Shadow

सामाजिक

न्यायपालिका अपराधियों का

न्यायपालिका अपराधियों का

EXCLUSIVE NEWS, TOP STORIES, राष्ट्रीय, सामाजिक
न्यायपालिका अपराधियों कागठजोड़ दिखाई देता है लालू कीजमानत का केस देख कर -मीलॉर्ड रात को 9 बजे सुनवाईनहीं कर सकते थे क्या ?लालू मोदी की “गर्दन” दबानेकी बात कर रहा है, जानते हो ? CBI ने लालू की जमानत रद्द करने की मांग की थी जिस पर जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस एमएम सुंदरेश की पीठ ने शुक्रवार को मामले को सुनवाई के लिए लगाने पर ही सवाल खड़ा कर दिया और अगली तारीख 17 अक्टूबर, लगा दी - जजों ने इतने पुराने केस के लिए भी कह दिया कि इसे ऐसे दिन लगना चाहिए जब नए केसों की सुनवाई होती है, सोमवार और शुक्रवार इसमें शामिल नहीं हैं - दिसंबर, 2013 में सजा के खिलाफ झारखंड हाई कोर्ट में पहली अपील दायर की थी लालू ने लेकिन आज तक सुनवाई नहीं हुई है जबकि अन्य 4 और केस में कुल मिला कर 32.5 साल की सजा हो चुकी है - एक केस में उसके वकील सिब्बल ने दलील दी की उसने साढ़े तीन साल यानि आधी सजा भुगत ली है और इसलिए...
भाला फेंक में नीरज का स्वर्णिम अभियान

भाला फेंक में नीरज का स्वर्णिम अभियान

BREAKING NEWS, TOP STORIES, राष्ट्रीय, समाचार, सामाजिक
भाला फेंक में नीरज का स्वर्णिम अभियानमृत्युंजय दीक्षितसावन के पवित्र माह में चंद्रयान- 3 की अभूतपूर्व सफलता के बाद भाला फेंक में नीरज ने देशवासियों को यह नई सफलता देकर आनंद से भावविभोर कर दिया है। इस वर्ष का अधिमास सहित सावन अंतरिक्ष व क्रीड़ा जगत में नयी क्रांति का माह बन रहा है।एथलेटिक्स की भालाफेंक प्रतियोगिता में भारत के नीराज चोपड़ा ने हंगरी के बुडापेस्ट में आयोजित विश्व एथलेटिक्स चैपिंयनशिप के फाइनल में पहली बार स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। भालाफेंक में भारत को स्वर्ण दिलाने वाले वह पहले भारतीय एथलीटबन गये हैं।नीरज की सफलता से आज संपूर्ण भारत गर्वित व आनंदित है। नीरज की स्वर्णिम सफलता पर राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित पूरे देश ने बधाई दी है। नीरज ने इस सफलता के साथ ही अगले ओलंपिक के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है। नीरज ने फाइनल में 88.17 मीटर भाला फेंक क...
सोलह हजार क्षत्राणियों और बच्चों के साथ चित्तौड़ में रानी पद्मावती का जौहर

