Shadow

Author: Dialogue India

गर्भपात की आजादी पर अमेरीका फैसले से बरपा हंगामा

गर्भपात की आजादी पर अमेरीका फैसले से बरपा हंगामा

EXCLUSIVE NEWS, विश्लेषण, सामाजिक
गर्भपात की आजादी पर अमेरीका फैसले से बरपा हंगामा-ः ललित गर्गः-गर्भपात पर अमरीकी सुप्रीम कोर्ट के एक चौंकाने वाले फैसले को लेकर अमेरिका में जहां हंगामा बरपा है वहीं समूची दुनिया में बहस का वातावरण छिड़ गया है। फैसला इसलिए चौंकाने वाला है कि अमरीका में नारी स्वतंत्रता एवं उसकी आजादी को मंत्र की तरह जपा जाता है। वहां ‘स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी’ इसी आजादी का प्रतीक है। अमेरिका में स्त्री-पुरुषों के बीच अवैध शारीरिक संबंधों का चलन इतना बढ़ गया है कि गर्भपात की सुविधा के बिना उनका जीना दूभर हो सकता है। इसके अलावा गर्भपात की सुविधा की मांग इसलिए भी बढ़ गई है कि चोरी-छिपे गर्भपात करवाने पर गर्भवती महिलाओं की मौत हो जाती है। इस संवेदनशील एवं नारी अस्मिता से जुड़े मुद्दे पर दुनियाभर में नए सिरे से बहस छिड़ने का कारण इस पर दो तरह की विचारधाराओं का होना एवं अमरीकी जनमत का विभाजित होना है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्...
श्रीराम द्वारा सरयू के दो खण्ड करना तथा सीताजी का सरयू-गंगा संगम पर पूजा का प्रण पूरा करना

श्रीराम द्वारा सरयू के दो खण्ड करना तथा सीताजी का सरयू-गंगा संगम पर पूजा का प्रण पूरा करना

संस्कृति और अध्यात्म, साहित्य संवाद
श्रीराम द्वारा सरयू के दो खण्ड करना तथा सीताजी का सरयू-गंगा संगम पर पूजा का प्रण पूरा करना श्रीरामकथा के अल्पज्ञात दुर्लभ प्रसंग श्रीराम द्वारा सरयू के दो खण्ड करना तथा सीताजी का सरयू-गंगा संगम पर पूजा का प्रण पूरा करना श्रीराम रावण को मारकर मोक्षदायिनी अयोध्यानगरी में रहकर नीतिपूर्वक, निष्कंटक राज्य करने लगे। उनके राज्य में कभी भी अकाल नहीं पड़ा और चोरी की घटना भी नहीं होती थी। किसी का अकाल या कुत्सित मरण नहीं होता था। अतिवृष्टि, अनावृष्टि, टिड्डी तथा चूहों से खेती का नाश, पक्षियों से कृषि का विनाश तथा राज विद्रोह आदि विपत्तियाँ श्रीराम के राज्य में कभी भी नहीं आई। श्रीराम के राज्य में कोई दरिद्र, चिन्तातुर, भयभीत या रोगों से पीड़ित नहीं रहता था। उनके राज्य की एक और विशेषता यह थी कि राज्य में कोई भिखारी, दुराचारी, क्रूर, पापी, क्रोधी और कृतघ्न भी नहीं होता था। ऐसे ही सुख शान्ति के...
वन्य जीवों और पेड़ों के लिए अपनी जान पर खेलता बिश्नोई समाज

वन्य जीवों और पेड़ों के लिए अपनी जान पर खेलता बिश्नोई समाज

EXCLUSIVE NEWS, TOP STORIES
वन्य जीवों और पेड़ों के लिए अपनी जान पर खेलता बिश्नोई समाज (राजस्थान के बिश्नोई समाज की महिलाएं हिरण के बच्चों को बिल्कुल मां की तरह पालती है, यहां तक की उन्हें अपना दूध भी पिलाती है। बिश्नोई समाज ने पर्यावरण संरक्षण की स्मृतियों पर एक अमिट छाप छोड़ी है और लोगों के मानस पर दीर्घकालिक प्रभाव डाला है। ) -सत्यवान 'सौरभ' बिश्नोई आंदोलन पर्यावरण संरक्षण, वन्यजीव संरक्षण और हरित जीवन के पहले संगठित समर्थकों में से एक है। बिश्नोइयों को भारत का पहला पर्यावरणविद माना जाता है। ये जन्मजात प्रकृति प्रेमी होते हैं। पर्यावरण आंदोलनों के इतिहास में, यह वह आंदोलन था जिसने पहली बार पेड़ों को अपनी सुरक्षा के लिए गले लगाने और गले लगाने की रणनीति का इस्तेमाल किया। बिश्नोई समाज के लिए हिरण का मतलब भगवान है। बिश्नोई समाज के लिए हिरण भगवान श्रीकृष्ण के अवतार की तरह हैं वो उनको पूजते ह...
मुर्मू के बहाने आदिवासी विकास का मर्म

