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Author: dindiaadmin

अजन्मे बच्चे के अधिकारों की रक्षा का बड़ा मानवीय फैसला

अजन्मे बच्चे के अधिकारों की रक्षा का बड़ा मानवीय फैसला

EXCLUSIVE NEWS, राष्ट्रीय, सामाजिक
- ललित गर्ग-सुप्रीम कोर्ट की चौखट पर कभी-कभी नैतिक एवं मानवीय मूल्यों से जुड़े मुद्दे भी विचाराधीन आते हैं, भारतीय न्यायालय की विशेषता रही है कि वह ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए अनूठे फैसले लेकर मानवीय एवं नैतिक मूल्यों को मजबूती दी है। ऐसे ही एक मामले में अजन्मे बच्चे की नैतिकता के आधार पर पैरवी खुद सुप्रीम कोर्ट ने करते हुए एक मिसाल कायम की है। सुप्रीम कोर्ट ने छब्बीस सप्ताह का गर्भ गिराने की मांग करने वाली याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी है कि चूंकि भ्रूण का विकास सामान्य है इसलिए उसे जन्म लेना चाहिए। अदालत ने यह भी कहा कि बच्चे की स्थिति एक दम सही है और उसे जन्म मिलना ही चाहिए। अदालत कह चुकी है कि महिला यदि चाहे तो पैदा होने वाले बच्चे को जन्म के बाद सरकार को सौंप सकती है। इसी मामले की सुनवाई के दौरान कुछ दिन पहले सीजेआइ डीवाई चंद्रचूड ने कहा था कि बेशक मां की स्वायत्तता बड़ी है, प...
निठारी काण्ड: सीबीआई पर फिर उठे सवाल

निठारी काण्ड: सीबीआई पर फिर उठे सवाल

BREAKING NEWS, TOP STORIES, घोटाला, विश्लेषण
*रजनीश कपूरजब भी कभी कोई न सुलझने वाला अपराध होता है तो मामला देश की सर्वोच्च जाँच एजेंसी, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो(सीबीआई) को सौंप दिया जाता है। इसी उम्मीद से कि यह एजेंसी देश की सबसे काबिल और श्रेष्ठ जाँच एजेंसी है। परंतु क्यासीबीआई में कार्य करने वाले अधिकारी हर अपराध की तह तक आसानी से पहुँच पाते हैं? क्या इन जाँच अधिकारियों कोअपराध के सभी प्रमाण व अन्य जानकारियाँ आसानी से मिल जाती है? क्या अपराध के सीन पर सबसे पहले पहुँची स्थानीयपुलिस अपना काम पूरी तत्पर्ता से करती है और क्राइम सीन पर किसी भी तरह के सुबूत को मिटाती नहीं है? क्या दोषी कोसज़ा दिलवाने के लिए पुलिस और सीबीआई एक ठोस केस बना पाते हैं जो अदालत में टिका रहे और आरोपी को सज़ा मिलजाए? अफ़सोस की बात है कि ऐसे सवालों का जवाब प्रायः हमें ‘नहीं’ में मिलता है। ऐसे अनेकों उदाहरण मिल जाएँगे जहांअपराध के कई चर्चित मामलों सीबीआई को कोर्ट ...
अदालत का फैसला भारतीय संस्कृति की जीत है

अदालत का फैसला भारतीय संस्कृति की जीत है

EXCLUSIVE NEWS, TOP STORIES, विश्लेषण, संस्कृति और अध्यात्म
- ललित गर्ग - समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता का मुद्दा भारतीय जनजीवन में लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है। देश की शीर्ष अदालत सुप्रीम कोर्ट ने समलैंगिक शादी को स्पेशल मैरिज ऐक्ट के तहत मान्यता देने से इनकार कर वाकई ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। देखा जाये तो सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संवैधानिक बेंच का यह फैसला भारतीय संस्कृति, भारतीय परम्पराओं, जीवनमूल्यों, संस्कारों, आदर्शों और भारतीयता की जीत है। अदालत ने समलैंगिक कपल को बच्चे गोद लेने का हक भी देने से इंकार किया है। अदालत का फैसला भारतीय जन भावनाओं एवं संस्कारों की पुष्टि भी करता है साथ ही भारतीय मूल्यों, संस्कृति एवं आदर्शों को धुंधलाने एवं आहत करने वाली विदेशी ताकतों को चेताता है जो कि भारत का सामाजिक एवं पारिवारिक चरित्र बिगाड़ने की साजिश रच रहे हैं। निश्चित ही अदालत का यह सराहनीय फैसला भारत की अतीत से चली आ रही विवाह परम्परा एव...
राजस्थान में बदलाव की बयार