सोलह हजार क्षत्राणियों और बच्चों के साथ चित्तौड़ में रानी पद्मावती का जौहर

EXCLUSIVE NEWS, TOP STORIES, सामाजिक
26 अगस्त 1303 : सोलह हजार क्षत्राणियों और बच्चों के साथ चित्तौड़ में रानी पद्मावती का जौहर अलाउद्दीन खिलजी की कुटिलता और गोरा बादल के अद्भुत शौर्य की गाथा -- रमेश शर्मा अपने स्वत्व और स्वाभिमान रक्षा के लिये क्षत्राणियों की अगुवाई में स्त्री बच्चों द्वारा स्वयं को अग्नि में समर्पित कर देने का इतिहास केवल भारत में मिलता है । इनमें सबसे अधिक शौर्य और मार्मिक प्रसंग है चित्तौड़ की रानी पद्मावती के जौहर का । जिसका उल्लेख प्रत्येक इतिहासकार ने किया है । इस इतिहास प्रसिद्ध जौहर पर सीरियल भी बने और फिल्में भी बनीं। राजस्थान की लोक गाथाओं में सर्वाधिक उल्लेख इसी जौहर का है ।जौहर के विवरण भारत की अधिकांश रियासतों के इतिहास में मिलता है । जौहर की स्थिति तब बनती थी जब पराजय और समर्पण के अतिरिक्त सारे मार्ग बंद हो जाते थे । जौहर के सर्वाधिक प्रसंग राजस्थान के हैं । वहाँ कोई भी ऐसी रियासत नही...
मनाने के साथ समझने होंगे रक्षा बंधन के मायने ?

मनाने के साथ समझने होंगे रक्षा बंधन के मायने ?

BREAKING NEWS, TOP STORIES, सामाजिक
राखी के त्योहार का मतलब केवल बहन की दूसरों से रक्षा करना ही नहीं होता है बल्कि उसके अधिकारो और सपनों की रक्षा करना भी भाई का कर्तव्य होता है, लेकिन क्या सही मायनों में बहन की रक्षा हो पाती है। आज के समय में राखी के दायित्वों की रक्षा करना बेहद आवश्यक हो गया है। अगर इस पवित्र दिन अपनी बहन के साथ दुनिया की हर लड़की की रक्षा का वचन लिया जाए तो सही मायनों में इस त्योहार का उद्देश्य पूर्ण हो सकेगा। -प्रियंका सौरभ भाई-बहन का रिश्ता दुनिया के सभी रिश्तों में सबसे ऊपर है। हो भी न क्यों, भाई-बहन दुनिया के सच्चे मित्र और एक-दूसरे के मार्गदर्शक होते है। जब बहन शादी करके ससुराल चली जाती है और भाई नौकरी के लिए घर छोड़कर किसी दूसरे शहर चला जाता है तब महसूस होता है कि भाई-बहन का ये सर्वोत्तम रिश्ता कितना अनमोल है। सरहद पर खड़ा एक सैनिक भाई अपनी बहन को कितना याद करता है और बहनों की ऐसे वक़्त क्य...
चाँद के बाद, अब सूरज की बारी

चाँद के बाद, अब सूरज की बारी

BREAKING NEWS, TOP STORIES, समाचार, सामाजिक
अब सूरज की बारी है,यह भारत की तैयारी है। भारत के वैज्ञानिकों का यह ताज़ा संकल्प है, चाँद पर अवरोहण से पूरा देश उत्साहित है, भारत ने विश्व गुरु बनने की दिशा में बीते कल बड़ी छलांग लगाते हुए चांद के उस हिस्से पर राष्ट्रीय ध्वज लहरा दिया जहां आज तक कोई भी देश नहीं पहुंच सका था। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के वैज्ञानिकों ने चंद्रयान-3 को चांद के दक्षिणी ध्रुव पर उतारकर अंतरिक्ष की दुनिया में इतिहास रच दिया। देश ने धरती पर सपना देखा और चांद पर साकार किया, अब सूरज की बारी है । कुछ दिन पहले रूस ने चांद के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने की कोशिश की थी लेकिन उसका लूना-25 अंतरिक्ष यान चांद की सतह से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। ऐसे में भारत के चंद्रयान-3 मिशन की अहमियत और बढ़ गई थी। समूचे विश्व की निगाह इस मिशन पर थी। चंद्रयान-3 की सफलता के लिए देश के कोने-कोने में कल सुबह से पूजा, प...
आज हम चांद पर है।

