साम्प्रदायिक भाइचारे से खिलवाड़ कब तक?
साम्प्रदायिक भाइचारे से खिलवाड़ कब तक?
-ललित गर्ग -देश लम्बे समय से शांत था, एकाएक एक वर्ग-विशेष एवं कतिपय राजनीतिक दलों को यह शांति, साम्प्रदायिक सौहार्द एवं अमन-चैन की स्थितियां रास नहीं आयी और उन्होंने साम्प्रदायिक भाईचारे एवं सौहार्द को खण्डित करने का सफल षडयंत्र रच दिया। लेकिन सर्वाेच्च न्यायालय ने मंगलवार को दो अलग-अलग मामलों में यह बिल्कुल साफ कर दिया कि देश के सांप्रदायिक भाईचारे से खिलवाड़ करने की छूट किसी को नहीं दी जाएगी और इसके लिए शीर्ष अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों से बच नहीं सकते। राष्ट्रीय एकता-अखण्डता, साम्प्रदायिक सौहार्द एवं शांति-व्यवस्था को किसी भी जाति एवं धर्म का व्यक्ति आहत करें, उसकी निन्दा ही नहीं, कठोर कार्रवाही होनी ही चाहिए। ऐसी घटनाओं के प्रति न्यायालय जागरूक हो, उससे पहले समाज को जागरूक होना चाहिए। हम अलविदा करें उन सब साम्प्रदायिक दुराग्रहों एवं संकी...









