Shadow

Author: Dialogue India

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति से भेंट की

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति से भेंट की

BREAKING NEWS, TOP STORIES, राष्ट्रीय
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति से भेंट की बांग्लादेश की प्रधानमंत्री महामहिम शेख हसीना ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से आज (6 सितंबर, 2022) राष्ट्रपति भवन में मुलाकात की। राष्ट्रपति भवन में बांग्लादेश की प्रधानमंत्री का स्वागत करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि हमारा साझा इतिहास, भाषा और संस्कृति हमें एक दूसरे से जोड़ती हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और प्रधानमंत्री शेख हसीना के नेतृत्व में, भारत और बांग्लादेश के बीच द्विपक्षीय संबंधों को काफी विस्तार मिला है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से दोनों देशों ने मिलकर बांग्लादेश की आजादी के 50वें वर्ष और भारत-बांग्लादेश द्विपक्षीय संबंधों की स्वर्ण जयंती मनाई है, वह वास्तव में विशिष्ट है। इन ऐतिहासिक समारोहों में भाग लेने के लिए भारत के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री, दोनों की बांग्लादेश यात्रा यह दर्शाती है कि भारत, ...
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने शिक्षक दिवस के अवसर पर एक नई पहल ‘पीएम श्री स्कूल’ की घोषणा की

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने शिक्षक दिवस के अवसर पर एक नई पहल ‘पीएम श्री स्कूल’ की घोषणा की

BREAKING NEWS, EXCLUSIVE NEWS, TOP STORIES, सामाजिक
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने शिक्षक दिवस के अवसर पर एक नई पहल ‘पीएम श्री स्कूल’ की घोषणा की राष्ट्रीय शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने एक नई पहल  ‘पीएम श्री स्कूल्‍स (पीएम स्कूल्‍स फॉर राइजिंग इंडिया)’ की घोषणा की। यह देश भर में 14500 से भी अधिक स्कूलों को उन्नत और विकसित करने के लिए एक नई केंद्र प्रायोजित योजना होगी जिसके तहत केंद्र सरकार/राज्य/केंद्र शासित प्रदेश सरकार/स्थानीय निकायों द्वारा प्रबंधित स्कूलों में से चयनित मौजूदा स्कूलों को मजबूत बनाया जाएगा। पीएम श्री स्कूलों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के सभी घटकों या विशेषताओं का समावेश होगा और ये अनुकरणीय स्कूलों के रूप में कार्य करेंगे और इसके साथ ही अपने आसपास के अन्य स्कूलों का भी मार्गदर्शन करेंगे। इन स्कूलों का उद्देश्य न केवल गुणात्मक शिक्षण, शिक्षा और संज्ञानात्मक या बौद्धिक विकास करना होगा...
राहुल बाबा कोरे महान् बनने का नाटक न करो

राहुल बाबा कोरे महान् बनने का नाटक न करो

BREAKING NEWS, TOP STORIES, राष्ट्रीय
राहुल बाबा कोरे महान् बनने का नाटक न करो -ललित गर्ग- महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ हल्ला बोल कांग्रेस रैली अपनी शक्ति का प्रदर्शन करने एवं अपनी लगातार कम होती राजनीति ताकत को पाने का जरिया मात्र है। इस रैली में अपनी ताकत दिखाने की दृष्टि से तो काफी हद तक कांग्रेस सफल रही, लेकिन यह कहना कठिन है कि इस प्रदर्शन से वह अपनी राजनीतिक अहमियत बढ़ा सकेगी। यह रैली एक ओर कारण से भी आयोजित हुई है और वह है राहुल गांधी की पार्टी में आम-स्वीकार्यता का वातावरण बनाना। इस दृष्टि से रैली कितनी सफल हुई, यह वक्त ही बतायेगा। इतना तय है कि कांग्रेस पार्टी अपनी तमाम गलतियों एवं नाकामयाबियों से कोई सीख लेती हुई नहीं दिख रही है। इस रैली के माध्यम से राहुल गांधी को एक ताकतवर नेता के रूप में प्रस्तुति देने के तमाम प्रयास किये गये। यही कारण है कि इस रैली में सबकी निगाहें इस बात पर लगी थीं कि राहुल गांधी...
राष्ट्र भाषा ही देश को भावनात्मक रूप से जोड़ती है

