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मधुमेह उपचार में उपयोगी हो सकता है नया ड्रग मॉलिक्यूल

मधुमेह उपचार में उपयोगी हो सकता है नया ड्रग मॉलिक्यूल

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मधुमेह उपचार में उपयोगी हो सकता है नया ड्रग मॉलिक्यूल नई दिल्ली, 02 मई (इंडिया साइंस वायर): भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी के शोधकर्ताओं ने एक ऐसे दवा अणु (Drug Molecule) की पहचान की है, जिसका उपयोग मधुमेह के उपचार में किया जा सकता है। PK2 नामक यह अणु अग्न्याशय द्वारा इंसुलिन के स्राव को ट्रिगर करने में सक्षम है, और संभावित रूप से मधुमेह के लिए मौखिक रूप से दी जाने वाली दवा में इसका उपयोग किया जा सकता है। इस अध्ययन से जुड़े आईआईटी मंडी के प्रमुख शोधकर्ता डॉ. प्रोसेनजीत मंडल का कहना है कि “मधुमेह के लिए उपयोग की जाने वाली एक्सैनाटाइड और लिराग्लूटाइड जैसी मौजूदा दवाएं इंजेक्शन के रूप में दी जाती हैं, जो महंगी होने के साथ-साथ अस्थिर होती हैं। हम ऐसी सरल दवाएं खोजना चाहते हैं, जो टाइप-1 और टाइप-2 मधुमेह दोनों के खिलाफ स्थिर, सस्ता और प्रभावी विकल्प बनने में सक्षम हों।” मधु...
पशु चिकित्सकों को भी अपने व्यक्तिगत स्वास्थ्य और कल्याण की जरूरत है।

पशु चिकित्सकों को भी अपने व्यक्तिगत स्वास्थ्य और कल्याण की जरूरत है।

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पशु चिकित्सकों को भी अपने व्यक्तिगत स्वास्थ्य और कल्याण की जरूरत है। (पशु चिकित्सकों को, अपने रोगियों की तरह, अपने व्यक्तिगत स्वास्थ्य और कल्याण को बनाए रखने के लिए उचित उपकरण और सहायता की आवश्यकता होती है। स्वस्थ जानवरों को स्वस्थ  पशु चिकित्सकों की आवश्यकता होती है। पशु चिकित्सक  दैनिक चुनौतियों और संकटों को संभालने के लिए बेहतर ढंग से सुसज्जित होना जरूरी हैं।) -सत्यवान 'सौरभ' वेटरनरी इंस्पेक्टर, पशु पालन विभाग, हरियाणा सरकार किसी भी क्षेत्र के अन्य डॉक्टरों की तरह पशु चिकित्सक भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। जानवर, चाहे पालतू जानवर हों या आवारा, प्यार और देखभाल की जरूरत होती है। और यहीं से पशु चिकित्सक बचाव के लिए आते हैं। हर साल अप्रैल के आखिरी शनिवार को, दुनिया भर के लोग पशु चिकित्सकों द्वारा निभाई जाने वाली महत्वपूर्ण भूमिकाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए एक साथ आते हैं। विश्व स...
योग-क्रांति है गुड गवर्नेस का मॉडल

योग-क्रांति है गुड गवर्नेस का मॉडल

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योग-क्रांति है गुड गवर्नेस का मॉडल - ललित गर्ग - मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल देश एवं दुनिया में मुफ्त की सुविधाओं के लिये जाने जाते हैं। अब उन्होंने दिल्ली में रहने वाले लोगों के लिए निशुल्क योग कराने का निर्णय लिया है, क्योकि दिल्ली के आम-आदमी का भागदौड़ की प्रदूषणभरी जिंदगी में शरीर, मन और आत्मा स्वस्थ्य नहीं है, ऐसे में योग उनकी बड़ी मदद कर सकेगा, ऐसा विश्वास है। निश्चित ही यह एक स्वागतयोग्य कदम है। राजनीति का मकसद सिर्फ सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि उन्नत एवं स्वस्थ जीवनशैली प्रदत्त करना भी है, इस दृष्टि से दिल्ली सरकार ने योग और मेडिटेशन को जन आंदोलन बनाकर दिल्ली के घर-घर तक पहुंचाने का निर्णय लेकर सूझबूझ एवं आदर्श शासन-व्यवस्था का संकेत दिया है। इनदिनों दिल्ली योग के पोस्टरों से पटी है। जनवरी से दिल्ली में जगह-जगह योग की क्लासेज भी शुरू हो जायेगी। यह पूरे देश में अप...
बेहतर कार्ययोजना से लैस हो प्रौद्योगिकी विजन-2047

