Shadow

BREAKING NEWS

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने शिक्षक दिवस के अवसर पर एक नई पहल ‘पीएम श्री स्कूल’ की घोषणा की

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने शिक्षक दिवस के अवसर पर एक नई पहल ‘पीएम श्री स्कूल’ की घोषणा की

BREAKING NEWS, EXCLUSIVE NEWS, TOP STORIES, सामाजिक
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने शिक्षक दिवस के अवसर पर एक नई पहल ‘पीएम श्री स्कूल’ की घोषणा की राष्ट्रीय शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने एक नई पहल  ‘पीएम श्री स्कूल्‍स (पीएम स्कूल्‍स फॉर राइजिंग इंडिया)’ की घोषणा की। यह देश भर में 14500 से भी अधिक स्कूलों को उन्नत और विकसित करने के लिए एक नई केंद्र प्रायोजित योजना होगी जिसके तहत केंद्र सरकार/राज्य/केंद्र शासित प्रदेश सरकार/स्थानीय निकायों द्वारा प्रबंधित स्कूलों में से चयनित मौजूदा स्कूलों को मजबूत बनाया जाएगा। पीएम श्री स्कूलों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के सभी घटकों या विशेषताओं का समावेश होगा और ये अनुकरणीय स्कूलों के रूप में कार्य करेंगे और इसके साथ ही अपने आसपास के अन्य स्कूलों का भी मार्गदर्शन करेंगे। इन स्कूलों का उद्देश्य न केवल गुणात्मक शिक्षण, शिक्षा और संज्ञानात्मक या बौद्धिक विकास करना होगा...
राहुल बाबा कोरे महान् बनने का नाटक न करो

राहुल बाबा कोरे महान् बनने का नाटक न करो

BREAKING NEWS, TOP STORIES, राष्ट्रीय
राहुल बाबा कोरे महान् बनने का नाटक न करो -ललित गर्ग- महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ हल्ला बोल कांग्रेस रैली अपनी शक्ति का प्रदर्शन करने एवं अपनी लगातार कम होती राजनीति ताकत को पाने का जरिया मात्र है। इस रैली में अपनी ताकत दिखाने की दृष्टि से तो काफी हद तक कांग्रेस सफल रही, लेकिन यह कहना कठिन है कि इस प्रदर्शन से वह अपनी राजनीतिक अहमियत बढ़ा सकेगी। यह रैली एक ओर कारण से भी आयोजित हुई है और वह है राहुल गांधी की पार्टी में आम-स्वीकार्यता का वातावरण बनाना। इस दृष्टि से रैली कितनी सफल हुई, यह वक्त ही बतायेगा। इतना तय है कि कांग्रेस पार्टी अपनी तमाम गलतियों एवं नाकामयाबियों से कोई सीख लेती हुई नहीं दिख रही है। इस रैली के माध्यम से राहुल गांधी को एक ताकतवर नेता के रूप में प्रस्तुति देने के तमाम प्रयास किये गये। यही कारण है कि इस रैली में सबकी निगाहें इस बात पर लगी थीं कि राहुल गांधी...
लद्दाख में स्थापित होगी देश की पहली ‘नाइट स्काई सैंक्चुअरी’

लद्दाख में स्थापित होगी देश की पहली ‘नाइट स्काई सैंक्चुअरी’

BREAKING NEWS, Current Affaires, EXCLUSIVE NEWS, TOP STORIES, राष्ट्रीय
लद्दाख में स्थापित होगी देश की पहली ‘नाइट स्काई सैंक्चुअरी’ नई दिल्ली, 05 सितंबर (इंडिया साइंस वायर): भारत सरकार का विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) लद्दाख में देश का पहला ‘नाइट स्काई सैंक्चुअरी’ स्थापित कर रहा है। चांगथांग वन्यजीव अभयारण्य के हिस्से के रूप में लद्दाख के हनले में प्रस्तावित इस ‘डार्क स्काई रिजर्व’ की स्थापना का कार्य आगामी तीन महीने में पूरा कर लिया जाएगा। यह दूरबीन द्वारा आकाश के तारों को निहारने से जुड़े खगोल-पर्यटन को बढ़ावा देगा और ऑप्टिकल, इन्फ्रा-रेड और गामा-रे टेलीस्कोप से लैस दुनिया के सबसे ऊंचे स्थानों में से एक होगा। केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने यह जानकारी हाल में लद्दाख के उपराज्यपाल आर.के. माथुर के साथ...
रामलीला में हुई राहुललीला