मुर्मू के बहाने आदिवासी विकास का मर्म

BREAKING NEWS, TOP STORIES, राष्ट्रीय, सामाजिक
मुर्मू के बहाने आदिवासी विकास का मर्म -ः ललित गर्गः- आदिवासी लोगों के मूलभूत अधिकारों (जल, जंगल, जमीन) को बढ़ावा देने और उनकी सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और न्यायिक सुरक्षा के लिए द्रौपदी मुर्मू को राजग का राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया जाना एक सराहनीय एवं सूझबूझभरा कदम है। यह प्रशंसनीय एवं सुखद कदम इसलिये है कि आजादी के पचहत्तर वर्षांे के बाद देश के सर्वाेच्च संवैधानिक पद के लिये पहली बार आदिवासी महिला को सत्तारूढ़ दल द्वारा उम्मीदवार बनाया गया है। यदि कुछ असामान्य न हो तो वोटों के गणित के हिसाब से उनका राष्ट्रपति बनना तय है। भले ही मूर्मु को राष्ट्रपति बनाने के राजनीतिक निहितार्थ हो, लेकिन सदियों से वंचित रहे आदिवासी समाज को ऐसा प्रतिनिधित्व देना सराहनीय एवं उनके समग्र विकास की आहट है। सरकारों के विकास के दावों एवं सन्तुलित समाज निर्माण के संकल्प के बावजूद वर्तमान दौर की यह एक बहुत बड़...
खिलौनों की दुनिया के वो मिट्टी के घर याद आते हैं।

खिलौनों की दुनिया के वो मिट्टी के घर याद आते हैं।

सामाजिक
खिलौनों की दुनिया के वो मिट्टी के घर याद आते हैं। (आज के आधुनिक समय में सभी लोग सीमेंट से बने घर में रहना पसंद करते हैं और मिट्टी से बने घर में किसी को भी रहना अच्छा नहीं लगता है। अब तो ज्यादातर गाँव में ही मिट्टी से बने घर देखने को मिलते हैं नहीं तो शहर में तो हर कोई सीमेंट से बने घर में ही रहता है।) -प्रियंका 'सौरभ' सदियों से मिटटी के घर बनाने की जो परम्परा चली आ रही है; भारत में 118 मिलियन घरों में से 65 मिलियन मिट्टी के घर हैं? यह भी सच है कि कई लोग अपने द्वारा प्रदान किए जाने वाले लाभों के लिए मिट्टी के घरों को पसंद करते हैं। दिलचस्प बात यह है कि हम शहरी केंद्रों में भी एक छोटा बदलाव देख रहे हैं, घर के मालिकों को लगता है कि उनके दादा-दादी के पास यह सही था। मिट्‌टी की झोपड़ी... फूस या खपरैल की छत। अगर यह विवरण सुनकर आप भारत के किसी दूर-दराज के पिछड़े गांव की तस्वीर दिमाग में बना...
देश में हिंसक होते युवा आंदोलन

देश में हिंसक होते युवा आंदोलन

BREAKING NEWS, Current Affaires, TOP STORIES, राज्य, राष्ट्रीय
देश में हिंसक होते युवा आंदोलन ( हरियाणा, उत्तर प्रदेश और बिहार में भारी बेरोजगारी होने के साथ सरकारी नौकरियों की कमी की वजह से, युवाओं में ज्यादा हताशा और आक्रोश है। लेकिन यह स्थिति पूरे देश की भी है। ग्रुप-डी की नौकरी के लिए करोड़ों लोग अप्लाई कर रहें है। नौकरी के इच्छुक करीब 25 प्रतिशत युवाओं को कोई काम नहीं मिल रहा है। दशकों से स्थिति लगातार बदतर होती जा रही है, खासकर एक ऐसे देश में जहां आधी से अधिक आबादी 25 से कम उम्र की है। भारत को हर महीने एक लाख रोजगार पैदा करने की जरूरत है जबकि इसकी अर्थव्यवस्था कभी भी इस मांग को पूरा करने की स्थिति में नहीं आई।) -सत्यवान 'सौरभ'   गोल्डस्टोन ने लिखा है, "युवाओं ने पूरे इतिहास में राजनीतिक हिंसा में एक प्रमुख भूमिका निभाई है," और एक युवा उभार कुल वयस्क आबादी के सापेक्ष 15 से 24 युवाओं का असामान्य रूप से राजनीतिक संकट से ऐत...
महंगी होती खाद से खेती करना मुश्किल

