Shadow

BREAKING NEWS

अमेरिका यात्रा : नई शुरुआत का भरोसा

अमेरिका यात्रा : नई शुरुआत का भरोसा

BREAKING NEWS, Today News, TOP STORIES, आर्थिक, विश्लेषण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका से मिली “टी शर्ट’ की ट्विटर पर तस्वीर साझा की है और लिखा, 'भविष्य एआई का है, चाहे वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हो या अमेरिका-भारत।' प्रधानमंत्री मोदी ने आगे लिखा कि जब हम एक साथ मिलकर काम करते हैं तो हमारे राष्ट्र मजबूत होते हैं। साथ ही पूरी दुनिया को फायदा पहुंचता है। उनकी अमेरिका की इस राजकीय यात्रा को भी इस मायने में महत्वपूर्ण माना जा रहा है कि इससे उद्योग व व्यापारिक रिश्तों को नये आयाम मिले हैं। दोनों देशों को एक-दूसरे की जरूरत का पता इस बात से चलता है कि पिछले एक दशक में दोनों देशों का व्यापार दुगना और चीन से ज्यादा हो गया है। जो न केवल दोनों देशों बल्कि वैश्विक आर्थिकी के भी अनुकूल है। दरअसल, अमेरिकी मदद से दोस्त से दानव बन अमेरिका को चुनौती दे रहे चीन का विकल्प अमेरिका भारत के रूप में देखता है। यही वजह है कि कुछ मतभेदों के बावजूद अमेरिका भ...
मोदी ने व्हाइट हाउस में ऐसा क्या किया कि भावुक हो गए बाइडन ? मोदी के उपहार की क्या थी खासियत ?*

मोदी ने व्हाइट हाउस में ऐसा क्या किया कि भावुक हो गए बाइडन ? मोदी के उपहार की क्या थी खासियत ?*

BREAKING NEWS, TOP STORIES, राष्ट्रीय, सामाजिक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खूबी है कि वे मौके पर चौका लगाने से कभी नहीं चूकते। यही काम उन्‍होंने भारतीय समय के अनुसार गुरुवार की सुबह कर दिखाया। अमेरिकी समय के मुताबिक प्रधानमंत्री बुधवार की रात व्‍हाइट हाउस में अमेरिकी राष्‍ट्रपति जो बाइडेन और उनकी पत्‍नी डॉ. जिल बाइडेन के खास मेहमान थे। किसी भी राष्‍ट्राध्‍यक्ष के लिए यह खास सम्‍मान होता है और यह अमेरिका के साथ नजदीकी का भी प्रतीक होता है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस मौके पर बाइडेन दंपत्‍ति के लिए खास उपहार चुने थे। उन्‍होंने जिल बाइडेन को 7.5 कैरेट का भारतीय लैब में बना हीरा प्रदान किया। लेकिन, राष्‍ट्रपति बाइडेन के लिए वह जो उपहार लेकर गए, वह अपने आप में न केवल अनूठा था, बल्‍कि उसके माध्‍यम से प्रधानमंत्री ने भारतीय संस्‍कृति के जिस पहलू से बाइडेन को रुबरू कराया, उसने अमेरिकी राष्‍ट्रपति को गदगद कर दिया। आप भी सोच रहे होंगे कि ब...
सिविल सेवाएँ राज्य और समाज के बीच संपर्क पुल.

सिविल सेवाएँ राज्य और समाज के बीच संपर्क पुल.

BREAKING NEWS, TOP STORIES, विश्लेषण, सामाजिक
आईएएस अधिकारी रितु माहेश्वरी ने कानपुर में प्रचलित बिजली चोरी से निपटने के लिए नए बिजली स्मार्ट मीटर लगाए। प्राकृतिक, मानव और वित्तीय संसाधनों का विकास और जुटाना और विकासात्मक उद्देश्यों को पूरा करने के लिए उनका उचित उपयोग। मध्य प्रदेश में जिला कलेक्टर के रूप में पी नरहरि ने एक बाधा मुक्त वातावरण बनाने की दिशा में काम किया, जो यह सुनिश्चित करता है कि विकलांग लोग सुरक्षित और स्वतंत्र रूप से घूम सकें। विकास की प्रक्रिया में लोगों को शामिल करके विकासात्मक गतिविधियों के लिए उनका समर्थन सुरक्षित किया गया। समाज में हो रहे सामाजिक-आर्थिक परिवर्तनों के प्रति उचित दृष्टिकोण से 'जनता की अधिकारी' के नाम से मशहूर आईएएस अधिकारी स्मिता सभरवाल ने वारंगल में "फंड योर सिटी" नामक एक अभियान शुरू किया। उन्होंने निवासियों से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे के निर्माण में मदद करने की अपील की, जि...
डा श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान

