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Author: Dialogue India

कैसे लग जाते हैं विचारों को पंख?

कैसे लग जाते हैं विचारों को पंख?

EXCLUSIVE NEWS, विश्लेषण, साहित्य संवाद
हमारे लिए लिखना जरुरी क्यू हैं? सागर की बड़ी –बड़ी लहरें आपको उन्माद से भर जाती हैं। आप लहरों संग ऊपर –नीचे करने लगते हो। समुद्र में उतरने से ही पहले।ऐसे में भला कहां समझ आता हैं कि जाएं या न जाएं। कानों में अलग-अलग आवाज़ें कैद होती रहती हैं और मचलने लगता है मन, कि चलो। अब तो चलना ही है । सार्थक रूप से बात करने या लिखने के लिए अनुभव और जीवन सीखने से प्राप्त करना महत्वपूर्ण है। प्रत्यक्ष अनुभव भी स्मृति में उकेरा जाता है और कोई भी वास्तव में पाठकों को अनुभव के बारे में विश्वास दिला सकता है। -प्रियंका सौरभ सभी लेखक और लेखक अक्सर अपने स्वयं के जीवन के अनुभवों के बारे में लिखते हैं। जीवन के अनुभव की कमी के कारण, कोई अर्थपूर्ण ढंग से नहीं लिख सकता या दर्शकों को बांध नहीं सकता। युद्ध में जाने का अनुभव इसके बारे में पढ़ने से अलग है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि जो व्यक्ति कभी सेना में नही...
पर्यावरण को बचाने के लिए पंचामृत मंत्र

पर्यावरण को बचाने के लिए पंचामृत मंत्र

TOP STORIES, राष्ट्रीय
भारत ने अपनी जलवायु प्रतिबद्धताओं पर मजबूत प्रगति की है और बढ़ती महत्वाकांक्षा और कम कार्बन वाले भविष्य की रूपरेखा तैयार करने में एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हितधारक बना हुआ है। भविष्य में ग्रीनहाउस गैस के शमन में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका है और साथ ही अत्यधिक गर्मी, सूखे और बाढ़ के कारण पहले से ही लाखों लोगों के साथ बड़े पैमाने पर जलवायु अनुकूलन की आवश्यकता है। देश के अधिकांश बुनियादी ढांचे का अभी भी निर्माण किया जा रहा है और भविष्य की ऊर्जा आपूर्ति अभी भी स्थापित की जानी है, भारत के पास शेष विकासशील दुनिया के लिए कम कार्बन विकास प्रतिमान स्थापित करने का अवसर है। -डॉ सत्यवान सौरभ शुद्ध-शून्य उत्सर्जन वातावरण से ग्रीनहाउस गैस अवशोषण द्वारा वातावरण में ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को संतुलित करने की विधि है। शून्य कार्बन उत्सर्जन में, देश कार्बन उत्सर्जन को सीमित करने पर ध्यान केंद्रित करेगा। ...
अन्य देशों के साथ संबंधों के निर्माण में भारतीय सिनेमा

अन्य देशों के साथ संबंधों के निर्माण में भारतीय सिनेमा

जीवन शैली / फिल्में / टीवी
खुशी की बात है कि हमारा क्षेत्रीय सिनेमा बड़ी तेजी से आगे बढ़ रहा है। इन क्षेत्रों से कई दमदार फिल्में आ रही हैं। भारतीय सिनेमा हमारे देश की विशाल विविधता को दर्शाता है जो विभिन्न संस्कृतियों, धर्मों और भाषाओं का घर है। इस तरह की सांस्कृतिक और धार्मिक प्रथाएं भी दुनिया के कई हिस्सों में व्यापक रूप से प्रचलित हैं। इस संबंध में भारतीय सिनेमा अन्य देशों के साथ सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ावा दे सकता है। सिर्फ हिंदी फिल्में ही नहीं बल्कि भारतीय भाषाओं की फिल्मों को भी अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक दर्शक मिल रहे हैं। विश्व भर मैं फैले भारतीय मूल के लोगों में खूब लोकप्रिय सिनेमा के वैश्वीकरण से इस में मदद मिल सकती है। हमें भारत को ब्रांड बनाने के लिए सामग्री तैयार करने और देश को दुनिया का सामग्री उपमहाद्वीप बनाने के लिए हमें फिल्म बिरादरी और भारत की ताकत का इस्तेमाल करते हुए सार्वजनिक-...
जलवायु संकट के लिये अमीर देशों की उदासीनता खतरनाक

