Shadow

विश्लेषण

मध्य एशिया बनने जा रहा है तीसरे विश्व युद्ध का पहला मैदान

मध्य एशिया बनने जा रहा है तीसरे विश्व युद्ध का पहला मैदान

addtop, BREAKING NEWS, CURRENT ISSUE, EXCLUSIVE NEWS, Today News, TOP STORIES, Uncategorized, राष्ट्रीय, विश्लेषण, समाचार
  ईसाईयत (आर्मीनिया) पर इस्लाम ( अजरबेजान) का हमला हो चुका है। आर्मीनिया के साथ इसराइल, अमेरिका फ़्रांस, ब्रिटेन व भारत आदि नाटो देश हैं तो अजरबेजान के साथ इस्लामिक जगत का स्वयंभू ख़लीफ़ा तुर्की,पाकिस्तान ईरान, उत्तरी कोरिया व चीन जैसी ताक़तें हैं। प्रथम विश्वयुद्ध (१९१४-१८)के बाद ४० देशों में बंटे ख़लीफ़ा ऐ इस्लाम तुर्की ( ऑटमन गणराज्य) को मित्र देशों ने युद्धोपरांत संधि के अंतर्गत सौ साल तक अपमानजनक संधि से बांधकर रखा हुआ था , जो अब पूरी होने जा रही है। इसीलिय मध्य एशिया में उबाल है।कोई बड़ी बात नहीं कि यह चिंगारी यूरोप को भी लपेट ले।विश्व के सबसे बड़े युद्ध क्षेत्र में हो रही यह लड़ाई चंद दिनो के अंदर विश्व युद्ध की शुरुआत मानी जाएगी। इस क्षेत्र में इसराइल बहुत आक्रामक हो ही चुका है और अपने दुश्मन चीन समर्थक इस्लामिक देशी को निशाना बना ही रहा है। अमेरिका पहल पर यूएई से संधि ...
राजस्थानः कांग्रेस नेतृत्व की कंगाली

राजस्थानः कांग्रेस नेतृत्व की कंगाली

विश्लेषण
राजस्थान-कांग्रेस के दोनों गुटों—— गहलोत और सचिन— में सुलह तो हो गई है लेकिन जैसी कि कहावत है कि ‘काणी के ब्याह में सौ—सौ जोखम’ हैं। यदि दोनों में सुलह हो गई है तो कांग्रेस हायकमान ने तीन सदस्यों की कमेटी किसलिए बनाई है ? यह कमेटी क्या सचिन पायलट को दुबारा प्रदेशाध्यक्ष और उप-मुख्यमंत्री बनवाने की सलाह देगी ? यदि नहीं तो क्या सचिन को गहलोत के बोझ तले दबना नहीं पड़ेगा, जिसे मैंने पहले जीते-जी मर जाना कहा था। यों भी मुझे पता चला है कि सचिन गुट के 18 में से लगभग 10 सदस्य अपनी विधानसभा की सदस्यता खत्म होने से डरे हुए थे। 14 अगस्त को होनेवाले शक्ति-परीक्षण में यदि सचिन गुट कांग्रेस के विरुद्ध वोट करता या व्हिप के बावजूद गैर-हाजिर रहता तो उसकी सदस्यता ही खत्म हो जाती और फिर उप-चुनाव में पता नहीं कौन जीतता और कौन हारता। यों भी सचिन गुट के बिना भी गहलोत को बहुमत का समर्थन तो मिलना ही था। अब सचिन अप...
शाबस बिहार पुलिस !

शाबस बिहार पुलिस !

राष्ट्रीय, विश्लेषण
शुरू में मुम्बई पुलिस सहयोग नहीं कर रही थी पर डायरेक्ट अड़ंगा भी नही लगा रही थी। जैसे ही बिहार पुलिस दिशा सालियान केस की तरफ मुड़ी मुम्बई पुलिस और उसके आका ठाकरे के कान खड़े हुए क्योंकि दिशा केस में हाथ लगने का मतलब *बेबी पेंग्विन का फँसना तय था* । बिहार पुलिस जैसे ही पुलिस स्टेशन पहुची दिशा केस की फाइल लेने पहुची ठाकरे के फोन आया और पुलिस फाइल देने से मना कर दी। ठीक इसी दिन आईपीएस विनय तिवारी मुम्बई पहुचते हैं और इंक़वारी शुरू करते है .... इंक्वायरी शुरू करने से पहले उन्होंने पहले किये अनुरोध के आधार पर आईपीएस मेस की मांग की , मांग पर बहाना बनाया जाने लगा। इसकी सूचना विनय तिवारी ने एसएसपी पटना को दी, *एसएसपी पटना ने डीसीपी बांद्रा को लगभग 10 बार फोन किया पर डीसीपी बांद्रा ने रेस्पांड नही किया* *क्योंकि मुम्बई पुलिस को लग गया था कि बिहार पुलिस हर हाल में ठाकरे तक पहुच जाएगी* । इसी द...
शाहजहांपुर: मुमुक्षु आश्रम में तय की गई थी मंदिर निर्माण आंदोलन की रुप रेखा। डा. मदन मोहन जी व संघ प्रचारक दिनेश त्यागी जी बने थे सूत्रधार

