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Author: dindiaadmin

नेहरू चाचा

नेहरू चाचा

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नेहरू चाचा ने इतना सशक्त भारत बनाया था कि 1984 में जब इंदिरा जी मरीं और राजीव जी प्रधानमंत्री बने तो देश मे आम नागरिक को दो बोरी सिमेन्ट लेने के लिये तहसीलदार से परमिट लेना पड़ता था। एक किलो चीनी खरीदने के लिये भी परमिट लगता था। शादी विवाह में एक क्विंटल चीनी लेने के लिये तो लोग महीनों पहले से जुगाड़ सोर्स सिफारिश खोजने लगते थे। 1978 में हम लोग गैंगटॉक सिक्किम में रहते थे। 1975 में ही ताजा ताजा सिक्किम का भारत मे विलय हुआ था। सो भारत सरकार ने सिक्किम राज्य को कुछ सहूलियत सुविधा दे रखी थी। शेष भारत में जहां कि LPG के कनेक्शन के लिये 10 से 15 साल की प्रतीक्षा थी, सिक्किम में तुरंत मिल जाता था। सो हमारे पिता जी ने भी एक LPG कनेक्सन ले लिया… दो साल बाद हम ट्रांसफर हो कर कोटा राजस्थान चले आये… यकीन मानिए कि पूरी कालोनी में हमारा एकमात्र घर था जहाँ LPG थी, पर हमारी माँ फिर भी स्टोव ही जलाती थीं...
छात्रों में बढ़ती आत्महत्या की प्रवृत्ति चिन्ताजनक

छात्रों में बढ़ती आत्महत्या की प्रवृत्ति चिन्ताजनक

EXCLUSIVE NEWS, TOP STORIES, विश्लेषण, सामाजिक
- ललित गर्ग -नया भारत-सशक्त भारत बनाने की बात हो रही है, नई शिक्षा नीति-2020 को प्रभावी तरीके से लागू किया जा रहा, शिक्षा के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करते हुए उस पर सर्वाधिक ध्यान दिया जा रहा है। लेकिन इन सब प्रयत्नों के बावजूद चिंता की बात यह है कि पूरे देश में खुदकुशी करने वाले छात्रों की संख्या बढ़ रही है। साल 2020 में 12500 से अधिक, तो 2021 में 13,000 छात्रों ने आत्महत्या की। ये आंकड़े नैशनल क्राइम रेकॉर्ड ब्यूरो के हैं। कोटा में इसी रविवार को दो और छात्रों ने खुदकुशी कर ली। इसके साथ इस साल कोटा में आत्महत्या करने वाले छात्रों की संख्या 23 हो गई है, जो बहुत ही गंभीर मसला है। राजस्थान की इस शिक्षा नगरी में दो महीनों में 9 छात्रों ने सुसाइड कर चुके हैं। यहां लगातार छात्र आत्महत्या कर रहे हैं, इसके पीछे सरकार, प्रशासन या कोचिंग इंस्टिट्यूट की लापरवाही है या कुछ और? सुसाइड हब बन रहे कोट...
श्रीमद्वाल्मीकि रामायण में अर्थ प्रबन्धन

श्रीमद्वाल्मीकि रामायण में अर्थ प्रबन्धन

TOP STORIES, विश्लेषण, संस्कृति और अध्यात्म
रीमद्वाल्मीकि रामायण में अर्थ प्रबन्धनश्रीमद्वाल्मीकीय रामायण इस पृथ्वी पर प्रथम काव्य ही नहीं महाकाव्य भी है। भारत के लिए यह परम गौरव की बात है। यह पवित्र रामायण हमारी अत्यन्त मूल्यवान धरोहर है। इसका संग्रह पठन पाठन एवं श्रवण कर हम मनुष्य होने का लाभ ले सकते हैं। इस ग्रन्थ में राजा के आर्थिक (वित्तीय) अधिकार, प्रजा के प्रति कर्तव्यों और राज्य की सुव्यवस्था के लिए पूरी-पूरी स्पष्ट व्याख्या की गई है। इसी क्रम में यहाँ राज्य संचालन में आर्थिक प्रबन्धन पर महर्षि वाल्मीकिजी ने अत्यन्त ही सरल शब्दों में वर्णन किया है। यह रामायण में वर्णित आर्थिक (वित्तीय) व्यवस्था का वर्णन आज भी प्रासंगिक है। अत: रामायण सर्वाधिक लोकप्रिय, अजर-अमर (कालजयी) दिव्य तथा कल्याणकारी ग्रन्थ है।भारतीय जनजीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आज मूल्यों का ह्रास की चर्चा है। इसी सन्दर्भ में इस आलेख में महर्षि वाल्मीकि की रामायण म...
दो घटनाओं पर हमारा व्यवहार अलग-अलग