जलवायु संकट के लिये अमीर देशों की उदासीनता खतरनाक

EXCLUSIVE NEWS, TOP STORIES, विश्लेषण
 ललित गर्ग  जलवायु परिवर्तन के संकट से निपटने के लिए अमीर एवं शक्तिशाली देशों की उदासीनता एवं लापरवाह रवैया एक बार फिर मिस्र के अंतरराष्ट्रीय जलवायु शिखर सम्मेलन (कॉप-27) में देखने को मिली। दुनिया में जलवायु परिवर्तन की समस्या जितनी गंभीर होती जा रही है, इससे निपटने के गंभीर प्रयासों का उतना ही अभाव महसूस हो रहा है। कॉप-27 में मौसम में अप्रत्याशित बदलाव के कारण गरीब देशों को हुए नुकसान पर चर्चाएं हुई, इस तरह का नुकसान गरीब देश ही भुगतते हैं। इस सम्मेलन में इसकी भरपाई के लिए धन मुहैया कराने समेत अन्य अहम मुद्दों को लेकर गतिरोध ने इस कड़वे यथार्थ एवं खौफनाक सच को फिर रेखांकित कर दिया कि अमीर एवं शक्तिशाली देश इस वैश्विक समस्या के प्रति उदासीन है। गंभीर से गंभीरतर होते इस संकट को लेकर सम्मेलन के समापन पर ‘नुकसान और क्षति’ कोष स्थापित करने पर सहमति भले ही बन गई, लेकिन यह कोष कब तक बनेगा,...
पांच लाख करोड़ डालर की भारतीय अर्थव्यवस्था ग्रामीण विकास के सहारे ही बनेगी

पांच लाख करोड़ डालर की भारतीय अर्थव्यवस्था ग्रामीण विकास के सहारे ही बनेगी

EXCLUSIVE NEWS, TOP STORIES, आर्थिक
आज विश्व के लगभग सभी विकसित एवं विकासशील देश आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं। इन समस्त अर्थव्यवस्थाओं के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था को वैश्विक स्तर पर एक चमकते सितारे के रूप में देखा जा रहा है। भारतीय अर्थव्यवस्था में लगातार तेज गति से हो रहे सुधार के चलते आज भारत का नाम पूरे विश्व में बड़े ही आदर और विश्वास के साथ लिया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय मौद्रिक फण्ड एवं विश्व बैंक जैसी वित्तीय संस्थाएं भी भारतीय अर्थव्यवस्था में अपनी अपार श्रद्धा जता चुकी हैं। इन वित्तीय संस्थानों का कहना है कि भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था का विकास बहुत ही मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए 6 विकास सूचक  उच्च मानक वाले माने जाते हैं। इन विकास सूचकों में शामिल हैं - ट्रैक्टर एवं दोपहिया वाहनों की बिक्री में वृद्धि, उर्वरकों की बिक्री में वृद्धि, कृषि क्षेत्र में बैकों द्वारा प्रदान...
CSE analysis of Indian ethnoveterinary medicine project shows a way to produce safe milk and curb antibiotic resistance

CSE analysis of Indian ethnoveterinary medicine project shows a way to produce safe milk and curb antibiotic resistance

प्रेस विज्ञप्ति, राज्य
Centre for Science and Environment (CSE), New Delhi World Antimicrobial Awareness Week 2022 Traditional herbal medicines can replace antibiotics in dairy sector, help combat antibiotic resistance,and produce safe milk, says CSE CSE’s contentions based on encouraging results from India’s largest on-field project in dairy animals CSE conducts international webinar on ethnoveterinary medicineto discuss the findings Ethnoveterinary medicine (EVM) practices can help reduce antibiotic use and prevent the public health crisis of growing antimicrobial resistance – shows an ongoing project led by National Dairy Development Board (NDDB) in India EVM practices have demonstrated high cure rates in treating cattle diseases like mastitis. This low-cost, farmer-friendly option ...
चेतना द्वारा रामायण महोत्सव 2.0 का आयोजन

चेतना द्वारा रामायण महोत्सव 2.0 का आयोजन

TOP STORIES, धर्म
हम अपने अन्तर्मन में भगवान राम को बैठा लेंगे तो वही अयोध्या बन जाएगी, और किसी भी दैत्य द्वारा कोई अपहरण या अनाचार नहीं हो पाएगा । उपरोक्त कथन विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय कार्याध्यक्ष श्री आलोक कुमार ने कहे । उन्होंने बताया कि दिसंबर 2023 में राम मंदिर बनकर तैयार हो जाएगा और हम मकर संक्रांति पर परिवार सहित प्रभु श्रीराम के दर्शन करें । वे आज नई दिल्ली के रोहिणी स्थित क्राउन प्लाजा होटल में चेतना संस्था द्वारा रामायण महोत्सव 2.0 को मनाते हुए चेतना के मंच से कहे । कार्यक्रम का शुभारंभ दीपांजली से श्री गौरव गुप्ता, श्री प्रकाश चंद जैन, श्री ऋषि राज, श्री आमोद अग्रवाल, श्री राजीव तुली, श्री मनोज गर्ग, कंसल परिवार एवं अन्य गणमान्य महानुभावों द्वारा किया गया। सर्वप्रथम गुरुकुल कथक केंद्र के कलाकारों द्वारा “नृत्य में राम” विषय पर श्री राम स्तुति पर कथक नृत्य करने के साथ सीता हरण के दृश्य ...
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के वाराणसी में ‘काशी तमिल संगमम्’ का उद्घाटन किया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के वाराणसी में ‘काशी तमिल संगमम्’ का उद्घाटन किया

