माध्यम मानते हैं तो कुछ खेलकूद, सिनेमा एवं पर्यटन में इसका अनुभव करतेे हैं। अधिकांश लोग अपनी इच्छा एवं मनोकामनाओं की पूर्ति को ही शांति मानते हैं। जिन्दगीभर एक के बाद एक इच्छाओं की पूर्ति में लगे रहते हैं और सोचते हैं कि इनकी पूर्ति ही वास्तविक शांति और खुशी हैं। क्या वास्तविक शांति इसे ही कहते हैं? वास्तविक शांति क्या हैं, इसके लिये मुड़कर एक बार अतीत को देखना जरूरी है। क्या खोया, क्या पाया, इस गणित के सवाल में वास्तविक शांति का स्वरूप् निहित है। आने वाले कल की रचनात्मक तस्वीर के रेखांकन का प्रेरक क्षण है शांति। क्या बनना, क्या मिटाना, इस अन्वेषणा में संकल्पों की सुरक्षा पंक्तियों का निर्माण है शांति। ‘आज’, ‘अभी’, ‘इसी क्षण’ को पूर्णता के साथ ज...
महावीर बनने की तैयारी करें

महावीर बनने की तैयारी करें

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महावीर जयंती 9 अप्रैल, 2017 पर विशेष जैन धर्म के चैबीस तीर्थंकरों में भगवान महावीर का स्थान सर्वोत्कृष्ट है। वे अंतिम तीर्थंकर थे, उन्होंने ‘अहिंसा परमो धर्म’ का शंखनाद कर आत्मवत् सर्वभूतेषु की भावना को देश और दुनिया में जागृत किया। ‘जियो और जीने दो’ अर्थात् सह-अस्तित्व, अहिंसा एवं अनेकान्त का नारा देने वाले महावीर के सिद्धान्त विश्व की अशांति दूर कर शांति कायम करने में समर्थ है। प्रत्येक वर्ष भगवान महावीर की जन्म-जयन्ती हम मनाते हैं। समस्त विश्व में जैन समाज और अन्य अहिंसा प्रेमी व्यक्तियों द्वारा बड़े हर्ष और उल्लास के साथ उनकी जयंती मनाई जाती है। उस दिन भगवान महावीर की शिक्षाओं पर गोष्ठियां होती हैं, भाषण होते हैं और कई प्रकार के कार्यक्रम आयोजित होते हैं। भगवान महावीर की शिक्षाओं का हमारे जीवन और विशेषकर व्यावहारिक जीवन में किस प्रकार समावेश हो और कैसे हम अपने जीवन को उनकी शिक्ष...
दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर राष्ट्रीय मानक से 16 गुना अधिक

दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर राष्ट्रीय मानक से 16 गुना अधिक

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पर्यावरण व ऊर्जा विकास के क्षेत्र में काम करनेवाली संस्था सेंटर फाॅर एन्वाॅयरमेंट एंड एनर्जी डेवलपमेंट (सीड) द्वारा जारी रिपोर्ट ‘एम्बिएन्ट एयर क्वालिटी फाॅर दिल्ली’ के अनुसार बीते सर्दी के मौसम में राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण बेहद खतरनाक स्तर पर पाया गया, जिसका साफ मतलब है कि यहां की हवा सांस लेने योग्य नहीं रही। रिपोर्ट के अनुसार जाड़े के चार महीनों के मौसम में ऐसा कोई इकलौता दिन नहीं रहा, जब वायु की गुणवत्ता की केटेगरी ‘अच्छी’ रही हो, बल्कि 89 प्रतिशत दिनों में यह ‘खराब’ या ‘बहुत खराब’ वायु गुणवत्ता के अंतर्गत रही। 6 प्रतिशत दिनों में यह ‘गंभीर’ दर्जे की मानी गयी। वायु प्रदूषण की यह दशा हमारी राजधानी के जीवन स्तर और रहन-सहन पर गंभीर खतरे पेश करती है। बवाना इंडस्ट्रीयल एरिया के समीप दिल्ली टेक्नोलाॅजिकल युनिवर्सिटी में स्थापित माॅनिटरिंग स्टेशन से प्राप्त प्रदूषित कण यानी पर्टिकुल...
एशिया के सबसे स्वच्छ गांव का दर्जा प्राप्त गांव मावलिन्नांग

