Shadow

TOP STORIES

अमेरिका में निर्मला – निकाली भारत के प्रति प्रायोजित दुष्प्रचार की हवा

अमेरिका में निर्मला – निकाली भारत के प्रति प्रायोजित दुष्प्रचार की हवा

BREAKING NEWS, TOP STORIES, राष्ट्रीय
मृत्युंजय दीक्षितप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार झूठी खबरों के आधार पर विदेशों में भारत विरोधी एजेंडा चलाने वाली ताकतों को वहीं जाकर मुंहतोड़ जवाब दे रही है जहाँ ये एजेंडा चलाया जा रहा है। केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान कई कार्यक्रमों में भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं और वहां उन्होंने भारत में मुसलमानों के खिलाफ हिंसा व गलत व्यवहार पर पश्चिमी मीडिया में बनाई जा रही झूठ पर आधारित अवधारणा को करारा व तीखा जवाब दिया है । स्वाभाविक है इससे भारत विरोधी सभी ताकतों तथा भारत के छद्म धर्मनिरपेक्षों पर घड़ों पानी पड़ गया है और वे एक बार फिर अपने प्रदूषित विचारों का प्रदूषण फैलाने में लग गये हैं। भारत में बैठै छद्म धर्म निरपेक्ष दलों के नेता इतना सफेद झूठ बोल रहे हैं केवल उन विदेशी ताकतों जो, भारत को अपने निहित स्वार्थों के लिए भारत को कमजोर देखना चाहती हैं के ...
शेयर बाज़ार में नई संहिता, इसे और व्यवस्थित करना होगा

शेयर बाज़ार में नई संहिता, इसे और व्यवस्थित करना होगा

BREAKING NEWS, TOP STORIES, समाचार
अगले पखवाड़े यानि 1 मई, 2023 से एक नयी आचार संहिता लागू होने जा रही है जो गलत, भ्रामक, पूर्वग्रस्त अथवा झूठे दावों के बल पर निवेशकों को भ्रमित करने की संभावना को कम करेगी। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने निवेश सलाहकारों और शोध विश्लेषकों ने इस नई विज्ञापन संहिता का प्रस्ताव रखा है। इसे निवेश सलाहकारों और शोध विश्लेषकों के लिए मौजूदा आचार संहिता का एक अन्य परिशिष्ट माना जा सकता है। यह नई संहिता आगामी 1 मई, 2023 से अस्तित्व में आएगी। इरादा ऐसे वक्तव्यों को खत्म करने का है जो अनुभव या ज्ञान की कमी का लाभ लेना चाहते हैं। ऐसे मेंसलाह है, निवेश सलाहकार या शोध विश्लेषकों को तकनीकी या विधिक भाषा अथवा जटिल भाषा के अतिशय इस्तेमाल से बचना चाहिए।उन्हें अतिशय विस्तार में जाने से बचना चाहिए और निवेशकों से तयशुदा प्रतिफल का वादा नहीं करना चाहिए। इसके अलावा म्युचुअल फंड की तरह, निवेश सलाहक...
देश का सर्वसम्मत इतिहास पाठ्यक्रम का अंग बने

