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INDIA n SHEIKH HASINA VISIT

INDIA n SHEIKH HASINA VISIT

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A joint statement said the two countries would start negotiations on sharing waters of the Feni, Manu, Muhuri, Khowai, Gumti, Dharla and Dudhkumar rivers. The two countries signed five defence cooperation agreements, including a $500 million line of credit for defence purchases from India. PM Modi (R) and Bangladesh PM Sheikh Hasina share a light moment during an agreement signing ceremony in New Delhi on April 8.   PM MODI promised an early solution to the vexed Teesta water dispute with Bangladesh. "I firmly believe that it is only my government and excellency Sheikh Hasina, your government that can and will find an early solution to Teesta water sharing," he told the visiting Bangladeshi Prime Minister, who is India's staunch ally against terrorism. ...
तो अब देश निकालेगा राम मंदिर मसले का हल

तो अब देश निकालेगा राम मंदिर मसले का हल

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तो क्या अब माना जाए कि अब अयोध्या में राम जन्मभूमि विवाद का शीघ्र ही कोई सर्वमान्य हल हो सकता है? राम जन्मभूमि विवाद की अदालत के बाहर हल होने की संभावनाएं जगी हैं। सुप्रीम कोर्ट ने मामले को संवेदनशील और आस्था से जुड़ा बताते हुए पक्षकारों से बातचीत के जरिए आपसी सहमति से मसले का हल निकालने को कहा है। यानी अब सभी पक्षकारों को एक अनुपम अवसर मिल गया है कि वेअयोध्या विवाद पर कोई सहमति बना लें। लंबे समय से चले मसले पर कोई सर्वानुमति सामने आ जाए। माननीय सुप्रीम कोर्ट ने तो यहां तक सुझाव दिया है कि अगर जरूरत पड़ी तो विवाद के हल निकालने के लिए सुप्रीम कोर्ट मध्यस्थता को भी तैयार है। यह पहल इसलिए अहम है, क्योंकि, हिन्दुओं और मुसलमानों का एक बड़ा वर्ग विवादित मसले को संवाद और सामंजस्य से ही सुलझाने की वकालत कर रहा है। हालांकि, कुछ कट्टरपंथी तत्व और तथाकथित धर्मनिरपेक्षता के पक्षधर मामले का हल नही होने...
यह तूफानी कार्यवाही का समय है योगी जी

यह तूफानी कार्यवाही का समय है योगी जी

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आयकर विभाग भी जनता और सरकार की आँखों में धूल ही झोंकता रहता है। कल विभाग ने मायावती के भाई आनंद की कंपनियो का सर्वे किया। कारण विभाग को शक है कि आनंद ने बड़ी मात्रा में कालाधन बनाया है। कितना हास्यास्पद है कि जब हम काफी समय पूर्व ही मौलिक भारत के माध्यम से आनंद और यादव सिंह की जुगलबंदी और सैकड़ो फर्जी कंपनियो के सबूत काले घन पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बनी एस आई टी, सी बी आई, अन्य जांच एजेंसियो केंद्र और यू पी सरकार सहित मीडिया को भी दे चुके हैं उसके बाद भी उथली और दिखाबे की कार्यवाही करना जनता की आँखों में धूल झोंकने के समान है। सच तो सबको ही पता है कि मायावती ने अपने शासनकाल में बेतरह लूट मचाई और अपने भाई और यादव सिंह जैसी सेकड़ो कठपुतलियों के माध्यम से लाखों करोड़ का माल बनाया और सेकड़ो फर्जी कम्पनियों के माध्यम से सफ़ेद कर देश विदेश में निवेश किया। सन् 2009 में स्वयं भाजपा ने मायावती के 2...
नए रक्षा मंत्री के समक्ष रक्षा प्रबंधन की चुनौतियां

नए रक्षा मंत्री के समक्ष रक्षा प्रबंधन की चुनौतियां

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नोहर पर्रिकर साहब पुन: गोवा के मुख्यमंत्री बन गए। कुछ लोगों का मानना है कि प्रधानमंत्री ने यह निर्णय लेकर गलत किया है। प्रबल मोदी समर्थकों का कहना है कि भाजपा में योग्यता की कमी नहीं है, पर्रिकर के बाद जो भी रक्षा मंत्री बनेगा वह सही काम करेगा। वस्तुत: समस्या यह नहीं है कि कोई रक्षा मंत्री बन कर कैसा कार्य करेगा। यहां किसी की योग्यता का प्रश्न नहीं है, प्रश्न यह है कि हमारे देश में रक्षा प्रबंधन की दिशा और दशा क्या है। भारत सरकार के पांच महत्वपूर्ण मंत्रालय माने जाते हैं- वित्त, गृह, विदेश, रक्षा और रेल। इन मंत्रालयों में से चार मंत्रालय ऐसे हैं जिनमें कार्य करने वाले अधिकारी उस विषय के विशेषज्ञ होते हैं जिस मंत्रालय में उनकी नियुक्ति होती है। वित्त मंत्रालय में आईईएस, आईआरएस और आईएसएस अधिकारी कार्य करते हैं। गृह मंत्रालय में आईएएस होते हैं जो आईपीएस अधिकारियों पर नियंत्रण रखते हैं। विद...
शौहर, बेगम और दूसरी पत्नी

