Shadow

विश्लेषण

बिजली संयंत्रों से कार्बन कैप्चर के लिए ऊर्जा कुशल प्रौद्योगिकी

बिजली संयंत्रों से कार्बन कैप्चर के लिए ऊर्जा कुशल प्रौद्योगिकी

BREAKING NEWS, Current Affaires, EXCLUSIVE NEWS, विश्लेषण
बिजली संयंत्रों से कार्बन कैप्चर के लिए ऊर्जा कुशल प्रौद्योगिकी नई दिल्ली, 13 अप्रैल (इंडिया साइंस वायर): बिजली संयंत्रों से कार्बनडाईऑक्साइड (CO2) कैप्चर के लिए ऊर्जा कुशल संयंत्र डिजाइन और विकसित करने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), गुवाहाटी ने राष्ट्रीय तापविद्युत निगम (एनटीपीसी लिमिटेड) के साथ हाथ मिलाया है। यह प्रौद्योगिकी एक नये सक्रिय अमोनिया यौगिक ऐमिन विलायक (आईआईटीजीएस) का उपयोग करके फ्लू गैस पर काम करती है। कमर्शियल सक्रिय एमडीईए (मोनोएथेनॉलमाइन) विलायक की तुलना में यह प्रौद्योगिकी 11 प्रतिशत कम ऊर्जा और बेंचमार्क एमईए (मोनोएथेनॉलमाइन) विलायक की तुलना में 31 प्रतिशत कम ऊर्जा की खपत करती है। इस परियोजना से तेल, प्राकृतिक गैस, बायोगैस उद्योग और पेट्रोलियम रिफाइनरियों को लाभ हो सकता है। इस स्वदेशी तकनीक को प्रोफेसर बिष्णुपाद मंडल, केमिकल इंजीनियरिंग विभाग, आ...
उत्कृष्ट विलक्षणताओं के प्रतीक हैं हनुमान

उत्कृष्ट विलक्षणताओं के प्रतीक हैं हनुमान

BREAKING NEWS, Current Affaires, विश्लेषण, संस्कृति और अध्यात्म, सामाजिक
उत्कृष्ट विलक्षणताओं के प्रतीक हैं हनुमान - ललित गर्ग - इस संसार में सबसे बड़े भक्त है भगवान हनुमानजी, वे ऐसे भक्त हैं जो अपने भक्तों को ईश्वर से मिलाते हैं। उनको हिन्दू देवताआंे में सबसे शक्तिशाली, जागृत एवं सजीव देवता माना गया है, वे रामायण जैसे महाग्रंथ के सह पात्र थे। वे भगवान शिव के ग्यारवंे रूद्र अवतार थे जो श्रीराम की सेवा करने और उनका साथ देने त्रेता युग में अवतरित हुए थे। इस धरा पर जिन सात मनीषियों को अमरत्व का वरदान प्राप्त है, उनमें बजरंगबली भी हैं। हनुमानजी के पराक्रम की असंख्य गाथाएँ प्रचलित हैं। इन्होंने जिस तरह से राम के साथ सुग्रीव की मैत्री कराई और फिर वानरों की मदद से असुरों का मर्दन किया, वह अत्यन्त प्रसिद्ध है। उनको बजरंगबलि, मारुतिनंदन, पवनपुत्र, केशरीनंदन आदि अनेकों नामों से पुकारा जाता है। उनका एक नाम वायुपुत्र भी है, उन्हें वातात्मज भी कहा गया है अर्थात् वायु से ...
धातु पाउडर बनाने की वैकल्पिक तकनीक विकसित

