Shadow

Author: dindiaadmin

नूरा कुश्ती सी है माया – नसीमुद्दीन की लड़ाई

नूरा कुश्ती सी है माया – नसीमुद्दीन की लड़ाई

BREAKING NEWS
माया की माया की बदौलत दो लाख करोड़ से अधिक के मालिक नसीमुद्दीन सिद्दीकी जिस प्रकार बहनजी बहनजी कहते फोन वार्ता में माया से बातें कर रहे हैं उससे इन दोनों के रिश्तों को नजदीकी से जानने वाले हँस ही रहे हैं। 20 - 30 लाख करोड़ की माया और उनके बाएं दाएं वाले नसीमुद्दीन और सतीश मिश्रा ने माया के आँख और कान आनंद के साथ मिलकर यह पूर्व नियोजित स्वांग रचा है। लक्ष्य स्पष्ट है माया स्वयं को हिंदूवादी दिखा मोदी और योगी की नज़रों में चढ़ना चाहती हैं ताकि कालेधन पर किसी भी कार्यवाही से बच सकें। उधर नसीमुद्दीन अपना खोया मुस्लिम वोट बैंक वापस पा लें और जब लोकसभा चुनावों का समय आए तो फिर एक। नसीमुद्दीन ने जिस प्रकार माया पर गुंडों और माफिया की फ़ौज होने और उनको मरवा देनेकी बात कही यह इक प्रकार से मोदी और योगी को अप्रत्यक्ष धमकी भी है। कुछ लोग इसके तार चड्ढा काण्ड से जोड़कर भी देख सकते हैं। कुल मिलाकर अपनी अपनी ...
लेफ्ट क्यों घबराया  भाजपा से केरल में ?

लेफ्ट क्यों घबराया भाजपा से केरल में ?

TOP STORIES
केरल में भाजपा और संघ के जुझारू प्रतिबद्धता के साथ काम करने वाले कार्यकर्ताओं की नियमित रूप से होने वाली नृशंस हत्याओं पर अपने को मानवाधिकारवादी कहने वालों की चुप्पी सच में भयभीत करती है। ये बुरहान वानी से लेकर याकूब मेमन के मानवाधिकारों के लिए जार-जार आंसू बहाते रहे हैं। पर इनका तब कलेजा नहीं फटता था, जब केरल में माकपा के गुंडे संघ और भाजपा के कार्यकर्ताओं का खून करते हैं। यह सिलसिला दशकों से चल रहा है। अब भाजपा इसका वैचारिक स्तर पर जवाब देगी। अब गोली और हथियारों के जवाब में भाजपा और संघ का राष्ट्रवाद का सिंद्धात चुनौती देगा माकपा को केरल में। केरल में राष्ट्र विरोधी ताकतों के बढ़ते असर से भाजपा का शीर्ष नेतृत्व बेखबर नहीं है। इसलिए उसने गॉड्स ओन कंट्री में वामपंथी विचारधारा से निपटने के लिए मिशन मोड में काम करने का फैसला किया है। हाल ही में उड़ीसा में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शा...
अमित शाह के स्वर्णकाल की  कल्पना!

अमित शाह के स्वर्णकाल की कल्पना!

राष्ट्रीय
द्वारा शिवानन्द द्विवेदी राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में अमित शाह द्वारा जताई गयी मंशा साफ़ संकेत करती है कि अभी वे इतने भर से संतुष्ट नहीं है बल्कि भाजपा के विस्तार के लिए वो परिश्रम की पराकाष्ठा तक जाएंगे. रतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक इसबार देश के पूरब छोर पर स्थित ओडिसा के भुवनेश्वर में हुई। इस कार्यकारिणी बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि अभी यह भाजपा का स्वर्ण काल नहीं है। उनका आशय यह था देश के हर राज्य में हर स्तर तक भाजपा की सरकार बनाना उनका लक्ष्य है। अभी की स्थिति में अगर देखें तो निर्विवाद रूप से भाजपा दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी है। देश के सत्रह राज्यों में भाजपा और इसके गठबंधन की सरकारें हैं। तेरह राज्यों में अकेले भाजपा की सरकार है। देश के 58 फीसद भूभाग पर भाजपा की सत्ता है। इतने के बावजूद भी अगर भाजपा अध्यक्ष कहते हैं कि यह भाजपा का ...
आस्था बचाने से रुकेगा  गोवंश का कत्ल