शौहर, बेगम और दूसरी पत्नी

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  रांची राजमार्ग से तीन किलोमीटर अंदर की तरफ जाने पर इटकी प्रखंड आता है। मुख्य सड़क से अंदर जाने का रास्ता कच्चा-पक्का है। जब आप इटकी में दाखिल होते हैं, बायीं तरफ लड़कियों का एक मदरसा है। इस मदरसे को देखकर आप अनुमान करते हैं कि यह प्रखंड स्त्रियों के अधिकार को लेकर जागरूक प्रखंड होगा। इसी प्रखंड में एक घर है परवेज आलम (काल्पनिक नाम) का। परवेज शादी शुदा पुरुष हैं लेकिन शादी इन्होंने एक बार नहीं तीन बार की है। इनके घर में पत्नी के तौर पर तीन औरतें रहती हैं। पहली शकीना खातून (काल्पनिक नाम) और बाकि दो औरतें आदिवासी हैं। दूसरी रंजना टोप्पो (काल्पनिक नाम) और तीसरी मीनाक्षी लाकड़ा (काल्पनिक नाम)। इटकी के आस-पास के लोगों से बातचीत करते हुए यह अनुमान लगाना आसान था कि परवेज का मामला अकेला नहीं है, इटकी प्रखंड में। इस तरह के कई दर्जन मामले हैं, जिसमें एक से अधिक शादी हुई है और गैर आदिवासी सम...
वृन्दावन की विधवाएं

वृन्दावन की विधवाएं

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हर शहर की अपनी एक कहानी होती है, जिसमें वह जीता है, जिसके कारण वह पूरे जगत में विख्यात या कुख्यात होता है। ये बहुत मामूली नहीं होती, यह पर्यटकों और नागरिकों के दृष्टिपटल पर छा जाने वाली एक कहानी होती है। कभी कभी यह गुलाबी होती है तो कभी यह इस गुलाबीपन में अंधेरे को बसाए हुए। और कभी कभी इस अंधेरे से किसी आशा की किरण का फूटना। ऐसी ही कहानी है वृन्दावन की। जो पिछले दिनों या कहें पिछले कई वर्षों से कुछ अलग कारणों से चर्चा में है। होली के आते ही कई पत्रकारों और टीवी के समाचार चैनलों का रुख वृन्दावन की तरफ होने लगता है। विदेशी पत्रकार अपनी स्टोरी करने के लिए वृन्दावन पहुंचने लगते हैं। ऐसा लगता है कुछ अनोखा और अनूठा घट रहा है। दरअसल वे सब जाते हैं, सुलभ इंटरनेश्नल द्वारा आयोजित विधवाओं के लिए होली कार्यक्रम देखने। इसके दो कारण हो सकते हैं कि एक तो वे विधवाओं की जि़न्दगी को दिखाना चाहते हैं या फिर...
सरकारी स्कूल, शिक्षा और गुणवत्ता

सरकारी स्कूल, शिक्षा और गुणवत्ता

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ऐसा प्रतीत होता है कि आजादी के सात दशक बीतने के बाद भी सरकारें यह नहीं समझ सकी हैं कि देश के नौनिहालों को गुणवत्ता युक्त शिक्षा प्रदान करने के लिए बच्चों को केवल स्कूल तक पहुंचा देने भर से ही काम नहीं बनेगा। तमाम सरकारी एवं गैरसरकारी आंकड़ें यह सिद्ध करने के लिए काफी हैं कि शिक्षा का अधिकार कानून, मिड डे मिल योजना, निशुल्क पुस्तकें, यूनिफॉर्म आदि योजनाओं के परिणामस्वरूप स्कूलों में दाखिला लेने वालों की संख्या तो बढ़ी हैं लेकिन छात्रों के सीखने का स्तर बेहद ही खराब रहा है। देश में भारी तादात में छात्र गणित, अंग्रेजी जैसे विषय ही नहीं, बल्कि सामान्य पाठ पढऩे में भी समर्थ नहीं हैं। यहां तक कि 5वीं कक्षा के छात्र पहली कक्षा की किताब भी नहीं पढ़ पाते। यूं तो यह ट्रेंड पूरे देश का है लेकिन लैपटॉप और स्मार्ट फोन बांटने वाला उत्तर प्रदेश शिक्षा की गुणवत्ता की गिरावट के मामले में नए प्रतिमान स्थापि...
योगी बदलेंगे यूपी का चेहरा

