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Author: Dialogue India

दूसरा सबसे बड़ा हत्यारा है बैक्टीरियल इन्फेक्शन

दूसरा सबसे बड़ा हत्यारा है बैक्टीरियल इन्फेक्शन

Current Affaires, EXCLUSIVE NEWS, TOP STORIES
लैंसेट में प्रकाशित एक नई रिपोर्ट से पता चला है कि ह्रदय रोग के बाद बैक्टीरियल इन्फेक्शन दुनिया का सबसे बड़ा हत्यारा है। ह्रदय रोगों में दिल का दौरा भी शामिल है। पता चला है कि 2019 में इन्फेक्शन की वजह से दुनिया भर में 1.37 करोड़ लोगों की मौत हुई थी। मतलब कि हर आठ में से एक मौत के लिए यह इन्फेक्शन ही जिम्मेवार था। इनमें से 77 लाख मौतों के लिए केवल 33 जीवाणु रोगजनक जिम्मेदार थे, जोकि रोगाणुरोधी प्रतिरोधी और अतिसंवेदनशील दोनों ही हैं। देखा जाए तो वैश्विक स्तर पर होने वाली कुल मौतों में से 13.6 फीसदी मौतों के लिए यह 33 बैक्टीरियल पैथोजन ही जिम्मेदार हैं। वहीं यदि इससे होने वाली मृत्यु दर की बात करें तो वो प्रति लाख की आबादी पर 99.6 दर्ज की गई है।  यही वजह है कि जर्नल द लैंसेट में प्रकाशित इस नई रिसर्च में 204 देशों में इन 33 जीवाणु रोगजनकों और 11 प्रकार के संक्रमणों...
पाकिस्तान में फौजी भ्रष्टाचार

पाकिस्तान में फौजी भ्रष्टाचार

BREAKING NEWS, EXCLUSIVE NEWS, घोटाला
*डॉ. वेदप्रताप वैदिक* पाकिस्तान की फौज को दुनिया की सबसे ज्यादा भ्रष्ट फौज माना जाता है। पाकिस्तान का हर महत्वाकांक्षी नौजवान फौज में भर्ती होना चाहता है, क्योंकि वहां मूंछों पर ताव देकर रहना और पैसा बनाना सबसे आसान होता है। पाकिस्तान के लोग फौजियों का जरूरत से ज्यादा सम्मान करते हैं या उनसे बहुत ज्यादा डरते हैं, कहा नहीं जा सकता। अब से लगभग 40 साल पहले जब मैं पहली बार पाकिस्तान गया तो रावलपिंडी में फौज के मुख्यालय के पास एक दुकान में किताबें खरीदने गया। मुझे देखते ही उस दुकान के मालिक और सारे कर्मचारी मुझे सेल्यूट मारने लगे, क्योंकि उन दिनों मैं सफारी सूट पहना करता था और मूंछें भी थोड़ी बड़ी रखता था। किताबें चुनने के बाद जब मैंने बिल मांगा तो मालिक बोला, सर आप कैसी बात कर रहे हैं? मैं किताबें आपकी कार में रखवा चुका हूँ। मैं पाकिस्तान के कई राष्ट्रपतियों, प्रधानमंत्रियों और बड़े उद्योग...
चुनाव आयोग और ये व्यवस्था के प्रश्न ?

चुनाव आयोग और ये व्यवस्था के प्रश्न ?

BREAKING NEWS, राष्ट्रीय, सामाजिक
चुनाव आयोग और ये व्यवस्था के प्रश्न ?* देश की व्यवस्था अजीब है,हर चुनाव के बाद ई वी एम पर सवाल खड़े होते रहे हैं, अब देश के चुनाव आयुक्त पर ही सवाल उठने लगे हैं | देश के सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयुक्त के तौर पर अरुण गोयल की नियुक्ति के लिए अपनायी प्रक्रिया पर सवाल ही नहीं उठाया बल्कि यह तक कहा कि उनकी फाइल को ‘जल्दबाजी' में मंजूरी दी गयी। सुप्रीम कोर्ट अदालत ने यहाँ कहा कि गोयल की नियुक्ति से जुड़ी फाइल को ‘बहुत तेजी से' क्लियर किया गया।इस पर केंद्र सरकार ने अटॉर्नी जनरल के जरिए कोर्ट से ‘थोड़ा रुकने' के लिए कहा तथा मामले पर विस्तारपूर्वक गौर करने का अनुरोध किया। सवाल देश की व्यस्था पर है, ७५ साल बाद भी देश पारदर्शी चुनाव व्यवस्था क्यों नहीं बना सका ? देश के मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति की प्रक्रिया वैसे भी सवालों की जद में है | सुप्रीम कोर्ट ने इसी सप्ताह ध्यान दिलाया था कि मुख्य ...
सेना किसी भी वक्त पीओके वापस लेने को तैयार है