राष्ट्र भाषा ही देश को भावनात्मक रूप से जोड़ती है

राज्य, समाचार, साहित्य संवाद
*राष्ट्र भाषा ही देश को भावनात्मक रूप से जोड़ती है* लेखिका - *डॉ कामिनी* लखनऊ ( उत्तर प्रदेश ) भाषा वैचारिक आदान प्रदान का मूल तत्व  है। हिंदुस्तान में हिंदी भाषा और देवनागरी लिपि सहस्र वर्षों से अधिकांश लोगों की दिनचर्या का अंग बनी हुई है।भारत पर मुस्लिम आक्रमण के पूर्व तक इसका गौरव अक्षुण्ण रहा। कालांतर में मुग़ल शासक अकबर ने राज्य के हिंदी कार्यालयों को फ़ारसी में परिवर्तित कर इसका महत्व न्यून कर दिया। अकबर के शासन काल से लेकर औरंगजेब के काल तक कार्यालयों से  हिंदी भाषा और देवनागरी लिपि को निष्कासित कर फ़ारसी को प्रतिष्ठापित कर दिया गया कालक्रम में ब्रिटिश शासन काल में इसका स्थान अंग्रेजी भाषा ने ले लिया और आज भी यह शीर्ष पर विराजमान है। भाषा का राष्ट्र की एकता , अखंडता व विकास में महत्वपूर्ण योगदान होता है । राष्ट्रभाषा देश को भावनात्मक व सांस्कृतिक रूप से संगठित करने में सहायक होत...
लद्दाख में स्थापित होगी देश की पहली ‘नाइट स्काई सैंक्चुअरी’

लद्दाख में स्थापित होगी देश की पहली ‘नाइट स्काई सैंक्चुअरी’

BREAKING NEWS, Current Affaires, EXCLUSIVE NEWS, TOP STORIES, राष्ट्रीय
लद्दाख में स्थापित होगी देश की पहली ‘नाइट स्काई सैंक्चुअरी’ नई दिल्ली, 05 सितंबर (इंडिया साइंस वायर): भारत सरकार का विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) लद्दाख में देश का पहला ‘नाइट स्काई सैंक्चुअरी’ स्थापित कर रहा है। चांगथांग वन्यजीव अभयारण्य के हिस्से के रूप में लद्दाख के हनले में प्रस्तावित इस ‘डार्क स्काई रिजर्व’ की स्थापना का कार्य आगामी तीन महीने में पूरा कर लिया जाएगा। यह दूरबीन द्वारा आकाश के तारों को निहारने से जुड़े खगोल-पर्यटन को बढ़ावा देगा और ऑप्टिकल, इन्फ्रा-रेड और गामा-रे टेलीस्कोप से लैस दुनिया के सबसे ऊंचे स्थानों में से एक होगा। केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने यह जानकारी हाल में लद्दाख के उपराज्यपाल आर.के. माथुर के साथ...
रामलीला में हुई राहुललीला

रामलीला में हुई राहुललीला

BREAKING NEWS, EXCLUSIVE NEWS, विश्लेषण
रामलीला में हुई राहुललीला डॉ वेदप्रताप वैदिक रामलीला मैदान की रैली में कांग्रेस ने काफी लोग जुटा लिये। हरयाणा से भूपेंद्र हूडा और राजस्थान से अशोक गहलोत ने जो अपना जोर लगाया, उसने कांग्रेसियों में उत्साह भर दिया लेकिन यह कहना मुश्किल है कि इस रैली ने कांग्रेस पार्टी को कोई नई दिशा दिखाई है। इस रैली में कांग्रेस का कोई नया नेता उभरकर सामने नहीं आया। कई कांग्रेसी मुख्यमंत्री और प्रादेशिक नेता मंच पर दिखाई दिए लेकिन उनकी हैसियत वही रही, जो पिछले 50 साल से थी। सारे अनुभवी, योग्य और उम्रदराज़ नेता ऐसे लग रहे थे, जैसे किसी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के मेनेजर या बाबू हों। पिछले दिनों कांग्रेस के पुनर्जन्म की जो हवा बह रही थी, वह उस मंच से नदारद थी। राहुल गांधी इस पार्टी के अध्यक्ष रहें या न रहें, बनें या न बनें, असली मालिक तो वही हैं, यह इस रैली ने सिद्ध कर दिया है। रामलीला मैदान में हुई यह रा...
सायरस मिस्त्री के जीवन से क्या सीखें