आस्था बचाने से रुकेगा गोवंश का कत्ल

EXCLUSIVE NEWS
अरूण तिवारी उत्तर प्रदेश में बूचडख़ानों को इस आधार पर बंद किया गया कि वे कानूनन अवैध थे। गोरक्षा के नाम पर हिंसात्मक कार्रवाई करने वालों को भी इसी आधार पर चुनौती दी जा रही है कि उनकी हरकत कानूनन अवैध व अमानीवीय है। गोरक्षा के लिए औजार के तौर पर मांग भी गोवंश-कत्ल पर पाबंदी कानून के रूप में सामने आई है। किंतु दुखद है कि गोरक्षा के मुद्दे पर पक्ष-विपक्ष के बंटवारे का आधार कानून अथवा मानवता न होकर, संप्रदाय व दलीय राजनीति हो गया है। हिंदू संगठन यह स्थापित करने में जुटे हैं कि हिंदू, गाय के पक्षधर हैं और मुसलमान, गाय के दुश्मन हैं। मुद्दे पर राजनैतिक दलों के बंटवारे का आधार यह है कि वे मुसलमानों के पक्षधर हैं अथवा हिंदुओं के। राजनैतिक विश्लेषक इसेे गाय अथवा संप्रदाय की पक्षधरता की बजाय, वोट को अपनी-अपनी पार्टी के पक्ष में खींचने की कवायद के रूप में देख रहे हैं। मेरा मानना है कि राजनीति, राज...
अर्थचिंतन – गौधन बनाम डॉलर

अर्थचिंतन – गौधन बनाम डॉलर

EXCLUSIVE NEWS
शुरू से ही पूरब और पश्चिम में अर्थव्यवस्था को लेकर श्रेष्ठता का और वर्चस्व का संघर्ष रहा है जो आज तक कायम है। जहां भारतीय अर्थव्यवस्था का आधार प्रकृति आधारित रहा वहीं पश्चिम की अर्थव्यवस्था का आधार मशीनीकृत विकास रहा। प्रकृति का अर्थ था प्रकृति में उपस्थित हर जीव को अर्थव्यवस्था में उपयुक्त स्थान देना, फिर चाहे वह पशु हो या कीट। भारत में प्राचीन काल से ही कृषि एवं व्यापार दोनों की समान प्रमाण प्राप्त हुए हैं। यदि कहा जाए कि व्यापार ही किसी भी सभ्यता के जीवन का आधार है। व्यापार के लिए एक माध्यम की आवश्यकता होती है, व्यापार के लिए विनिमय की आवश्यकता होती है। प्राचीन समय में यदि हम देखें तो गौ आधारित तमाम तरह के व्यवसाय दिखते हैं और भारत में गाय के माध्यम से एक करुणा और संवेदना का भी विस्तार होता रहा है। जब तक गौ के प्रति समाज सहिष्णु रहा तब तक एक दूसरे के प्रति भी सहिष्णुता रही, धैर्...
वैदिक मार्गदर्शन से बचेंगे  जल प्रलय से

वैदिक मार्गदर्शन से बचेंगे जल प्रलय से

सामाजिक
सूर्य नारायण अपने पूरे तेवर दिखा रहे हैैं। ये तो आगाज है 10 साल पहले ही जलवायु परिवर्तन के विशेषज्ञों द्वारा चेतावनी दे दी गई थी कि 2035 तक पूरी धरती के जलमग्न हो जायेगी। ये चेतावनी देने वाले दो वैज्ञानिकों को, राजेन्द्र पचौरी व भूतपूर्व अमेरिकन उप. राष्ट्रपति अलगौर को ग्लोबल पुरस्कार से नवाजा गया था। इस विषय पर एक डॉ1यूमेंट्री 'द इन्कवीनियेंट टू्रथÓ को भी जनता के लिए जारी किया गया था। विश्व के 3000 भूगर्भशास्त्रियों ने एक स्वर में ये कहा कि अगर जीवाष्म ईंधन यानि कोयला, डीजल, पेट्रोल का उपभोग कम नहीं किया गया, तो वायुमंडल में कार्बनडाई ऑञ्चसाइड व ग्रीन हाऊस गैस की वायुमंडल में इतनी मोटी धुंध हो जायेगी कि सूर्य की किरणें उसमें में से प्रवेश करके धरती की सतह पर जमा हो जायेंगी और बाहर नहीं निकल पायेंगी। जिससे धरती का तापमान 2 डिग्री से बढ़कर 15 से 17 डिग्री तक जा पहुंचेगा। जिसके फलस्वरूप उîार...
बनेगी रिफाइनरी बदलेगी सूरत

बनेगी रिफाइनरी बदलेगी सूरत

राज्य
रामस्वरूप रावतसरे जस्थान के बाड़मेर के पचपदरा में 4 साल बाद यानी 2021 में रिफाइनरी बनकर तैयार हो जाएगी। इस रिफाइनरी की क्षमता 9 मिलियन टन होगी, यानी इतने तेल का उत्पादन सालाना होगा। इसके लिए फि र से राज्य सरकार और एचपीसीएल के बीच एमओयू किया गया है। सरकार और एचपीसीएल के बीच एमओयू के दौरान केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और सीएम वसुंधरा राजे भी मौजूद थे। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, राजस्थान की 26 फीसदी की भागीदारी इस रिफाइनरी के उत्पादन में रहेगी। यह रिफाइनरी बीएस-6 मानक वाली होगी। एचपीसीएल ने दुनिया की सबसे आधुनिक टैक्नोलॉजी के साथ काम करने का एमओयू किया है। इसकी लागत करीब 43 हजार करोड़ रुपए होगी। केंद्र भी 27 हजार करोड़ रुपए का निवेश करेगा। राजस्थान में इतनी बड़ी निवेश पहले कभी नहीं हुआ। एचपीसीएल की भी पूरी अपनी लाइफ में यह सबसे बड़ा निवेश है।आने वाले 3 साल में...
256,556 समाचार पत्रों के टाइटल निरस्त  पुराने विज्ञापनों की जांच शुरू, अपात्र अखबारों से वसूली के निर्देश

