दुनिया में बढ़ती भारत की धाक
-बलबीर पुंज
बीते सप्ताह भारत की अध्यक्षता में संपन्न दो दिवसीय जी20 बैठक (9-10 सितंबर) का लब्बोलुआब क्या रहा? जिस प्रकार इस शक्तिशाली वैश्विक मंथन में भारत और उसकी कूटनीति का वर्चस्व दिखा, उसने सिद्ध कर दिया कि बाहरी एजेंडे के अनुसरण करने की बाध्यता को 'नए भारत' ने विशुद्ध राष्ट्रहित में मीलों पीछे छोड़ दिया है। अब नया भारत न केवल अपनी मूल सांस्कृतिक छत्रछाया में दुनिया के अन्य सभी सभ्य देशों के सामूहिक कल्याण के लिए प्रारूप बना रहा है, साथ ही 'ग्लोबल साउथ' अर्थात्— विश्व के दक्षिणी हिस्से का मुख्य प्रतिनिधि भी बनकर उभरा है। भारतीय नेतृत्व में अफ्रीकी संघ को जी20 में बतौर सदस्य सम्मिलित करना— इसका प्रमाण है।
भारत ने अपनी जी20 अध्यक्षता में जिन प्रमुख विषयों का निर्धारित किया, उसमें देश की मौलिक सांस्कृतिक पहचान और उसमें निहित विविधता से भी दुनिया को परिचय कराना भी रहा। मुख्य आयोजनस्...









