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नागरिकता संशोधन कानून का विरोध करने से पहले राहुल अखिलेश ममता केजरीवाल को जोगेंद्र नाथ मंडल का त्यागपत्र पढ़ना चाहिए

नागरिकता संशोधन कानून का विरोध करने से पहले राहुल अखिलेश ममता केजरीवाल को जोगेंद्र नाथ मंडल का त्यागपत्र पढ़ना चाहिए

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सुबह से शाम तक अल्पसंख्यक की माला जपने वाले राहुल गांधी पाकिस्तान अफगानिस्तान बांग्लादेश के अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने का विरोध कर रहे हैं। सुबह से शाम तक दलित-पिछड़ों की बात करने वाले अखिलेश यादव भी शरणार्थियों की नागरिकता का विरोध का विरोध कर रहे हैं जबकि पाकिस्तान अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आये 70% शरणार्थी दलित और पिछड़े हिंदू हैं। सुबह से शाम तक गरीबों की बात करने वाले केजरीवाल भी शरणार्थियों को नागरिकता देने के खिलाफ हैं जबकि पाकिस्तान अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आये 80% शरणार्थी अत्यधिक गरीब हैं इसलिए राहुल अखिलेश केजरीवाल से आग्रह है कि एकबार पाकिस्तान के प्रथम कानूनमंत्री जोगेंद्र नाथ मंडल का त्यागपत्र जरूर पढ़ें सत्ता के लिए जितना धोखा मंडल ने उस समय दलित पिछड़े हिंदुओं को दिया था, उससे ज्यादा धोखा अब राहुल अखिलेश केजरीवाल दे रहें हैं इसलिए पिछड़े दलित हिंदू भाइयों और ...
रेप केस के नाबालिग दोषियों पर भी तो चले कानूनी चाबुक

रेप केस के नाबालिग दोषियों पर भी तो चले कानूनी चाबुक

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निर्भया के साथ बलात्कार और फिर उसकी हत्या करने वाले चारों गुनाहगारों को आगामी 22 जनवरी को फांसी की सजा दे दी जाएगी। फांसी का समय सुबह 7 बजेरहेगा। पर इस भयानक केस से जुड़ा एक नाबालिग दोषी  के खिलाफ कोई एक्शन नहीं होगा। खैऱ, आखिरकार, इस तरह 7 साल 37 दिन के बाद ही सही निर्भया कोइंसाफ मिलेगा। यह घटना इतनी दिल दहला देने वाली थी कि आम आदमी उस हालात की कल्पना तक नहीं कर सकता था जिन हालातों में उसे इलाज के लिएअस्पताल में लाया गया था। उसे देख कर उसका इलाज करने वाले डॉक्टरों तक के रोंगटे खड़े हो गए थे। इस बेटी का नाम रखा था “निर्भया” और यह घटना घटितहुई थी दक्षिण दिल्ली के एक बस स्टॉप के पास। यह क्रूर हादसा 16 दिसम्बर की रात साल 2012 में हुआ था। पर बलात्कार की शिकार हुई हजारों अन्य महिलाओं को इंसाफ कब मिलेगा इसका जवाब किसी के पास नहीं है। यही ढीलापन की  स्थिति तो बलात्कारियों के हौंसलेबुलंद करती हैं।...
कितने पवित्र रह गए धरने-प्रदर्शन

कितने पवित्र रह गए धरने-प्रदर्शन

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जवाहरलाल नेहरु यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में छात्रों के बीच हुई हालिया झड़प पर पाकिस्तान के शहर लाहौर में प्रदर्शन का होना सच में हर किसी को हैरान करने वाला है।वहां पर कुछ लोग जेएनयू के वामपंथी छात्रों के हक में नारेबाजी भी कर रहे थे। पर उसी पाकिस्तान के क्वेटा शहर में विगत शुक्रवार को तड़के एक बाजार में हुए बमविस्फोट में कम से कम 20 लोग मारे गए जबकि 48 अन्य घायल हो गए। मारे गये लोगों में से कई शिया हजारा समुदाय के थे। इस दिल दहलाने  वाले कांड की हरकोने में निंदा होनी चाहिए। आतंकवाद कहीं भी हो उसकी भर्त्सना होनी ही चाहिए। पर पाकिस्तान के किसी कोने में  इस हादसे को लेकर कोई प्रदर्शन तक नहीं हुआ।सरकार से सवाल तक नहीं पूछे गए कि वह आतंकवाद को काबू  करने में विफल क्यों रही है। प्रधानमंत्री इमरान खान, जो भारत के मुसलमानों के लिए आंसू बहातेरहते हैं, क्वेटा कांड पर चुप्पी साध गए। वे चीन में मुसलमामों ...
आखिर कब जानेंगे भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री जी की मौत का सच !