256,556 समाचार पत्रों के टाइटल निरस्त पुराने विज्ञापनों की जांच शुरू, अपात्र अखबारों से वसूली के निर्देश

EXCLUSIVE NEWS
मोदी सरकार ने पिछले एक साल की जांच के बाद ढाई लाख से अधिक अखबारों का टाईटल निरस्त कर दिया है साथ ही सैंकड़ों अखबारों को डीएवीपी की सूची से बाहर कर दिया है। इसके साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों की एक टीम को पुरानी सारी गड़बड़ी की जांच के निर्देश दिए हैं। इसमें अपात्र अखबारों और मैंगजीन को सरकारी विज्ञापन देने की शिकायतों की जांच भी शामिल है। इसमें गड़बड़ी पाए जाने पर रिकवरी और कानूनी कार्रवाई के निर्देश भी हैं। इसके चलते मीडियाजगत में हड़कंप है। मोदी सरकार द्वारा सख्ती के इशारे के बाद आरएनआई यानि समाचार पत्रों के पंजीयक का कार्यालय और डीएवीपी यानि विज्ञापन एवं दृश्य प्रचार निदेशालय काफी सख्त हो चुके हैं. समाचार पत्र के संचालन में जरा भी नियमों को नजरअंदाज किया गया तो आरएनआई समाचार पत्र के टाईटल पर रोक लगाने को तत्पर हो जा रहा है. उधर, डीएवीपी विज्ञापन देने पर प्रतिबंध लगा दे रहा है. देश के इति...
मुख्यमंत्री दें तीनो प्राधिकरणों की सीबीआई जाँच के आदेश – मौलिक भारत

मुख्यमंत्री दें तीनो प्राधिकरणों की सीबीआई जाँच के आदेश – मौलिक भारत

घोटाला
मौलिक भारत के राष्ट्रिय उपाध्यक्ष कै. विकास ने मुख्यमंत्री उप्र को नोएडा / ग्रे नोएडा एवं यमुना एक्सप्रेस वे अथारिटी में व्याप्त भ्रष्टाचार के विषय में पत्र लिखकर व्यापक जांच की मांग की उन्होंने अपने पत्र में लिखा कि वो कई वर्षो से नोएडा / ग्रे नोएडा एवं यमुना एक्सप्रेस वे अथारिटी में व्याप्त भ्रष्टाचारों के खिलाफ स्वयं तथा अपनी संस्था मौलिक भारत के माध्यम से आवाज उठाता चला आ रहे हूँ यहाँ पर हुये फार्म हाउस घोटाला , ग्रुप हाउसिंग घोटाला , व्यावसायिक भूमि ( ष्टशद्वद्वद्गह्म्ष्द्बड्डद्य रुड्डठ्ठस्र) घोटाला , सिटी सेंटर घोटाला , ष्ठहृष्ठ टोल घोटाला , यादव सिंह के द्वारा दिये गए ठेके के घोटाले , श्रम संबिदा मजदूरों का घोटाला आदि को लखनऊ / दिल्ली / नोएडा में प्रेस वार्ता करके , लोकायुक्त में शिकायतें दर्ज करके , उच्च एवं उच्चतम न्यायलय में याचिकाये दायर करके उजागर कर चुका हूँ यादव सिंह ...
भाजपा की मिशन-2019 की तैयारी शुरू सुस्त सांसदों के कटेंगे टिकट

भाजपा की मिशन-2019 की तैयारी शुरू सुस्त सांसदों के कटेंगे टिकट

राष्ट्रीय
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत हासिल करने के बाद भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व की नजर अब वर्ष 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव पर टिक गई है। भाजपा के आंतरिक सर्वे के अनुसार 2019 के चुनाव में 20 से 25 ऐसे सांसदों का टिकट कटना लगभग तय है, जिनकी छवि उनके संसदीय क्षेत्रों में अच्छी नहीं है। विधानसभा चुनाव में प्रचार के दौरान ही आला कमान के इशारे पर उप्र के ऐसे सांसदों की सूची तैयार की गई थी, जिनकी जनता के बीच नकारात्मक छवि बनी हुई है। उप्र में भाजपा के सभी 71 सांसदों में से 40 सांसदों की सूची तैयार की गयी है और इस सूची में आने वाले सांसदों को अपने संसदीय क्षेत्रों में अपनी छवि ठीक करने की हिदायत दी गयी है। विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा के जिन 40 सांसदों को मौका दिया गया, उनमें से लगभग 15 सांसदों ने अपने संसदीय क्षेत्रों में अपनी वापसी सुनिश्चित कराई और Óपरिवर्तन यात्राओं...