रामलीला में हुई राहुललीला

BREAKING NEWS, EXCLUSIVE NEWS, विश्लेषण
रामलीला में हुई राहुललीला डॉ वेदप्रताप वैदिक रामलीला मैदान की रैली में कांग्रेस ने काफी लोग जुटा लिये। हरयाणा से भूपेंद्र हूडा और राजस्थान से अशोक गहलोत ने जो अपना जोर लगाया, उसने कांग्रेसियों में उत्साह भर दिया लेकिन यह कहना मुश्किल है कि इस रैली ने कांग्रेस पार्टी को कोई नई दिशा दिखाई है। इस रैली में कांग्रेस का कोई नया नेता उभरकर सामने नहीं आया। कई कांग्रेसी मुख्यमंत्री और प्रादेशिक नेता मंच पर दिखाई दिए लेकिन उनकी हैसियत वही रही, जो पिछले 50 साल से थी। सारे अनुभवी, योग्य और उम्रदराज़ नेता ऐसे लग रहे थे, जैसे किसी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के मेनेजर या बाबू हों। पिछले दिनों कांग्रेस के पुनर्जन्म की जो हवा बह रही थी, वह उस मंच से नदारद थी। राहुल गांधी इस पार्टी के अध्यक्ष रहें या न रहें, बनें या न बनें, असली मालिक तो वही हैं, यह इस रैली ने सिद्ध कर दिया है। रामलीला मैदान में हुई यह रा...
सायरस मिस्त्री के जीवन से क्या सीखें

सायरस मिस्त्री के जीवन से क्या सीखें

BREAKING NEWS, Current Affaires, EXCLUSIVE NEWS, TOP STORIES
सायरस मिस्त्री के जीवन से क्या सीखें आर.के. सिन्हा टाटा ग्रुप के पूर्व चेयरमेन सायरस मिस्त्री की सड़क हादसे में अकाल मृत्यु से दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा, मशहूर कलाकार जसपाल भट्टी और कांग्रेस के नेता राजेश पायलट और मोदी सरकार के वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री गोपीनाथ मुंडे के सड़क हादसों का याद आना स्वाभाविक ही है। ये सब सड़क हादसों के  ही शिकार हुए। अभी तो इन्हें देश को बहुत कुछ देना था। सायरस मिस्त्री की मौत से भारत का आमजन और कोरपोरेट संसार हिल सा गया है। मिस्त्री चमक-धमक से दूर रहने वाले, एक सज्जन, प्रतिभाशाली और गर्मजोशी से भरे मनुष्य थे। मिस्त्री अपनी पीढ़ी की श्रेष्ठ व्यावसायिक प्रतिभाओं में से एक और बेहद सज्जन किस्म के व्यक्ति थे। उनका वैश्विक दिग्गज कंपनी शापुरजी-पालनजी पालोंजी को खड़ा करने में अहम योगदान था। सायरस मिस्त्री में नेतृत्व के पर्याप्त गुण थे। उन्हीं की सरपर...
तेलंगाना : प्रत्यक्ष को प्रमाण क्या?

तेलंगाना : प्रत्यक्ष को प्रमाण क्या?

BREAKING NEWS, TOP STORIES, राज्य
तेलंगाना : प्रत्यक्ष को प्रमाण क्या? विनीत नारायण कहावत है कि क्रिकेट और राजनीति अनिश्चिताओं का खेल होते है। क्रिकेट में पारी की आख़री बॉल टीम को जीता भी सकती है और हरा भी सकती है। क्या किसी ने कभी सोचा था कि चरण सिंह, वी पी सिंह, चंद्रशेखर, आई के गुजराल और एच डी देवेगोड़ा भारत के प्रधान मंत्री बनेंगे। जबकि किसी के पास प्रधान मंत्री बनने लायक सांसद तो क्या उसका पाँचवाँ हिस्सा भी सांसद नहीं थे। आई के गुजराल तो ऐसे प्रधान मंत्री थे जो अपने बूते एक लोक सभा की सीट भी नहीं जीत सकते थे। फिर भी ये सब प्रधान मंत्री बने। वो अलग बात है कि इनका प्रधान मंत्री बनना किसी अखिल भारतीय आंदोलन की परिणिति नहीं था बल्कि उस समय की राजनैतिक परिस्थितियों ने इन्हें ये मौक़ा दिया। एक बार फिर देश के हालत ऐसे हो रहे हैं कि देश की बहुसंख्यक आबादी शायद सत्ता परिवर्तन देखना चाहती है। एक तरफ़ वो लोग हैं जो मान...
भारतीय दर्शन की आज पूरे विश्व को आवश्यकता है

भारतीय दर्शन की आज पूरे विश्व को आवश्यकता है

BREAKING NEWS, TOP STORIES, राष्ट्रीय, संस्कृति और अध्यात्म
भारतीय दर्शन की आज पूरे विश्व को आवश्यकता है भारत वर्ष 2047 में, लगभग 1000 वर्ष के लम्बे संघर्ष में बाद, परतंत्रता की बेढ़ियां काटने में सफल हुआ है। इस बीच भारत के सनातन हिंदू संस्कृति पर बहुत आघात किए गए और अरब आक्रांताओं एवं अंग्रेजों द्वारा इसे समाप्त करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी गई थी। परंतु, भारतीय जनमानस की हिंदू धर्म के प्रति अगाध श्रद्धा एवं महान भारतीय संस्कृति के संस्कारों ने मिलकर ऐसा कुछ होने नहीं दिया। भारत में अनेक राज्य थे एवं अनेक राजा थे परंतु राष्ट्र फिर भी एक था। भारतीयों का एकात्मता में विश्वास ही इनकी विशेषता है। आध्यात्म ने हर भारतीय को एक किया हुआ है चाहे वह देश के किसी भी कोने में निवास करता हो और किसी भी राज्य में रहता हो। आध्यात्म आधारित दृष्टिकोण है इसलिए हम सभी एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। आध्यात्मवाद ने ही भारत के नागरिकों की रचना की है और आपस में जो...
भारतीय शिक्षा जगत को नयी दिशा देने वाले – डा. राधाकृष्णन

