पंजाब में उन्मादी लपटों को हवा देने के षड़यंत्र- ललित गर्ग
एक बार फिर पंजाब अशांति, हिंसा एवं आतंकवाद की ओर बढ़ रहा है। राज्य में कानून-व्यवस्था ढह चुकी है और अराजकता हावी है। समूचा प्रशासन मूकदर्शक बनकर असामान्य होती स्थितियों को देख रहा है। खालिस्तान समर्थक उग्र होते जा रहे हैं। पुलिस और शासन-व्यवस्था एकदम लाचार बनी उपद्रवियों के सामने समर्पण करती हुई दिखाई दे रही है? ऐसे जटिल-से-जटिल हालातों में आम जनता अपनी सुरक्षा की उम्मीद किससे करेगी! यह छिपा तथ्य नहीं है कि पंजाब में जब से आम आदमी पार्टी की सरकार बनी है, तब से कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर कई बार ऐसे हालात देखे गये है, मानो आपराधिक तत्त्वों को बेलगाम होने का मौका मिल गया हो या यह एक सोची-समझी रणनीति के तहत राज्य में अशांति, आतंक एवं अराजकता को पनपने दिया जा रहा है। जबकि चुनावों के दौरान आप पार्टी ने राज्य की जनता से कानून-व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त करने से लेकर नशामुक्ति जैसे कई बड़े वादे...