एशिया के सबसे स्वच्छ गांव का दर्जा प्राप्त गांव मावलिन्नांग

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हर घर में शौचालय हो; गांव-गांव सफाई हो; सभी को स्वच्छ-सुरक्षित पीने का पानी मिले; हर शहर में ठोस-द्रव अपशिष्ट निपटान की व्यवस्था हो - इन्ही उद्देश्यों को लेकर दो अक्तूबर, 2014 को स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत की गई थी। कहा गया कि जब दो अक्तूबर, 2019 को महात्मा गांधी जी का 150वां जन्म दिवस मनाया जाये, तब तक स्वच्छ भारत अभियान अपना लक्ष्य हासिल कर ले; राष्ट्रपिता को राष्ट्र की ओर यही सबसे अच्छी और सच्ची श्रृद्धांजलि होगी। इस लक्ष्य प्राप्ति के लिए 62,009 करोड़ का पंचवर्षीय अनुमानित बजट भी तय किया गया था। अब हम मार्च, 2017 मंे हैं। अभियान की शुरुआत हुए ढाई वर्ष यानी आधा समय बीत चुका है। लक्ष्य का आधा हासिल हो जाना चाहिए था। खर्च तो आधे से अधिक का आंकड़ा पार करता दिखाई दे रहा है। कितने करोड़ तो विज्ञापन पर ही खर्च हो गये। हमारी सरकारें अभी सिर्फ शौचालयों की गिनती बढ़ाने में लगी है। सफाई के असल पैमा...
एक नवाचारी सोच पर आधारित-  विमुक्त भागीदारी (फ्री पार्टनरशिप) का मंत्र

एक नवाचारी सोच पर आधारित- विमुक्त भागीदारी (फ्री पार्टनरशिप) का मंत्र

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  डाॅ0 ए0पी0जे0 अब्दुल कलाम का व्यक्तित्व सम्मोहक तथा बहुपक्षीय था। उनका महत्त्व रामेश्वरम् के एक अनजान ग्रामीण लड़के से राष्ट्रपति भवन तक की यात्रा तक सीमित नहीं थी। वह बचपन से ही मानवीयता तथा आध्यात्मिकता से प्रेरित रहे। उन्होंने अपने जीवन में सपनों को साकार करने का प्रयत्न किया और सफलता ने उनका दामन नहीं छोड़ा। ‘मिसाइल पुरुष’ नाम से प्रख्यात् डाॅ0 कलाम सन् 2020 तक भारत को विकसित राष्ट्र का दर्जा दिलाना चाहते थे। वह हमेशा आकाश की ऊँचाईयों तक पहुँचने के इच्छुक रहे। वे समाज के सभी वर्गों के साथ-साथ विशेषरूप से बच्चों के मस्तिष्क को प्रज्वलित करने के लिए जीवनपर्यन्त प्रयत्नशील रहे। जो भी व्यक्ति उनके सम्पर्क में आता था, वह उनके अनेक गुणों जैसे: सादगी, सद्भावना, संवेदनशीलता, विनम्रता, आत्मीयता, मैत्रीपूर्ण व्यवहार आदि से प्रभावित हुए बिना नहीं रहता था। वे सदैव अच्छे कार्यों की प्रशं...
देवबंद को लेकर मीडिया बड़ा उत्साहित है, साथ में भाजपाई भी।