Today News
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज उत्तर प्रदेश के वाराणसी में एक महीने तक चलने वाले कार्यक्रम 'काशी तमिल संगमम्' का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य देश के दो सबसे महत्वपूर्ण और प्राचीन शिक्षा केंद्रों, तमिलनाडु और काशी के बीच सदियों पुराने संबंधों का उत्सव मनाना, फिर से इसे मजबूत करना और खोज करना है। तमिलनाडु से 2500 से अधिक प्रतिनिधि काशी की यात्रा करेंगे। इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने एक पुस्तक 'तिरुक्कुरल' का 13 भाषाओं में इसके अनुवाद के साथ विमोचन भी किया। उन्होंने एक सांस्कृतिक कार्यक्रम और उसके बाद आरती का अवलोकन किया। इस अवसर पर केंद्रीय शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल, राज्य मंत्री डॉ. एल मुरुगन और सांसद श्री इलैयाराजा सहित अन्य ग...
22नवम्बर 1713 : वीर दुर्गादास की पुण्यतिथि

22नवम्बर 1713 : वीर दुर्गादास की पुण्यतिथि

BREAKING NEWS, TOP STORIES
औरंगजेब को पराजित किया, अपनी शर्तों पर समझौता--रमेश शर्मा निसंदेह भारत में परतंत्रता का अंधकार सबसे लंबा रहा । असाधारण दमन और अत्याचार हुये पर भारतीय मेधा ने दासत्व को कभी स्वीकार नहीं किया । भारतीय मिट्टी में ऐसे वीर प्रत्येक कालखंड में जन्में जिन्होंने आक्रांताओं और अनाचारियों को न केवल चुनौती दी अपितु उन्हें झुकने पर भी विवश किया । ऐसे ही वीर यौद्धा हैं दुर्गादास राठौर । जिन्होने अपने रणकौशल से न केवल औरंगजेब को पराजित किया अपितु उसे झुका कर अपनी शर्तों पर ही समझौता किया ।वीर ठाकुर दुर्गा दास का जन्म 13 अगस्त 1638 को ग्राम सालवा में हुआ था । उनके पिता आसकरण राठौर ग्राम जुनेजा के जागीरदार थे । माता नेतकंवर धार्मिक, सांस्कृतिक और परंपराओ के प्रति समर्पित विचारों की थीं । पति यद्यपि महाराजा जसवंत सिंह की सेवा में थे । लेकिन महाराजा जसवंतसिंह मुगलों के सैन्य अभियान में सदैव सम्मिलित...
आईआईएसएसएम (IISSM) द्वारा आयोजित दो दिवसीय अन्तरराष्ट्रीय कॉन्क्लेव का समापन

आईआईएसएसएम (IISSM) द्वारा आयोजित दो दिवसीय अन्तरराष्ट्रीय कॉन्क्लेव का समापन

राष्ट्रीय
इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सिक्योरिटी एंड सेफ्टी मैनेजमेंट (आईआईएसएसएम) के दो दिवसीय 32वां अन्तरराष्ट्रीय कॉन्क्लेव का आज समापन हो गया। यह कॉन्क्लेव होटल क्राउन प्लाजा, ओखला फेज 1, नई दिल्ली के साथ ही वर्चुअल प्लेटफॉर्म पर भी आयोजित किया गया। जिसमें पूरे विश्व के हजारों सुरक्षा विशेषज्ञों ने भाग लिया। इस बार कॉन्क्लेव का थीम “राष्ट्र निर्माण में सुरक्षा, सुरक्षा और हानि निवारण की भूमिका” रखा गया था। आईआईएसएसएम वार्षिक ग्लोबल कॉन्क्लेव, दूसरे दिन, 19 नवंबर 2022 की शुरुआत श्री जेसन एल ब्राउन, राष्ट्रीय निदेशक, थेल्स, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के मुख्य भाषण के साथ हुई। यह कॉन्क्लेव के भौतिक स्थल क्राउन प्लाजा, ओखला में लाइव स्ट्रीमिंग के साथ ऑनलाइन आयोजित किया गया था। श्री जेसन एल ब्राउन ने वैश्विक परिदृश्य के साथ क...