अलगाववादियों से कैसा लगाव
आपको स्मरण होगा कि कश्मीर में 8 जुलाई 2016 को आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद कुछ माह तक दक्षिण कश्मीर में अलगाववादियों के आह्वान पर संपूर्ण बंद के साथ हिंसक आंदोलन भी हुए।
उसी संदर्भ में सितंबर 2016 को देश के विभिन्न विपक्षी राजनैतिक दलों के नेता सीताराम येचूरी , डी राजा, असदुद्दीन ओवैसी, राजनारायण यादव आदि शरद यादव के नेतृत्व में कश्मीरी अलगाववादियों से मिलने के लिए श्रीनगर गए थे । परंतु मुख्य नज़रबंद व बंदी अलगाववादी नेताओ मौ.फारुक उमर, अली शाह गिलानी, मो.यासीन मालिक व शब्बीर शाह एवं अब्दुल गनी भट्ट सभी ने इन नेताओं से मिलने को मना कर दिया था । ये वही अलगाववादी नेता है जो 'पाकिस्तान जिंदाबाद' के नारे लगवाते है और भारतीय सैनिकों पर हमले भी करवाते रहते है । यह कहना भी गलत नहीं होगा कि इनके द्वारा भड़काये गए उग्रवादियों के ही भयावह अत्याचारों से सन् 90 के दशक में कश्मीरी हिंदुओं क...









