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Author: Dialogue India

मोदी सरकार कोविड-19 से लड़ाई के लिए देश भर में लागू 21 दिन के लॉकडाउन के दौरान लोगों की मुश्किलों को दूर करने को प्रतिबद्ध : केंद्रीय गृह मंत्री

मोदी सरकार कोविड-19 से लड़ाई के लिए देश भर में लागू 21 दिन के लॉकडाउन के दौरान लोगों की मुश्किलों को दूर करने को प्रतिबद्ध : केंद्रीय गृह मंत्री

जीवन शैली / फिल्में / टीवी
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 21 दिनों के लॉकडाउन के दौरान लोगों की मुश्किलों को दूर करने के दृष्टिकोण के मद्देनजर केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने सामाजिक दूरी बनाए रखने के उद्देश्य से लागू लॉकडाउन का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के वास्ते उचित कदम उठाने के लिए राज्य/ संघ शासित क्षेत्रों की सरकारों के साथ संवाद किया। इसके साथ ही उन्होंने इस अवधि के दौरान प्रवासी कामगारों की आर्थिक दिक्कतों को दूर करने पर भी चर्चा की। केंद्रीय गृह मंत्री के दिशा-निर्देशों के तहत गृह सचिव ने सभी राज्यों/ संघ शासित क्षेत्रों को बड़ी संख्या में प्रवासी कामगारों को अपने गृह राज्य जाने से रोकने के लिए सभी बुनियादी सुविधाओं से युक्त राहत शिविर बनाने और उनकी आर्थिक दिक्कतें दूर करने के वास्ते कदम उठाने को लिखा है, जिससे कोविड-19 को फैलने से रोका जा सके। लॉकडाउन के कदमों का प्रभावी कार्यान्व...
कोविड-19 महामारी से लड़ने के लिए पूर्व सैनिक अपनी सेवाएं देने को तैयार

कोविड-19 महामारी से लड़ने के लिए पूर्व सैनिक अपनी सेवाएं देने को तैयार

जीवन शैली / फिल्में / टीवी
राष्ट्र वैश्विक महामारी कोविड-19 की चुनौतियों से लड़ रहा है। ऐसी स्थिति में रक्षा मंत्रालय के पूर्व-सैनिक कल्याण विभाग (ईएसडब्ल्यू) ने पूर्व सैनिकों को अपनी सेवाएं देने के लिए एकजुट किया है। इससे जहां भी जरूरत हो राज्य और जिला प्रशासन को बहुमूल्य मानव संसाधन प्राप्त होंगे। राज्य सैनिक बोर्ड और जिला सैनिक बोर्ड राज्य और जिला प्रशासन की सहायता के लिए अधिकतम ईएसएम वॉलेंटियर को जुटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। पूर्व सैनिक संपर्क का पता लगाने, समुदाय की निगरानी करने, क्वारंटाइन सुविधाओं का प्रबंधन करने जैसे कार्यों में सहायता प्रदान करेगें। कोविड-19 महामारी से लड़ने के लिए राष्ट्र ने लोगों से स्पष्ट आह्वान किया है। यह स्वागतयोग्य है कि पूर्व सैनिक अपने आदर्श "स्वयं से पहले सेवा" का ध्यान में रखते हुए सेवा और सहायता प्रदान करने के लिए तैयार हैं। पूर्व सैनिक अनुसासित, प्रेरणा ...
भारतीय वायु सेना का  कोरोना वायरस से लड़ने की दिशा में सहयोग

भारतीय वायु सेना का  कोरोना वायरस से लड़ने की दिशा में सहयोग

जीवन शैली / फिल्में / टीवी
      भारतीय वायु सेना ने नोवेल कोरोनावायरस का प्रबंधन करने के लिए राष्ट्र के प्रयासों में पूर्ण सहयोग करना जारी रखा है।       वायुसेना ने दिल्ली, सूरत, चंडीगढ़ से लेकर मणिपुर, नागालैंड, जम्मू और कश्मीर और लद्दाख में पिछले तीन दिनों में लगभग २५ टन आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति की है। चिकित्सा उपकरणों में व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण, हैंड सैनिटाइज़र, सर्जिकल दस्ताने, थर्मल स्कैनर शामिल हैं। चिकित्सा कर्मियों को भी आवश्यकता अनुसार एयरलिफ्ट किया जा रहा है।  लद्दाख से दिल्ली तक कोरोनावायरस परीक्षण के नमूनों को नियमित रूप से एयरलिफ्ट किया जा रहा है। इसके लिए वायुसेना के सी-१७, सी-१३०, एन -३२, एवरो और डोर्नियर विमानों को आवश्यक्ता अनुसार काम सौंपा जा रहा है। सभी उभरती मांगों को पूरा करने के लिए भारतीय वायुसेना सम्पूर्ण रूप से तत्पर है।   इसके अलावा, देश भर के विभिन्न वायुसेना ठि...
कोविड-19 संकट के दौरान स्वयं की देखभाल और रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाने के लिए आयुर्वेद के उपाय

