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युद्ध के विरूद्ध खड़ा हो भारत

युद्ध के विरूद्ध खड़ा हो भारत

Current Affaires, राष्ट्रीय, विश्लेषण, सामाजिक
युद्ध के विरूद्ध खड़ा हो भारत आर.के. सिन्हा रूस के हमलों से तार-तार हो रहे यूक्रेन से आ रही खबरें और तस्वीरों को देखकर किसी भी सॅंवेदनशील व्यक्ति का दिल दहल रहा है। रूसी सेनाएं लगातार हमले बोल रही है। उससे जान-माल की बड़े स्तर पर तबाही हो रही है। बम वर्षा से मानवता मर रही है। विश्व बिरादरी की तमाम अपीलों से बेरपवाह रूस यूक्रेन पर हल्ला बोल रहा है। क्यों नहीं किसी भी मसले का हल वार्ता से निकलता। अगर बातचीत के बाद हल नहीं निकल रहा है, तो समझ लें दोनों में से कोई पक्ष शांति और अमन को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने दुनिया के हर अहम शहर में बने उन कब्रिस्तानों को नहीं देखा जहां पर पहले,दूसरे विश्व युद्ध या फिर किसी अन्य जंग के शहीद चिर निद्रा में हैं। पिछले 100-125 सालों में विभिन्न जंगों में करोड़ों लोगों की जान गई है। आखिर किसी को क्या मिल गया इतने लोगों को मार देने के बाद भी। युद्ध के विरूद्...
भारत का सांस्कृतिक अभ्युदय

भारत का सांस्कृतिक अभ्युदय

Current Affaires, विश्लेषण, संस्कृति और अध्यात्म, सामाजिक
भारत का सांस्कृतिक अभ्युदय विनोद बंसल राष्ट्रीय प्रवक्ता-विहिप सदियों की परतंत्रता के बाद 1947 में देश को राजनैतिक स्वतंत्रता तो मिली किन्तु, दुर्भाग्यवश उसके सांस्कृतिक स्वरूप पर होने वाले अनवरत हमलों पर कोई विराम न लग सका। स्वतंत्रता के 7 दशकों तक भी  हम ना तो अपने मंदिरों को मुक्त कर पाए, न नदियों को, न सांस्कृतिक विरासतों को, ना अपने महापुरुषों को। हमारे ऐतिहासिक गौरव या गौरवशाली परंपराएं थीं उनको ऐतिहासिक विकृतियों के चलते कुरूपित किया जाता रहा। उनकी वास्तविकता कभी समाज के सामने आ ही नहीं पाई। किंतु, 2014 में अचानक अप्रत्याशित रूप से भारत के सांस्कृतिक अभ्युदय का मार्ग प्रशस्त होते हुए दिखा। जब देश के प्रधानमंत्री अपनी विदेश यात्रा में अमेरिका के राष्ट्रपति को भेंट स्वरूप श्रीमद्भागवत गीता देते हैं, जब वे आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री को अक्षरधाम की सीढ़ियों पर बिठा कर ही बिना क...
जेएनयू की उप कुलपति और कपिव देव की अंग्रेजी पर सवाल करने वाले कौन

जेएनयू की उप कुलपति और कपिव देव की अंग्रेजी पर सवाल करने वाले कौन

Current Affaires, TOP STORIES, विश्लेषण, सामाजिक
जेएनयू की उप कुलपति और कपिव देव की अंग्रेजी पर सवाल करने वाले कौन-आर.के. सिन्हा अपने देश में एक इस तरह का तथाकथित प्रगतिशील बुद्धिजीवी तबका उभरा है, जो मानता है कि पढ़ा लिखा और शिक्षित मात्र वही है जिसका अंग्रेजी का ज्ञान शेक्सपियर के नाटकों के पात्र जैसा क्लिष्ट होता है। ये आजाद भारत में रहते हुए भी गुलाम मानिसकता से अपने को बाहर निकाल पाने में असमर्थ हैं। यह भी संभव है कि इस इस गुलामी की सोच से निकलना ही न चाहते हों। इनके निशाने पर अब जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय ( जेएनयू) में हाल ही में नियुक्त हुईं उप कुलपति प्रोफेसर शांतिश्री धूलिपुडी पंडित हैं। प्रोफेसर शांतिश्री न केवल जेएनयू की नई कुलपति हैं, बल्कि; वे यहां की पहली महिला कुलपति भी हैं। अभी तक जेएनयू में कभी भी किसी महिला को उप कुलपति के तौर पर नियुक्त नहीं किया गया था। ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी महिला ने यह पद संभाला है। अंग्रे...
समतामूलक समाज का द्योतक है लैंगिक समानता या लैंगिक समानता बनाम सामाजिक संतुलन