योगी बदलेंगे यूपी का चेहरा

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जैसे ही योगी आदित्यनाथ जी के नाम की घोषणा हुई, टीवी चैनलों पर बैठे कुछ टिप्प्णीकारों ने इस समाचार पर असंतोष जताया। उनका कहना था कि योगी समाज में विघटन की राजनीति करेंगे और प्रधानमंत्री मोदी के विकास के एजेंडे को दरकिनार कर देंगे। यह सोच सरासर गलत है। विकास का एजेंडा हो या कुशल प्रशासन, उसकी पहली शर्त है कि राजनेता चरित्रवान होना चाहिए। आजकल राजनीति में सबसे बड़ा संकट चरित्र का हो गया है। चरित्रवान राजनेता ढूंढे से नहीं मिलते। 21 वर्ष की अल्पायु में समाज और धर्म के लिए घर त्यागने वाला कोई युवा कुछ मजबूत इरादे लेकर ही निकलता है। योगी आदित्यनाथ ने अपने शुद्ध सात्विक आचरण और नैष्टिक ब्रह्मचर्य से अपने चरित्रवान होने का समुचित प्रमाण दे दिया है। पांच बार लोकसभा जीतकर उन्होंने अपनी नेतृत्व क्षमता को भी स्थापित कर दिया है। गोरखनाथ पंथ की इस गद्दी का इतिहास रहा है कि इस पर बैठने वाले संत चरित्रवान...
राहुल गांधी होने का सौभाग्य!

राहुल गांधी होने का सौभाग्य!

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कभी-कभी मुझे लगता है कि टाटा नैनो के लिए जो प्यार रतन टाटा का है वही प्यार राहुल गांधी के लिए कांग्रेस का है। टाटा नैनो चलती नहीं, फिर भी रतन टाटा उसे बार-बार रीलांच करते रहते हैं उसी तरह कांग्रेस पार्टी भी राहुल गांधी को लेकर हिम्मत नहीं हार रही। उलटे हर हार के बाद राहुल गांधी को कांग्रेस में प्रमोशन मिल जाता है। इस बार भी जिस तरह कांग्रेस हारी है उम्मीद की जा रही है कि राहुल गांधी को जल्द ही उपाध्यक्ष से कांग्रेस का अध्यक्ष बना दिए जाएगा। और उन्होंने अगर एक-आधा चुनाव और हरवा दिया तो पार्टी उन्हें संयुक्त राष्ट्र का महासचिव भी बनवा सकती है! कांग्रेस पार्टी का राहुल गांधी से जो रिश्ता है वो शादी में पति को दिलाई जाने वाली कसमों की याद दिलाता है। जिसमें पंडित जी पति से कहते हैं कि तुम जो-जो पुण्य करोगे उसमें आधा हिस्सा तुम्हारी बीवी के खाते में जाएगा और वो जो-जो पाप करेगी उसका आधा तुम्हारे...
कृष्ण होने के मायने

कृष्ण होने के मायने

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श्रीकृष्ण को समझने की बुद्धि प्रशांत भूषण में नही हो सकती क्योंकि उसको क्या पता  कि क्यों कोर्ट में अदालत में शपथ लेते वक्त गीता पर हाथ रखवाते हैं? रामायण पर क्यों नहीं रखवा लेते? उपनिषद पर क्यों नहीं रखवा लेते? बड़ा कारण है। पता नहीं अदालत को पता है या नहीं, लेकिन कारण है; कारण बड़ा है। राम, कितने ही बड़े हों, लेकिन इस मुल्क के चित्त में वे पूर्ण अवतार की तरह नहीं हैं; अंश है उनका अवतार। उपनिषद के ऋषि कितने ही बड़े ज्ञानी हों, लेकिन अवतार नहीं हैं। कृष्ण पूर्ण अवतार हैं। परमात्मा अगर पूरा पृथ्वी पर उतरे, तो करीब-करीब कृष्ण जैसा होगा। इसलिए कृष्ण इस मुल्क के अधिकतम मन को छू पाए हैं; बहुत कारणों से। एक तो पूर्ण अवतार का अर्थ होता है, मल्टी डायमेंशनल, बहुआयामी; जो मनुष्य के समस्त व्यक्तित्व को स्पर्श करता हो। राम वन डायमेंशनल हैं। हर्बर्ट मारक्यूस ने एक किताब लिखी है, वन डायमेंशनल मैन, एक...