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श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट

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अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के 9 नवंबर के फैसले के 88 दिन बाद सरकार ने राम मंदिर बनाने के लिए ट्रस्ट की घोषणा कर दी। इसमें 15 सदस्य होंगे। लोकसभा में उन्होंने प्रश्नकाल से पहले ट्रस्ट बनाए जाने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट का नाम ‘श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र’ होगा। इसी के साथ केंद्र सरकार ने अपने कब्जे की 67.703 एकड़ जमीन भी ट्रस्ट को सौंप दी है। यह पूरा इलाका मंदिर क्षेत्र होगा। रामलला मंदिर ट्रस्ट की घोषणा खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की है। इसके 4 घंटे बाद ट्रस्ट के 15 सदस्यों की जानकारी सामने आई ट्रस्ट के 10 नाम तय, ये लोग बाकी 5 सदस्यों को नामित करेंगे अगर अयोध्या के कलेक्टर हिंदू नहीं हुए तो कोई हिंदू एडिशनल कलेक्टर इस ट्रस्ट में सदस्य होगा अयोध्या विवाद में हिंदू पक्ष के मुख्य वकील रहे 92 वर्षीय के. पाराशरण को ट्रस्टी बनाया गया है। उनके अलावा एक शंकराचार्य समेत 5 सदस...
गूंजेगी किलकारी: लाइलाज नहीं है बांझपन 

गूंजेगी किलकारी: लाइलाज नहीं है बांझपन 

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किसी महिला के लिए सृष्टि की सबसे बड़ी नियामत है, उसका मां बनना। अगर किसी भी कारणवश ऐसा नहीं होता है तो उसे बांझ की संज्ञा दे दी जाती है। ऐसे ही महिलाओं की समस्याओं ने आईवीएफ की तकनीक का विकास कराया। आज देश में कृत्रिम विधि से संतान प्राप्ति की कई तकनीकें हैं। बांझपन या इनफर्टिलिटी की समस्या आज एक आम बात हो गई है। दिनों-दिन बढ़ती जा रही इस समस्या से ग्रस्त लोगों के तनाव को दूर करने के लिए वैज्ञानिकों की कोशिशों ने काफी सफलता प्राप्त की है। विश्व के प्रथम परखनली शिशु ‘लुईस ब्राउन’ का जन्म 28 जुलाई, 1978 को हुआ। फिर तो इस तकनीक ने विश्व में हजारों लोगों के जीवन में खुशियां फैला दी हैं इन परखनली शिशुओं ने। प्रायः बांझपन के कारण विवाहित जीवन कई प्रकार के दुःखों से भर जाता है और यहां भी स्त्री को तिरस्कार और तनाव का सामना करना पड़ता है। यहां यह प्रश्न बहुत ही महत्वपूर्ण है कि आखिर एक औरत कब औ...
गुजराती भाषा में गिरधर रामायण तथा अल्पज्ञात प्रसंग

गुजराती भाषा में गिरधर रामायण तथा अल्पज्ञात प्रसंग

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श्रीरामकथा के अल्पज्ञात दुर्लभ प्रसंग गुजराती भाषा में गिरधर रामायण तथा अल्पज्ञात प्रसंग जब तक हमारी भारत भूमि में गंगा और कावेरी प्रवाहमान है, तब तक सीताराम की कथा भी आबाल, स्त्री, पुरुष सबमें प्रचलित रहेगी, माता की तरह हमारी जनता की रक्षा करती रहेगी। (चक्रवर्ती श्री राजगोपालाचार्य जी) भारत में अनेक भाषाएँ, बोली और लिखी जाती हैं। इन भाषा और बोलियों में हमारी विभिन्नता न होकर राष्ट्रीय एकता परिलक्षित होती है। हमारी यह भारतीयता का निर्माण मातृभूमि प्रेम, हमारे रीतिरिवाज, हमारी संस्कृति, हमारी कलाओं, हमारे साहित्य आदि से हुआ है। भारतीय भाषाओं में वर्णित श्रीरामकथा में अनेक अनमोल रत्न छुपे पड़े हुए हैं। श्री गिरधरदासजी द्वारा विरचित गुजराती रामायण गुजराती भाषा का सर्वोत्तम श्रीराम कथा काव्य है। गिरधरदासजी का जन्म लाड़ वैश्य परिवार में बड़ौदा (वड़ोदरा) गुजरात के ग्राम मासर में ई. १७८५ मे...