धातु पाउडर बनाने की वैकल्पिक तकनीक विकसित

BREAKING NEWS, Current Affaires, TOP STORIES, राष्ट्रीय, विश्लेषण, समाचार, सामाजिक
धातु पाउडर बनाने की वैकल्पिक तकनीक विकसित त्रिविमीय (Three Dimensional) वस्तुओं के निर्माण के लिए 3डी प्रिंटिंग तकनीक का उपयोग बढ़ रहा है। एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग एक ऐसी तकनीक है, जिसे मेटल 3डी प्रिंटिंग के रूप में जाना जाता है। 3डी प्रिंटिंग की इस तकनीक में मेटल प्रिंटिंग सामग्री की परत बनाकार वस्तुओं का निर्माण किया जाता है। एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग की एक प्रमुख स्रोत सामग्री धातु पाउडर है, जिसे मुख्य रूप से परमाणुकरण (Atomization) तकनीक द्वारा उत्पादित किया जाता है। इस प्रविधि में पिघली धातु हवा या पानी के द्रुत प्रवाह में टूटकर पहले तरल सूक्ष्म बूंदों में रूपांतरित होती है, जो अंत में ठोस होकर पाउडर बन जाती है। मेटल 3डी प्रिंटिंग में आमतौर पर उपयोग होने वाली परमाणुकरण तकनीक की एक सीमा यह है कि इससे बेहतर परिणाम नहीं मिलते, यह महंगी पड़ती है, और विभिन्न सामग्री प्रकारों के उपयोग में इसमे...
पाक अधिकृत कश्मीर का ख़ौफ़नाक सच

पाक अधिकृत कश्मीर का ख़ौफ़नाक सच

Current Affaires, EXCLUSIVE NEWS, TOP STORIES, राष्ट्रीय, विश्लेषण
पाक अधिकृत कश्मीर का ख़ौफ़नाक सच विनीत नारायण ‘द कश्मीर फ़ाइल्ज़’ में जो दिखाया गया है वो उस ख़ौफ़नाक सच के सामने कुछ भी नहीं है जो अब अमजद अय्यूब मिर्ज़ा ने पाक अधिकृत कश्मीर में हुए हिंदुओं के वीभत्स नरसंहार के बारे में केलिफ़ोरनिया के अख़बार में प्रकाशित किया है। अय्यूब मिर्ज़ा ने पिछले महीने 21 मार्च को प्रकाशित अपने लेख में ‘द कश्मीर फ़ाइल्ज़’ को एक दमदार फ़िल्म बताते हुए इस बात की तारीफ़ की है कि कैसे इस फ़िल्म ने पाकिस्तान समर्थित जिहादियों और श्रीनगर के स्थानीय कट्टरपंथियों के आतंक को रेखांकित किया गया है। इस लेख में मिर्ज़ा लिखते हैं कि ये तो प्याज़ की पहली परत उखाड़ने जैसा है। उनके अनुसार जम्मू कश्मीर से अल्पसंख्यक हिंदुओं व सिखों को मारने और भगाने का सिलसिला 1990 से ही नहीं शुरू हुआ। इसकी जड़ें तो 1947 के भारत-पाक बँटवारे के अप्रकाशित इतिहास में दबी पड़ी हैं। अमजद अय्यूब मिर्...
मातृत्व की कला बच्चों को जीने की कला सिखाना है’।

मातृत्व की कला बच्चों को जीने की कला सिखाना है’।

Current Affaires, EXCLUSIVE NEWS, TOP STORIES, विश्लेषण, सामाजिक
मातृत्व की कला बच्चों को जीने की कला सिखाना है'। (माँ अपने बच्चे के चेहरे पर पहली मुस्कान देखती है।) --प्रियंका 'सौरभ' यह एक सर्वविदित तथ्य है कि पांच साल से कम उम्र के बच्चे के लिए सबसे अच्छी उम्र होती है क्योंकि वह इस उम्र में सबसे ज्यादा सीखता है। एक बच्चा पांच साल से कम उम्र के घर पर ज्यादातर समय बिताता है और इसलिए वह घर पर जो देखता है और देखता है उससे बहुत कुछ सीखता है। छत्रपति शिवाजी को उनकी माँ ने बचपन में नायकों की कई कहानियाँ सुनाईं और वे बड़े होकर कई लोगों के लिए नायक बने। घर पर ही एक बच्चा सबसे पहले समाजीकरण सीखता है। एक बच्चा पहले घर पर बहुत कुछ सीखता है। लेकिन आज, चूंकि अधिकांश माता-पिता कमाने वाले व्यक्ति हैं, इसलिए वे अपने बच्चों के साथ गुणवत्तापूर्ण समय नहीं बिता सकते हैं। बच्चों को प्ले स्कूलों में भेजा जाता है और अक्सर उनके दादा-दादी द्वारा उनका पालन-पोषण किया जाता...
स्थाई भविष्य के लिए चेतावनी है यूक्रेन – रूस युद्ध