बेहतर कार्ययोजना से लैस हो प्रौद्योगिकी विजन-2047

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“बेहतर कार्ययोजना से लैस हो प्रौद्योगिकी विजन-2047” नई दिल्ली, 28 अप्रैल (इंडिया साइंस वायर): देश स्वाधीनता के 75वें वर्ष से गुजर रहा है और 25 साल बाद वर्ष 2047 में हम स्वतंत्र भारत की 100वीं वर्षगाँठ मनाएंगे। स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष में देश को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में महाशक्ति के रूप में स्थापित करना भारत का लक्ष्य है, जिसके लिए स्वयं को समर्पित करने के साथ-साथ एक विस्तृत रूपरेखा की आवश्यकता है। देश के समग्र विकास में प्रौद्योगिकी की भूमिका सुनिश्चित करने के लिए नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ राजीव कुमार ने सूचना, पूर्वानुमान एवं मूल्यांकन परिषद् (टाइफैक) से प्रौद्योगिकी विजन-2047 दस्तावेज में प्रभावी कार्ययोजना को शामिल किये जाने का आह्वान किया है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग से सम्बद्ध टाइफैक द्वारा आयोजित दो दिवसीय ‘टेक्नोलॉजी ऐंड सस्टेनेबिलिटी फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इं...
मुस्लिम नौकरी करने से ज्यादा देने के बारे में भी सोचें

मुस्लिम नौकरी करने से ज्यादा देने के बारे में भी सोचें

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मुस्लिम नौकरी करने से ज्यादा देने के बारे में भी सोचें आर.के. सिन्हा यकीन मानिए कि कभी-कभी बहुत अफसोस होता कि मुसलमानों को उनके रहनुमाओं ने हिजाब, बुर्का, उर्दू जैसे खतरे के वहम में फंसा कर रखा हुआ है। यह बात उत्तर भारत के मुसलमानों को लेकर विशेष रूप से कही जा सकती है। मुसलमानों के कथित नेता यही चाहते हैं कि इनकी कौम अंधकार के युग में ही बनी रहे। वहां से कभी निकले ही नहीं। इसलिए आज के दिन उत्तर भारत के मुसलमानों में जीवन में आगे बढ़ने को लेकर उस तरह का कोई जज्बा दिखाई नहीं देता जैसा हम गैर- हिन्दी भाषी राज्यों के मुसलमानों में देखते हैं। उत्तर भारत के मुसलमान अब भी सिर्फ नौकरी करने के बारे में ही सोचते हैं। जो कायदे से शिक्षित नहीं हैं, वे कारपेंटर, पेंटर, वेल्डर या मोटर मैकनिक बनकर खुश हो जाते हैं। शिक्षित मुसलमान अजीम प्रेमजी (विप्रो), हबील खुराकीवाला (वॉक फार्ड) या युसूफ हामिद (सि...
मोतियाबिंद : बीमारी के साथ जीने से बेहतर है कि आंखों की सर्जरी कराएं : डा. महिपाल सिंह सचदेव

मोतियाबिंद : बीमारी के साथ जीने से बेहतर है कि आंखों की सर्जरी कराएं : डा. महिपाल सिंह सचदेव

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मोतियाबिंद : बीमारी के साथ जीने से बेहतर है कि आंखों की सर्जरी कराएं : डा. महिपाल सिंह सचदेव आंखों का स्पष्ट व पारदर्शी लेंस जो नजर को फोकस करने की विधि का एक मुख्य हिस्सा है, उम्र के साथ धुंधला और अपारदर्शी होने लगता है। इसके कारण दृष्टि के बाधित होने को मोतियाबिंद या सफेद मोतिया कहते हैं। लेंसों के धुंधले पडने के कारण लाइट लेंसों से स्पष्ट रूप से गुजर नहीं पाती, जिससे दृष्टि कमजोर पड़ जाती है। नजर धुंधली होने के कारण मोतियाबिंद से पीडित लोगों को पढऩे, नजर का काम करने, कार चलाने (विशेषकर रात के समय) में समस्या आती है। हालांकि कुछ लक्षण हैं जिनकी जितनी जल्दी हो सके पहचान करके मोतियाबिंद को गंभीर होने से रोका जा सकता है। अगर आपको दूर या पास का कम दिखाई दे, गाड़ी ड्राइव करने में समस्या हो या आप दूसरे व्यक्ति के चेहरे के भावों को न पढ़ पाएं तो समझिए की आप की आंख...
नृत्य है अपूर्व शांति का माध्यम

नृत्य है अपूर्व शांति का माध्यम

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विश्व नृत्य दिवस- 29 अप्रैल 2022 नृत्य है अपूर्व शांति का माध्यम -ललित गर्ग - अंतर्राष्ट्रीय नृत्य दिवस पूरे विश्व में 29 अप्रैल मनाया जाता है। अंतरराष्ट्रीय नृत्य दिवस की शुरुआत 29 अप्रैल 1982 से हुई।  ‘बैले के शेक्सपियर’ की उपाधि से सम्मानित एक महान् रिफॉर्मर एवं लेखक जीन जार्ज नावेरे के जन्म दिवस की स्मृति में यूनेस्को के अंतर्राष्ट्रीय थिएटर इंस्टीट्यूट की डांस कमेटी ने  29 अप्रैल को अंतरराष्ट्रीय नृत्य दिवस के रूप स्थापित किया है। जीन जार्ज नावेरे ने 1760 में ‘लेर्टा ऑन द डांस’ नाम से एक पुस्तक लिखी थी, जिसमें नृत्य कला की बारीकियों को प्रस्तुत किया गया। जबकि नृत्य की उत्पत्ति भारत में ही हुई है, यहां की नृत्य कला अति प्राचीन है, कहा जाता है कि यहां नृत्य की उत्पत्ति 2000 वर्ष पूर्व त्रेतायुग में देवताओं की विनती पर ब्रह्माजी ने की और उन्होंने नृत्य वेद तैयार किया, तभी से नृत्य क...
साम्प्रदायिक भाइचारे से खिलवाड़ कब तक?

