श्रीरामकथा के अल्पज्ञात दुर्लभ प्रसंग
श्रीरामकथा के अल्पज्ञात दुर्लभ प्रसंग
विभिन्न रामायणों में श्रीराम-चरण पादुका प्रसंग
भारत की प्राय: सभी भाषाओं की रामायणों के अयोध्याकाण्ड के अन्त में श्रीराम एवं भरतजी की भेंट का मार्मिक वर्णन प्राप्त होता है। अंत में श्रीराम वशिष्ठ के माध्यम से भरतजी को समझा बुझा कर तथा श्रीराम की चरण पादुकाओं सहित ले जाते हैं। श्रीराम ने भरत को अपने अवतार लेने का उद्देश्य-रहस्य तथा राक्षसों के संहार करने के लिए एवं मुनि-ऋषियों की रक्षा के लिए, पृथ्वी के भार को कम करने आदि का कारण नहीं बताया। श्रीराम मर्यादा पुरुषोत्तम हैं वे अपने मुख से यह सब कैसे कह सकते हैं? अत: वशिष्ठजी ने भरत को श्रीराम के अवतार लेने एवं राक्षसों के संहार करने का रहस्य बताकर, श्रीराम के प्रतिनिधि के रूप उनकी चरण पादुकाओं को लेकर लौटने का कहा। यह प्रसंग रोचक, मार्मिक, रहस्यपूर्ण और भ्रातृप्रेम का अपूर्व उदाहरण हैं। अत: ...