डा श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान

BREAKING NEWS, TOP STORIES, राज्य, समाचार, सामाजिक
23 जून 1953 सुप्रसिद्ध स्वतंत्रता संग्राम सेनानी डा श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान बंगाल से लेकर कश्मीर तक राष्ट्र रक्षा आदोलनों की लंबी श्रृंखला --रमेश शर्मा सुप्रसिद्ध स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और क्राँतिकारी विचारक डाक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जन्म 23 जुलाई 1901 को बंगाल के अति प्रतिष्ठित परिवार में हुआ था । उनके पिता आशुतोष मुखर्जी सुप्रसिद्ध शिक्षाविद् और बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे । उन्हे अंग्रेजों ने "सर" की उपाधि से सम्मानित किया था । श्यामाप्रसाद जी की अधिकांश शिक्षा कलकत्ता में ही हुई । उन्होंने 1917 में मैट्रिक एवं 1921 में स्नातक परीक्षा उत्तीर्ण की । 1923 में लॉ की उपाधि अर्जित करके वे विदेश चले गये और 1926 में लंदन से बैरिस्टर बनकर भारत लौटे। अपने पिता का अनुसरण करते हुए उन्होंने भी अल्पायु में ही विद्याध्ययन के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलताएँ अर्जित कीं।...
गीता प्रैस को पुरस्कार पर राजनीति ठीक नहीं !

गीता प्रैस को पुरस्कार पर राजनीति ठीक नहीं !

BREAKING NEWS, राष्ट्रीय, साहित्य संवाद
हाल ही में गीता प्रेस गोरखपुर गांधी शांति पुरस्कार मिलने की वजह से चर्चा में है। भारत सरकार ने समाज की सेवा करने के लिए गीता प्रेस को वर्ष 2021 का गांधी शांति पुरस्कार देने का निर्णय लिया है, यह बहुत ही काबिले तारिफ कदम है क्यों कि आजादी के बाद से गीता प्रेस हमारे देश की सनातन परंपराओं, हमारी संस्कृति की गरिमा को बनाए रखते हुए लगातार विभिन्न धार्मिक पुस्तकों का प्रकाशन कर बहुत ही शानदार कार्य कर रही है। जानकारी देना चाहूंगा कि हाल ही में हमारे देश के संस्कृति मंत्रालय ने यह घोषणा की है कि 2021 का गांधी शांति पुरस्कार गीता प्रेस, गोरखपुर को " अहिंसक और अन्य गांधीवादी तरीकों के माध्यम से सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिवर्तन की दिशा में उत्कृष्ट योगदान" के लिए दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि इस पुरस्कार में एक करोड़ रुपये का नकद पुरस्कार, एक प्रशस्ति पत्र, एक पट्टिका और एक उत्तम पारंपरिक हस्तशिल...
<strong>गीता प्रेस रूपी उजालों पर राजनीति क्यों?</strong>

गीता प्रेस रूपी उजालों पर राजनीति क्यों?

BREAKING NEWS, TOP STORIES, राष्ट्रीय, साहित्य संवाद
-ः ललित गर्ग:- आजादी के अमृतकाल में स्व-संस्कृति, स्व-पहचान एवं स्व-धरातल को सुदृढ़ता देने के अनेक अनूठे उपक्रम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार में हो रहे हैं, उन्हीं में एक है भारत सरकार द्वारा एक करोड़ का गांधी शांति पुरस्कार सौ साल से सनातन संस्कृति की संवाहक रही गीता प्रेस, गोरखपुर देने की घोषणा। 1800 पुस्तकों की अब तक 92 करोड़ से अधिक प्रतियां प्रकाशित करने वाले गीता प्रेस को इस पुरस्कार के लिये चुना जाना एक सराहनीय एवं सूझबूझभरा उपक्रम है। यह सम्मान मानवता के सामूहिक उत्थान, धर्म-संस्कृति के प्रचार-प्रसार, अहिंसक और अन्य गांधीवादी तरीकों से सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिवर्तन की दिशा में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया गया है। लेकिन विडम्बना है कि ऐसे मानवतावादी उपक्रमों को भी राजनीतिक रंग दे दिया जाता है। हर मुद्दे को राजनीतिक रंग देने से राजनीतिक दलों और नेताओं को कितना फायदा या ...
अमृतकाल में भारतीय आर्थिक दर्शन के सहारे आगे बढ़ती भारतीय अर्थव्यवस्था

