Shadow

Author: Dialogue India

परिवारों का अंतर्राष्ट्रीय दिवस

परिवारों का अंतर्राष्ट्रीय दिवस

addtop, EXCLUSIVE NEWS, TOP STORIES, सामाजिक
(15 मई - परिवारों का अंतर्राष्ट्रीय दिवस) टूट रहे परिवार हैं, बदल रहे मनभाव । प्रेम जताते ग़ैर से, अपनों से अलगाव ।। ---------------------------------------- (भौतिकवादी युग में एक-दूसरे की सुख-सुविधाओं की प्रतिस्पर्धा ने मन के रिश्तों को झुलसा दिया है. कच्चे से पक्के होते घरों की ऊँची दीवारों ने आपसी वार्तालाप को लुप्त कर दिया है. पत्थर होते हर आंगन में फ़ूट-कलह का नंगा नाच हो रहा है. आपसी मतभेदों ने गहरे मन भेद कर दिए है. बड़े-बुजुर्गों की अच्छी शिक्षाओं के अभाव में घरों में छोटे रिश्तों को ताक पर रखकर निर्णय लेने लगे है.  फलस्वरूप आज परिजन ही अपनों को काटने पर तुले है. एक तरफ सुख में पडोसी हलवा चाट रहें है तो दुःख अकेले भोगने पड़ रहें है. हमें ये सोचना -समझना होगा कि अगर हम सार्थक जीवन जीना चाहते है तो हमें परिवार की महत्ता समझनी होगी और आपसी तकरारों को छोड़कर परिवार के साथ खड़ा होना होग...
हिंसा नहीं आध्यात्म के बल पर बने हिंदू राष्ट्र

हिंसा नहीं आध्यात्म के बल पर बने हिंदू राष्ट्र

संस्कृति और अध्यात्म, सामाजिक, साहित्य संवाद
हिंसा नहीं आध्यात्म के बल पर बने हिंदू राष्ट्र विनीत नारायण पिछले दिनों हरिद्वार में जो विवादास्पद और बहुचर्चित हिंदू धर्म संसद हुई थी उसके आयोजक स्वामी प्रबोधानंद गिरी जी से पिछले हफ़्ते वृंदावन में लम्बी चर्चा हुई। चर्चा का विषय था भारत हिंदू राष्ट्र कैसे बने? इस चर्चा में अन्य कई संत भी उपस्थित थे। चर्चा के बिंदु वही थे जो पिछले हफ़्ते इसी कॉलम में मैंने लिखे थे और जो प्रातः स्मरणीय विरक्त संत श्री वामदेव जी महाराज के लेख पर आधारित थे। लगभग ऐसे ही विचार गत 35 वर्षों में मैं अपने लेखों में भी प्रकाशित करता रहा हूँ। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि भारत की सनातन वैदिक संस्कृति कम से कम दस हज़ार वर्ष पुरानी है। जिसमें मानव समाज को शेष प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करके जीवन जीने की कला बताई गई है। बाक़ी हर सम्प्रदाय गत ढाई हज़ार वर्षों में पनपा है। इसलिए उसके ज्ञान और चेतना का स्रोत वैदिक ...
क्रिकेट में ऑनलाइन सट्टेबाजी से पाकिस्तान को मदद

क्रिकेट में ऑनलाइन सट्टेबाजी से पाकिस्तान को मदद

Current Affaires, EXCLUSIVE NEWS, TOP STORIES, घोटाला, विश्लेषण
क्रिकेट में ऑनलाइन सट्टेबाजी से पाकिस्तान को मदद आर.के. सिन्हा यह कोई पुरानी बात नहीं है जब क्रिकेट को लेकर कहा जाता था कि यह भारत में धर्म के समान है। क्रिकेट देश को जोड़ता है। यह जाति, मजहब, वर्ग, लिंग की दीवारों को ध्वस्त करता है। पर नब्बे के दशक में क्रिकेट में सट्टेबाजी में अजय जड़ेजा, मनोज प्रभाकर, मोहम्मद अजहरउद्दीन जैसे भारतीय खिलाड़ियों और कई विदेशी खिलाड़ियों के फंसने के बाद करोड़ों क्रिकेट प्रेमी घोर निराश अवश्य हुए थे। उन्हें लगा था कि क्रिकेट में अब कोई पवित्रता नहीं रही। पर वक्त गुजरने के साथ ही क्रिकेट को लेकर भारत में क्रेज पहले की तरह ही हो गया। फिर से भारत की जीत पर देश खुश होने लगा और पराजय पर उदास। बेशक, क्रिकेट प्लेयर्स को लेकर करोड़ों क्रिकेट के दीवाने जान निसार करते हैं। पर जरा गौर करें कि यह सब तब हो रहा है जब क्रिकेट में शर्ते लगनी या यूँ कहें कि सट्टेबाजी खू...
सूचना के अधिकार कानून से बाहर हो सेना

सूचना के अधिकार कानून से बाहर हो सेना

Current Affaires, TOP STORIES, जीवन शैली / फिल्में / टीवी, राष्ट्रीय
सूचना के अधिकार कानून से बाहर हो सेना आर.के. सिन्हा जरा एक बात पर गौर करें कि सूचना के अधिकार की आड़ में भारतीय सेना की तैयारियों को लेकर कुछ खास तत्वों में उत्सुकता किसलिए हो सकती है? क्या सेना के कामकाज की जानकारियां सार्वजनिक करनी चाहिए? सेना से संबंधित जानकारियां सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत सेना की विभिन्न इकाइयों, एजेंसियों तथा छावनियों से मांगने वाले कौन लोग हैं? ये तमाम सवाल इसलिए अहम हो जाते हैं क्योंकि इधर देखने में आ रहा है कि कुछ तत्व सेना की अति संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण जानकारियों को हासिल करने में भी दिलचस्पी लेने लगे हैं। इन सब वजहों से सेना का तंत्र भी चौकन्ना हो गया। वह सारी स्थिति पर नजर रख रहा है। उसकी तरफ से हाल ही में यह भी मांग हुई है कि सेना को आरटीआई कानून से बाहर रखा जाए। ये मांग सच में बहुत ही सार्थक है तथा संकेत दे रही कि मामला कितना गंभीर है। पिछली 2...
Clamour for electricity-coal and its reality

Clamour for electricity-coal and its reality

addtop, Current Affaires, TOP STORIES, आर्थिक, राज्य, राष्ट्रीय
Clamour for electricity-coal and its reality RK Sinha At present, an atmosphere of shortage of coal and electricity is being created. The main intention behind all these conspiracies is to make people stand against the Modi Government of the Centre. This is incidentally instigated by the maximum coal reserve states like Jharkhand, Chattisgarh, West Bengal and Odisha. All these states have non-BJP governments. Let's make a note of it before moving forward. States giving election freebies like electricity are mostly being ruled by non BJP governments. Has the electricity consumption in summer increased this year only or is a general trend or there an electricity shortage this year only?? Definitely not. Power cuts in Delhi are nominal. But CM of Delhi, Arvind Kejriwal is politicizing the...
सत्य के अन्वेषण से ज्ञानवापी को घबराहट क्यों!!

सत्य के अन्वेषण से ज्ञानवापी को घबराहट क्यों!!

Current Affaires, EXCLUSIVE NEWS, विश्लेषण, समाचार
सत्य के अन्वेषण से ज्ञानवापी को घबराहट क्यों!! काशी में मां श्रंगार गौरी के दर्शन पूजन के अधिकारों को पुन: प्राप्त करने के लिए हिंदू समाज दशकों से प्रतीक्षा कर रहा है। इस संबंध में काशी के न्यायालय में वाद पर माननीय न्यायाधीश ने उस परिसर की वीडियोग्राफी और सर्वे का आदेश दिया। एडवोकेट कमिश्नर के माध्यम से  यह कार्य होना है। किंतु, न्यायालय द्वारा नियुक्त अधिकारी को तथाकथित मस्जिद परिसर में जाने से रोक दिया गया। उसके पीछे उस ज्ञानवापी इंतजामियां कमेटी के सचिव ने जो चार तर्क दिए वे बेहद गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि; हम किसी गैर मुस्लिम को मस्जिद के अंदर नहीं घुसने देंगे। क्योंकि कोर्ट ने हमारी बात नहीं सुनी इसलिए,हम कोर्ट की बात नहीं सुनेंगे। मस्जिद के अंदर की वीडियोग्राफी या फोटो खींचने से हमारी सुरक्षा को खतरा है। वह वीडियोग्राफी मार्केट में आ जाएगी। चौथी और बेहद आपत्तिजनक त...
अल्कोहल से होने वाले लिवर रोग भारत में हमेशा एडवांस्ड लिवर रोग का सबसे बड़ा कारण

अल्कोहल से होने वाले लिवर रोग भारत में हमेशा एडवांस्ड लिवर रोग का सबसे बड़ा कारण

addtop, Current Affaires, विश्लेषण, सामाजिक
अल्कोहल से होने वाले लिवर रोग भारत में हमेशा एडवांस्ड लिवर रोग का सबसे बड़ा कारण डॉ. मानव वधावन अल्कोहलिक लिवर डिजीज (एएलडी) भारत में सिरोसिस का सबसे बड़ा कारण है। कई वजहों से महिलाओं को इससे ज्यादा नुकसान होता है। पुरुषों के मुकाबले महिलाओं के शरीर में अल्कोहल की मात्रा ज्यादा रह जाती है। साथ ही पुरुषों की तुलना में महिलाओं में अल्कोहल की गंदगी दूर करने वाले एंजाइम का स्तर पर कम होता है। एक अनुमान के मुताबिक, आधी मात्रा में अल्कोहल सेवन करने वाली महिलाओं में पुरुषों के मुकाबले लिवर क्षतिग्रस्त होने की संभावना दोगुनी होती है। हालांकि अल्कोहल का सेवन बंद कर देने या कम कर देने से यह नुकसान रोका जा सकता है। महिलाओं में अल्कोहलिक लिवर रोग अधिक होता है और बड़े पैमाने पर उनकी डायग्नोसिस भी नहीं हो पाती है। अल्कोहल का सेवन कम करने, स्वस्थ खानपान रखने और नियमित व्यायाम करने से महिलाएं कई तरह ...
हाई स्क्रीन टाइम से स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है