महंगी होती खाद से खेती करना मुश्किल

addtop, BREAKING NEWS, Current Affaires, EXCLUSIVE NEWS, आर्थिक
महंगी होती खाद से खेती करना मुश्किल -प्रियंका 'सौरभ' उत्पादन बढ़ाने के लिए उर्वरक खेतों की उर्वरता बनाए रखने में बहुत बड़ी भूमिका निभाते हैं। भारत अपनी उर्वरक आवश्यकताओं के लिए आयात पर बहुत अधिक निर्भर करता है। भारत में उर्वरकों की वर्तमान लागत एक खनिज संसाधन-गरीब देश के लिए वहन करने के लिए बहुत अधिक है। 2021-22 में, मूल्य के संदर्भ में, सभी उर्वरकों का आयात $ 12.77 बिलियन के सर्वकालिक उच्च स्तर को छू गया। भारत द्वारा उर्वरक आयात का कुल मूल्य, घरेलू उत्पादन में उपयोग किए गए इनपुट सहित, 2021-22 में $ 24.3 बिलियन का विशाल मूल्य था। उर्वरकों की उच्च लागत के कारण देखे तो उर्वरकों का न केवल आयात किया जाता है, बल्कि भारतीय किसान भी आयातित आदानों का उपयोग करके आयात या निर्माण की लागत से कम का भुगतान करते हैं। अंतर का भुगतान सरकार द्वारा सब्सिडी के रूप में किया जाता ...
महाराष्ट्र में शिंदे सरकार

महाराष्ट्र में शिंदे सरकार

BREAKING NEWS, Today News
पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ऐलान किया है कि महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे होंगे. आज शाम साढ़े सात बजे वो सीएम पद की शपथ लेंगे. इस सरकार में देवेंद्र फडणवीस शामिल नहीं होंगे. महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात के बाद देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री फडणवीस ने एलान किया कि एकनाथ शिंदे महाराष्ट्र के सीएम पद की शपथ लेंगे. इस दौरान देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि वो सरकार से बाहर रहेंगे. आज शाम साढ़े सात बजे सिर्फ एकनाथ शिंदे ही शपथ लेंगे. देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि जनता ने महाविकास अघाड़ी को बहुमत नहीं दिया था. चुनाव के बाद बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी थी. बीजेपी-शिवसेना ने गठबंधन में चुनाव लड़ा था, लेकिन शिवसेना ने कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बनाई. इसके लिए शिवसेना ने बाला साहेब ठाकरे के विचारों को भी ताक ...
सेनाओं ने भर्ती की योजना पर बढ़ते विरोध व आंदोलन

सेनाओं ने भर्ती की योजना पर बढ़ते विरोध व आंदोलन

Link of debates on various news channel participation by Dialogue India Group Editor Anuj Agarwal
आज रात 8 PM से जी सलाम न्यूज़ चैनल पर “सेनाओं ने भर्ती की योजना पर बढ़ते विरोध व आंदोलन “ विषय पर आयोजित बहस में शामिल रहाँ। बहस का लिंक - https://youtu.be/66lNLC6uZtc
शिवसेना पर क़ब्ज़े के खेल

शिवसेना पर क़ब्ज़े के खेल

Link of debates on various news channel participation by Dialogue India Group Editor Anuj Agarwal
आज रात 8 PM से जी सलाम न्यूज़ चैनल पर “ महाराष्ट्र में चल रहे राजनीतिक गतिरोध व एकनाथ शिंदे के ठाकरे परिवार से विद्रोह कर शिवसेना पर क़ब्ज़े के खेल “ विषय पर आयोजित बहस में शामिल रहा। बहस का यूटूब लिंक : https://youtu.be/g4F_qIxEfGg