आज हम चांद पर है।

BREAKING NEWS, Today News, TOP STORIES, राष्ट्रीय, समाचार, सामाजिक
सांप और साधुओं का देश कहा जाने वाला भारत आज स्पेस टेक्नोलॉजी में दुनिया के ताकतवर देशों के साथ खड़ा है। भारत चंद्रयान-3 मिशन के साथ चंद्रमा पर सफलतापूर्वक सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला चौथा देश बन गया है। चंद्रयान-3 अंतरिक्ष यान का रोवर चांद की सतह का अध्ययन करेगा और यह लैंडर के अंदर बैठकर गया है। लैंडर के मिशन की पूरी अवधि एक चंद्र दिवस की रहने वाली है, जो पृथ्वी के 14 दिन के बराबर है। पिछली बार क्रैश लैंडिंग हुई थी। पर इस बार अमेरिका, रूस और चीन के बाद भारत चांद की सतह पर लैंड करने वाला चौथा देश बन गया है। 'स्पेस के क्षेत्र में हमारी विशेषज्ञता में जबर्दस्त इजाफा हुआ है। भारत के चंद्रयान-3 को सॉफ्ट लैंडिंग में सफलता से भारत ऐसा करने वाला दुनिया का चौथा देश तो बना ही है साथ ही दक्षिणी ध्रुव के इलाके में लैंडिंग कराने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है। -डॉ सत्यवान सौरभ भारत की अंतरिक्...
I.N.D.I.A. बनाम एनडीए

I.N.D.I.A. बनाम एनडीए

BREAKING NEWS, TOP STORIES, राष्ट्रीय, सामाजिक
वर्ष 2024 में प्रस्तावित आगामी लोकसभा चुनावों के सन्दर्भ में अत्यधिक जोर शोर से राजनीतिक हलचल होनी प्रारम्भ हो गयी है। भारत के अधिकांश राजनीतिक दल दो खेमों में विभाजित हो गए हैं। पहला खेमा भाजपा नेतृत्व वाला एनडीए है जिसमें 38 पार्टियों का समावेश किया जा रहा है। सम्भावना यह है कि शीघ्र ही यह संख्या बढ़कर 40 तक हो सकती है। दूसरा खेमा कांग्रेस नेतृत्व वाला I.N.D.I.A. है, जिसके अन्तर्गत 26 पार्टियों का समावेश है। ऐसी सम्भावना है कि ज्यों-ज्यों चुनाव का समय पास आता जायेगा, त्यों-त्यों 26 में से 1-2 पार्टियाँ मोदी जी से प्रभावित होकर दूसरे खेमें में पहुँच जाएं। परन्तु इतना निश्चित है कि चुनाव से पूर्व जनता के समक्ष दो लुभावने विकल्प अवश्य प्रस्तुत होंगे। अब ये जनता पर निर्भर करेगा कि वर्ष 2024 के आगामी लोकसभा चुनाव में कौनसे विकल्प को प्राथमिकता देगी। परन्तु इतना अवश्य है कि आगामी लोकसभा च...
कब तक ‘रैगिंग की आंधी’ में बुझेंगे सपनों के दीप?

कब तक ‘रैगिंग की आंधी’ में बुझेंगे सपनों के दीप?

BREAKING NEWS, EXCLUSIVE NEWS, TOP STORIES, विश्लेषण, सामाजिक
कब तक 'रैगिंग की आंधी' में बुझेंगे सपनों के दीप? रैगिंग के नाम पर मैत्रीपूर्ण परिचय से जो शुरू होता है उसे घृणित और विकृत रूप धारण करने में देर नहीं लगती।  रैगिंग की एक अप्रिय घटना पीड़ित के मन में एक स्थायी निशान छोड़ सकती है जो आने वाले वर्षों तक उसे परेशान कर सकती है। पीड़ित खुद को शेष दुनिया से बदनामी और अलगाव के लिए मजबूर करते हुए एक खोल में सिमट जाता है। यह उस पीड़ित को हतोत्साहित करता है जो कई आशाओं और अपेक्षाओं के साथ कॉलेज जीवन में शामिल होता है। हालाँकि शारीरिक हमले और गंभीर चोटों की घटनाएँ नई नहीं हैं, लेकिन रैगिंग इसके साथ-साथ पीड़ित को गंभीर मनोवैज्ञानिक तनाव और आघात का कारण भी बनती है। जो छात्र रैगिंग का विरोध करना चुनते हैं, उन्हें भविष्य में अपने वरिष्ठों से बहिष्कार का सामना करना पड़ सकता है। जो लोग रैगिंग के शिकार होते हैं वे पढ़ाई छोड़ सकते ह...
कांग्रेस के नए अध्यक्ष खड़गे की मोदीजी ने संसद में खोल दी पोल?