LIC का निजीकरण क्यों?

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भारतीय जीवन बीमा निगम का राष्ट्रीयकरण 1956 में हुआ था । उससे पहले देश मे 200 से अधिक निजी कंपनियां कार्यरत थी । तब होता यह था कि जैसे ही किसी निजी कंपनी पर कोई भारी देनदारी आती, वह दिवालिया हो जाती । यानि जनता द्वारा जमा किया गया पैसा डूब जाता । ऐसी स्थिति में आजादी के बाद देश मे यह भावना विकसित हुई कि हमें अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करना चाहिए, जिसमें जनता की कमाई भी सुरक्षित रखी जा सके । तो इसलिए LIC का राष्ट्रीयकरण किया गया । उस समय सरकार ने निगम को 5 करोड़ की मूल पूंजी उपलब्ध कराई । और साथ मे सावरेन गारंटी भी । जिसका मतलब यह था कि LIC के दिवालिया होने की स्थिति में जनता के पैसे को वापस लौटाने की गारंटी सरकार लेगी । साथ ही साथ सरकार ने LIC द्बारा जमा किये पैसे को अपने निर्देशन में निवेश के लिए उपयोग करने का फैसला भी किया । इसके बाद LIC ने फिर कभी पीछे मुड़कर नही देखा । उस 5 करोड़ की ...
ADR Delhi Assembly Elections 2020 – Analysis of Criminal Background, Financial, Education, Gender and other Details of Candidates

ADR Delhi Assembly Elections 2020 – Analysis of Criminal Background, Financial, Education, Gender and other Details of Candidates

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The Delhi Election Watch and Association for Democratic Reforms (ADR) have analysed the self-sworn affidavits of all 672 candidates from 70 constituencies, who are contesting in the Delhi Assembly Elections. Out of 672 candidates analysed, 210 are from National parties, 90 are from State parties, 224 are from registered unrecognized parties and 148 candidates are contesting independently. 95 political Parties are contesting the election this year whereas in 2015 Delhi Assembly Elections 71 political parties contested the election. For the complete report, please go to :   https://adrindia.org/content/delhi-assembly-elections-2020-analysis-criminal-background-financial-education-gender-and Summary and Highlights   Criminal Background Candidates with Criminal Cases: Out...
पाकिस्तान की हकीकत बयान करता जोगेंद्र नाथ मंडल का त्यागपत्र

पाकिस्तान की हकीकत बयान करता जोगेंद्र नाथ मंडल का त्यागपत्र

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नागरिकता संशोधन कानून का विरोध करने से पहले राहुल, अखिलेश, ममता व केजरीवाल को जोगेंद्र नाथ मंडल का त्यागपत्र पढऩा चाहिए सुबह से शाम तक अल्पसंख्यक की माला जपने वाले राहुल गांधी पाकिस्तान, अफगानिस्तान व बांग्लादेश के अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने का विरोध कर रहे हैं। सुबह से शाम तक दलित-पिछड़ों की बात करने वाले अखिलेश यादव भी शरणार्थियों की नागरिकता का विरोध कर रहे हैं जबकि पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आये 70 प्रतिशत शरणार्थी दलित और पिछड़े हिंदू हैं। सुबह से शाम तक गरीबों की बात करने वाले केजरीवाल भी शरणार्थियों को नागरिकता देने के खिलाफ हैं जबकि पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आये 80 प्रतिशत शरणार्थी अत्यधिक गरीब हैं। इसीलिए राहुल गांधी, अखिलेश यादव व अरविंद केजरीवाल से आग्रह है कि एक बार पाकिस्तान के प्रथम कानून मंत्री जोगेंद्र नाथ मंडल का त्यागपत्र जरूर पढ़ें। सत...
शाहीन बाग ‘धरना जिहाद’

शाहीन बाग ‘धरना जिहाद’