दो घटनाओं पर हमारा व्यवहार अलग-अलग

EXCLUSIVE NEWS, राज्य, सामाजिक
अवधेश कुमारहमारे सामने देश के दो अलग-अलग क्षेत्रों में दो विद्यालय छात्रों की पिटाई का मामला सुर्खियों में है। दोनों में पुलिस कार्रवाई जारी है। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में मंसूरपुर के नेहा पब्लिक स्कूल में 24 अगस्त की घटना पर पूरे देश में तूफान खड़ा हो गया। घटना केवल इतनी है कि शिक्षिका ने एक छात्र को गिनती नहीं सुनाने तथा होमवर्क नहीं करने पर दूसरे विद्यार्थियों से थप्पड़ लगवाए। इसे इस तरह बनाया गया मानो शिक्षिका ने जानबूझकर एक मुस्लिम बच्चों को हिंदू बच्चों से पिटवाया और इसके पीछे सांप्रदायिक भाव था। उस कक्षा में कुल 60 बच्चे हैं जिसमें 40 बच्चे मुस्लिम हैं। छात्र को थप्पड़ मारने वाले चार में से दो बच्चे एक छात्र और एक छात्रा मुस्लिम है। उस छात्र का चाचा वही था और उसने मोबाइल से वीडियो बना लिया । इसे यह कहते हुए प्रसारित किया गया कि हिंदू छात्रों से मुस्लिम छात्र को पिटवाया जा रहा ह...
कैसा चल रहा है ‘दुनिया का दवाखाना’ ?

कैसा चल रहा है ‘दुनिया का दवाखाना’ ?

BREAKING NEWS, TOP STORIES, विश्लेषण
‘दुनिया का दवाखाना’ कहे जाने वाले भारत में ‘जेनेरिक दवा’ मरीज़ों को लिखने न लिखने पर बहस छिड़ी हुई है। संसद में प्रस्तुत आर्थिक सर्वे के अनुसार, विश्व के कुल दवा उत्पादन में 20 प्रतिशत अंश के साथ भारत जेनेरिक दवाओं का सबसे बड़ा निर्माता है। करीब 200 से अधिक मुल्कों को 50 बिलियन डॉलर से अधिक मूल्य की दवाएं निर्यात होती हैं और सभी प्रकार के वैक्सीनों की 60 प्रतिशत भारत में तैयार होती हैं। अमेरिका से इतर भारत में एफडीए मानकों के अनुरूप दवाएं बनाने वाली दवा उत्पादन इकाइयां सबसे अधिक हैं। तभी तो भारत को ‘दुनिया का दवाखाना’ कहा जाता है। भारत देश ने अपने बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए सकल घरेलू उत्पाद का 1.5 प्रतिशत खर्च का प्रावधान किया है। गैर-सरकारी इलाज के लिए लोगों को अपनी जेब से खर्च करना पड़ता है। किसी के ऋणी होने के पीछे इलाज पर होने वाले व्यय एक बड़ा कारण है। इसलिए पूछना तार्कि...
अजीज कुरैशी और स्वामी प्रसाद मौर्य

अजीज कुरैशी और स्वामी प्रसाद मौर्य

TOP STORIES, राष्ट्रीय
अजीज कुरैशी और स्वामी प्रसाद मौर्यकी तरह कोई “हिन्दू” नेता मुस्लिमों केलिए बोल देता तो क्या होता -सुप्रीम कोर्ट के जज कोर्ट कीTables पर ही “ताथा थैया” करके“तांडव” कर रहे होते पर अब चुप हैं - “मोहब्बत की दुकान” में नफरत का माल कैसे बेचा जा रहा है यह कांग्रेस के 83 वर्ष के अजीज कुरैशी के “जहरीले प्रवचनों” ने बता दिया - जनाब ने खुले आम “गृह युद्ध” की धमकी दे दी और कह दिया कि 1 - 2 करोड़ मुसलमान मरने के लिए तैयार बैठे हैं - वो धमकी दे गए कि हम कितने मार सकते हैं, इसका अंदाजा नहीं है आप लोगों को - एक घिसा पिटा narrative सेट करने में लगे हैं कि मुसलमानों पर अत्याचार हो रहा है जो एक हद तक बर्दाश्त करेंगे - कांग्रेस के हिंदुत्व की तरफ बढ़ते क़दमों पर नाराजगी जताते हुए कुरैशी ने कहा कि कांग्रेस के लोग आज हिंदुत्व की बात करते हैं, जय गंगा मैया, जय नर्मदा मैया कहते हैं, ये डूब मरने की बात है - भा...
न्यायपालिका अपराधियों का