कांग्रेस के नए अध्यक्ष खड़गे की मोदीजी ने संसद में खोल दी पोल?

BREAKING NEWS, TOP STORIES, राष्ट्रीय, सामाजिक
आम तौर पर पीएम मोदी जी को एक मृदुभाषी सज्जन के रूप में कम आंकते रहे हैं, लेकिन हम में से बहुत से लोग यह नहीं जानते, कि जब वह अपने विरोधियों पर टूट पड़ते हैं तो उनकी नाक से खून बहा देते हैं! यहां एक उदाहरण है, जिसे हमारे भ्रष्ट मीडिया द्वारा स्पष्ट कारणों से छुपाया गया... संसद में कांग्रेस के नेता, मल्लिकार्जुन खड़गे एक दलित हैं, जैसा कि सभी जानते हैं, उन्होंने संसद में एक लड़ाकू की हरकतों और "बॉडी लैंग्वेज" के साथ एक सवाल उठाया, वस्तुतः भारी आवाज के साथ चिल्लाकर, अपने अंगों को जोर से हिलाकर और मोदीजी से एक प्रश्न पूछा!? हम दलितों के लिए आपको प्रति परिवार कम से कम एक प्रतिशत भूमि आवंटित करनी चाहिए! लोकसभा में पिन ड्रॉप साइलेंस रहा। सब कुर्सी के किनारे आ गए, कुछ समय के लिए रोका गया मानो वह इसे "नाटकीय" बनाने की प्रतीक्षा कर रहे हों! मोदीजी ने कुछ समय लिया और अपनी सीट स...
“आखिर इन बातों से कब मिलेगी आजादी ?”

“आखिर इन बातों से कब मिलेगी आजादी ?”

BREAKING NEWS, TOP STORIES, राष्ट्रीय, सामाजिक
डॉ. अजय कुमार मिश्रादेश को आजाद हुए 76 वर्ष पुरे हो गए और अभी देश ने 77वां स्वतंत्रता दिवस मनाया है | इन 76 वर्षो में अनेकों अप्रत्याशित बदलाव और उपलब्धियां रही है जिससे देश का प्रत्येक नागरिक अत्यधिक मजबूत हुआ है साथ ही कई बिन्दुओं में हम अंतर्राष्ट्रीय मानकों की भी पूर्ति कर रहें है | राजनीतिक दृष्टिकोण से देखें तो आजादी का अमृत काल चल रहा है और चारोतरफ खुशहाली दिखाई पड़ रही है | इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता की वर्तमान केंद्र सरकार ने अनेकों निर्णय लेकर देश को बेहतर करने का कार्य किया है | इसके प्रभाव को अभी महसूस किया जा रहा है | विगत 76 वर्षों में हम यदि बारीकी से आकलन करें तो हम संवेदनहीन हुए है और राजनीतिक विचारधाराओं ने वोट गणित में मुद्दों की बलि चढ़ा दी है |अब आम आदमी पर राजनीतिक प्रभाव इतना गहरा दिखाई पड़ने लगा है की वह बड़ी से बड़ी घटनाओं पर प्रश्न करने के बजाय इस तरह का व्य...