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दिल्ली में यमुना के साथ-साथ बसी अवैध कालोनी शाहीन बाग पिछले एक माह (15.1.2020) से निरंतर चर्चा में बनी हुई है। यहां पर केंद्र सरकार द्वारा विधिवत पारित 'नागरिकता संशोधन अधिनियम’ के विरोध में मिथ्या प्रचार करके कुछ असामाजिक तत्वों का साथ लेकर विरोधी पक्ष के नेता व सेकुलर बुद्धिजीवी धरना-प्रदर्शन करवा कर देश में शांति व्यवस्था व साम्प्रदायिक सद्भाव को बिगाडऩे का कुप्रयास कर रहे हैं। प्राप्त सूत्रों के अनुसार यह अवैध कालोनी 'शाहीन बाग’ मुख्यत: मुस्लिम बहुल कालोनी है। निस्सन्देह अगर सघन जांच की जाए तो यहां बांग्लादेशी, पाकिस्तानी, अफगानी व म्यांमार के मुस्लिम घुसपैठियों की अधिक संख्या होगी। यह संशोधित कानून ऐसे अवैध नागरिकों व घुसपैठियों को भी सबसे अधिक प्रभावित करेगा। यहां एक विशेष ध्यान देना होगा कि हमारे सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र व प्रदेश सरकार को बार-बार यह निर्देश दिए हैं कि ऐसे घुसप...
अब आएंगी नौकरियों की बहार

अब आएंगी नौकरियों की बहार

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निश्चित रूप से मोदी सरकार के साल 2020-21 के आम बजट की गहन समीक्षा करने के बाद कोई भी तटस्थ अर्थशास्त्री भी मानेगा कि इस बजट का मोटा-मोटी फोकस देश में ज्यादा से ज्यादा नौकरियों को सृजित करने पर रहा है। यह समय की मांग भी थी। सारे देश को वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण से पूरी उम्मीद भी यही थी कि  उनके बजट प्रस्तावों में नौकरियों को सृजित करने वाली योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सीतारमण के बजट प्रस्तावों से शिक्षा, इंफ्रॉस्ट्रक्चर,  स्वास्थ्य, पर्यटन आदि क्षेत्रों में लाखों नौकरियां आएंगी। उन्होंने अपने बजट भाषण में कहा भी कि  अब शिक्षा और नर्सिंग के क्षेत्र में सबसे ज्यादा नौकरियां आएंगी। इसमें कोई शक नहीं है कि हेल्थ सेक्टर लाखों लोगों को रोजगार दे रहा है। इसमें अब नौजवानों के लिए रोजगार के लाखों अवसर और पैदा होना बेहद सुखद है। उनके  बजट भाषण में रोजगार शब्द का 13 बार जिक्र हुआ। साफ है कि म...
दिल्ली मांगे मोर

दिल्ली मांगे मोर

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  लोकतांत्रिक पिरामिड को सही कोण पर खड़ा करने के पांच सूत्र हैं, लोक-उम्मीदवार, लोक-घोषणापत्र, लोक-अंकेक्षण, लोक-निगरानी और लोक-अनुशासन। लोक-घोषणापत्र का सही मतलब है, लोगों  की नीतिगत तथा कार्य संबंधी जरूरत व सपने की पूर्ति के लिए स्वयं लोगों द्वारा तैयार किया गया दस्तावेज। प्रत्येक ग्रामसभा व नगरीय वार्ड सभाओं को चाहिए कि वे मौजूद संसाधन, सरकारी-गैरसरकारी सहयोग, आवंटित राशि तथा जनजरूरत के मुताबिक अपने इलाके के लिए अगले पांच साल के सपने का नियोजन करें। इसे लोकसभावार, विधानसभावार, मोहल्लावार व मुद्देवार तैयार करने का विकल्प खुला रखना चाहिए। इसमें हर वर्ष सुधारने का विकल्प भी खोलकर रखना अच्छा होगा। इस लोक एजेंडे या लोक नियोजन दस्तावेज को लोक-घोषणापत्र का नाम दिया जा सकता है। इस लोक-घोषणापत्र को किसी बैनर या फ्लेक्स पर छपवाकर अथवा सार्वजनिक मीटिंग स्थलों की दीवार पर लिखकर चुनाव प्रचार...