इजराइल पर आतंकी हमला— 9/11 और 26/11 से कम नहीं
-बलबीर पुंज
भारतीय सड़कों पर सुरक्षा की दृष्टि से एक पंक्ति अक्सर देखने और सुनने को मिलती है— सावधानी हटी, दुर्घटना घटी। यह चेतावनी 7 अक्टूबर को विश्व के एकमात्र घोषित यहूदी राष्ट्र इजराइल पर फिलीस्तीनी इस्लामी आतंकवादी संगठन हमास द्वारा किए गए अप्रत्याशित हमले पर चरितार्थ होती है। यूं तो इस्लामी आतंकवादियों और इजराइल के शत्रुओं की त्वरित पहचान करने में इजराइली खुफिया एजेंसी ‘मोसाद’ विख्यात है। किंतु इस बार के हमले ने ‘मोसाद’ की क्षमता पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। यह ठीक है कि इजराइल अपनी बेहतर तकनीक और मारक सैन्य शक्ति के बल पर हमास को संभवत: निर्णायक रूप से कुचल देगा, परंतु इस हमले ने जो घाव इजराइल को 1200 निरपराधों (कई महिला-बच्चों सहित) की मौत, 2,700 घायल और 130 लोगों को बंधक बनाकर दिया है, उससे रक्त शायद कई दशकों तक रिसता रहेगा।
एक समय था, जब समस्त मुस्लिम देश मजहबी कारणों से इज...