साम्प्रदायिक भाइचारे से खिलवाड़ कब तक?

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साम्प्रदायिक भाइचारे से खिलवाड़ कब तक? -ललित गर्ग -देश लम्बे समय से शांत था, एकाएक एक वर्ग-विशेष एवं कतिपय राजनीतिक दलों को यह शांति, साम्प्रदायिक सौहार्द एवं अमन-चैन की स्थितियां रास नहीं आयी और उन्होंने साम्प्रदायिक भाईचारे एवं सौहार्द को खण्डित करने का सफल षडयंत्र रच दिया। लेकिन सर्वाेच्च न्यायालय ने मंगलवार को दो अलग-अलग मामलों में यह बिल्कुल साफ कर दिया कि देश के सांप्रदायिक भाईचारे से खिलवाड़ करने की छूट किसी को नहीं दी जाएगी और इसके लिए शीर्ष अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों से बच नहीं सकते। राष्ट्रीय एकता-अखण्डता, साम्प्रदायिक सौहार्द एवं शांति-व्यवस्था को किसी भी जाति एवं धर्म का व्यक्ति आहत करें, उसकी निन्दा ही नहीं, कठोर कार्रवाही होनी ही चाहिए। ऐसी घटनाओं के प्रति न्यायालय जागरूक हो, उससे पहले समाज को जागरूक होना चाहिए। हम अलविदा करें उन सब साम्प्रदायिक दुराग्रहों एवं संकी...
कश्मीरी दिखाएं भारत के प्रति अटूट आस्था

कश्मीरी दिखाएं भारत के प्रति अटूट आस्था

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इसलिए कश्मीरी दिखाएं भारत के प्रति अटूट आस्था अथवा कश्मीर में पर्यटकों की रिकार्ड आवक का मतलब समझें आर.के. सिन्हा कश्मीर की वादियों से बहने वाली फिजाएं अब कश्मीरियों के बीच एक उम्मीद अवश्य जगा रही हैं। उम्मीद इस बात कि अब घाटी में जिंदगी पटरी पर लौट रही है। वहां पर भय तथा डर का माहौल लगभग समाप्त हो रहा है। यदि यह बात सच से परे होती तो श्रीनगर के एयरपोर्ट पर पिछले मार्च महीने में एक लाख 80 हजार टूरिस्ट सैर सपाटा के लिए नहीं पहुंचते। यह आंकड़ा पिछले दस सालों की घाटी में पर्यटकों की मासिक आवक के लिहाज से सबसे बड़ा है। बात यहां पर ही खत्म नहीं हो रही। अभी राज्य सरकार के पर्यटन क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों को लगता है कि आने वाले दिनों-महीनों में पर्यटकों की संख्या में और अधिक  इजाफा हो सकता है। आखिर मई तथा जून में गर्मियों के कहर से बचने के लिए देशभर से पर्यटक घाटी की वादियों, झीलों, धार्मिक...
नये बायो-इन्क्यूबेशन केंद्र से जम्मू-कश्मीर में स्टार्टअप कल्चर बढ़ने की उम्मीद

नये बायो-इन्क्यूबेशन केंद्र से जम्मू-कश्मीर में स्टार्टअप कल्चर बढ़ने की उम्मीद

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नये बायो-इन्क्यूबेशन केंद्र से जम्मू-कश्मीर में स्टार्टअप कल्चर बढ़ने की उम्मीद  वैज्ञानिक तथा औद्योगिकी अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) की जम्मू स्थित प्रयोगशाला - इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीग्रेटिव मेडिसिन (सीएसआईआर-आईआईआईएम) में बायोनेस्ट (BioNEST) इन्क्यूबेशन सेंटर शुरू हो गया है। केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी; राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पृथ्वी विज्ञान; राज्य मंत्री पीएमओ, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष, डॉ जितेंद्र सिंह द्वारा बायोनेस्ट की शुरुआत की गई है। बायोनेस्ट के आरंभ से जम्मू-कश्मीर में सुगंधित एवं औषधीय पौधों पर आधारित स्टार्टअप्स को बढ़ावा मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। भारत सरकार के जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) द्वारा जम्मू-कश्मीर में जैव प्रौद्योगिकी आधारित स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहन देने और स्थानीय युवाओं में उद्यमीय द...