सेना किसी भी वक्त पीओके वापस लेने को तैयार है

BREAKING NEWS, EXCLUSIVE NEWS, समाचार
साभार...भारतीय सेना उत्तरी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कल रात यह कहकर सनसनी फैला दी कि सेना किसी भी वक्त पीओके वापस लेने को तैयार है !उन्होंने कहा कि बस भारत सरकार के आदेश की प्रतीक्षा है ! कुछ ही दिन बीते जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कश्मीर में कहा था कि पीओके में कश्मीरी भाई नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं !उन्होंने कहा था कि जिस प्रकार इधर के कश्मीर में निर्माण का दौर चला है वैसा ही विकास का दौर एक दिन गिलगित बाल्टिस्तान तक चलने वाला है ! सेना की ओर से ऐसा बयान ऐसे समय आया है जब सर्दियां सिर पर हैं । पाकिस्तान के भीतरी हालात कमजोर हैं , राजनैतिक नेतृत्व बेहद कमजोर है । बाजवा को सेनाध्यक्ष के पद से हटाने की तैयारी चल रही है । नए सेनाध्यक्ष को लेकर खुद सेना में भारी मतभेद हैं । याद रखिए , गृह मंत्री अमित शाह धारा 370 हटाते समय संसद में सीना ठोककर कह चुके हैं ...
ऑस्ट्रेलियाई संसद ने भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते को मंजूरी दी

ऑस्ट्रेलियाई संसद ने भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते को मंजूरी दी

Today News
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई संसद द्वारा भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते को मंजूरी दिए जाने पर ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री श्री एंथनी अल्बनीस को धन्यवाद दिया है। श्री मोदी ने यह भी कहा कि आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते (ईसीटीए) का हमारे व्यापारिक समुदायों द्वारा भरपूर स्वागत किया जाएगा तथा यह भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेगा। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बनीस के एक ट्वीट के जवाब में, प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया; “धन्यवाद पीएम @AlboMP! भारत-ऑस्ट्रेलिया ईसीटीए के लागू होने का हमारे व्यापारिक समुदायों द्वारा भरपूर स्वागत किया जाएगा तथा यह भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेगा।” ...
भारतीय ज्ञान परंपरा के लोप का अधिकार शासक और शासन को नहीं है

भारतीय ज्ञान परंपरा के लोप का अधिकार शासक और शासन को नहीं है

TOP STORIES, सामाजिक
-प्रो. रामेश्वर मिश्र पंकजसभी प्राणी और सभी मनुष्य अपने-अपने कर्तव्य का पालन करें। वे सब स्वधर्म में निरत रहें, इसमें राजा को व्यवधान नहीं डालना चाहिये। प्रजा को स्वधर्म में प्रवृत्त रखने से प्रजा भी सुखी रहती है और शासक भी सुखी रहता है। दोनों इस लोक में भी सुखी रहते हैं और परलोक में भी सद्गति प्राप्त करते हैं। आर्य मर्यादा को व्यवस्थित रखना और वर्णों और आश्रमों की व्यवस्था सुचारू चलती रहे यह देखना शासन का काम है। जो शासन और जो प्रजा इस प्रकार अपनी मर्यादा में रहते हैं, वे कभी दुखी नहीं होते। सदा आनन्दित ही रहते हैं। इस तरह स्पष्ट है कि राजा का काम समाज का अपने मन से पुनर्गठन करना नहीं है। ऐसा पुनर्गठन पाप है। परंतु लोगों की सर्वसम्मति से तथा व्यापक संवाद के द्वारा और शिष्ट परिषदों तथा विद्वत् परिषदों में सम्पन्न विमर्श एवं निर्णयों के द्वारा पुनर्गठन होता रह सकता है।किसी भी स्थिति में भा...
भागी हुई लड़कियों का बाप.. सबसे निरीह होता हैं !!

भागी हुई लड़कियों का बाप.. सबसे निरीह होता हैं !!

TOP STORIES, विश्लेषण, सामाजिक
      वह इस दुनिया का सबसे अधिक टूटा हुआ व्यक्ति होता है। पहले तो वह महीनों तक घर से निकलता नहीं है, और फिर जब निकलता है तो हमेशा सर झुका कर चलता है। अपने आस-पास मुस्कुराते हर चेहरों को देख कर उसे लगता है जैसे लोग उसी को देख कर हँस रहे हैं। वह जीवन भर किसी से तेज स्वर में बात नहीं करता, वह डरता है कि कहीं कोई उसकी भागी हुई बेटी का नाम न ले ले... वह जीवन भर डरा रहता है। वह रोज मरता है। तबतक मरता है जबतक कि मर नहीं जाता।     पुराने दिनों में एक शब्द होता था 'मोछ-भदरा'। जिस पिता की बेटी घर से भाग जाती थी, उसे उसी दिन हजाम के यहाँ जा कर अपनी मूछें मुड़वा लेनी पड़ती थी। यह ग्रामीण सभ्यता का अलिखित संविधान था। तब मनई दो बार ही मूँछ मुड़ाता था, एक पिता की मृत्यु पर और दूसरा बेटी के भागने पर। बेटी का भागना तब पिता की मृत्यु से अधिक पीड़ादायक समझा जाता था। तब और अब में बस इतना इतना ही...
सबकी पहुँच में हो न्याय