कोविड-19 संकट के दौरान स्वयं की देखभाल और रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाने के लिए आयुर्वेद के उपाय

जीवन शैली / फिल्में / टीवी
कोविड-19 वैश्विक महामारी के प्रकोप से दुनिया भर में पूरी मानव जाति पीड़ित है। ऐसे में शरीर की प्राकृतिक प्रतिरक्षा प्रणाली (रोग प्रतिरोधक क्षमता) को बेहतर करनाशरीर को निरोगी बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हम सभी जानते हैं कि रोकथाम ही बेहतर इलाज है। हालांकि अभी तक कोविड-19 की कोई दवा नहीं बनी हैलेकिन इस समय निवारक उपाय करना अच्छा रहेगा क्‍योंकि इससे हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी। जीवन का विज्ञान होने के नातेआयुर्वेदस्वस्थ एवं प्रसन्‍न रहने के लिए प्रकृति के उपहारों के इस्‍तेमाल पर जोर देता है। स्‍वस्‍थ जीवन के लिए निवारक उपाय संबंधी आयुर्वेद का व्यापक ज्ञान 'दिनचर्या' और 'ऋतुचर्या' की अवधारणाओं पर आधारित है। यह पादप आधारित विज्ञान है। अपने बारे में जागरूकता, सादगी और सामंजस्य से व्‍यक्ति अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बनाए रखते हुए उसे और बेहतर कर सकता है। आयुर्वेद शास्‍...
अक्ल के पत्थर

अक्ल के पत्थर

TOP STORIES, समाचार
दुखद, त्रासद समाचार है कि इंदौर में कोरोना वायरस की जांच करने जा रही मेडिकल टीम पर पत्थऱ फेंके गये। पत्थरबाजी का जहालत भरा यह  बरताव एकदम पागल कुत्ते के बरताव जैसा है। कुत्ता पागल हो जाये, उसकी मदद करने कोई  जाये, तो वह काट खाता है। कुत्ता कुत्ता होता है, पर इंदौर की मेडिकल टीम को चोट पहुंचा रहे पत्थरबाज तो इंसान थे। इंसान में कब पागल कुत्ता घुस जाये,कहा ना सकता। पागल कुत्ते को मारा जा सकता है। पर पागल कुत्ता टाइप इंसान तो दांव लगने पर मंत्री विधायक बन सकता है। पागल कुत्तों का वोटबैंक नहीं होता। पर पागल कुत्ते की तरह बरताव कर रहे इंसान का अगर वोट बैंक है, तो वह मंत्री विधायक बनकर और बड़े स्तर का कटखना हो सकता है। कुत्तों में अगर वोट बैंक होते, और पागल कुत्तों की आक्रामकता देखकर अगर उनकी विशेष लोकप्रियता होती, तो पागल कुत्ता होना बहुत ही फायदे का सौदा होता। पागल कुत्ता बनने की होड़...
तब्लीगी मरकज” को सील किया जाए 

तब्लीगी मरकज” को सील किया जाए 

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हज़ारों-लाखों लोगों के जीवन पर जीवाणुओं का जान लेवा आक्रमण होने की बढ़ती सम्भावना के उत्तरदायी तब्लीगी मरकज को सील न किया जाना क्या विश्व की कोई न्यायायिक व्यवस्था उचित ठहराएगी? इसके आयोजकों और इसमें सम्मलित होने वाले कट्टरपंथियों पर कठोर दंडात्मक कार्यवाही भारतीय न्यायायिक प्रणाली के अनुसार अवश्यम्भावी होनी चाहिये।तब्लीगी मरकज, निज़ामुद्दीन, दिल्ली में पिछले माह मॉर्च में आये हज़ारों जमातियों ने कोरोना वायरस की आपदा में अपने तुच्छ जिहादी सोच के कारण देश के सामने एक बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। शासन व प्रशासन द्वारा बार-बार चेतावनी देने के उपरांत भी हज़ारों की संख्या में एक ही भवन में एकत्रित होकर कानूनों का खुला उल्लंघन करने वालों ने इसप्रकार अपनी जिंदगी के साथ-साथ देश के करोड़ों लोगों की जिंदगी को भी संकट में डाल दिया है।आज सम्पूर्ण समाज व राष्ट्र इन पापियों के कर्मों को भुगतने के खौफ से आक्रोशित...
इस्लामिक देश बनाने के लिए तबलीगी जमात का भारत सरकार पर वार