न्यायपालिका अपराधियों का

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न्यायपालिका अपराधियों कागठजोड़ दिखाई देता है लालू कीजमानत का केस देख कर -मीलॉर्ड रात को 9 बजे सुनवाईनहीं कर सकते थे क्या ?लालू मोदी की “गर्दन” दबानेकी बात कर रहा है, जानते हो ? CBI ने लालू की जमानत रद्द करने की मांग की थी जिस पर जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस एमएम सुंदरेश की पीठ ने शुक्रवार को मामले को सुनवाई के लिए लगाने पर ही सवाल खड़ा कर दिया और अगली तारीख 17 अक्टूबर, लगा दी - जजों ने इतने पुराने केस के लिए भी कह दिया कि इसे ऐसे दिन लगना चाहिए जब नए केसों की सुनवाई होती है, सोमवार और शुक्रवार इसमें शामिल नहीं हैं - दिसंबर, 2013 में सजा के खिलाफ झारखंड हाई कोर्ट में पहली अपील दायर की थी लालू ने लेकिन आज तक सुनवाई नहीं हुई है जबकि अन्य 4 और केस में कुल मिला कर 32.5 साल की सजा हो चुकी है - एक केस में उसके वकील सिब्बल ने दलील दी की उसने साढ़े तीन साल यानि आधी सजा भुगत ली है और इसलिए...
भाला फेंक में नीरज का स्वर्णिम अभियान

भाला फेंक में नीरज का स्वर्णिम अभियान

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भाला फेंक में नीरज का स्वर्णिम अभियानमृत्युंजय दीक्षितसावन के पवित्र माह में चंद्रयान- 3 की अभूतपूर्व सफलता के बाद भाला फेंक में नीरज ने देशवासियों को यह नई सफलता देकर आनंद से भावविभोर कर दिया है। इस वर्ष का अधिमास सहित सावन अंतरिक्ष व क्रीड़ा जगत में नयी क्रांति का माह बन रहा है।एथलेटिक्स की भालाफेंक प्रतियोगिता में भारत के नीराज चोपड़ा ने हंगरी के बुडापेस्ट में आयोजित विश्व एथलेटिक्स चैपिंयनशिप के फाइनल में पहली बार स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। भालाफेंक में भारत को स्वर्ण दिलाने वाले वह पहले भारतीय एथलीटबन गये हैं।नीरज की सफलता से आज संपूर्ण भारत गर्वित व आनंदित है। नीरज की स्वर्णिम सफलता पर राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित पूरे देश ने बधाई दी है। नीरज ने इस सफलता के साथ ही अगले ओलंपिक के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है। नीरज ने फाइनल में 88.17 मीटर भाला फेंक क...
रोशन रिश्तों को करते हैं ! (रक्षाबंधन विशेष आलेख)

रोशन रिश्तों को करते हैं ! (रक्षाबंधन विशेष आलेख)

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30 अगस्त को राखी(रक्षाबंधन) का पवित्र त्यौहार है। वैसे तो राखी भाई बहन के असीम बंधन, अपनत्व, प्यार और असीम स्नेह का त्योहार है लेकिन आज राखी का यह त्यौहार भाई बहन तक ही सीमित नहीं रह गया है।आज पर्यावरण की रक्षा के लिए पेड़-पौधों को राखी बांधी जाने लगी है, देश की रक्षा, हितों की रक्षा के लिए राखी बांधी जाने लगी है। विशेष रूप से हिंदुओं में प्रचलित यह त्योहार हमारे देश संस्कृति, हमारी परंपराओं का प्रतीक है और यह हमारे संपूर्ण देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी बहुत ही उत्साह, उल्लास, खुशी के साथ मनाया जाता है। पाठकों को यह विदित ही है कि राखी हर साल श्रावण पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। वास्तव में, रक्षा बंधन का यह पर्व परस्पर एक-दूसरे(भाई-बहन) की रक्षा, अपनत्व और सहयोग की भावना निहित है। वास्तव में रक्षाबंधन त्योहार की यदि हम संधि करें और इसके अर्थ को समझें तो इसमें  रक्षा का अर्थ ...
सोलह हजार क्षत्राणियों और बच्चों के साथ चित्तौड़ में रानी पद्मावती का जौहर

सोलह हजार क्षत्राणियों और बच्चों के साथ चित्तौड़ में रानी पद्मावती का जौहर

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26 अगस्त 1303 : सोलह हजार क्षत्राणियों और बच्चों के साथ चित्तौड़ में रानी पद्मावती का जौहर अलाउद्दीन खिलजी की कुटिलता और गोरा बादल के अद्भुत शौर्य की गाथा -- रमेश शर्मा अपने स्वत्व और स्वाभिमान रक्षा के लिये क्षत्राणियों की अगुवाई में स्त्री बच्चों द्वारा स्वयं को अग्नि में समर्पित कर देने का इतिहास केवल भारत में मिलता है । इनमें सबसे अधिक शौर्य और मार्मिक प्रसंग है चित्तौड़ की रानी पद्मावती के जौहर का । जिसका उल्लेख प्रत्येक इतिहासकार ने किया है । इस इतिहास प्रसिद्ध जौहर पर सीरियल भी बने और फिल्में भी बनीं। राजस्थान की लोक गाथाओं में सर्वाधिक उल्लेख इसी जौहर का है ।जौहर के विवरण भारत की अधिकांश रियासतों के इतिहास में मिलता है । जौहर की स्थिति तब बनती थी जब पराजय और समर्पण के अतिरिक्त सारे मार्ग बंद हो जाते थे । जौहर के सर्वाधिक प्रसंग राजस्थान के हैं । वहाँ कोई भी ऐसी रियासत नही...