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भारत को वैश्विक महाशक्ति बनाने का सूत्रधार होंगे अभिनव स्टार्ट-अप’

भारत को वैश्विक महाशक्ति बनाने का सूत्रधार होंगे अभिनव स्टार्ट-अप’

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भारत को वैश्विक महाशक्ति बनाने का सूत्रधार होंगे अभिनव स्टार्ट-अप’ नई दिल्ली, 12 मई (इंडिया साइंस वायर): केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय, राज्य मंत्री पीएमओ और राज्य मंत्री कार्मिक और लोक शिकायत, डॉ जितेंद्र सिंह ने स्वदेशी नवाचार के साथ स्थायी स्टार्ट-अप के निर्माण पर जोर दिया है। डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा, 25 वर्षों के बाद भारत जब अपनी स्वाधीनता के 100 साल पूर्ण करेगा, तब तक देश को विश्व के अग्रणी राष्ट्र के रूप में स्थापित करने के लिए युवा उद्यमियों द्वारा संचालित अभिनव स्टार्ट-अप्स को जिम्मेदारी लेनी होगी। असम के जोरहाट में ‘आइकॉनिक 75 इंडस्ट्री कनेक्ट (आई-कनेक्ट)’ के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए डॉ जितेंद्र सिंह ने यह बात कही है। इस मौके पर डॉ जितेंद्र सिंह ने विश्व स्तरीय उत्पाद बनाने...
कचरा प्रबंधन प्रौद्योगिकी व्यवसायीकरण के लिए वित्तीय सहायता

कचरा प्रबंधन प्रौद्योगिकी व्यवसायीकरण के लिए वित्तीय सहायता

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कचरा प्रबंधन प्रौद्योगिकी व्यवसायीकरण के लिए वित्तीय सहायता नई दिल्ली, 09 मई (इंडिया साइंस वायर): व्यवसायीकरण के चरण में पहुँच चुकी अपशिष्ट प्रबंधन की नवाचारी स्वदेशी प्रौद्योगिकी विकसित करने वाली भारतीय कंपनियों को अब अपनी प्रौद्योगिकी को अगले चरण में ले जाने के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त करने का अवसर मिल सकता है। भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के वैधानिक निकाय प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (टीडीबी) ने अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़ी प्रौद्योगिकी के व्यवसायीकरण के आवेदन आमंत्रित किए हैं। अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़ी आवश्यकता को पूरा करने में सक्षम और स्वच्छता पर ध्यान केंद्रित करने वाले क्षेत्रों में नवाचारी/स्वदेशी प्रौद्योगिकी विकसित करने वाली कंपनियां इस पहल के अंतर्गत आवेदन कर सकती हैं। नगरपालिका ठोस अपशिष्ट, प्लास्टिक अपशिष्ट, निर्माण एवं तोड़फोड़ से निकला मलबा, कृषि अपशि...
किसलिए हो रहा है बिजली-कोयले की किल्लत का शोर

किसलिए हो रहा है बिजली-कोयले की किल्लत का शोर

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किसलिए हो रहा है बिजली-कोयले की किल्लत का शोर आर.के. सिन्हा फिलहाल देश में कोयले और बिजली की किल्लत का माहौल बनाया जा रहा है। इस तरह के हालात निर्मित करने की कोशिशें इसलिए हो रही हैं ताकि देश का जनमानस केन्द्र की मोदी सरकार के खिलाफ खड़ा होने लगे। इस माहौल को हवा-पानी मिल रही है उन राज्यों में जहां पर कोयले के सर्वाधिक भंडार हैं। जैसे झारखंड, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और ओडिशा। गौर कीजिए कि इन सब राज्यों में गैर-भाजपाई सरकारें हैं। अब जरा आगे चलिए। वोट के लालच में फ्री बिजली देने वाले दिल्ली, पंजाब, राजस्थान जैसे राज्य भी गैर-भाजपाई शासित हैं। क्या गर्मियों के मौसम में पहली बार बिजली की खपत बढ़ रही है और बिजली की किल्लत को महसूस किया जा रहा है? नहीं न। दिल्ली में बिजली की कटौती नाम –निहाद हो रही है। पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सियासत करने से पीछे नहीं हट रहे। वे कोयले की कम...
ग्वालियर में बनेगा एरोपॉनिक आधारित आलू बीज उत्पादन केंद्र