राजस्थान में बदलाव की बयार

BREAKING NEWS, TOP STORIES, राज्य
रमेश सर्राफ धमोरा राजस्थान में पिछले तीस वर्षों से हर पांच साल बाद सत्ता बदलने का रिवाज चला आ रहा है। अगले महीने होने वाले राजस्थान विधानसभा के चुनाव में जहां भाजपा हर बार राज बदलने के रिवाज को बनाए रखने का प्रयास कर रही है। वही सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी फिर से सरकार बनाकर रिवाज बदलना चाहती है। चुनाव में दोनों ही पार्टियों पूरे दमखम के साथ उतरने जा रही है। तीसरे मोर्चे के रूप में बसपा, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी, आम आदमी पार्टी, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिममीन, भारतीय आदिवासी पाटी, वामपंथी पार्टिया जैसे छोटे राजनीतिक दल भी प्रदेश की राजनीति में तीसरी शक्ति बनकर सत्ता की चाबी अपने हाथ में लेना चाहते हैं। राजस्थान में पिछले 30 वर्षों से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कांग्रेस की मुख्य धुरी बने हुए हैं। तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके अशोक गहलोत के इर्द-गिर्द ही कांग्रेस की राजनीति घ...
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा’ पर घूस लेकर संसद में सवाल पूछने का आरोप

टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा’ पर घूस लेकर संसद में सवाल पूछने का आरोप

EXCLUSIVE NEWS, TOP STORIES, विश्लेषण, सामाजिक
रामस्वरूप रावतसरेलोकसभा में अपने बयानों के कारण अक्सर विवादों में रहने वाली महुआ मोइत्रा पर बड़ा आरोप लगा हैं कि वो भले ही टीएमसी की सांसद हैं और कृष्णानगर लोकसभा सीट से जनता द्वारा चुनकर लोकसभा भेजी गई हैं, लेकिन वो पैसों के लिए जनता और राष्ट्र के हित की नहीं बल्कि व्यवसायी दर्शन हीरानंदानी के लिए काम करती हैं। ये आरोप एक मशहूर वकील ने आँकड़ों के साथ लगाए है, जिसपर एक्शन लेने की माँग करते हुए भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखा है। इस मामले में महुआ मोइत्रा ने पलटवार भी किया है और कहा है कि पहले जिन लोगों पर मैंने आरोप लगाए हैं, उन पर कार्रवाई की जाए, फिर मेरे दरवाजे पर आया जाए।भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को लिखे पत्र में सुप्रीम कोर्ट के वकील जय अनंत देहाद्राई का हवाला दिया है। अपने पत्र में भाजपा सांसद ने टीएमसी की सांसद महुआ मोइत्रा पर लोक...
संकट के मित्र इजराइल का साथ देने का वक्त

संकट के मित्र इजराइल का साथ देने का वक्त

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आर.के. सिन्हा चरमपंथी संगठन हमास ने इजराइल पर अचानक हमला करके जिस तरह का नृशंस भीषण कत्लेआम किया, उसकी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तरफ से की गई त्वरित निंदा से यह साफ हो गया है कि भारत अब इजराइल से किसी प्रकार की दूरी बनाने के लिए तैयार नहीं है। हां, भारत की यह दिली चाहत है कि फिलिस्तीनी संकट का कोई स्थायी समाधान निकले। हमास के इजराइल पर बिना कारण अचानक हमले के बाद दुनिया के बहुत से देश इजराइल के साथ स्वाभाविक रूप से खड़े हो गए। भारत भी इजराइल के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। इजराइल भारत के सच्चे मित्र के रूप में संकट के समय लगातार सामने आता रहा है। यह बात अलग है कि फिलिस्तीन मसले पर इंदिरा गाँधी के समय आजतक भारत आंखें मूंद कर अरब संसार के साथ खड़ा रहा। कश्मीर के सवाल पर अरब देशों ने सदैव पाकिस्तान का ही साथ दिया। लेकिन, इजराइल ने संकट के समय तो हमेशा भारत की हर...
भारत के चांद तक के सफर की पूरी कहानी

भारत के चांद तक के सफर की पूरी कहानी

BREAKING NEWS, TOP STORIES, राष्ट्रीय, सामाजिक
भारत ने 90 के दशक में जब पहला ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण वाहन (पीएसएलवी) लाॅन्च किया तभी से चांद की रहस्यमयी सतह छूने के वैज्ञानिक प्रयास तेज हो गए। लगभग तीन दशक बाद आखिरकार भारत ने इतिहास दर्ज करते हुए चंद्रमा के उस अंधेरे भू-भाग को छू लिया जिसे दुनिया के बड़े और विकसित देश भी दर्जनों मून मिशन के जरिए नहीं कर पाए। भारत अब चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव यानी अंधेरे पक्ष का उजाला दुनिया के सामने रख रहा है। चंद्रयान-3 लगातार मानव कल्याण के लिए हर वो जानकारी साझा कर रहा है जिससे दुनिया का दूसरे उपग्रह या ग्रहों का सफर आसान हो जाएगा By Rohini K Murthy  यह चंद्रमा की पहली फार साइड फोटो है। अक्टूबर 1959 में लूना 3 स्पेसक्राफ्ट को कजाकिस्तान के बैकोनूर कॉस्मोड्रोम से लॉन्च किया गया था। यह तीसरा स्पेसक्राफ्ट था जो चंद्रमा पर पहुंचा और इसने पहली बार मून फार साइड की फोटो भेजी। फोटो : ना...
गरीबी हटाओ’ में गरीब हट गए, लेकिन गरीबी नहीं हटी