देश का सर्वसम्मत इतिहास पाठ्यक्रम का अंग बने

EXCLUSIVE NEWS, TOP STORIES, विश्लेषण
देश में बहस जारी है,मुद्दा पाठ्यक्रम में घटाना -जोड़ना है।कमोबेशमुगलों के इतिहास से जुड़े ‘द मुगल कोर्ट’ और ‘किंग्स एंड क्रॉनिकल्स’ नामक दो पाठ हटाये गये हैं। वहीं राजनीति शास्त्र की किताब से आजादी के बाद एक दल के प्रभुत्व वाले पाठ को हटाया गया है। ग्यारहवीं की किताब से ‘सेंट्रल इस्लामिक लैंड’ और ‘कान्फ्रन्टेशन ऑफ कल्चर्स’ पाठ हटाये गये हैं। वहीं ‘जन आंदोलन का उदय’ और ‘एक दल के प्रभुत्व का दौर’ पाठ भी हटाया गया है।भारत में यह परिपाटी बनती जा रही है कि सत्ताधीशों द्वारा अपनी सुविधा के हिसाब से इतिहास की व्याख्या की जाए । वैसे देश-दुनिया में हर राजनीतिक दल द्वारा कोशिश की जाती रही है कि इतिहास के पन्नों में उसका राजनीतिक विमर्श प्रभावी हो। जबकि यह भी एक हकीकत है कि ऐसी कोशिशें तात्कालिक लाभ भले ही दे जाएं, लेकिन ऐसे प्रयास न दीर्घकालिक होते हैं और न उन्हें सर्व-स्वीकार्यता ही मिलती है। क्या...
विनाशपर्व जालियांवाला बाग

विनाशपर्व जालियांवाला बाग

BREAKING NEWS, TOP STORIES, राष्ट्रीय, सामाजिक
१३ अप्रैल १९१९.* आज ही के दिन, जालियांवाला बाग, अमृतसर मे अंग्रेजोंने सैंकडों निरीह, निरपराध, निर्दोष भारतीयोंको किडे-मकौडों जैसा मारा... विनाशपर्व- प्रशांत पोळ १९१९ की १३ अप्रैल को बैसाखी थी. रविवार का दिन था. रौलेट एक्ट के विरोध में सारे देश में प्रदर्शन हो रहे थे. उसी शृंखला मे, जालियांवाला बाग में एक सभा आयोजित की गई थी. बैसाखी और छुट्टी के कारण, अमृतसर के आजू-बाजू के लोग भी जालियांवाला बाग पहुंच रहे थे. धीरे – धीरे यह संख्या पांच हजार तक पहुंच गई. मैदान में भाषण चल रहे थे, और लोग शांति से बैठ कर उन्हे सुन रहे थे. लोगों में बच्चे, बूढ़े, महिलाएं... सभी थे. वातावरण में कही कोई उत्तेजना या असंतोष नहीं था. तभी अचानक ब्रिटिश सेना का एक अधिकारी, ब्रिगेडियर जनरल एडवर्ड डायर (मूलतः वह कर्नल था. किन्तु अस्थायी रूप से उसे ब्रिगेडियर का पद दिया गया था), हथियारों से सुसज्जित अपनी फौज ले...
बेमौसम बारिश से फसलों का खराबा !

बेमौसम बारिश से फसलों का खराबा !

BREAKING NEWS, TOP STORIES, विश्लेषण, सामाजिक
पिछले कुछ समय से बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने कई राज्यों में किसानों के समक्ष बहुत बड़ी परेशानी खड़ी कर दी है। आंकड़़ें बताते हैं कि बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि व तेज हवाओं से क्रमशः मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में 5.23 लाख हेक्टेयर से अधिक गेहूं की फसल को प्रभावित किया है। इससे उपज का नुकसान तो हुआ ही है साथ ही साथ किसानों के समक्ष कटाई व फसलों के भंडारण की समस्या भी पैदा हो गई है। इस समय बेमौसम बारिश की मार से आधा भारत बेहाल है और रह-रहकर हो रही बारिश से फसलों का बहुत ज्यादा नुकसान हुआ है। ओलों व बर्फबारी से किसानों को बहुत समस्याओं का सामना करना पड़ता है और इस बार मौसम किसानों का साथ नहीं दे रहा है। फसलों के खराबे से करोड़ों का नुकसान हुआ है। गेहूँ की पकी फसलें तो अधिक बारिश से जमीन पर गिर गई और गेहूँ का दाना बारिश से काला पड़ गया। सरसों की फसलों को भी बहुत नुकसान हुआ ...
जाति पर आत्यंतिक आग्रहों का अर्थ

