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Author: Dialogue India

अहिन्दू और अश्रद्ध के मंदिर में प्रवेश पर बंदी लगाएं’ इस विषय पर ऑनलाईन ‘विशेष परिसंवाद’ संपन्न !

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उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में डासना देवी मंदिर के बाहर ‘मुसलमानों को मंदिर में प्रवेश वर्जित’ होने का फलक लगाने पर  देशभर में मुसलमान, तथाकथित आधुनिकतावादी और कुछ प्रसिद्धीमाध्यमों ने विरोध किया । परंतु भारतीय राज्यसंविधान की ‘धारा 26 (ब) और (ड)’ के अनुसार ‘मंदिर में किसे प्रवेश दें’ अथवा ‘किसे प्रवेश न देें’ यह निश्‍चित करने का अधिकार मंदिर व्यवस्थापन को है । इसलिए कोई अहिन्दु अथवा श्रद्धाहीन व्यक्ति मंदिर के नियम भंग कर मंदिर में प्रवेश करके धार्मिक भावनाएं आहत कर रहा हो, तो उसके विरोध में हिन्दुआें की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं इसलिए भा.दं.वि.की 295 (अ) के अनुसार पुलिस थाने में अपराध प्रविष्ट करना चाहिए, ऐसा स्पष्ट मत सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता तथा ‘हिन्दू फ्रंट फॉर जस्टिस’के  प्रवक्ता विष्णु शंकर जैन ने प्रस्तुत किए । वे हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा आयोजित ‘अहिन्दू और अश्रद्धों के ...
जीवन रक्षक दवाओं पर अनिवार्य-लाइसेंस की मांग जिससे कि जेनेरिक उत्पादन हो सके

जीवन रक्षक दवाओं पर अनिवार्य-लाइसेंस की मांग जिससे कि जेनेरिक उत्पादन हो सके

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ज़रा सोचे कि जीवन रक्षक दवा हर ज़रूरतमंद इंसान को मिलनी चाहिए कि नहीं? यदि दवा कंपनी के पास पेटेंट हो और कीमत इंसान की पहुँच के बाहर हो तब भी वैश्विक व्यापार संधि में ऐसे प्रावधान हैं कि सरकारें, जनहित में जनता की ज़रूरत को देखते हुए, पेटेंट वाली दवा पर अनिवार्य-लाइसेंस (कम्पलसरी लाइसेंस) ज़ारी करें जिससे कि स्थानीय उत्पादन हो सके और जीवन रक्षा हो सके. इसीलिए विशेषज्ञ मांग कर रहे हैं कि जो दवा वैज्ञानिक रूप से कोरोनावायरस रोग में असरकारी दिख रही है उसपर अनिवार्य-लाइसेंस ज़ारी हो. अनिवार्य लाइसेंस न सिर्फ जन स्वास्थ्य के लिए बल्कि सामाजिक न्याय की दृष्टि से भी ज़रूरी कदम है जो सरकारों को पेटेंट-वाली दवाओं को स्थानीय स्तर पर उत्पादन करने की, इस्तेमाल करने की, आयात-निर्यात करने की, कम कीमतों पर विक्रय करने की, शक्ति देता है. जब भी बौद्धिक सम्पदा और पेटेंट जैसे रोड़े आते हैं, अनेक देशों की सरकारों...

