कृषिप्रधान भारत देश में किसानों की आत्महत्या के लिए केंद्र सरकार ही जिम्मेदार है।
किसानों के खेती पैदावारी को खर्चेपर आधारित सही दाम मिले, इसलिए राज्य में कृषिमूल्य आयोग स्थापित किया है। राज्यों के सभी कृषि विद्यापीठ, कृषि विशेषज्ञ, वैज्ञानिक किसानों के खेती उपज के हर फसल पर शास्त्रीय तरिके से और किसानों के अनुभव के आधार पर अध्ययन करते है। इस अध्ययन के माध्यम से हर फसल उपज पर कितना खर्चा आता है?और उसे खर्चे पर आधारित कितना दाम मिलना चाहिए, इसकी फसलवार रिपोर्ट केंद्रीय कृषि लागत और मूल्य आयोग (CACP) को भेजती है।
केंद्रीय कृषि लागत और मूल्य आयोग (CACP) ने राज्य से आये कृषिमूल्य आयोग के अहवाल पर अध्ययन करना चाहिए। अध्ययन कर के कृषि उपज के मूल्य निर्धारित करना चाहिए। अगर राज्य कृषि मूल्य आयोग के अहवाल पर कोई संदेह है तो, उसके निवारण के लिए दोनों आयोगोंने विचारविमर्श कर के किसानों के कृषि उपज के दाम खर्चे पर आधारित निश्चित करना जरूरी है।
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