जाति पर आत्यंतिक आग्रहों का अर्थ

EXCLUSIVE NEWS, TOP STORIES, विश्लेषण, सामाजिक
रामेश्वर मिश्र पंकज जाति की ही पहचान का अत्यंत आग्रह और अत्यंत निषेध,  दोनों के पीछे प्रयोजन एक ही  होता है।अन्य पहचानों को छिपाना।प्रत्येक संस्कारी और परंपरा से जुड़ा हुआ व्यक्ति जानता है कि प्रत्येक व्यक्ति की विशेषकर मनुष्य रूप में जन्म लेने वाले प्रत्येक व्यक्ति की पहचान के अनेक स्तर हैं और अनेक आयाम हैं तथा उन पहचानों यानी उपाधियों के अनेक नाम भी हैं।व्यक्ति ब्रह्मांडीय इकाई है। वह मात्र सामाजिक इकाई नहीं है।समाज उसकी एक सामाजिक पहचान है। मूल रूप में आत्म सत्ता विराट है। परंतु परिवार के सदस्य के रूप में या किसी भी सामाजिक संस्था के रूप में वह आधारभूत सामाजिक इकाई भी हैं ।पर मात्र वही नहीं है।उससे परे भी वह है।तभी तो कहा है कि "आत्मार्थे पृथ्वीं त्यजेत।"इसी प्रकार राज्य के नागरिक के रूप में वह राजनीतिक इकाई भी है ।।जाति को हिंदुओं की एकमात्र पहचान मानने का आग्रह करने वाले...
अंतिम सत्य है मृत्यु , जीवन में कर्म प्रधान है !

अंतिम सत्य है मृत्यु , जीवन में कर्म प्रधान है !

BREAKING NEWS, TOP STORIES, विश्लेषण, सामाजिक
अभी दो दिन पहले ही फेसबुक पर एक पोस्ट पढ़ने को मिली। पोस्ट लता मंगेश्कर जी, भारत की स्वर कोकिला के बारे में थी। पोस्ट पढ़कर दिल भर आया। पास बैठी मां को पोस्ट पढ़कर सुनाने लगा तो यकायक गला रूंध आया। नहीं जानता पोस्ट में लिखे शब्द स्वयं लता मंगेशकर जी के हैं भी या नहीं, लेकिन फेसबुक पर यह पोस्ट देखकर ऐसा महसूस हुआ कि शायद ये लता मंगेशकर जी के शब्द रहे हों,जब वह बीमार थीं और अस्पताल में थी। पोस्ट हमें गंभीर चिंतन कराती है। आप भी इसे एकबार जरूर पढ़िए, पोस्ट कुछ इस प्रकार से थी- 'इस दुनिया में मौत से बढ़कर कुछ भी सच नहीं है। दुनिया की सबसे महंगी ब्रांडेड कार मेरे गैराज में खड़ी है। लेकिन मुझे व्हील चेयर पर बिठा दिया गया। मेरे पास इस दुनिया में हर तरह के डिजाइन और रंग हैं, महंगे कपड़े, महंगे जूते, महंगे सामान। लेकिन मैं उस छोटे गाउन में हूं जो अस्पताल ने मुझे दिया था ! मेरे बँक खाते में बहुत पै...
अर्थव्यवस्था को सेंध लगाते ऑनलाइन सट्टेबाजी, बेटिंग गेम्स