गरीबी हटाओ’ में गरीब हट गए, लेकिन गरीबी नहीं हटी

BREAKING NEWS, TOP STORIES, समाचार
अन्तर्राष्ट्रीय गरीबी उन्मूलन दिवस- 17 अक्टूबर, 2023‘गरीबी हटाओ’ में गरीब हट गए, लेकिन गरीबी नहीं हटी -ललित गर्ग - दुनियाभर में फैली गरीबी के निराकरण के लिए ही संयुक्त राष्ट्र ने साल 1992 में हर साल 17 अक्टूबर को विश्व स्तर पर गरीबी उन्मूलन दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की। अंतर्राष्ट्रीय आंदोलन एटीडी फोर्थ वर्ल्ड के संस्थापक जोसेफ रेसिंस्की की मृत्यु के चार साल बाद, संयुक्त राष्ट्र ने आधिकारिक तौर पर इस दिवस को मनाने की घोषणा की। जोसेफ रेसिंस्की ने पेरिस में लगाये गये गरीबी उन्मूलन अभियान के मूल स्मारक पत्थर पर उत्कीर्ण पाठ में जहां भी पुरुषों और महिलाओं को अत्यधिक गरीबी में रहने की निंदा करते हुए इसे मानवाधिकारों का उल्लंघन कहा और यह सुनिश्चित करने के लिए एक साथ आना कि इन अधिकारों का सम्मान किया जाए, हमारा गंभीर कर्तव्य है।गरीबी पहले भी अभिशाप थी लेकिन दुनिया में विकास की अ...
इज़रायल हमास युद्ध क्या

इज़रायल हमास युद्ध क्या

BREAKING NEWS, TOP STORIES, विश्लेषण
ईसाई - मुस्लिम युद्ध में बदल जाएगा -इसका दुष्परिणाम हर देश झेलेगा,आज नहीं तो कल, यह युद्ध होगा -वर्तमान में ईरान इसी कोशिश में है - ऐसे आसार बहुत समय से बन रहे थे जिन्हें देख कर लगता था कि एक न दिन विश्व ईसाई-मुस्लिम युद्ध देखेगा - इस्लामिक आतंकियों ने कभी अमेरिका पर, कभी इज़रायल पर और कभी यूरोप के देशों में हमले करके चिंगारी भड़काने की कोशिश की है - ईरान, इराक और पाकिस्तान इस कार्य में आगे रहे हैं - अबकी बार जिस तरह हमास ने यहूदी कौम का नरसंहार किया वह हिटलर के समय में यहूदियों पर की गई बर्बरताके बाद दूसरा प्रयास था यहूदी कौम को ख़त्म करने का - लेकिन इस के पीछे बेशक ईरान का प्रत्यक्ष हाथ नज़र ना आ रहा हो मगर उससे इंकार भी नहीं किया जा सकता, खासकर जिस तरह ईरान इज़रायल के आसपास के इस्लामिक देशों को उसके खिलाफ भड़का रहा है, उसे देख कर यही लगता है कि ईरान इस युद्ध को ईसाई मुस्लिम युद्ध...
नारों से नहीं आचरण से बचेगा सनातन हिंदू धर्म

नारों से नहीं आचरण से बचेगा सनातन हिंदू धर्म

TOP STORIES, धर्म, विश्लेषण, साहित्य संवाद
-विनीत नारायणजब से सोशल मीडिया घर-घर पहुँचा है सब ने अपने परिवारों और मित्रों के ह्वाट्सऐप ग्रुप बना लिए हैं।जिनमें पारिवारिक समाचार से लेकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर रात-दिन बहस चलती रहती है।हमारे परिवार के भी चार पीढ़ी के सदस्य, जो भारत सहित दुनिया के कई देशों में रहते हैं, ऐसे ग्रुप केसदस्य हैं। हमारे इस समूह में तीन ख़ेमे बटे हुए हैं; पहला जो मोदी जी के अंधभक्त हैं। दूसरा जो हिंदुत्व केघोर समर्थक हैं और तीसरा वो जो ईश्वर में तो आस्था रखते हैं परंतु हिंदू रीति रिवाजों या मंदिर जाने मेंउनकी श्रद्धा नहीं है।आजकल टीवी मीडिया में रोज़ाना जिस तरह का धार्मिक उन्माद पैदा किया जाता है उसे देख करप्रभावित हुए हमारे इस समूह में चौथी पीढ़ी के एक युवा ने पिछले दिनों एक पोस्ट डाली, जिसमें उसनेलिखा कि, “हमें भी अपना सनातनी ईको-सिस्टम बनाना चाहिए।” उसकी यह पोस्ट मुझे बहुत रोचकलगी। मैंने पल...