दलाई लामा के चयन पर चीन का साजिशपूर्ण हस्तक्षेप
दलाई लामा के चयन पर चीन का साजिशपूर्ण हस्तक्षेप ललित गर्ग
तिब्बत के आध्यात्मिक नेता एवं वर्तमान 14वें दलाई लामा, तेनजिन ग्यात्सो की उत्तराधिकार प्रक्रिया न केवल बौद्ध धर्म और तिब्बत की संस्कृति से जुड़ा विषय है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय राजनीति, मानवाधिकार और भारत-चीन संबंधों के संदर्भ में भी अत्यंत महत्वपूर्ण हो गया है। चीन द्वारा इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने का प्रयास न केवल धार्मिक स्वतंत्रता का हनन है, बल्कि यह वैश्विक जनमत की भी अवहेलना है। इन स्थितियों में उत्तराधिकार के मसले पर भारत की भूमिका एक निर्णायक मार्गदर्शक के रूप में उभरती है और इसे दृष्टि में रखते हुए भारत ने दलाई लामा का पक्ष लिया है। ऐसा करने में कुछ भी अप्रत्याशित नहीं हैं। भारत शुरू से तिब्बतियों के अधिकार, उनके हितों और उनकी परंपराओं व मूल्यों के समर्थन में खड़ा रहा है। केंद्रीय मंत्री क...




