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Author: Dialogue India

क्रांति एवं शांति का समन्वय थे योगी अरविन्द

क्रांति एवं शांति का समन्वय थे योगी अरविन्द

संस्कृति और अध्यात्म, सामाजिक
हमारा प्रेम, हमारी आजादी, हमारी संवदेनाएं, हमारी आकांक्षाएं, हमारे सपने, हमारा जीवन सबकुछ जब दांव पर लगा था तब एक हवा का तेज झोंका आया और हम सब के लिये एक संकल्प, एक आश्वासन एवं एक विश्वास बन गया। जिन्होंने न केवल हमें आजादी का स्वाद चखाया बल्कि हमारे जीवन का रहस्य भी उद्घाटित किया। एक अमृत पुत्र एवं महान क्रांतिकारी के रूप में जिनकी पहचान हैं महर्षि अरविन्द। राष्ट्रीय एवं मानवीय प्रश्नों का समाधान प्रस्तुत करते हुए उन्होंने युवा अवस्था में स्वतन्त्रता संग्राम में क्रान्तिकारी के रूप में भाग लिया, किन्तु बाद में यह एक योगी एवं दार्शनिक बन गये और इन्होंने पांडिचेरी में एक आश्रम स्थापित किया। उनका अनुभूत सत्य है कि ‘रहे भीतर, जीयें बाहर’। जो भी उनकी विलक्षण आध्यात्मिक एवं योग की सन्निधि में आता, वह निरोगी एवं तेजस्वी बन जाता। जो राष्ट्रीय सोच की छांव में आता, देश के लिये बलिदान होने ...

टीवी डिबेट

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आजकल की टीवी डिबेट में कोई किसी को कुछ भी कह सकता है। चीखना-चिल्लाना और आरोप-प्रत्यारोप सामान्य बात है, अक्सर अलग-अलग स्तर की गाली-गलौज भी देखी-सुनी जा सकती है। यदा-कदा थपड़ियाव और मारपिटाई भी देखने को मिलती है। बहुत कुछ फ्री-स्टाइल फाइट की तरह! और यह हाल केवल टीवी-डिबेट में ही नहीं है, पूरे राजनैतिक परिदृश्य का यही हाल है। फर्क बस इतना है कि टीवी डिबेट में प्रतिद्वंदी आमने-सामने होते हैं, नुक्ता-दर-नुक्ता एक-दूसरे की बखिया उधेड़ने को और ताबड़तोड़ हमला करने को बेकरार! कल से कुछ बहुत मासूम लगने वाले लोग आजतक के कार्यक्रम दंगल के एंकर रोहित सरदाना और भाजपा के प्रवक्ता संबित पात्रा को कॉंग्रेस प्रवक्ता राजीव त्यागी का हत्यारा बता रहे हैं, जिनकी कल आकस्मिक हृदयाघात से मृत्यु हो गई थी। ट्विटर पे हैशटैग #Arrest_Sambit_Patra भी चलाया कुछ महान आत्माओं ने। मजे की बात ये रही कि इन महान आत्माओं मे...
Marching towards transparent tax-system requires patchless new Income Tax Act too

Marching towards transparent tax-system requires patchless new Income Tax Act too

Today News, राज्य
It refers to welcome launch of Transparent-Tax-System by Prime Minister on 13.08.2020 with innovative feature of faceless assessments and appeals. Prime Minister rightly stressed for widening of tax-base to bring more and more people under tax-net which presently is a very low percentage of total population. It can be practically increased by incorporating certain practical conveniences for people paying taxes like priority to tax-payers in queues for various government-provided facilities. Income Tax Department sends through emails appreciating coloured certificates for those paying more taxes. These certificates should be sent in laminated form so that proud tax-payers may get these framed to be put in their homes and offices. Names with photos of people paying more taxes can be put on w...

