राजनीतिक असंवेदनशीलता का परिणाम है प्रदूषण
-ललित गर्ग-
दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में पराली एवं वायु प्रदूषण से उत्पन्न दमघोटू माहौल का संकट जीवन का संकट बनता जा रहा हैं। संपूर्ण राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र घने कोहरे में डूबी हुई जानलेवा होती जा रही है। सब जानते हैं कि यह कोहरा नहीं, बल्कि प्रदूषण का ऐसा विकराल जाल है जिसमें मनुष्य सहित सारे जीव-जंतु फंसकर छटपटा रहे हैं, जीवन सांसों पर छाये संकट से जूझ रहे हैं। अस्पतालों के बाहर लम्बी कतारें देखने को मिल रही है। खासकर दिल्ली में दिवाली के बाद यह समस्या साल-दर-साल गंभीर होती जा रही है। इससे पार पाने के लिए दिल्ली सरकार ने कई उपाय आजमाए, प्रदूषण पर नियंत्रण के लिये निर्देश जारी किये गये मगर वे कारगर साबित नहीं हो पा रहे। प्रदूषण जानलेवा स्तर तक खतरनाक हो गया है, जिसके चलते स्कूल बंद करने और दिल्ली सरकार के आधे कर्मचारियों को घर से काम करने को कहा गया है। दिल्ली ...