सबकी पहुँच में हो न्याय

TOP STORIES, सामाजिक
डॉ. शंकर सुवन सिंहसामाजिक व्यवस्था का नियंत्रण कानून के द्वारा ही संभव है| क़ानून का उद्देश्य प्रत्येक पीड़िततक न्याय को पहुँचाना है। न्याय के बिना कानून की कल्पना करना व्यर्थ है। न्याय को अंग्रेजीमें जस्टिस कहते है|जस्टिस शब्द लैटिन भाषा के जस से बना है, जिसका अर्थ है- बाँधना याजोड़ना। न्याय और व्यवस्था एक दूसरे के पूरक हैं। बिना न्याय के किसी भी व्यवस्था कासंचालन असंभव है| न्याय का व्यवस्था से स्वाभाविक सम्बन्ध है। न्यायिक व्यवस्था समुदायों औरसमूहों को एक सूत्र में बाँधती है| मेरियम के अनुसार, न्याय उन मान्यताओं तथा प्रक्रियाओं कायोग है जिनके माध्यम से प्रत्येक व्यक्ति को वे सभी अधिकार तथा सुविधाएँ प्राप्त होती हैं जिन्हेंसमाज उचित मानता है। न्याय, पीड़ित व्यक्ति को बल प्रदान करता है| पीड़ित व्यक्ति न्यायव्यवस्था का लाभ लेने के लिए दर दर की ठोकरें खाता है| न्यायिक प्रक्रिया सुगम और सरलहोनी ...
वीर सावरकर कौन थे

वीर सावरकर कौन थे

EXCLUSIVE NEWS, TOP STORIES, राष्ट्रीय
वीर सावरकर कौन थे..? जिन्हें आज कांग्रेसी और वामपंथी कोस रहे हैं! *ये 25 बातें पढ़कर आपका सीना गर्व से चौड़ा हो उठेगा। इसको पढ़े बिना आज़ादी का ज्ञान अधूरा है!* *आइए जानते हैं एक ऐसे महान क्रांतिकारी के बारे में जिनका नाम इतिहास के पन्नों से मिटा दिया गया। जिन्होंने ब्रिटिश हुकूमत के द्वारा इतनी यातनाएं झेली की उसके बारे में कल्पना करके ही इस देश के करोड़ों भारत माँ के कायर पुत्रों में सिहरन पैदा हो जायेगी।* *जिनका नाम लेने मात्र से आज भी हमारे देश के राजनेता भयभीत होते हैं क्योंकि उन्होंने माँ भारती की निस्वार्थ सेवा की थी। वो थे हमारे परम वीर सावरकर।* 1. वीर सावरकर पहले क्रांतिकारी देशभक्त थे जिन्होंने 1901 में ब्रिटेन की रानी विक्टोरिया की मृत्यु पर नासिक में शोक सभा का विरोध किया और कहा कि वो हमारे शत्रु देश की रानी थी, हम शोक क्यूँ करें? क्या किसी भारतीय महापुरुष के नि...
उत्तर प्रदेश : पर्यटन से लगेंगे विकास के पंख

उत्तर प्रदेश : पर्यटन से लगेंगे विकास के पंख

BREAKING NEWS, TOP STORIES
प्रदेश की नई पर्यटन नीति से युवा को मिलेगा रोजगार और विकास को बलमृत्युंजय दीक्षितउत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भीअपनी लोकप्रियता के कारण हिमाचल और गुजरात में जम कर चुनाव प्रचार कर रहे हैं किन्तु उनकी दृष्टि एक पल के लिए भी अपने प्रदेश के विकास कार्यक्रमों से नहीं हटती, वे इस व्यस्तता के बीच भी प्रदेश के विकास के लिए नई नीतियों पर विचार मंथन करते हुए उन्हें अनुमति प्रदान कर रहे हैं। प्रदेश की कानून व्यवस्था लगातार सुधार की ओर अग्रसर है अतः अब प्रदेश सरकार एक ट्रिलियन डॉलर (10 ख़रब अमेरिकी डॉलर) की अर्थ व्यवस्था का लक्ष्य लेकर निवेश को गति प्रदान करने का काम कर रही है। इस दिशा में कई नीतिगत प्रयास हो रहे हैं और प्रदेश की नई पर्यटन नीति भी इसी का एक अंग है जो निवेशकों को आकर्षित करने का काम करेगी ।प्रदेश सरकार की नई पर्यटन नीति बहुआयामी विकास को धार देने वाली है और यदि इसको सही ...