शाहजहांपुर: मुमुक्षु आश्रम में तय की गई थी मंदिर निर्माण आंदोलन की रुप रेखा। डा. मदन मोहन जी व संघ प्रचारक दिनेश त्यागी जी बने थे सूत्रधार

राज्य, विश्लेषण
अयोध्या में राम जन्मभूमि पर मंदिर का शिलान्यास पांच अगस्त को होगा। यह शायद बहुत कम लोगों को पता होगा कि राम मंदिर निर्माण के आंदोलन की रुप रेखा शहर के मुमुक्षु आश्रम में तय की गई थी। जिसको मुजफ्फरनगर के हिन्दू सम्मेलन में धार दी गई। 1983 में जब उत्तर प्रदेश की कांग्रेस पार्टी की सरकार में मंत्री व काँठ से विधायक  रहे दाऊदयाल खन्ना जी ने काशीपुर की एक सभा में पहली बार अयोध्या में रामजन्मभूमि से टाला खुलवाने के मुद्दा उठाया था तब उससे पहले इस संबंध में विस्तृत चर्चा के लिए दाऊदयाल जी  के नेतृत्व में जो बैठक हुई थी वह काशीपुर से 11 किलोमीटर दूर ठाकुरद्वारा में वरिष्ठ संघ नेता डॉ मदन मोहन अग्रवाल के निवास पर आयोजित की गई थी। 1983 में जब उत्तर प्रदेश की कांग्रेस पार्टी की सरकार में मंत्री व काँठ से विधायक  रहे दाऊदयाल खन्ना जी ने काशीपुर की एक सभा में पहली बार अयोध्या में रामजन्मभूमि से टाला...
रोजगार के आंकड़ों में जादूगरी और स्थाई समाधान

रोजगार के आंकड़ों में जादूगरी और स्थाई समाधान

आर्थिक, विश्लेषण
देश बेरोजगारी के बड़े संकट से गुजर रहा है | आज सरकार या अन्य कोई बेरोजगारी कम होने का दावा करें तो बेमानी है | खरीफ की फसल के दौरान मिला रोजगार या मनारेगा से मिला रोजगार स्थाई प्रकृति का नहीं है | इसके आधार पर जीवनयापन होना मुश्किल है |रोज बढती जनसंख्या और वर्तमान माहौल के मद्देनजर कुछ नये उपाय फौरन सोचना होंगे |गैर-सरकारी संगठन सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनामी [सीएमआईई ]  के इस दावे से अनेक अर्थशास्त्री असहमत है कि भारत में बेरोजगारी की दर गिर रही है और वो महामारी से पहले के स्तर पर आ चुकी है|थोड़ी देर के लिए यह मान भी लें, कि यह रिपोर्ट सही है तो इसका मतलब है तालाबंदी में ढील दिए जाने के बाद जो आर्थिक गतिविधि फिर से शुरू हुई है और उससे रोजगार का सृजन हुआ है| लेकिन, क्या वाकई ऐसा हुआ है? सीएमआईई ने पिछले कुछ महीनों में कहा था कि जो बेरोजगारी दर मार्च में८ .७५ प्रतिशत थी, वह अप्रैल में ...
नई शिक्षा नीति-मातृभाषा में पढ़ोगे तो बनोगे गुरुदेव और राजेन्द्र प्रसाद

नई शिक्षा नीति-मातृभाषा में पढ़ोगे तो बनोगे गुरुदेव और राजेन्द्र प्रसाद

addtop, EXCLUSIVE NEWS, TOP STORIES, राज्य, विश्लेषण
नई शिक्षा नीति-2020 की घोषणा हो गई है। इसके विभिन्न बिन्दुओं पर बहस तो  होगी ही । पर इसने एक बड़े और महत्वपूर्ण दिशा में कदम बढ़ाने का इरादा व्यक्त किया है। उदाहरण के रूप में नई शिक्षा नीति में पाँचवी क्लास तक मातृभाषा, स्थानीय या क्षेत्रीय भाषा को ही पढ़ाई का माध्यम रखने की बात कही गई है। इसे क्लास आठ या उससे आगे तक भी बढ़ाया जा सकता है। विदेशी भाषाओं की पढ़ाई सेकेंडरी स्तर  से होगी।  नई शिक्षा नीति में यह भी कहा गया है कि किसी भी भाषा को विद्यार्थियों पर जबरदस्ती थोपा नहीं जाएगा। यह बार-बार सिद्ध हो चुका है कि बच्चा सबसे आराम से सहज भाव से अपनी भाषा में पढाए जाने पर उसे तत्काल ग्रहण करता है । जैसे ही उसे मातृभाषा की जगह किसी अन्य भाषा में पढ़ाया जाने लगता है, तब ही गड़बड़ चालू हो जाती है। जो बच्चे अपनी मातृभाषा में शुरू से ही पढ़ना चालू करते हैं उनके लिए शिक्षा क्षेत्र में आगे बढ़ने की संभाव...
क्या नई शिक्षा नीति से शिक्षा क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन आएंगे?

