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हिमालय की गोद में ‘बैंगनी क्रांति’

हिमालय की गोद में ‘बैंगनी क्रांति’

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हिमालय की गोद में ‘बैंगनी क्रांति’ अभिनव कृषि पद्धति के माध्यम से किसानों के जीवन में खुशहाली लायी जा सकती है। देश की आत्मनिर्भरता का पर्याय कही जाने वाली ‘हरित क्रांति’ की तर्ज पर अब खेतों में 'बैंगनी क्रांति' की बारी है। हिमालय की गोद में बसे जम्मू-कश्मीर के  डोडा जिले के सुदूर गाँव खिलानी के युवा किसान भारतभूषण की ‘बैंगनी’ सफलता इस दिशा में एक मिसाल है। केंद्रीय मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह डोडा जिले के इस नवाचारी किसान का उदाहरण देते हुए बताते हैं कि “भारतभूषण ने सीएसआईआर-इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंटिग्रेटिव मेडिसिन (आईआईआईएम) के सहयोग से लगभग 0.1 हेक्टेयर भूमि में लैवेंडर की खेती शुरू की। लैवेंडर की खेती से लाभ हुआ, तो उन्होंने घर के आसपास मक्के के खेत के एक बड़े क्षेत्र को भी लैवेंडर के बागान में बदल दिया। करीब 20 लोग आज उनके लैवेंडर के खेत और पौधशाला (नर्सरी) में काम कर रहे हैं। वहीं, डो...
COMING COLLAPSE OF DOLLAR-LED MONETARY  EMPIRE

COMING COLLAPSE OF DOLLAR-LED MONETARY EMPIRE

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COMING COLLAPSE OF DOLLAR-LED MONETARY  EMPIRE - Niraj Kumar Earlier this week, Zoltan Pozsar  of the Credit Suisse has  published a research memo titled “Bretton Woods III” in which he has argued that  West’s Russia sanctions would push the world economy into a new world monetary order. Pozsar argues that  Bretton Woods II has collapsed  when the G7 countries seized Russia’s foreign exchange reserves kept with the IMF. What is Bretton Woods system?  Towards the end of the Second World War, the USA orchestrated weakling European powers at San Francisco and Bretton Woods for new monetary world order.   Dollar became the international reserve and transaction currency on the precondition of dollar-gold convertibility as prescribed by Harry J.White.  John Maynard Keynes’ proposal...
भारतीय मानक ब्यूरो ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान-आईआईटी रुड़की के साथ ‘बीआईएस मानकीकरण चेयर प्रोफेसर’ की स्थापना के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

भारतीय मानक ब्यूरो ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान-आईआईटी रुड़की के साथ ‘बीआईएस मानकीकरण चेयर प्रोफेसर’ की स्थापना के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

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भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान-आईआईटी रुड़की में 'बीआईएस मानकीकरण चेयर प्रोफेसर' की स्थापना के लिए 10 मार्च 2022 को आईआईटी रुड़की (आईआईटीआर) के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। मानकीकरण और अनुपालन मूल्यांकन पर गतिविधियों के लिए संस्थान में बीआईएस द्वारा स्थापित यह पहली मानकीकरण चेयर होगी। समझौता ज्ञापन देश में मानकीकरण और अनुपालन मूल्यांकन के क्षेत्र में अनुसंधान और विकास, शिक्षण और प्रशिक्षण की सुविधा प्रदान करेगा, जिसमें सिविल, विद्युत, यांत्रिक, रसायन, भूकंप इंजीनियरिंग, जल संसाधनों के विकास और प्रबंधन और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं, बुनियादी ढांचा विकास, चिकित्सा जैव प्रौद्योगिकी और नैनो प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी, जैव सामग्री, आदि के क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। यह छात्रों को इस बारे में संवेदनशील बनाने में भी मदद करेगा कि कैस...
प्रति व्यक्ति शुद्ध राज्य के मामले में तेलंगाना देश में सबसे ऊपर

प्रति व्यक्ति शुद्ध राज्य के मामले में तेलंगाना देश में सबसे ऊपर

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सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (Ministry of Statistics and Programme Implementation - MoSPI) द्वारा वर्तमान कीमतों पर प्रति व्यक्ति शुद्ध राज्य घरेलू उत्पाद ( Per Capita Net State Domestic Product) की वृद्धि दर के मामले में तेलंगाना भारत में एक करोड़ से अधिक आबादी वाला शीर्ष प्रदर्शन करने वाला राज्य बन गया। यह महाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिलनाडु जैसे अन्य राज्यों में सफल रहा। MoSPI के अनुसार: तेलंगाना का सकल राज्य घरेलू मूल्य (जीएसडीपी) 2011-12 में 359434 करोड़ रुपये से बढ़कर 2021-22 में 1,154,860 करोड़ रुपये हो गया। इसने 2011-12 से जीएसडीपी की वृद्धि 31.12 प्रतिशत दर्ज की। यह देश के किसी भी राज्य के लिए उच्चतम विकास दर में से एक है। जीएसडीपी में प्रतिशत वृद्धि के संदर्भ में, तेलंगाना ने अपनी विकास दर में 2020 से वर्तमान तक लगभग 17% की सबसे तेजी से वृद्धि दिखाई है। प्रमुख परिय...
मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस 2022 बार्सिलोना में आयोजित

मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस 2022 बार्सिलोना में आयोजित

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ग्लोबल सिस्टम फॉर मोबाइल कम्युनिकेशंस एसोसिएशन (Global System for Mobile Communications Association - GSMA) ने 2022 मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस (Mobile World Congress - MWC) का आयोजन किया है, जो 28 फरवरी से 3 मार्च तक बार्सिलोना, स्पेन में हुआ था। 5G पर ध्यान केंद्रित करना और देशों और अर्थव्यवस्थाओं को लाभान्वित करने के लिए इसकी क्षमता को अधिकतम करना इस वर्ष MWC का केंद्रबिंदु है जो रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के बीच हो रहा है। ग्लोबल मोबाइल इकोनॉमी रिपोर्ट में उम्मीद है कि 2022 में 5G अपनाने से वैश्विक स्तर पर 5G कनेक्शन 1 बिलियन तक पहुंच जाएगा। 5G नेटवर्क कनेक्शन में वृद्धि से 2025 में वैश्विक जीडीपी 5% बढ़कर 5 ट्रिलियन डॉलर हो जाएगी। वैश्विक दूरसंचार उद्योग 2025 तक वैश्विक मोबाइल उद्योग के पूंजीगत व्यय (CAPEX) में $600 बिलियन का निवेश करेगा और इसका 85% 5G पर खर्च किया जाएगा। MWC में ...
भारत सरकार और विश्व बैंक ने “नवोन्मेषी विकास के माध्यम से कृषि को सहनीय बनाने के लिए जल-विभाजक क्षेत्र का कायाकल्प”

भारत सरकार और विश्व बैंक ने “नवोन्मेषी विकास के माध्यम से कृषि को सहनीय बनाने के लिए जल-विभाजक क्षेत्र का कायाकल्प”

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भारत सरकार और विश्व बैंक ने "नवोन्मेषी विकास के माध्यम से कृषि को सहनीय बनाने के लिए जल-विभाजक क्षेत्र का कायाकल्प" (आरईडब्लूएआरडी) परियोजना के कार्यान्वयन के लिए 115 मिलियन डॉलर के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए भारत सरकार, कर्नाटक और ओडिशा की राज्य सरकारों एवं विश्व बैंक ने 115 मिलियन डॉलर (869 करोड़ रुपये) के कार्यक्रम (नवोन्मेषी विकास के माध्यम से कृषि को सहनीय बनाने के लिए जल-विभाजक क्षेत्र का कायाकल्प कार्यक्रम) पर हस्ताक्षर किए हैं, जो राष्ट्रीय और राज्य संस्थानों को जल-विभाजक क्षेत्र प्रबंधन के बेहतर तौर-तरीकों को अपनाने में मदद करेगा। इससे जलवायु परिवर्तन के प्रति किसानों की सहनीयता को बढ़ाने में मदद मिलेगी तथा अधिक उत्पादन व बेहतर आय को भी बढ़ावा मिलेगा। भारत सरकार 2030 तक 26 मिलियन हेक्टेयर अनुपजाऊ भूमि को फिर से उपजाऊ बनाने और 2023 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लिए प्रतिबद्ध ...
ईपीएफओ पेरोल डाटा: ईपीएफओ ने दिसंबर, 2021 में 14.60 लाख नेट सब्सक्राइबर जोड़े