फलित ज्योतिष : विज्ञान या अन्धविश्वास

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आसमान के विभिन्‍न भागों में विभिन्‍न ग्रहों की स्थिति के कारण पृथ्‍वी पर या पृथ्‍वी के जड चेतन पर पडनेवाले प्रभाव का अध्‍ययन फलित ज्‍योतिष कहलाता है। यह विज्ञान है या अंधविश्वास, इस प्रश्न का उत्तर दे पाना समाज के किसी भी वर्ग के लिए आसान नहीं है। परंपरावादी और अंधविश्वासी विचारधारा के लोग,जो कई स्थानों पर ज्योतिष पर विश्वास करने के कारण धोखा खा चुकें हैं , भी इस शास्त्र पर संदेह नहीं करते। वे ज्‍योतिष को मानते हुए सारा दोषारोपण ज्योतिषी पर कर देते है। दूसरी ओर वैज्ञानिकता से संयुक्त विचारधारा से ओत-प्रोत ज्‍योतिष को जीवनभर न मानने वाले व्यक्ति भी किसी मुसीबत में फंसते ही समाज से छुपकर ज्योतिषियों की शरण में जाते देखे जाते हैं। Govt. & Astrology फलित ज्योतिष की इस विवादास्पद स्थिति के लिए मै सरकार ,शैक्षणिक संस्थानों एवं पत्रकारिता विभाग को दोषी मानती हूं। इन्होने आजतक ज्योतिष को...

Tough action now necessary after Bengaluru violence

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Violence in Bengaluru on 11.08.2020 by all accounts seemed to be pre-planned where just a facebook-post by an individual resulted in huge loss to private and public property with dozens of policemen injured in mob-violence. It is noteworthy that any thing against majority Hindus either through social media or poisonous speeches of religious fundamentalists of minority community have never resulted in any violence. No violence occurred anywhere in India even after highly objectionable portraying of Hindu gods and goddesses in paintings of Maqbool Fida Hussain. No pseudo-secular political party or self-termed human-rights-activists even voice against such aspects badly hurting religious sentiments of majority Hindus. At least all the three variants of Padma awards including Padma Vibhushan i...
“आत्मनिर्भरता” स्वतन्त्रता की जननी है

“आत्मनिर्भरता” स्वतन्त्रता की जननी है

समाचार
भारत में स्वतंत्रता दिवस को बहुत अहम दिन माना जाता है। 200 साल की लम्बी लड़ाई के बाद 15 अगस्त 1947 को भारत को ब्रिटिश हुकूमत से पूर्ण रूप से आजादी मिली। स्वतंत्रता दिवस, 1947 में ब्रिटिश शासन के अंत और स्वतंत्र भारतीय राष्ट्र की स्थापना का प्रतीक है। यह दो देशों, भारत और पाकिस्तान में उपमहाद्वीप के विभाजन की सालगिरह का प्रतीक है, जो 14 से 15 अगस्त, 1947 की मध्यरात्रि को हुआ था। भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने 14 अगस्त मध्यरात्रि को 'ट्रिस्ट वीद डेस्टिनी' भाषण के साथ भारत की आजादी की घोषणा की।तब से हर साल 15 अगस्त को भारत में स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है, जबकि पाकिस्तान में स्वतंत्रता दिवस 14 अगस्त को मनाया जाता है। 15 अगस्त 1947 में भारत आजाद हुआ था|इसलिए भारत इस दिन को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाता है। यह भारत का राष्ट्रीय दिवस है। स्वतन्त्रत...

सैयां हमारे घर नहीं ,हमें किसी का डर नहीं

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*प्रदेश में कोरोना, कांग्रेस और भाजपा तीनों विस्फोटक स्थिति में हैं। कोरोना  को रोकने के लिए फिर से लॉक डाउन लगाए जाना ही समझदार लोगों को विकल्प लग रहा है। कांग्रेस में सचिन पायलट की वापसी के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को निश्चिंत हो जाना चाहिए था मगर उन्होंने अपने सभी विधायकों को बाड़े मुक्त नहीं किया है। ज़ाहिर है वे अभी भी शंकित हैं।भाजपा के हाल ये हैं कि दूसरों के घरों में ताक झांक करने वाले नेता अब अपने ही घर की झाड़ पौंछ  कर रहे हैं। कुल मिलाकर कोरोना , कांग्रेस और भाजपा तीनों ही ज्वलनशील कचरे का ढेर बन चुके हैं और उन्होंने पूरे राज्य को हिला कर रख दिया है।*‍♂ *जोधपुर , कोटा , पाली, बीकानेर, धौलपुर, अलवर ही नहीं अब तो हर जिले के आंकड़े संभाले नहीं संभल रहे ।रोज़ पॉजिटिव मरीजों की संख्या में बेतहाशा बढ़ोतरी हो रही है। कई शहरों में आंतरिक लॉकडाउन लगाए जा रहे हैं।* *अजमेर का जिक्र किया ज...
कोरोना काल में सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