ग्वालियर में बनेगा एरोपॉनिक आधारित आलू बीज उत्पादन केंद्र

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ग्वालियर में बनेगा एरोपॉनिक आधारित आलू बीज उत्पादन केंद्र नई दिल्ली, 05 मई (इंडिया साइंस वायर): फसलों को रोगों एवं कीटों से बचाने के लिए जूझ रहे किसानों की मुश्किलें अब बढ़ते प्रदूषण और सिमटती कृषि भूमि की चुनौतियों से और बढ़ गई हैं। इन चुनौतियों से लड़ने के लिए कृषि वैज्ञानिक अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों का विकास करने में जुटे हैं, जिससे फसल उत्पादन और खाद्य सुरक्षा बनी रहे। नये जमाने की अभिनव कृषि तकनीकों में अपनी जगह बना चुकी एरोपॉनिक पद्धति इनमें प्रमुखता से शामिल है। एक नयी पहल के अंतर्गत विषाणु रोग रहित आलू बीज उत्पादन के लिए एरोपॉनिक पद्धति के उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ग्वालियर में एक नया केंद्र स्थापित किया जाएगा, जहाँ आलू के बीजों का उत्पादन करने के लिए खेतों की जोताई, गुड़ाई, और निराई जैसी परंपरागत प्रक्रियाओं की आवश्यकता नहीं होगी। रोगों एवं कीटों के प्रकोप से मुक...
अर्थव्यवस्था : पटरी पर लौट सकती है, बशर्ते

अर्थव्यवस्था : पटरी पर लौट सकती है, बशर्ते

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अर्थव्यवस्था : पटरी पर लौट सकती है, बशर्ते॰॰॰॰!* भारतीय रिजर्व बैंक ने २०२१-२२ की मुद्रा एवं वित्त संबंधी रिपोर्ट में कहा है कि कोरोना दुष्काल में देश की अर्थव्यवस्था को जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई में १० साल से भी अधिक का वक्त लग सकता है। इस दुष्काल से पहले देश की अर्थव्यवस्था तकरीबन चार प्रतिशत वार्षिक की दर से बढ़ रही थी। इसलिए अनुमान लगाया गया है कि बीते दो वर्षों में यह कम से कम ८ प्रतिशत और बढ़ जाती, लेकिन ऐसा नहीं हुआ, और अब यह समय १३ साल हो सकता है। मुख्य सवाल यह है कि क्या हमारी अर्थव्यवस्था २०१९ के स्तर को पार कर चुकी है? आधिकारिक आंकड़े जो चित्र दिखा रहे है, उसमें कई पेंच हैं। जैसे ये आंकड़े सिर्फ संगठित क्षेत्र के हैं, जबकि हमारी अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा असंगठित क्षेत्र के हवाले है। संगठित क्षेत्र में भी पर्यटन, होटल, रेस्तरां जैसे ‘कॉन्टेक्ट सर्विस’ का हाल अब तक बुरा है।...
How Europe due to sanctions has lost US$ 12 billion of aircraft in Russia

How Europe due to sanctions has lost US$ 12 billion of aircraft in Russia

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How Europe due to sanctions has lost US$ 12 billion of aircraft in Russia On 27th Feb 2022, the European Union imposed sanctions on Russia and asked Aircraft leasing companies to terminate their contracts with Russia. According to industry sources, Russia has 980 commercial aircraft in operation, of which 777 are leased aircraft. Of those, 515 are rented from foreign firms, with a majority coming from Ireland-based companies. These aircraft are at present valued at US$ 12 billion. Since Russia and Europe have divorced from one another and have broken most ties, it is an impossible task to get Russia which is part of the Cape Town Convention that makes it easier for lessors to repossess leased aircraft, to cooperate. To make matters worse, EU has closed i...
राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस समारोह में आकर्षण का केंद्र बनी ग्रामीण प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी

राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस समारोह में आकर्षण का केंद्र बनी ग्रामीण प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी

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फीचर राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस समारोह में आकर्षण का केंद्र बनी ग्रामीण प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी गरीबी उन्मूलन, ग्रामीण आत्मनिर्भरता एवं आजीविका बढ़ावा देने में मददगार प्रौद्योगिकी एवं नवाचारों पर केंद्रित जम्मू के सांबा जिले के पल्ली में आयोजित तीन दिवसीय प्रदर्शनी मंगलवार को समाप्त हो गई। इस प्रदर्शनी में ग्रामीण आजीविका एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने से जुड़े वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) के तकनीकी नवाचारों ने लोगों को सबसे अधिक आकर्षित किया। इनमें जम्मू की ‘बैंगनी क्रांति’ का पर्याय बनी लैवेंडर की खेती; सीएसआईआर फ्लोरीकल्चर मिशन; सीएसआईआर-अरोमा मिशन, हींग, केसर, दालचीनी जैसे बहुमूल्य उत्पादों की खेती से जुड़ी प्रौद्योगिकी, एकीकृत कीट प्रबंधन, बाँस अपशिष्ट से चारकोल बनाने की तकनीक, और कृषि उत्पादों को बेचने में मददगार किसान सभा ऐप प्रमुखता से शामिल हैं। इस प्रदर...
घर का वित्त प्रबंधन करने वाली महिलाएं देश की अर्थव्यवस्था में क्यों नहीं ?