अमृतकाल में भारतीय आर्थिक दर्शन के सहारे आगे बढ़ती भारतीय अर्थव्यवस्था

BREAKING NEWS, TOP STORIES, आर्थिक, समाचार
श्री एंगस मेडिसन दुनिया के जाने माने ब्रिटिश अर्थशास्त्री इतिहासकार रहे हैं। आपने विश्व के कई देशों के आर्थिक इतिहास पर गहरा अनुसंधान कार्य किया है। भारत के संदर्भ में आपका कहना है कि एक ईस्वी के पूर्व से लेकर 1700 ईस्वी तक भारत पूरे विश्व में सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित था। प्राचीन भारत में अतुलनीय आर्थिक प्रगति, भारतीय आर्थिक दर्शन के अनुसार चलायी जा रही आर्थिक नीतियों के चलते ही सम्भव हो सकी थी। भारत में पिछले 9 वर्षों के दौरान भारतीय आर्थिक दर्शन के सहारे किए गए कई आर्थिक निर्णयों के चलते भारतीय अर्थव्यवस्था का इंजन पुनः अब तेज गति से पटरी पर दौड़ने लगा है। लगभग समस्त अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थान भी लगातार बता रहे हैं कि आगे आने वाले समय में भारत में आर्थिक विकास की दर पूरे विश्व में सबसे अधिक रहने वाली है एवं आर्थिक क्षेत्र में केवल वर्तमान दशक ही नहीं बल्कि वर्तमा...
Dr. Babasaheb Ambedkar’s critical views on Islam

Dr. Babasaheb Ambedkar’s critical views on Islam

BREAKING NEWS, TOP STORIES
{The volume of Samagra Ambedkar lliterature published by the Government of Maharashtra has been used as basis for the present writing.  This publication committee includes Ra Su Gavai, Athavale and Prakash Ambedkar. Dr.  Bhimrao Ramji Ambedkar aka Dr.  Babasaheb Ambedkar's critical commentary on Hinduism is exaggerated, the motive behind it is purely political.  Babasaheb criticized the caste system prevalent in Hinduism, caste discrimination and the events responsible for it, of course it has human causes as well.  His criticism was also accepted by the Hindu community.  Because there was a pious motive behind those criticisms.  But those who try to harm Hinduism by placing a gun on Babasaheb's shoulder forget that Babasaheb not only criticized the d...
देशों के शीर्ष नेताओं की कथनी और करनी में अंतर क्यों?

देशों के शीर्ष नेताओं की कथनी और करनी में अंतर क्यों?

BREAKING NEWS, TOP STORIES, समाचार, साहित्य संवाद
विश्व के सभी देशों के शीर्ष नेता आगामी सितंबर 2023 को न्यू यॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासम्मेलन में भाग लेंगे जहां टीवी पर दूसरी संयुक्त राष्ट्र उच्च स्तरीय बैठक भी होगी। टीवी पर प्रथम उच्च स्तरीय बैठक 2018 में हुई थी (जिसमें शामिल होने का सौभाग्य मुझे भी मिला था) जब देशों के शीर्ष नेताओं ने एक "राजनीतिक घोषणा पत्र" जारी करके अनेक वायदे किए थे जो 2022 तक पूरे करने थे। पर इन सभी वायदों पर अधिकांश देशों ने असंतोषजनक प्रगति की है। अब आगामी सितंबर में यही नेता टीबी उन्मूलन हेतु एक नया "राजनीतिक घोषणा पत्र" जारी करेंगे। क्या 2023 का नया घोषणा पत्र जमीनी असलियत में भी बदलेगा या पुराने घोषणापत्र की तरह काग़ज़ों में ही क़ैद रह जाएगा? दुनिया में संक्रामक रोगों के कारण होने वाली मृत्यु में, सबसे अधिक मृत्यु टीबी से होती है। टीबी गरीब और विकासशील देशों में आज भी सबसे घातक संक्रामक रोग बना हुआ है।...
अमेरिका द्वारा चीन से विकासशील देश का दर्जा छीनने पर बौखलाहट

अमेरिका द्वारा चीन से विकासशील देश का दर्जा छीनने पर बौखलाहट

BREAKING NEWS, TOP STORIES, विश्लेषण, सामाजिक
हाल ही में हमारे पड़ोसी चीन ने विकासशील देश का दर्जा को दिया है। दरअसल, हाल ही में अमेरिका ने चीन से उसका ‘विकासशील देश’ का दर्जा छीन लिया है और अमेरिका के इस फैसले से चीन यानी कि ड्रैगन में बौखलाहट देखने को मिल रही है। वास्तव में चीन से विकासशील देश का दर्जा हटने से अब इसकी अर्थव्यवस्था पर असर पड़ना लगभग लगभग तय हो गया है। जानकारी देना चाहूंगा कि वर्तमान समय में  अमेरिका 26.854 ट्रिलियन डॉलर के साथ दुनिया की सबसे बड़ी इकॉनमी है। वहीं, चीन 19.374 ट्रिलियन डॉलर के साथ दूसरी सबसे बड़ी इकॉनमी है‌। चीन के बाद जापान 4.410 ट्रिलियन डॉलर के साथ तीसरे नंबर और जर्मनी 4.309 ट्रिलियन के साथ चौथे नंबर पर है और इसके बाद भारत का नंबर आता है। अब चीन को विश्व बैंक(वर्ल्ड बैंक) और आईएमएफ यानी कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से कम ब्याज पर लोन नहीं मिल सकेगा। इस नये कानून से चीन की जीडीपी की ग्रोथ रेट और ...