भारतीय शिक्षा जगत को नयी दिशा देने वाले – डा. राधाकृष्णन

BREAKING NEWS, Current Affaires, EXCLUSIVE NEWS
5 सितम्बर शिक्षक दिवस पर विशेष - भारतीय शिक्षा जगत को नयी दिशा देने वाले - डा. राधाकृष्णन भारतीय शिक्षा जगत को नई दिशा देने वाले डा. राधाकृष्णन का जन्म तत्कालीन दक्षिण मद्रास से लगभग 60 किमी की दूरी पर स्थित तिरुत्तनी नामक छोटे से कस्बे में 5 सितम्बर सन 1888 ई. को सर्वपल्ली वीरास्वामी के घर पर हुआ था। उनके पिता वीरास्वामी जमींदार की कोर्ट में एक अधीनस्थ राजस्व अधिकारी थे। डा. राधाकृष्णन बचपन से ही कर्मनिष्ठ थे। उनकी प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा तिरुत्तनी हाईस्कूल बोर्ड व तिरूपति के हर्मेसबर्ग इवंजेलिकल लूथरन मिशन स्कूल में हुई। उन्होनें मैट्रिक उत्तीर्ण करने के बाद येल्लोर के बोरी कालेज में प्रवेश लिया और यहां पर उन्हें छात्रवृत्ति भी मिली। सन 1904 में विशेष योग्यता के साथ प्रथम कला परीक्षा उत्तीर्ण की तथा तत्कालीन मद्रास के क्रिष्चियन कालेज में 1905 में बी. ए. की परीक्षा उत्तीर्ण करने क...
कैसे हों देश के मास्टरजी

कैसे हों देश के मास्टरजी

BREAKING NEWS, EXCLUSIVE NEWS, TOP STORIES
 कैसे हों देश के मास्टरजी अथवा कैसे मिले भारत को समर्पित गुरुजन आर.के. सिन्हा शिक्षक दिवस पर आज सारा देश अपने शिक्षकों की ही चर्चा करेगा। यह साफ है कि बेहतर और समर्पित शिक्षकों के बिना हम राष्ट्र निर्माण सही ढंग से नहीं कर सकते। पर हमारे देश में एक बड़ी समस्या यह सामने आ रही है कि कम से कम स्कूली स्तर पर कोई बहुत मेधावी युवा शिक्षक नहीं बन रहे हैं। आप अपने अड़ोस-पड़ोस के किसी मेधावी लड़के या लड़की को शिक्षक बनता नहीं देखेंगे। ये ऐसा क्यों हो रहा है? इसी पर हमें गंभीरता से विचार करना होगा? हमें अपने मेधावी नौजवानों को भी शिक्षक बनने के लिए प्रेरित करना चाहिए। सच में वर्तमान में तो चिंताजनक स्थिति ही बनी हुई है।  जिस भारत के राष्ट्रपिता भी शिक्षक रहे हों वहां के योग्य नौजवान मन से शिक्षक नहीं बन रहे हैं। वास्तव में यह विडंबना ही है। यह तथ्य कम लोगों को पता है कि महात्मा गांधी कुछ समय तक...
क्यों खास थी गोर्बाचेव की 1986 की भारत यात्रा

क्यों खास थी गोर्बाचेव की 1986 की भारत यात्रा

BREAKING NEWS, EXCLUSIVE NEWS, TOP STORIES, राष्ट्रीय
क्यों खास थी गोर्बाचेव की 1986 की भारत यात्रा  आर.के. सिन्हा सोवियत संघ के आखिरी राष्ट्रपति रहे मिखाइल गोर्बाचेव भारत में भी हमेशा याद रखे जायेंगे  कि उन्होंने शीत युद्ध को खत्म करने की ठोस कोशिशें की। उनका विगत बुधवार को निधन हो गया। मिखाइल गोर्वाचेव ने रूसियों को स्वतंत्रता का रास्ता दिखाया। यूरोप में शांति के लिए उनकी प्रतिबद्धता ने हमारे इतिहास को बदल दिया। उनके निधन से उनकी सन 1986 में की गई भारत यात्रा की यादें भी ताजा हो गईं। वे भारत यात्रा के एक साल पहले ही सोवियत संघ के राष्ट्रपति बने थे। वे नवंबर 1986 में भारत के चार दिनों के दौरे पर आये थे। उनकी यात्रा को देखते हुए पालम एयरपार्ट से लेकर उन सब जगहों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गये थे, जहां पर उन्हें जाना था। दरअसल उस दौर में राजधानी में बड़ी संख्या में अफगानी शरणार्थी रहते थे। वे सोवियत संघ की अफगान नीति से खफा थी। आशंका...