प्राण देकर भी धर्म न छोडनेवाले छत्रपति संभाजी महाराज

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औरंगजेब को २७ वर्ष तक उत्तर हिंदुस्तान से दूर रखनेवाले संभाजीराजा संभाजीराजाने जो अलौकिक कार्य अपनी अल्प आयु में किए, उसका प्रभाव संपूर्ण हिंदुस्तान पर पडा । इसलिए प्रत्येक हिंदु को उनका कृतज्ञ होना चाहिए । उन्होंने औरंगजेब की आठ लाख सेना का साहस एवं निडरता से सामना किया तथा अधिकांश मुगल सरदारों को युद्ध में पराजित कर उन्हें भागने के लिए विवश कर दिया । इसलिए औरंगजेब दीर्घकाल तक महाराष्ट्र में युद्ध करता रहा । संपूर्ण उत्तर हिंदुस्तान उसके दबाव से मुक्त रहा । इसे संभाजी महाराज का सबसे बडा कार्य कहना पडेगा । उन्होंने औरंगजेब के साथ समझौता किया होता अथवा उसका आधिपत्य स्वीकार किया होता तो वह फिर दो-तीन वर्ष में ही उत्तर हिंदुस्तान में आ धमकता; परंतु संभाजी राजा के संघर्ष के कारण औरंगजेब को २७ वर्ष दक्षिण भारत में ही रूकना पडा । इससे उत्तर में बुंदेलखंड, पंजाब और राजस्थान में हिंदुओं की नई सत्...

IIIT-Delhi to develop method to predict collision from space debris

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New Delhi, April 08 (India Science Wire): Indraprastha Institute of Information Technology (IIIT)-Delhi receives research funding from National Super Computing Mission (NSM) under HPC Applications to work on the project titled ‘Orbit computation of Resident Space Objects for Space Situational Awareness’ for two years. The NSM project has been implemented by the Department of Science and Technology (DST), Government of India in collaboration with the Ministry of Electronics and Information Technology (MeITy) to ensure the country’s leadership in supercomputing. Various R&D projects have been initiated under this mission across the country to harness the vast supercomputing resources provided under NSM, to build capabilities to tackle problems that are currently out of reach ...

होम्योपैथी पूरी तरह से स्वस्थ और रोगमुक्त करने की एक संपूर्ण पद्धति

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चिकित्सा विज्ञान की शाखा होम्योपैथी में न सिर्फ रोगमुक्त करने की क्षमता है, बल्कि संपूर्ण रूप से पूरे शरीर को नई काया मिल जाती है। होम्योपैथी गहराई तक असर करती है, क्योंकि यह मस्तिष्क के अहम हिस्से यानी अवचेतन स्थिति पर तेज गति से असर करती है और इसे असरकारक दवाओं से तैयार किया जाता है। हमारा पूरा शरीर सभी तत्वों और अंगों से ही पूरा होता है। इन दोनों का समावेश ही शरीर को प्राण देता है। आधुनिक विज्ञान में चेतना की रचना अभी भी रहस्य बनी हुई है, वहीं होम्योपैथी ऊर्जा और चेतना को स्वस्थ रखती है। होम्योपैथी में प्राणदायी ऊर्जा को प्राथमिकता दी जाती है और जीवन ऊर्जा की शरीर में अहम भूमिका होती है। रोग के लक्षण इन्हीं ऊर्जा के बेमेल होने के कारण पनपते हैं और इलाज इन ऊर्जा को पुनर्जीवन प्रदान करने के लिए किया जाता है। परंपरागत एलोपैथी संदेह के आधार पर काम करती है और अंगों (दिल, किडनी, लीवर आदि) क...

कब होगा माओवादियों का समूल नाश

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छत्तीसगढ़ में माओवादियों के दानवी कृत्य के कारण सारे देश का गुस्सा वाजिब ही है। माओवादियों के साथ मुठभेड़ में देश के सुरक्षा बलों के 22 जवान शहीद हुए हैं। मृत जवानों के मुठभेड़ स्थल पर पड़े शवों को देखकर हरेक हिन्दुस्तानी का कलेजा फटा जा रहा था । पिछले कुछ सालों में छत्तीसगढ़ में यह माओवादियों का सबसे बड़ा हमला माना जा रहा है। माओवादियों ने जिस तरह की क्रूरता दिखाई है, वह दिल दहला देने वाली राक्षसी और पाश्विक कृत्य है। माओवादियों की यह दुस्साहसपूर्ण लोकतंत्र विरोधी कार्रवाई पूरे देश के लिए एक गंभीर चुनौती है। इस देश ने पूर्व के दशकों में पंजाब, असम,पूर्वोत्तर भारत में भी हिंसक पृथकतावादी आंदोलनों को देखा और सफलतापूर्वक कुचला भी। पर, इन आतंकवादियों और गैंगस्टर अपराधियों से भी खतरनाक माओवादियों को क्यों नष्ट नहीं कर पा रहा है? क्या देश शासन के संकल्प में किसी स्तर पर कोई कमी है? यह बात पहले ...