स्थाई भविष्य के लिए चेतावनी है यूक्रेन – रूस युद्ध

BREAKING NEWS, Current Affaires, TOP STORIES, विश्लेषण, सामाजिक
स्थाई भविष्य के लिए चेतावनी है यूक्रेन - रूस युद्ध डॉ. शंकर सुवन सिंह दो देशों का युद्ध, अन्तर्राष्ट्रीय राजनीति का शिकार होता है। सामान संस्कृति, सभ्यता एवं भाषा वाले देश आपस में लड़ रहे हैं। जो देश कभी एक हुआ करते थे वो आज एक दूसरे के दुश्मन बने हुए हैं। जो देश जिस देश के निकट हैं वो एक दूसरे के प्रति उतनी ही विकटता पैदा करते हैं। यह कहने में अतिश्योक्ति नहीं होगी कि अत्यधिक निकटता विकृति को पैदा करती है। भगवान् विष्णु के नवें अवतार महात्मा गौतम बुद्ध ने कहा था - वीणा के तारों को इतना भी मत कसो कि वह टूट जाये और इतना ढीला भी मत रखो कि उससे सुर ही न निकले। कहने का तात्पर्य अति किसी भी चीज कि बुरी होती है। चाहे वह निकटता हो या दूरी हो। प्रत्येक देश को संतुलित रहने कि जरुरत है। संतुलन ही किसी भी समाधान का मूल मंत्र है। प्रतिस्पर्धा हमेशा उससे ही होती है जिसके बारे में हम जानते हैं या जिसस...
भारत का कृषि निर्यात 50 बिलियन डॉलर की ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंचा

भारत का कृषि निर्यात 50 बिलियन डॉलर की ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंचा

BREAKING NEWS, Current Affaires, आर्थिक, राष्ट्रीय, विश्लेषण
वर्ष 2021-22 के लिए कृषि उत्पाद (समुद्री तथा कृषि उत्पाद सहित) का निर्यात 50 बिलियन डॉलर को पार कर गया है। यह अब तक का सबसे अधिक कृषि उत्पाद निर्यात है। वाणिज्यिक जानकारी एवं सांख्यिकी महानिदेशालय (डीजीसीआईएंडएस) द्वारा जारी अनंतिम आंकड़ों के अनुसार 2021-22 के दौरान कृषि निर्यात 19.92 प्रतिशत बढ़कर 50.21 बिलियन डॉलर हो गया। यह वृद्धि दर शानदार है और 2020-21 के 17.66 प्रतिशत यानी 41.87 बिलियन से अधिक है। यह वृद्धि उच्च भाड़ा दरों, कंटेनर की कमी जैसी अप्रत्याशित लॉजिस्टिक चुनौतियों के बावजूद हुई है। पिछले दो वर्षों की यह उपलब्धि किसानों की आय में सुधार के प्रधानमंत्री के विज़न को साकार करने में काफी अधिक सफल होगी। चावल (9.65 बिलियन डॉलर), गेहूं (2.19 बिलियन डॉलर), चीनी (4.6 बिलियन डॉलर) तथा अन्य अनाजों (1.08 बिलियन डॉलर) के लिए यह अब तक का सबसे अधिक निर्यात है। गेहूं निर्यात में अप्रत्याश...
यूक्रेन: भारत ने मुँह खोला