आखिर कब जानेंगे भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री जी की मौत का सच !

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11 जनवरी आते ही छोटे से कद-काठी वाला एक ऐसा चेहरा स्मृति में कौंधने लगता है जो अपने जीवन की असंख्य कठिनाइयों से लड़ते हुए देश को तो विजय दिला गया किन्तु स्वयं अपनी जिंदगी को नहीं बचा पाया। उनके जीवन यात्रा का वृत्तांत तो सबको पता है किन्तु जीवन के अंतिम कुछ घंटों में उनके साथ क्या हुआ यह गोपनीयता के पिटारे में अभी तक बंद है। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के करोड़ों नागरिकों द्वारा चुने गए यशस्वी प्रधानमंत्री की एक महान विजय के तुरंत बाद असमय विदेशी धरती पर रहस्यमय मौत गत 54 वर्षों से मात्र एक पहेली बनी हुई है। जिसे जानने के लिए ना सिर्फ उनकी पत्नी बेटे पोते या अन्य परिजन बल्कि सम्पूर्ण देशवासी उत्सुक हैं। 2 अक्टूबर 1904 को देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी से मात्र सात मील दूर एक छोटे से रेलवे टाउन, मुगलसराय में एक स्कूल शिक्षक के घर जन्मे श्री लाल बहादुर शास्त्री क...
ऑपरेशन न्यू इंडिया : ‘उदारवाद’ और ‘लोकतंत्र’ की आड़ में इस्लामिक सांप्रदायिकता का नंगा नाच

ऑपरेशन न्यू इंडिया : ‘उदारवाद’ और ‘लोकतंत्र’ की आड़ में इस्लामिक सांप्रदायिकता का नंगा नाच

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  नागरिकता संशोधन कानून के लागू होने के बीच राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर व राष्ट्रीय जनगणना - 2021 को भी केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी मिल गयी है। इनके बीच विवादों में आए "राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर" पर सरकार मौन हो गयी है। विपक्ष का कहना है कि राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर पिछले दरवाजे से राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर बनाने का ही काम है। अनपेक्षित रूप से सेकुलरपंथी दलों व वामपंथी बुद्धिजीवियों द्वारा सरकार के इन सभी संवैधानिक व उचित कदमों का विरोध कान खड़े करने वाला है। जिस प्रकार विपक्ष द्वारा सुनियोजित तरीके से अप्रत्यक्ष रूप से देश के मुस्लिम समुदाय को उकसाया व भ्रमित किया गया, यह भी आश्चर्यजनक है। देश में पिछले चार दशकों में करोड़ों घुसपैठियों को सेकुलरपंथी दलों ने देश में बसने में मदद की है। इनमें अधिसंख्य मुस्लिम समुदाय के हैं व इनको इन दलों ने राशन कार्ड व वोटर आईडी कार्ड दिलाकर अपना ...
इतिहास के अनुसार ‘यौन अपराध’ इस्लाम की देन है

इतिहास के अनुसार ‘यौन अपराध’ इस्लाम की देन है

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खिर भारत जैसे देवियों को पूजने वाले देश में बलात्कार की गन्दी मानसिकता कहां से आयी? आखिर क्या बात है कि जब प्राचीन भारत के रामायण, महाभारत आदि लगभग सभी हिन्दू-ग्रंथ के उल्लेखों में अनेकों लड़ाईयां लड़ी और जीती गयीं, परन्तु विजेता सेना द्वारा किसी भी स्त्री का बलात्कार होने का जिक्र नहीं है। तब आखिर ऐसा क्या हो गया? कि आज के आधुनिक भारत में बलात्कार, रोज की सामान्य बात बन कर रह गयी है? प्रभु श्री राम ने लंका पर विजय प्राप्त की, पर न ही उन्होंने और न उनकी सेना ने पराजित लंका की स्त्रियों को हाथ लगाया। महाभारत में पांडवों की जीत हुयी, लाखों की संख्या में योद्धा मारे गए। पर किसी भी पांडव सैनिक ने किसी भी कौरव सेना की विधवा स्त्रियों को हाथ तक नहीं लगाया। अब आते हैं ईसापूर्व इतिहास में, 220-175 ईसापूर्व में यूनान के शासक 'डेमेट्रियस प्रथम’ ने भारत पर आक्रमण किया। 183 ईसापूर्व के लगभग उसने...
क्या भारतवासियों को जल्दी ही पाक अधिकृत कश्मीर में स्थित शारदापीठ के दर्शन होंगे ?