समतामूलक समाज का द्योतक है लैंगिक समानता या लैंगिक समानता बनाम सामाजिक संतुलन

Current Affaires, सामाजिक
समतामूलक समाज का द्योतक है लैंगिक समानता या लैंगिक समानता बनाम सामाजिक संतुलन डॉ. शंकर सुवन सिंह महिला शब्द नारी को गरिमामयी बनाता है। महिला शब्द नारी के आदर भाव को प्रकट करता है। स्त्री शब्द नारी के सामान्य पक्ष को प्रदर्शित करता है। नर का स्त्रीलिंग ही नारी कहलाता है। नारी शब्द का प्रयोग मुख्यत: वयस्क स्त्रियों के लिए किया जाता है। नारी शब्द का प्रयोग संपूर्ण स्त्री वर्ग को दर्शाने के लिए भी किया जाता है। औरत एक अरबी शब्द है,। औरत शब्द ‘औराह’ धातु से बनी है। जिसका अर्थ शरीर को ढंकना होता है। अरबी मजहब में औरत की यही परिभाषा है। स्त्री, प्रकृति सूचक है। यह स्वभाव वाचक शब्द है। नारी, देवत्व सूचक है। यह गुणवाचक शब्द है। महिला, सामाजिक प्रस्थिति सूचक है। यह अधिकार वाचक शब्द है। औरत, मजहबी सूचक है। यह उपभोग बोधक शब्द है। मादा (फीमेल), जैविक सूचक है। यह प्रजनन बोधक शब्द है। वूमेन,पराधीनता स...
कोई बचा ले पाक के शियाओं को मरने से

कोई बचा ले पाक के शियाओं को मरने से

Current Affaires, EXCLUSIVE NEWS, विश्लेषण, सामाजिक, साहित्य संवाद
कोई बचा ले पाक के शियाओं को मरने से-आर.के. सिन्हा पाकिस्तान के पेशावर की एक शिया मस्जिद में बीते शुक्रवार को जुमे की नमाज के दौरान हुए दिल दहलाने वाले आत्मघाती बम विस्फोट में लगभग 60 से अधिक शिया नमाजी मारे गए और 200 से अधिक घायल हो गए। मारे गए लगभग सभी अभागे शिया मुसलमान बताए जाते हैं। अब गौर करें कि हमलावरों ने निशाना बनाया शिया मुसलमानों और उनकी इबादतगाह को। यह भी याद रखा जाए कि एक इस्लामिक मुल्क में ही शिया मुसलमानों का जीना मुश्किल हो गया है। वे हर वक्त डर-भय के साए में रहते हैं। यह हाल उस पाकिस्तान का है, जो मुसलमानों के वतन के रूप में बना था या जबरदस्ती जिन्ना वादियों द्वारा बनवाया गया था। पेशावर की शिया मस्जिद में हुआ हमला कोई अपने आप में पहली बार नहीं हुआ है । वहां पर शिया मुसलमानों पर लगातार जुल्मों-सितम होते रहे हैं। शिया पाकिस्तान की आबादी का 10 से 15 फीसदी है। वे देश के ...
India Should Stand Against War – R.K. Sinha

India Should Stand Against War – R.K. Sinha

Current Affaires, विश्लेषण, सामाजिक
India Should Stand Against War - R.K. Sinha It is heart-wrenching for a sensitive person to hear and see the grave news and images of atrocities committed in Ukraine currently under the Russian attack. Russian forces are relentlessly advancing, destroying life and property on a massive scale. Humanity is dying as bombs rain destruction from the skies. Despite countless appeals of leaders, Russia continues to attack Ukraine. Why aren't all issues be resolved through debate and discussion? If a solution is not found even after that, it implies neither side is serious about peace and tranquility. They haven't seen the cemeteries built as the final resting place for the martyrs of the First and Second World Wars in every important city of the world. In the last 100-125 years, crores of p...
New tech to aid screening and monitoring of lung diseases