ईपीएफओ पेरोल डाटा: ईपीएफओ ने दिसंबर, 2021 में 14.60 लाख नेट सब्सक्राइबर जोड़े

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ईपीएफओ के 20 फरवरी 2022 को जारी अनंतिम पेरॉल डाटा में रेखांकित किया गया है कि ईपीएफओ ने दिसंबर 2021 के दौरान 14.60 लाख नेट सब्सक्राइबर जोड़े हैं। तुलनात्मक अध्ययन से प्रदर्शित होता है कि दिसंबर 2021 में शुद्ध पेरोल वृद्धि में लगभग 2.06 लाख की वृद्धि हुई है, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि के दौरान 12.54 लाख नेट सब्सक्राइबर जोड़े गए थे। दिसंबर 2021 में नवंबर 2021 की तुलना में 19.98 प्रतिशत की शुद्ध ग्राहक वृद्धि हुई है। जोड़े गए कुल 14.60 लाख नेट सब्सक्राइबर में से, 9.11 लाख नए सदस्यों को पहली बार ईपीएफ और एमपी अधिनियम, 1952 के तहत नामांकित किया गया है। लगभग 5.49 लाख नेट सब्सक्राइबर इसे छोड़ चुके थे लेकिन अंतिम विदड्रॉल का विकल्प चुनने की जगह पिछले खाते से वर्तमान पीएफ खाते में अपनी पीएफ राशि हस्तांतरित करने के द्वारा उन्होंने ईपीएफओ के साथ अपनी सदस्यता जारी रखने के विकल्प के द्वारा फिर से ...
‘पर्पल रेवोलुशन’ के एक हिस्से के रूप में रामबन में सीएसआईआर-आईआईआईएम के अरोमा मिशन के तहत ‘लैवेंडर की खेती’ शुरू की जाएगी

‘पर्पल रेवोलुशन’ के एक हिस्से के रूप में रामबन में सीएसआईआर-आईआईआईएम के अरोमा मिशन के तहत ‘लैवेंडर की खेती’ शुरू की जाएगी

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केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) विज्ञान और प्रौद्योगिकी, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पृथ्वी विज्ञान; राज्य मंत्री प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्‍य मत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधि अपने अधिकार क्षेत्र में विकास के लिए प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को चिन्हित करने के लिए अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि वे न केवल स्थानीय स्तर पर विकास से जुड़ी पहलों के लिए लोगों के प्रति जवाबदेह हैं बल्कि विभिन्न योजनाओं के कार्यान्वयन में कमी को उजागर करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और इस प्रकार लोगों और प्रशासन के बीच एक सेतु के रूप में कार्य करते हैं। उन्होंने यह बात आज रामबन जिले के लिए जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की कन्वेंशन सेंटर जम्मू में बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। बैठक के दौरान डोडा तथा...
आर्थिक समीक्षा 2021-22 का सारांश

आर्थिक समीक्षा 2021-22 का सारांश

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भारत की जीडीपी चौतरफा टीकाकरण, आपूर्ति सुधार और नियमन में आसानी से होने वाले लाभ, निर्यात में तेज बढ़ोतरी और पूंजी खर्च करने में तेजी लाने के लिए वित्तीय मौके की उपलब्धता की मदद से वर्ष 2022-23 में 8.0-8.5 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी। केंद्रीय वित्त और कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती सीतारमण ने आज संसद में आर्थिक समीक्षा 2021-22 पेश की। इसमें कहा गया है कि आने वाले अगले साल में निजी क्षेत्र में अधिक निवेश होगा, क्योंकि अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने हेतु मदद के लिए वित्तीय व्यवस्था अच्छी स्थिति में है। वर्ष 2022-23 में इस वृद्धि का अनुमान इस मान्यता पर आधारित है कि अब महामारी संबंधित और आर्थिक बाधाएं नहीं आएंगी, म़ॉनसून सामान्य रहेगा, दुनिया के प्रमुख केंद्रीय बैंकों द्वारा वैश्विक तरलता की निकासी बड़े स्तर पर समझदारी के साथ होगी, तेल की कीमतें 70 से 75 डॉलर प्रति बैरल के बीच रहेंगी और इस वर...
भारत और ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौते के लिए वार्ता के पहले दौर पर संयुक्त वक्तव्य

भारत और ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौते के लिए वार्ता के पहले दौर पर संयुक्त वक्तव्य

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भारत और ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौते के लिए वार्ता के पहले दौर पर संयुक्त वक्तव्य भारत और ब्रिटेन ने भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए पहले दौर की वार्ता संपन्न की। वर्चुअल तरीके से लगभग दो सप्‍ताह से अधिक समय तक चली पहले दौर की वार्ता के दौरान दोनों पक्षों ने स्वीकार किया कि कोविड वैश्विक महामारी के कारण पैदा हुई चुनौतियों के बावजूद इसे आगे बढ़या जा सकता है।पहले दौर की वार्ता के दौरान दोनों पक्षों के तकनीकी विशेषज्ञ 32 अलग-अलग सत्रों में चर्चा के लिए एक साथ आए। इसमें 26 नीतिगत क्षेत्रों को कवर किया गया जिनमें वस्‍तुओं का व्यापार, वित्तीय सेवा एवं दूरसंचार सहित सेवाओं में व्यापार, निवेश, बौद्धिक संपदा, सीमा शुल्क एवं व्यापार सुविधा, स्वच्छता एवं सइकोसैनिटरी उपाय, व्यापार में तकनीकी बाधाएं, प्रतिस्पर्धा, लिंग, सरकारी खरीद, एसएमई, स्थिरता, पारदर्शिता, व्यापार एवं विकास, भ...