इस्लामिक देश बनाने के लिए तबलीगी जमात का भारत सरकार पर वार

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दिल्ली के भीड़भाड़ भरे निजामउद्दीन इलाके में तबलीगी जमात के मुख्यालय से निकाले गए हजारों लोगों में इंडोनेशिया, मलेशिया बंगला देश आदि देशों के नागरिकों का होना भारतीय समाज की आंखें खोलने वाली घटना है. जमात ने तो भारत की पीठ पर वार किया है. वह तो भारत को इस तरह का घाव देना चाह रहा था ताकि भारत कभी उबर ही न सके. अब इस आशंका को तो ठोस आधार मिल चुका है कि तबलीगी जमात के विदेशी कार्यकर्ता भारत को कोरोना वायरस से भयंकर रूप से संक्रमित करना चाह रहे थे. यानी वे भारत की एक बड़ी आबादी को कोरोना का शिकार बनाकर यहां पर इस्लामिक देश बनाने का सपना देख रहे थे. मोटा-मोटी तबलीगी जमात का लक्ष्य तो भारत के मुसलमानों को कट्टरपंथी बनाने और गैर-मुसलमानों को इस्लाम से जोड़ना ही है. यह तो कहने की बातें हैं कि तबलीगी जमात के लोग मुसलमानों को बेहतर मुसलमान बनाने के मार्ग पर लेकर जाते हैं. राजधानी की तबलीगी जमा...
सड़कों पे दौड़ते बदहवास लोग

सड़कों पे दौड़ते बदहवास लोग

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1894 में स्पैनिश फ्लू से भारत में लगभग 2 करोड़ लोग मारे थे जबकि उस वक्त भारत की आबादी 20 करोड़ थी। कोरोना का असर कब तक, कितना घातक और किस किस इलाके में होगा उसका अभी कोई आँकलन नहीं है। कारण यह है कि जब से चीन में कोरोना फैला है तब से दुनिया भर से लगभग 15 लाख लोग भारत आ चुके हैं और ये पूरे भारत में फैल गए हैं। इनमें से कितने लोग कोरोना के पॉजिटिव हैं कोई अंदाजा भी नहीं लगा सकता। क्योंकि कोरोना के परीक्षण करने की बहुत सीमित सुविधाएँ देश में उपलब्ध हैं। ऐसे में विभिन्न देशों के अलग अलग विशेषज्ञों द्वारा भारत में कोरोना के सम्भावित असर पर अनेकों तरह की भविष्यवाणियाँ की जा रही हैं। जो झकझोरने और आतंकित करने वाली हैं। इन सब विशेषज्ञों का मानना है कि भारत बहुसंख्यक गरीब आबादी जिसके लिए सामाजिक दूरी बना कर रहना असम्भव है, अगर वो इस बीमारी की चपेट में आ गई तो इस भयावक स्तिथि पर काबू पाना दुष्कर हो...
सब याद रखा जाएगा…

सब याद रखा जाएगा…

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अलकायदा ने वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमला कर जब तीन हज़ार से ज़्यादा लोगों को मारा तो उसकी विचारधारा से हमदर्दी रखने वालों ने पूरी दुनिया मे इसका जश्न मनाया था। उन्हें लगा कि पहली बार किसी ने अमेरिका को मज़ा चखाया है। उसके बाद अमेरिका ने अफगानिस्तान से लेकर इराक में जो तबाही मचाई वो सबके सामने है। उसने पूरी दुनिया में ढूंढ-ढूंढकर जिस तरह अलकायदा के आतंकियों का सफाया किया वो सबने देखा। वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की घटना ने अमेरिका ज़ुल्म करने का लाइसेंस दे दिया। उसने रासायनिक हथियारों की झूठी बात बोलकर इराक पर भी हमला कर दिया। जो लोग ट्रेड सेंटर की घटना पर जश्न मना रहे थे वही बाद में अमेरिका की इन ज़्यादतियों पर छाती कूटने लगे। गुजरात में फरवरी 2002 के आखिर में इस्लामिक कट्टरपंथियों ने 50 से अधिक कारसेवकों को ज़िंदा जला दिया। एक तरीके से उनका जो मिशन था उसमें वो कामयाब हुए। उसके बाद अगले कुछ दिनों...
भारत बनेगा कोरोना मुक्ति की प्रयोगभूमि

भारत बनेगा कोरोना मुक्ति की प्रयोगभूमि

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कोरोना वायरस अब तक के मानव इतिहास का सबसे बड़ा संकट है, क्योंकि जब भी कोई प्राकृतिक संकट आया, विश्वयुद्ध की स्थितियां बनी या किसी महामारी ने घेरा तो कुछ देशों अथवा राज्यों तक ही वह सीमित रहा लेकिन इस बार का संकट ऐसा है, जिसने समूचे विश्व एवं पूरी मानव जाति को संकट में डाल दिया है। इस महासंकट के निजात पाने में दुनिया की बड़ी-बड़ी शक्तियां धराशायी हो गई या स्वयं को निरुपाय महसूस कर रही है, ऐसे समय में दुनिया की नजरे भारत की ओर लगी है। क्योंकि भारत की जनता एवं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपनी सुनियोजित तैयारियों, संकल्प एवं संयम के जरिये कोरोना को दूसरे चरण में बांध रखा है। दुनिया भारत की ओर आशाभरी निगाहों से देख रही है। भारत में इस महामारी से लड़ने की तैयारी एवं जिजीविषा की दुनिया ने प्रशंसा की है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी स्वीकार किया है कि जनसंख्या के लिहाज से दुनिया के दूसरे सबसे बड़े देश भ...