क्या नई शिक्षा नीति से शिक्षा क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन आएंगे?

addtop, BREAKING NEWS, CURRENT ISSUE, EXCLUSIVE NEWS, Today News, TOP STORIES, Uncategorized, राज्य, विश्लेषण, समाचार, सामाजिक
  (हमारे प्राचीन शैक्षिणिक इतिहास, उपलब्धियों, गलतफहमी का जायजा लेने और 21 वीं सदी के भारत के लिए भविष्य की शिक्षा योजना का चार्ट सही समय परआया है। पेशेवर योग्य शिक्षकों की कमी और गैर-शैक्षिक उद्देश्यों के लिए शिक्षकों की तैनाती में वृद्धि ने हमारी शिक्षा व्यवस्था को त्रस्त कर दिया है।)   भारत में ज्ञान प्रदान करने की एक अति समृद्ध परंपरा रही है। 'गुरुकुल' प्राचीन भारत में एक प्रकार की शिक्षा प्रणाली थी जिसमें एक ही घर में गुरु के साथ रहने वाले शिष्य (छात्र) थे। नालंदा इस  दुनिया में शिक्षा का सबसे पुराना विश्वविद्यालय-तंत्र था। दुनिया भर के छात्र भारतीय ज्ञान प्रणालियों से आकर्षित और अचंभित थे। आधुनिक ज्ञान प्रणाली की कई शाखाओं की उत्पत्ति भारत में हुई थी। प्राचीन भारत में शिक्षा को एक उच्च गुण माने ज...
Tripartite MoU to adopt technologies for rural development

Tripartite MoU to adopt technologies for rural development

राष्ट्रीय, विश्लेषण, समाचार, सामाजिक
New Delhi, July 29 : To boost rural development in the country a tripartite Memorandum of Understanding (MoU) has been signed among Center of Scientific and Industrial Research (CSIR), Unnat Bharat Abhiyan-Indian Institute of Technology, Delhi (UBA-IITD) and Vijnana Bharti (VIBHA). The MoU is to provide access to CSIR rural technologies for UBA and is expected to lay the foundation for cooperation and joint action in the area of UBA for rural development of India. This will pave the way for the adoption of CSIR technologies and related knowledge base in tune with the people’s aspirations in furtherance of initiatives such as UBA and VIBHA. Dr Shekhar Mande, Director General, CSIR and Secretary, Department of Scientific and Industrial Research (DSIR) emphasized that CSIR has a ric...
सेना में हर स्तर पर अब महिलाएं संभालेंगी कमान

सेना में हर स्तर पर अब महिलाएं संभालेंगी कमान

addtop, BREAKING NEWS, EXCLUSIVE NEWS, Today News, TOP STORIES, आर्थिक, राज्य, विश्लेषण, समाचार, सामाजिक
रक्षा मंत्रालय ने सेना में महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने के लिये आदेश जारी कर दिया है. उच्चतम न्यायालय ने फरवरी में एक ऐतिहासिक निर्णय में निर्देश दिया था कि शॉर्ट सर्विस कमीशन (एसएससी) योजना के तहत भर्ती की गईं सभी सेवारत महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने पर विचार किया जाए. सेना के प्रवक्ता कर्नल अमन आनंद ने कहा कि सरकारी आदेश से सेना में बड़ी भूमिकाओं में महिला अधिकारियों की भागीदारी का रास्ता साफ हो गया है.  भारतीय सेना के सभी 10 अंगों में शॉर्ट सर्विस कमीशन (एसएससी) महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने का निर्देश देता है. सैन्य वायु रक्षा, सिग्नल, इंजीनियर, सैन्य विमानन, इलेक्ट्रॉनिक एवं मैकेनिकल इंजीनियर, सैन्य सेवा कोर और खुफिया कोर में अब महिलाये देश का प्रतिनिधित्व करती नज़र आएगी दुनिया में आज हर क्षेत्र में महिलायें आगे बढ़ रही है और ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कर रही ...
Income Tax Department should make instant probe of heavy expenses on hotels and travel of MLAs of two factions of ruling Congress in Rajasthan

Income Tax Department should make instant probe of heavy expenses on hotels and travel of MLAs of two factions of ruling Congress in Rajasthan

addtop, Today News, राष्ट्रीय, विश्लेषण, सामाजिक
It has become an unholy and unethical political fashion for making and unmaking of state-governments by keeping MLAs bonded by rival factions in super costly hotels and resorts. Income Tax Department should make a smart beginning by grilling leaders of rival factions of Rajasthan Congress on extra-ordinary heavy expenses being done on keeping MLAs in super-costly hotels for so long and their travel. This expense-details and source of funding for both the groups should be made public. Such a practice should be for all future such happenings because it has become a trend in Indian politics. Such heavy expenses on political games is a matter of consideration because such expense by rival groups or parties is nothing but an investment for political business where the winning faction will be...