सायरस मिस्त्री के जीवन से क्या सीखें

BREAKING NEWS, Current Affaires, EXCLUSIVE NEWS, TOP STORIES
सायरस मिस्त्री के जीवन से क्या सीखें आर.के. सिन्हा टाटा ग्रुप के पूर्व चेयरमेन सायरस मिस्त्री की सड़क हादसे में अकाल मृत्यु से दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा, मशहूर कलाकार जसपाल भट्टी और कांग्रेस के नेता राजेश पायलट और मोदी सरकार के वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री गोपीनाथ मुंडे के सड़क हादसों का याद आना स्वाभाविक ही है। ये सब सड़क हादसों के  ही शिकार हुए। अभी तो इन्हें देश को बहुत कुछ देना था। सायरस मिस्त्री की मौत से भारत का आमजन और कोरपोरेट संसार हिल सा गया है। मिस्त्री चमक-धमक से दूर रहने वाले, एक सज्जन, प्रतिभाशाली और गर्मजोशी से भरे मनुष्य थे। मिस्त्री अपनी पीढ़ी की श्रेष्ठ व्यावसायिक प्रतिभाओं में से एक और बेहद सज्जन किस्म के व्यक्ति थे। उनका वैश्विक दिग्गज कंपनी शापुरजी-पालनजी पालोंजी को खड़ा करने में अहम योगदान था। सायरस मिस्त्री में नेतृत्व के पर्याप्त गुण थे। उन्हीं की सरपर...
जब रिश्ते हैं टूटते, होते विफल विधान। गुरुवर तब सम्बल बने, होते बड़े महान।

जब रिश्ते हैं टूटते, होते विफल विधान। गुरुवर तब सम्बल बने, होते बड़े महान।

TOP STORIES, सामाजिक
जब रिश्ते हैं टूटते, होते विफल विधान। गुरुवर तब सम्बल बने, होते बड़े महान।।बच्चों के विकास में, शिक्षकों की आदर्श भूमिका सही मूल्यों और गुणों के प्रवर्तक और प्रेरक की होनी चाहिए। इस प्रकार, छात्रों को ज्ञान सीधे चम्मच खिलाने के बजाय, उन्हें बच्चों में पूछताछ, तर्कसंगतता की भावना विकसित करने का प्रयास करना चाहिए, ताकि वे अपने दम पर, जुनून के साथ सीखने के लिए सशक्त महसूस करें। साथ ही, शिक्षकों को अच्छे नैतिक मूल्यों जैसे सत्य, ईमानदारी, अनुशासन, नम्रता, धार्मिक सहिष्णुता, लिंग समानता आदि को बच्चों में विकसित करने का प्रयास करना चाहिए ताकि अच्छे इंसानों की नींव रखी जा सके।  यह हमारे समाज का कड़वा सच है कि कुछ शिक्षकों में वास्तव में पढ़ाने के लिए जुनून और ज्ञान नहीं है, ऐसे कई उदाहरण हैं जैसे बिहार के स्कूलों में क्या हो रहा है, अगर शिक्षक में शिक्षण की गुणवत्ता की कमी है तो हम छात्रों से क्य...
पंच से पक्षकार

पंच से पक्षकार

सामाजिक, साहित्य संवाद
पंच से पक्षकार           हरिप्रसाद और रामप्रसाद दोनों सगे भाई थे। उम्र के आखिरी पड़ाव तक दोनों के रिश्ते ठीक-ठाक थे। दोनों ने आपसी सहमति से रामनगर चौराहे वाली अपनी पैतृक जमीन पर दुकान बनाने का सोचा, ताकि उससे जो आय हो उससे उनका जीवन सुचारू रूप से चल सके।       दुकान का काम चल ही रहा था तभी हरिप्रसाद और रामप्रसाद के बीच कुछ बातों को लेकर विवाद हो गया और उनमें बातचीत होना बंद हो गया। जिससे उनकी दुकान का काम भी रुक गया। दोनों एक दूसरे पर खूब आरोप-प्रत्यारोप भी लगाने लगे। बढ़ते विवाद को देख उसे सुलझाने के लिए उनके पड़ोसियों ने मोहल्ले के कुछ लोगों को जुटाकर एक पंचायत बुलाई, परन्तु पंचायत के सामने भी दोनों आपसी विवाद को खत्म करने के लिए तैयार नहीं हो रहे थे। बल्कि एक दूसरे पर एक से बढ़कर एक आरोप-प्रत्यारोप लगाए जा रहे थे। पंचायत ने भी मामले को बढ़ते देख उन्हें कुछ दिनों के लिए एक-दू...