घर का वित्त प्रबंधन करने वाली महिलाएं देश की अर्थव्यवस्था में क्यों नहीं ?

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घर का वित्त प्रबंधन करने वाली महिलाएं देश की अर्थव्यवस्था में क्यों नहीं ? --प्रियंका 'सौरभ' देश में नौकरी पाने की आकांक्षा के बजाय अब स्टार्ट-अप और रोज़गार सृजन की ओर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। युवा उद्यमियों के नेतृत्व में देश में हज़ारों महत्त्वाकांक्षी स्टार्टअप्स को प्रेरित किया जा रहा है। हालाँकि उद्यमिता को प्रायः पुरुष प्रधान कार्यक्षेत्र समझकर महिलाओं की अनदेखी की जाती है। भारत को अपनी मजबूत अर्थव्यवस्था के लिये महिला उद्यमिता को इसके आर्थिक विकास में एक बड़ी भूमिका निभानी होगी। संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन के बाद विश्व के तीसरे सबसे बड़े स्टार्टअप भारत के 51 यूनिकॉर्न में से पाँच का नेतृत्व महिलाएँ कर रही हैं। महिलाओं ने फैशन, टेक्सटाइल और होममेड एक्सेसरीज जैसे क्षेत्रों के स्टार्टअप्स में वृद्धि दिखाई है। स्टार्टअप में महिला उद्यमियों के शामिल होने से अनुमान है कि भा...
भारत का कृषि निर्यात 50 बिलियन डॉलर की ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंचा

भारत का कृषि निर्यात 50 बिलियन डॉलर की ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंचा

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वर्ष 2021-22 के लिए कृषि उत्पाद (समुद्री तथा कृषि उत्पाद सहित) का निर्यात 50 बिलियन डॉलर को पार कर गया है। यह अब तक का सबसे अधिक कृषि उत्पाद निर्यात है। वाणिज्यिक जानकारी एवं सांख्यिकी महानिदेशालय (डीजीसीआईएंडएस) द्वारा जारी अनंतिम आंकड़ों के अनुसार 2021-22 के दौरान कृषि निर्यात 19.92 प्रतिशत बढ़कर 50.21 बिलियन डॉलर हो गया। यह वृद्धि दर शानदार है और 2020-21 के 17.66 प्रतिशत यानी 41.87 बिलियन से अधिक है। यह वृद्धि उच्च भाड़ा दरों, कंटेनर की कमी जैसी अप्रत्याशित लॉजिस्टिक चुनौतियों के बावजूद हुई है। पिछले दो वर्षों की यह उपलब्धि किसानों की आय में सुधार के प्रधानमंत्री के विज़न को साकार करने में काफी अधिक सफल होगी। चावल (9.65 बिलियन डॉलर), गेहूं (2.19 बिलियन डॉलर), चीनी (4.6 बिलियन डॉलर) तथा अन्य अनाजों (1.08 बिलियन डॉलर) के लिए यह अब तक का सबसे अधिक निर्यात है। गेहूं निर्यात में अप्रत्याश...
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड की तीन इकाइयों के लिये नई निवेश नीति-2012 की प्रयोजनीयता को बढ़ाने की मंजूरी दी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड की तीन इकाइयों के लिये नई निवेश नीति-2012 की प्रयोजनीयता को बढ़ाने की मंजूरी दी

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केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड की तीन इकाइयों के लिये नई निवेश नीति-2012 की प्रयोजनीयता को बढ़ाने की मंजूरी दी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने उर्वरक विभाग के उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिसमें हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (एचयूआरएल) के तीन संयंत्रों – गोरखपुर, सिंदरी और बरौनी– के लिये नई निवेश नीति (एनआईपी)-2012 की प्रयोजनीयता को विस्तार देने की बात कही गई है। एचयूआरएल का 15 जून, 2016 को निगमीकरण हुआ था। वह कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल), एनटीपीसी लिमिटेड (एनटीपीसी) और इंडियन ऑयल कार्पोरेशन (आईओसीएल) की संयुक्त उपक्रम कंपनी है। एचयूआरएल 12.7 लाख मीट्रिक टन प्रतिवर्ष संस्थापित क्षमता वाले गैस-आधारित यूरिया संयंत्रों की स्थापना करके एफसीआईएल की गोरखपुर और सिंदरी इकाइयों तथा जीएफसीएल की बरौनी इक...