अर्थव्यवस्था को सेंध लगाते ऑनलाइन सट्टेबाजी, बेटिंग गेम्स

BREAKING NEWS, TOP STORIES, राष्ट्रीय
हाल ही में सट्टेबाजी और बेटिंग वाले विभिन्न ऑनलाइन गेम्स पर सरकार ने नये नियम जारी करते हुए इन पर अपनी तलवार चला दी है, जो बहुत ही काबिलेतारीफ कदम कहा जा सकता है। अब नये नियमों के तहत ऑनलाइन गेम को मंजूरी देने का फैसला इस बात को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा कि उस गेम में किसी तरह से दांव या बाजी लगाने की प्रवृत्ति तो शामिल नहीं है। अगर एसआरओ(स्व नियामक संगठनों) को यह पता चलता है कि किसी ऑनलाइन गेम में दांव लगाया जाता है तो वह उसे मंजूरी नहीं देगा। दूसरे शब्दों में, यह बात कही जा सकती है कि सरकार ने सट्टेबाजी और बेटिंग से जुड़े विभिन्न एप्स को हाल ही में प्रतिबंधित करने की बात कही है और साथ ही सट्टेबाजी और जुए से जुड़े विज्ञापनों से बचने की भी चेतावनी या यूं कहें कि एडवायजरी जारी की गई है। वास्तव में, न ई एडवायजरी या इन संशोधनों को जारी करने के पीछे मकसद इंटरनेट को खुला, सुरक्षित और वि...
10 अप्रैल 1824 बलिदानी वीर राम सिंह पठानिया का जन्म

10 अप्रैल 1824 बलिदानी वीर राम सिंह पठानिया का जन्म

TOP STORIES, साहित्य संवाद
अंग्रेजों की हड़प नीति के विरुद्ध सशस्त्र संघर्ष : चौबीस साल की आयु में बलिदान -- रमेश शर्मा सामान्यतः लोग जानते हैं कि अंग्रेजों की हड़प नीति 1857 के आसपास शुरु हुई । पर इतिहास गवाह है कि अंग्रेजों की यह हड़प व अद्भुत साहस के प्रतीक इस 24 वर्षीय नवयुवक ने अपने मुट्ठी भर साथियों के बल पर अंग्रेजी साम्राज्य की नींव हिला दी थी।किन्तु दुर्भाग्य से देशवासी इस महान राजपूत यौद्धा के बारे में नही जानते।वीर राम सिंह पठानिया का जन्म 10 अप्रैल 1824 को हुआ । वीर सिंह के पिता श्याम सिंह नूरपुर रियासत के राजा वीर सिंह के वजीर थे । 1806 में दिल्ली पर अधिकार करने के बाद अंग्रेजों ने उत्तर और मध्यभारत में अपने वर्चस्व का अभियान चलाया । उनका सबसे प्रमुख लक्ष्य पंजाब था । अंततः अंग्रेज सफल हुये और नौ मार्च 1846 में अंग्रेज-सिक्ख संधि हुई इसके चलते वर्तमान हिमाचल प्रदेश की अधिकांश रियासतें सीधे अंग्रे...
इतिहास बोध और राजनीति – हृदयनारायण दीक्षित

इतिहास बोध और राजनीति – हृदयनारायण दीक्षित

TOP STORIES, राष्ट्रीय
वास्तविक इतिहासबोध राष्ट्र की विशेष शक्ति होता है। सच्चा इतिहास बोध राष्ट्र बोध जगाता है। राष्ट्रबोध जन गण मन की संजीवनी है। बच्चों को वास्तविक इतिहासबोध की शिक्षा देना राष्ट्रराज्य का कर्तव्य है। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान परिषद (एन०सी०ई०आर०टी०) ने सम्यक विचार के बाद दसवीं, ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा के लिए इतिहास की पुस्तकों का पाठ्यक्रम संशोधित किया है। इस संशोधन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, शिवसेना (उद्धव गुट) सहित कई पार्टियों ने पाठ्यक्रम संशोधन पर कड़ा विरोध व्यक्त किया है। खास तौर पर मुगल साम्राज्य, दिल्ली दरबार, अकबरनामा, बादशाहनामा और कुछ राजनैतिक दलों के उदय वाले अंश विवाद का विषय बने हैं। मुगल शासकों और उनके साम्राज्य, पांडुलिपियों की रचना, रंग चित्रण, राजधानियां, दरबार, उपाधियाँ और उपहार, शाही परिवार, शाही मुगल अभिजात वर्ग वाले अंश ठी...