भेदभाव नहीं, समन्वय एवं सौहार्द ही जरूरत है
- ललित गर्ग-
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सबका साथ सबका विकास का नारा दिया था। वे समय-समय पर इस जरूरत को रेखांकित करते हैं और इसी के मुताबिक योजनाएं तैयार करने का प्रयास भी करते रहे हैं। अभी मुंबई में दाउदी बोहरा समुदाय के एक कार्यक्रम में हिस्सा लेकर जिस तरह उन्होंने इस समुदाय के साथ अपने दशकों पुराने संबंध का उल्लेख किया, उससे एक बार फिर यही जाहिर हुआ कि वे मुसलिम समुदाय से भी उतना ही जुड़ाव महसूस करते हैं, जितना दूसरे समुदायों से। वे बार-बार रेखांकित कर चुके हैं कि देश का सर्वांगीण विकास तब तक संभव नहीं है, जब तक मुसलिम समुदाय को भी साथ लेकर न चला जाए। पिछले कुछ वक्त से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत भी मुस्लिम बुद्धिजीवियों से लगातार मुलाकात कर रहे हैं। वह इमामों से मिलने मस्जिद भी गए और मदरसे जाकर बच्चों से मुलाकात की। संघ इसे सामान्य संवाद बता रहा है। मगर,...