देवबंद को लेकर मीडिया बड़ा उत्साहित है, साथ में भाजपाई भी।

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देवबंद को लेकर मीडिया बड़ा उत्साहित है, साथ में भाजपाई भी।देवव्न कभी इसका नाम होता था यानि एक ऐसा वन था जहाँ ये मान्यता थी कि कभी यहाँ देवी दुर्गा का शेर भ्रमण करता था।फिर उस वन में #पुंडीर क्षत्रिय आकर बस गए। 1857 ईसाईयों की मार से बिलबिलाते मुसलमानों को अपनी theology के अध्ययन करने हेतु इन्ही क्षत्रियों ने उन्हें अपना मदरसा स्थापित करने की जगह दी ।आज देवबंद #तालिब हासिल करने और उस तालिबी विचार को विश्व भर में स्थापित करने का सबसे दमदार मजहबी केंद्र है।खाड़ी के देशों से मजहबी गुत्थी सुलझाने के लिए मसले हल करने हेतु देवबंदी इस्लामी विद्वानों की राय ली जाती है।मीडिया पुरजोर कोशिश कर रहा है यह साबित करने के लिए कि देवबंद के मुसलमान बहुल इलाके में भाजपा यदि जीती है, तो मोदी सरकार और चुनाव आयोग द्वारा इ वी एम् में अवश्य ही कोई खेल किया गया है ।इस शजीस को अभी भाजपाई भी समझ नहीं पाये है। देवबंद मे...
साहसी महिलायें हर क्षेत्र में बदलाव की मिसाल कायम कर रही हैं

साहसी महिलायें हर क्षेत्र में बदलाव की मिसाल कायम कर रही हैं

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विश्व की साहसी महिलायें हर क्षेत्र में मिसाल कायम कर रही हैं। कुछ ऐसी बहादुर तथा विश्वास से भरी बेटियों से रूबरू होते हैं, जिन्होंने समाज में बदलाव और महिला सम्मान के लिए सराहनीय तथा अनुकरणीय मिसाल पेश की है। देश में डीजल इंजन ट्रेन चलाने वाली पहली महिला मुमताज काजी हो या पश्चिम बंगाल में बाल और महिला तस्करी के खिलाफ आवाज उठाने वाली अनोयारा खातून। ऐसी कई आम महिलाएं हैं जो भले ही बहुत लोकप्रिय न हो लेकिन उन्हें इस साल नारी शक्ति पुरस्कार के लिए चुना गया। राष्ट्रपति श्री प्रणव मुखर्जी ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च को 30 महिलाओं को पुरस्कृत किया। पुरस्कार पाने वालों में नागालैण्ड की महिला पत्रकार बानो हारालू भी शामिल है जो नागालैण्ड में पर्यावरण संरक्षण के लिए काम कर रही है। उत्तराखण्ड की दिव्या रावत ग्रामीणों के साथ मशरूम की खेती को विकसित करने की भूमिका निभा रही है। छत्तीसगढ़ पुलिस मे...
RENAMING AURANGZEB ROAD THE CONTROVERSY

RENAMING AURANGZEB ROAD THE CONTROVERSY

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HIS ISSUE WAS RAISED TWO YEARS AGO BY ME AND AGAIN RAISED AFTER A ROAD WAS RENAME ABDUL KALAM MARG I FEEL IT IS TIME TRUE INDIANS STAND TOGETHER AND RECLAIM OUR RICH ANCIENT HERITAGE DESTROYED BY MUGALS N THE BRITISH . 1) NOW THAT BJP IS IN UP FIRSTLY RETURN ILLAHABAD TO ITS ORIGINAL NAME PRAYAG SANGAM 2) TRIPPLE TALAQ MUST BE ABOLISHED FORTHWITH 3) FAMILY PLANNING BE INSTITUTED NOT MORE THAN 2+1 CHILD PER COUPLE AND HELP THOSE WHO WANT A BOY OR GIRL AFTER SECOND CHILD WITH VITRIO/UTERO FERTILIZATION. IF NOT DONE THERE WOULD BE NO LAND FOR PEOPLE TO LIVE ON NOR AGRICULTURE TO FEED A NATION 4) POLYGAMOUS MARIAGE MUST BE OUTLAWED = NO ADHAR CARD FOR SECOND THIRD OR FOURTH WIVES 5) TAJ MAHAL MUST BE FULLY EXAMINED BY A PUBLIC AUTHORITY TO ESTABLISH ITS TRUE HERITAGE 6) ARTICLE ...