शाबस बिहार पुलिस !
शुरू में मुम्बई पुलिस सहयोग नहीं कर रही थी पर डायरेक्ट अड़ंगा भी नही लगा रही थी। जैसे ही बिहार पुलिस दिशा सालियान केस की तरफ मुड़ी मुम्बई पुलिस और उसके आका ठाकरे के कान खड़े हुए क्योंकि दिशा केस में हाथ लगने का मतलब *बेबी पेंग्विन का फँसना तय था* ।
बिहार पुलिस जैसे ही पुलिस स्टेशन पहुची दिशा केस की फाइल लेने पहुची ठाकरे के फोन आया और पुलिस फाइल देने से मना कर दी। ठीक इसी दिन आईपीएस विनय तिवारी मुम्बई पहुचते हैं और इंक़वारी शुरू करते है ....
इंक्वायरी शुरू करने से पहले उन्होंने पहले किये अनुरोध के आधार पर आईपीएस मेस की मांग की , मांग पर बहाना बनाया जाने लगा। इसकी सूचना विनय तिवारी ने एसएसपी पटना को दी, *एसएसपी पटना ने डीसीपी बांद्रा को लगभग 10 बार फोन किया पर डीसीपी बांद्रा ने रेस्पांड नही किया* *क्योंकि मुम्बई पुलिस को लग गया था कि बिहार पुलिस हर हाल में ठाकरे तक पहुच जाएगी* ।
इसी द...