हाई स्क्रीन टाइम से स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है

addtop, Current Affaires, TOP STORIES, सामाजिक
हाई स्क्रीन टाइम से स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है डा. विपुल गुप्ता भारत में स्ट्रोक के मौजूदा बोझ के अलावा, कोविड महामारी ने विश्व स्तर पर एक नई महामारी को जन्म दिया है-डिजिटल स्क्रीन की लत। लॉकडाउन से लेकर अभी तक आम व्यक्ति स्क्रीन पर जितना वक्त गुज़ारता है, वह उतनी देर निष्क्रीय होता है, इसलिए निष्क्रीयता और बढ़ता स्क्रीन टाइम एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। अध्ध्यनों के अनुसार, डिजिटल स्क्रीन के इस्तेमाल का समय हमारे जीवनकाल पर सीधा असर डालता है। अध्ध्यन के अनुसार, एक घंटा डिजिटल स्क्रीन का इस्तेमाल हमारी जिंदगी से 22 मिनट कम कर देता है। स्क्रीन का ज्यादा इस्तेमाल हार्ट अटैक, स्ट्रोक और कैंसर का कारण भी बन सकता है। एक अनुमान के अनुसार हर 40 सेकंड में से कोई न कोई व्यक्ति स्ट्रोक से पीडि़त होता है और विश्व स्तर पर हर चार मिनट में एक व्यक्ति स्ट्रोक से मर जाता है। जबकि स्...
मोदी सरकार में भ्रष्ट बाबुओं की खैर नहीं

मोदी सरकार में भ्रष्ट बाबुओं की खैर नहीं

addtop, BREAKING NEWS, Current Affaires, राज्य, विश्लेषण
मोदी सरकार में भ्रष्ट बाबुओं की खैर नहीं - आर.के. सिन्हा  किसी भी सरकार का जनमानस में सम्मान तब ही होता है, जब उसके कर्मचारी पूरी निष्ठा, मेहनत और ईमानदारी से अपने दायित्वों का निर्वाह करते हैं। देखिए सरकार को चलाने वाले नेता तो एक विजेन के साथ सत्ता पर काबिज होते हैं। फिर उनके विजेन को सरकारी बाबू अमली जमा पहनाकर जमीन पर उतारते हैं। मतलब वे ही वस्तुतः समस्त सरकारी योजनाओं- परियोजनाओं को जमीं पर लागू करते हैं। लेकिन, अगर वे ही काहिली और करप्शन के जाल में फंस जाएं तो फिर सरकार और देश का क्या होगा, यह भली भांति सोचा जा सकता है। दुर्भाग्यवश हमारे यहां अब भी बड़ी तादाद में सरकारी बाबू कायदे से मन लगाकर काम करने के लिए तैयार नहीं हैं। यही नहीं, वे तो करप्शन करने से तनिक भी बाज नहीं आ रहे। वे चंद सिक्कों में अपना जमीर और देश को बेचने से भी पीछे नहीं हटते। अब कुछ ताजा मामलों को ह...
प्रधानमंत्री आज  वैशाख बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर लुंबिनी में एक अद्वितीय बौद्ध संस्कृति एवं विरासत केंद्र के निर्माण के लिए “शिलान्यास” समारोह में हिस्सा लेंगे

प्रधानमंत्री आज वैशाख बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर लुंबिनी में एक अद्वितीय बौद्ध संस्कृति एवं विरासत केंद्र के निर्माण के लिए “शिलान्यास” समारोह में हिस्सा लेंगे

addtop, BREAKING NEWS, Current Affaires, Today News, राष्ट्रीय, संस्कृति और अध्यात्म
प्रधानमंत्री आज  वैशाख बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर लुंबिनी में एक अद्वितीय बौद्ध संस्कृति एवं विरासत केंद्र के निर्माण के लिए "शिलान्यास" समारोह में हिस्सा लेंगे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 16 मई, 2022 को वैशाख बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर लुंबिनी की अपनी सरकारी यात्रा के दौरान लुंबिनी मठ क्षेत्र के भीतर एक अद्वितीय बौद्ध संस्कृति एवं विरासत केंद्र के निर्माण के लिए "शिलान्यास" समारोह में हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री मंत्री लुंबिनी में पवित्र मायादेवी मंदिर जाकर पूजा अर्चना करेंगे। प्रधानमंत्री नेपाल सरकार के तत्वावधान में लुंबिनी डेवलपमेंट ट्रस्ट द्वारा आयोजित बुद्ध जयंती कार्यक्रम में भी भाषण देंगे। एक व्यापक अपील के बाद भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय की वित्तीय सहायता से लुंबिनी डेवलपमेंट ट्रस्ट के तत्वावधान में इंटरनेशनल बुद्धिस्ट कॉन्फ़ेडरेशन (आईबीसी) द्वारा अद्वितीय 'इंडिया इंटर...