
भारत में जैव ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देना ही होगा
भारत अपनी ऊर्जा की कुल आवश्यकता का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा कच्चे तेल के रूप में आयात करता है एवं भारत के कुल आयात में कच्चे तेल की भागीदारी सबसे अधिक है। इससे भारत के विदेश व्यापार में असंतुलन पैदा होता है तथा विदेश व्यापार घाटा लगातार बढ़ता जा रहा है। कच्चे तेल को परिष्कृत कर पेट्रोल एवं डीजल के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, जो कि जीवाश्म ऊर्जा की श्रेणी में आता है, इससे कार्बनडाई आक्सायड नामक गैस वातावरण में फैलती है और देश का पर्यावरण दूषित होता है। अतः अब समय आ गया है कि भारत में जीवाश्म ऊर्जा के उपयोग को कम करते हुए जैव ईंधन के उपयोग को बढ़ावा दिया जाय। इस दृष्टि से हाल ही में जी-20 सम्मेलन के इत्तर भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन की घोषणा 9 सितम्बर 2023 को की। 9 संस्थापक सदस्य और 2 पर्यवेक्षक देश इस लॉंचिंग में शामिल हुए। वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन...