बनावटी कोलाहाल के बीच भारत में आता भारी विदेशी निवेश
आर.के. सिन्हा
अभी कुछ दिन पहले समाचार पत्रों में एक छोटी सी खबर छपी। खबर थी भारत में वर्ष 2016 में 62.3 अरब डॉलर प्रत्यक्ष पूंजी निवेश (एफडीआई) हुआ। खबर महत्वपर्ण थी।परन्तु, ज़्यादातर मीडिया ने इसे जितना महत्व देना चाहिए था नहीं दिया। कारण उनके मालिकों को पता होगा या फिर उनके राजनीतिक आकाओं को जिनके इशारे पर वे नाचते हैं।
भारत से अधिक एफडीआई अन्य किसी देश को नहीं मिली। यकीन मानिए भारत में अमेरिका तथा चीन से भी अधिक एफडीआई आई। पर मजाल है कि किसी खबरिया चैनल ने इस पर भी बहस करवाई हो। उसमें आए पंडितों ने यह कहा हो कि क्यों भारत संसार में निवेश का सबसे बेहतरीन स्थान बन चुका है।
देश में असहिष्णुता के सवाल पर बेवजह बहस चलाई जा रही है। कहा जा रहा है कि सरकार कुछ कर ही नहीं रही। कहने वाले जो भी कहें, देश विकास के रास्ते पर चल रहा है। दुनियाभर के बड़े निवेशक भारत में अपनी पूंजी को लगाने क...