यूक्रेन: भारत ने मुँह खोला

BREAKING NEWS, Current Affaires, TOP STORIES, विश्लेषण, सामाजिक
यूक्रेन: भारत ने मुँह खोला* *डॉ. वेदप्रताप वैदिक* संयुक्तराष्ट्र सुरक्षा परिषद में हमारे प्रतिनिधि टी.एस. तिरुमूर्ति ने कल यूक्रेन के बारे में जो बयान दिया है, वह विश्व राजनीति में भारत की छवि को तो बेहतर बनाएगा ही, वह रूस को भी अपनी पशुता से बाज आने के लिए शायद प्रेरित कर दे ।तिरुमूर्ति ने यूक्रेन के शहर बूचा में हुए नर-संहार की दो-टूक शब्दों में भर्त्सना की है। उन्होंने मांग की है कि इस नरसंहार की जांच की जानी चाहिए और इसे तुरंत रोका जाना चाहिए। उन्होंने नरसंहार करनेवाले रूस का नाम नहीं लिया। यह सावधानी उन्होंने जरुर बरती लेकिन यह स्पष्ट है कि उन्होंने रूसी फौज के अत्याचार की उतनी ही सख्त आलोचना की है, जितनी अमेरिका और यूरोपीय देश कर रहे हैं। भारत की इस आलोचना का शायद रूस पर कोई असर न पड़े लेकिन भारत की तटस्थता को अब दुनिया के राष्ट्र भारत का गूंगापन नहीं समझेंगे। भारत ने हालांकि कई अ...
यूक्रेन संकट के बीच भारत की सामरिक स्वतंत्रता

यूक्रेन संकट के बीच भारत की सामरिक स्वतंत्रता

BREAKING NEWS, Current Affaires, EXCLUSIVE NEWS, राष्ट्रीय, विश्लेषण
यूक्रेन संकट के बीच भारत की सामरिक स्वतंत्रता -सत्यवान 'सौरभ' यूक्रेन में रूस की कार्रवाइयों ने भारत को असहज स्थिति में छोड़ दिया है क्योंकि यह मास्को और पश्चिम दोनों के साथ अपने हितों को संतुलित करने का प्रयास करता है। चीन और पाकिस्तान के साथ अपने ही पड़ोस में अपने अनुभवों को देखते हुए, भारत एक देश की दूसरे के साथ साझा की जाने वाली सीमाओं को बदलने के एकतरफा प्रयास की निंदा नहीं करने के निहितार्थों से भी सावधान है। क्वाड सदस्यों के साथ रियायतें और समझ में भारत ने तटस्थता बनाए रखना उचित समझा और भारत ने यूएनएससी या संयुक्त राष्ट्र महासभा में रूसी आक्रमण के खिलाफ मतदान नहीं किया है और इस प्रकार तटस्थता बनाए रखी है। रूसी तेल खरीद कर अपने कच्चे तेल को सस्ते में बेचने की रूसी पेशकश का लाभ उठाते हुए, भारत 2022 में स्वीकृत राष्ट्र से लगभग 1.5 मिलियन बैरल कच्चे तेल का आयात कर सकता है। इसके ...
कोरोना को संक्रामक बनाने वाली आणविक संरचना का खुलासा

कोरोना को संक्रामक बनाने वाली आणविक संरचना का खुलासा

BREAKING NEWS, EXCLUSIVE NEWS, विश्लेषण, सामाजिक
नई दिल्ली, 05 अप्रैल (इंडिया साइंस वायर): भारतीय शोधकर्ताओं को कोविड-19 के लिए जिम्मेदार कोरोना वायरस के सक्रिय प्रोटीन क्षेत्र की आणविक संरचना दर्शाने में सफलता मिली है। शोधकर्ताओं ने एक महत्वपूर्ण स्पाइक प्रोटीन के एक अनुभाग की संरचना का अध्ययन किया है, जो कोरोना वायरस को संक्रामक बनाता है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी के शोधकर्ताओं द्वारा किया गया यह अध्ययन महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसके आधार पर स्पाइक प्रोटीन के विशिष्ट हिस्से को लक्ष्य बनाने वाली दवाओं की खोज का मार्ग प्रशस्त हो सकता है। आईआईटी मंडी के स्कूल ऑफ बेसिक साइंसेज के प्रमुख शोधकर्ता डॉ रजनीश गिरी बताते हैं कि “एंडोडोमेन, स्पाइक प्रोटीन का वायरस के अंदर वाला हिस्सा होता है। हमने पाया कि इसकी आणविक संरचना कठोर नहीं होती, बल्कि एंडोडोमेन बेहद लचीला होता है। किसी संरचना के अभाव में यह वायरस के डार्क प्राटीयोम का हिस...