कोरोना काल में सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

समाचार
कोरोना के साथ फिजिकल डिस्टेन्सइंग का प्रचार सोशल डिस्टेन्सइंगके नाम से हुआ और गलत हुआ | आज उसके परिणाम कम दिख रहे हैं, आगे आने वाले समय में ये परिणाम और घातक होंगे | भारत में तो इसके लिए अभी से कोई उपाय खोजना होगा, बढते जनसंख्या घनत्व और भारत की समारोहिक प्रवृति  तो एकाएक बदलने से रही | हर दिन समारोह और उसमे प्रत्यक्ष जुड़ने का शगल इस कोरोना काल भी सारे बंधन तोड़ता  हर कभी दिखता है | कोई भी सरकार हो अनिश्चित काल तक तो प्रतिबन्ध नहीं लगा सकेगी| हम सबको अपने लिए कुछ करना होगा | कोरोना को लेकर लोगों के बर्ताव से आज हम बिल्कुल घबरा गये हैं कि हमारे समाज को अचानक ये क्या हो गया है| वैसे  यह सबकुछ अचानक नहीं हुआ है| यह तो हमारी समाज की जड़ों में मौजूद है| सब मिलकर कोशिश करें तो यह दृश्य बदल सकता है | अभी तो यह कहना ही बेहतर होगा कि वे सारी चीजें जो पूर्णतः अनपेक्षित थीं, अचानक से हमारे सामने आ गयी...
पिता की मृत्यु हुई हो या नहीं, जन्म से ही बेटी का संपत्ति पर अधिकार

पिता की मृत्यु हुई हो या नहीं, जन्म से ही बेटी का संपत्ति पर अधिकार

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सुप्रीम कोर्ट ने महिलाओं के हक में एक बड़ा फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट ने पिता की संपत्ति में बेटी का बेटे के बराबर ही हक है। बेटी के जन्म के साथ ही उसका संपत्ति पर हक है, चाहें पिता की मृत्यु हिंदू उत्तराधिकार (संशोधन) कानून, 2005 के लागू होने से पहले ही क्यों ना हुई हो। इससे पहले हिंदू सक्सेशन (अमेंडमेंट) ऐक्ट, 2005 के तहत बेटी अपने पिता की संपत्ति पर तभी अपने हक के लिए दावा कर सकती थी, जब उसके पिता की मौत 9 सितंबर, 2005 के बाद हुई हो। इसी दिन हिंदू उत्तराधिकार (संशोधन) कानून लागू हुआ था। अब सुप्रीम कोर्ट ने इसे बदलते हुए कहा, बेटी के हक से पिता की मृत्यु का कोई लेन देने नहीं। बेटियों को बराबर अधिकार देना होगा सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस अरुण मिश्रा की अध्यक्षता में तीन जजों की बेंच ने ये अहम फैसला सुनाया। बेंच ने कहा, बेटियों को बेटों के बराबर अधिकार देना हो होगा। क्योंकि बेटी पूरी जि...

SACHIN PILOT LOSES, CONGRESS PARTY LOSES MORE AND SONIA FAMILY WINS IN INDIAN POLITICS

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All those  who understand the need   for healthy and progressive democracy in India , want a strong opposition party at national level, that can question THE Modi  government , if and when necessary, with dignity ,  facts and figures  and logic. Today, apart from BJP, Congress is the only national party in India , with  all the other parties essentially being regional outfits. CPI and CPI (M) are fast losing  theIR   foothold and do  not look like regaining  the earlier stance as an effective voice at national level. Under such circumstances, the only party that can play it’s role as a credible opposition  party at the national level is the Congress party.  Unfortunately, given it’s present structure and functioning style, Congress party has become a family...