क्या भारतवासियों को जल्दी ही पाक अधिकृत कश्मीर में स्थित शारदापीठ के दर्शन होंगे ?

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आज हमारे कार्यालय में शारदापीठ कश्मीर के शंकराचार्य स्वामी अमृतनंद देव तीर्थ  पधारे। उन्होंने इस विषय में निम्न जानकारी दी। 1947 में जब भारत आजाद हुआ था तब जम्मू-कश्मीर का कुल क्षेत्रफल था 2,22,236 वर्ग किलोमीटर जिसमें से चीन और पाकिस्तान ने मिलकर लगभग आधे जम्मू-कश्मीर पर कब्ज़ा किया हुआ है और भारत वर्ष के पास केवल 1,02,387 वर्ग किलोमीटर कश्मीर भूमि शेष है। जम्मू-कश्मीर के जो भाग आज हमारे पास नहीं हैं उनमें से गिलगिट, बाल्टिस्तान, बजारत, चिल्लास, हाजीपीर आदि हिस्से पर पाकिस्तान का सीधा शासन है और मुज़फ्फराबाद, मीरपुर, कोटली और छंब आदि इलाके हालांकि स्वायत्त शासन में हैं परंतु ये इलाके भी पाक के नियंत्रण में हैं।पाक नियंत्रण वाले इसी कश्मीर के मुज़फ्फराबाद जिले की सीमा के किनारे से पवित्र "कृष्ण-गंगा" नदी बहती है। कृष्ण-गंगा नदी वही है जिसमें समुद्र मंथन के पश्चात् शेष बचे अमृत को असुरों से...
Why I am vary of Politicians

Why I am vary of Politicians

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When Modi/ BJP government won the popular mandate in 2014, the opposition did not accept their defeat lightly. Neither did those intellectuals who enjoyed acche din under Congress. Having lost at the hustings, the strategy of Congress, turned to one of disruption of legislative work by BJP. Parliamentary proceedings were disrupted on ridiculous grounds with shouting and screaming to prevent any one’s voice being heard. If bills were pushed through, despite the din in LS, there was RS to block the progress and frustrate the BJP government. All this drama was enacted daily in camera, to impress its followers,  with the majority of citizens as mute spectators, wondering if law makers are elected to play silly personal games or are they elected to ensure that legislation is properly scrutinise...
Balance in inoperative bank-accounts

Balance in inoperative bank-accounts

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Huge balance is lying in inoperative accounts in banks with even many account-holders having forgotten about their bank-accounts. Reserve Bank of India (RBI) has introduced Know-Your-Customer (KYC) forms which has been made mandatory also for closing such inoperative accounts. Such cumbersome practice not only is causing difficulty to account-holders wishing to close their inoperative accounts, but also creating a big loss of man-hours of bank-employees apart from unnecessary data-entries and record-keeping. Frauds are reported through some bank-employees misappropriating funds in such inoperative accounts where amount is large. RBI should direct all banks to close all accounts not operated for say last three years, and send the remittance through pay-orders by Speed Post at last known ...
Central government should study of abnormal heavy discounts on on-line sale

Central government should study of abnormal heavy discounts on on-line sale

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Central government should study of abnormal heavy discounts on on-line sale – Restrictions necessary on on-line sale to tackle economic recession Multi-page super-costly advertisements are usually seen in leading newspapers offering extra-ordinary heavy discounts on popular-branded electrical and electronics items. Even extra heavy discount is added if items are purchased through credit-cards issued by some specific banks. Discussion with dealers investing hugely for trade of these items revealed that companies sell all their obsolete models and returned items after claim lodged by consumers through such on-line sale. If it is really so, then all such media-publicity should be directed to compulsorily boldly mention about such bitter reality. Department of Consumer-Affairs should mak...