ज्योतिबा का संवाद संदेश एवं कर्म दीपशिखा बने

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मनुष्य जाति एक है’ इस आदर्श को आचरण तक लाने एवं अस्पृश्यता के संस्कारों को स्वस्थता देने में जिन महापुरुषों ने अनूठे उपक्रम किये, उनमें  महात्मा ज्योतिबा फूले का अविस्मरणीय योगदान है। वे 19वीं सदी के महान समाज सुधारक, विचारक, दार्शनिक और लेखक थे। उन्होंने भारतीय समाज में फैली अनेक कुरीतियों को दूर कर हिंदू समाज में समरसता लाने का प्रयास किया। उनके द्वारा किए गए कार्यों से भारतवर्ष में एक नई चेतना एवं नये विश्वास का विकास हुआ और समाज के उस तबके को जीने की नई राह मिली जो अभी तक दुनिया के विकास की रोशनी से वंचित था। वंचितो, शोषितों और समाज में हाशिए पड़े हुए लोगों के उत्थान के लिए उन्होंने कई कल्याणकारी कार्य किए और समाज में अलग-थलग रह रहे लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य किया। वे सशक्त, संतुलित, जातिवाद एवं रूढ़ि-आडम्बरमुक्त भारत निर्माण के पुरोधा थे। उनकी मानवीय...
Real Bharat

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Lot of people, specially the so called Modernites and Secularists allege that Hindus have always been defeated by every invader and as a Nation are weaklings and are afraid of Islam, which has ruled over India during entire modern history. I am trying to give my take in the matter and request readers to KINDLY do comment, whichever way they feel like, so as to initiate a debate on the subject. Hindus are not, we’re not and never will be afraid of Islamists. Only we react slowly and when we react, violence is the last resort. India was first invaded in the year 700 AD, attracted by its vast wealth. They were resisted throughout. In the year 1000 AD, Salar Masood, from Arabia, ( who was considered a Devine person by them), along with a vast army consisting of at least one man from each hou...
Hindus becoming fanatics?

Hindus becoming fanatics?

धर्म, संस्कृति और अध्यात्म, सामाजिक
Somebody alleged that Hindus are becoming fanatics which is wrong. My reply to him . I agree fanaticism is wrong and condemnable. But Hindus suffered the loss of Afghanistan, then Pakistan was given on a platter. Then Kashmir, ( a part of that was snatched )and cowards surrendered meekly, when Indian forces begged of Nehru to give them one week more as the final pincer had developed at a great sacrifice of Armed forces(कैंची जैसा), and when any force is able to develop it nothing escapes, but Nehru’s obduracy made army and it had to obey orders. Then Hindus from Kashmir were expelled within 48 hours, leaving their young girls there and all others had to quit.  NOT a word or a single feather fluttered anywhere, because Hindus were under Opium given to them by Gandhi as अहिंसा परमोधर्म ‘ fo...

Study warns Diphtheria could become a major global threat

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New Delhi, March 09 (India Science Wire): In a new health scare, a team of researchers from India, the UK and Russia, has found that Diphtheria, which is a relatively easily-preventable infection, has started to become resistant to several classes of antibiotics, and in future, it may even become immune to vaccination. In a report, the team has also suggested that there was a possibility of the disease once more becoming a major threat across the globe because of the impact of COVID-19 on vaccination schedules in different parts of the world, coupled with a rise in the number of infections. Diphtheria is a highly contagious infection. It can affect the nose and throat, and sometimes the skin. If left untreated it can prove fatal. In high-income countries, all babies are vaccinated...