New tech to aid screening and monitoring of lung diseases

EXCLUSIVE NEWS, विश्लेषण, सामाजिक
New tech to aid screening and monitoring of lung diseases India has a high burden of Tuberculosis, recording close to 2.64 million cases and 75,000 plus deaths in 2019. A considerable percentage of these cases come from underdeveloped, remote areas without proper access to healthcare services. It is a huge challenge to triage, screen, and monitor it promptly, and at scale, with minimal resources. A project enabled by the Bengaluru-based Centre for Cellular and Molecular Platforms, (C-CAMP), and supported by the UK’s Foreign, Commonwealth & Development Office (FCDO), has led to the development of a technology that promises to offer a rapid, affordable, easy-to-use, and point of care solution. It is an AI-based mobile app. A person just has to cough into a mobile phone and receive...
औषधीय पौधों पर अनुसंधान और विकास के लिए नई साझेदारी

औषधीय पौधों पर अनुसंधान और विकास के लिए नई साझेदारी

Current Affaires, TOP STORIES, विश्लेषण, सामाजिक
औषधीय पौधों पर अनुसंधान और विकास के लिए नई साझेदारी औषधीय पौधों से संबंधित कृषि-प्रौद्योगिकियों एवं मूल्यवर्द्धित उत्पादों पर केंद्रित अनुसंधान एवं विकास और इस मुद्दे पर अंतर-मंत्रालयी सहयोग को बढ़ावा देने के लिए आयुष मंत्रालय, वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के बीच एक नया त्रिपक्षीय करार किया गया है। आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा; डॉ. त्रिलोचन महापात्र, महानिदेशक, आईसीएआर और सचिव, कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग; और डॉ शेखर सी. मांडे, महानिदेशक, सीएसआईआर एवं सचिव, वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान विभाग (डीएसआईआर); ने इससे संबंधित समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। अपनी समृद्ध संस्कृति और गौरवशाली इतिहास के साथ भारत स्वास्थ्य, कृषि, और कई अन्य क्षेत्रों में मूल्यवान वैज्ञानिक विरासत के लिए जाना जाता है। यह समृद्ध विरा...
एग्जिट पोल्स

एग्जिट पोल्स

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एग्जिट पोल्स कहते हैं कि पंजाब में बदलाव हो सकता है। AAP यहां पहली बार सरकार बना सकती है। वहीं, उत्तराखंड और गोवा में BJP की राह मुश्किल होती दिख रही है। पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। आम मतदाताओं से लेकर नेताओं और राजनीतिक विश्लेषकों तक के मन में यही सवाल रहा कि क्या राज्य में भाजपा की वापसी होगी? ...और वापसी हुई तो कितनी सीटों के साथ? सोमवार को आखिरी चरण के मतदान के बाद एग्जिट पोल्स में इसका आकलन किया गया। 12 में से 10 एग्जिट पोल्स में भाजपा को साफ तौर पर बहुमत मिलते दिखाया गया। वहीं, बचे हुए दो एग्जिट पोल्स में से एक में सपा की सरकार बनने का दावा किया गया है और दूसरे पोल में भाजपा-सपा के बीच कांटे की टक्कर का अनुमान जताया गया है। ...
प्रति व्यक्ति शुद्ध राज्य के मामले में तेलंगाना देश में सबसे ऊपर

प्रति व्यक्ति शुद्ध राज्य के मामले में तेलंगाना देश में सबसे ऊपर

BREAKING NEWS, Current Affaires, TOP STORIES, आर्थिक, राज्य, सामाजिक
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (Ministry of Statistics and Programme Implementation - MoSPI) द्वारा वर्तमान कीमतों पर प्रति व्यक्ति शुद्ध राज्य घरेलू उत्पाद ( Per Capita Net State Domestic Product) की वृद्धि दर के मामले में तेलंगाना भारत में एक करोड़ से अधिक आबादी वाला शीर्ष प्रदर्शन करने वाला राज्य बन गया। यह महाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिलनाडु जैसे अन्य राज्यों में सफल रहा। MoSPI के अनुसार: तेलंगाना का सकल राज्य घरेलू मूल्य (जीएसडीपी) 2011-12 में 359434 करोड़ रुपये से बढ़कर 2021-22 में 1,154,860 करोड़ रुपये हो गया। इसने 2011-12 से जीएसडीपी की वृद्धि 31.12 प्रतिशत दर्ज की। यह देश के किसी भी राज्य के लिए उच्चतम विकास दर में से एक है। जीएसडीपी में प्रतिशत वृद्धि के संदर्भ में, तेलंगाना ने अपनी विकास दर में 2020 से वर्तमान तक लगभग 17% की सबसे तेजी से वृद्धि दिखाई है। प्रमुख परिय...