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इस्लाम नगर की घर वापसी

इस्लाम नगर की घर वापसी

EXCLUSIVE NEWS, TOP STORIES, धर्म, राज्य
विजयमनोहरतिवारी चिपकाया हुआ एक और नाम अपनी पुराने परिचय में लौट आया है। इस्लाम नगर अब जगदीशपुर कहलाएगा। एक समय वह जगदीशपुर ही था। एक समय वह इस्लाम नगर हो गया। समय के साथ ‘इस्लाम’ की स्मृतियों का ‘जगदीश’ जागृत बना रहा। मेरे देखे इतिहास कोई मृत व्यवस्था का नाम नहीं है। वह घटनाओं का निष्पाण संग्रह भी नहीं है। वह जीवंत है। समय की शक्ति उसे प्रतिक्षण नए रूप और रंग देती रहती है। वह ऋतुओं की तरह है। जैसे ऋतु के साथ प्रकृति अपने आवरण हटाती है। जीवित सभ्यताएँ जीवित हैं, इसके प्रमाण क्या हैं? वे अपनी स्मृतियों को सदा प्रज्वलित रखती हैं। जैसे नए अंकुरण का फूटना एक प्रमाण का अवतरण ही है। वही प्रमाणपत्र है। भारतीय सभ्यता का धैर्य प्राणों की सीमा तक अंतहीन है। मैं मानता हूं कि पुनर्जन्म में आस्था यदि न होती तो भारत घुटकर मर गया होता। नवजीवन की आकांक्षाएँ भारत के प्राणों का आधार रही हैं। यह ...
अदानी वाली टूलकिट और हिंदुस्तानियों की मानिसकता

अदानी वाली टूलकिट और हिंदुस्तानियों की मानिसकता

BREAKING NEWS, TOP STORIES, विश्लेषण
अदानी ने 9 हजार 422 करोड़ रुपए की बोली लगाकर इजराइल का 1700 साल पुराना हाइफा बंदरगाह खरीद लिया । इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस मौके पर अदानी के साथ फोटो खिंचवाई... अब तक अंग्रेजों की किश्तियां आकर हिंदुस्तान में माल बेचती थीं अब हमारा अदानी हाइफा पर बंदरगाह खरीद कर अपना माल यानी हिंदुस्तान का माल रूस और एशिया में बेचेगा... हमको इस ऐतिहासिक परिवर्तन और भारत के लिए गौरवान्वित करने वाले पल पर उत्सव मनाना चाहिए था लेकिन ये दुख की बात है कि देश के अंदर गद्दारों और देश के दुश्मनों ने मिलकर ऐसा दुष्चक्र रचा कि अदानी और उनके निवेशकों के 8 लाख करोड़ डूब गए और रवीश कुमा एंड कंपनी विपक्षी पार्टियों समेत इसका जश्न मनाती हुई नजर आ रही हैं । -हिडनबर्ग कंपनी की स्थापना 2017 में हुई थी.. इस कंपनी में सिर्फ 9 कर्मचारी काम करते हैं लेकिन इसने 9 कर्मचारियों ने आखिर ऐसी कौन सी रिपोर्ट तै...
राजनीति महत्वकांक्षाओं की बलि चढ़ते कारोबारी दिग्गज जैक बा, ऐलन मस्क और अदाणी – अनुज अग्रवाल

राजनीति महत्वकांक्षाओं की बलि चढ़ते कारोबारी दिग्गज जैक बा, ऐलन मस्क और अदाणी – अनुज अग्रवाल

BREAKING NEWS, TOP STORIES
पैसा कमाने के बाद सत्ता हथियाने की महत्वाकांक्षा अनेक बड़े उद्योगपतियों की रही है। अनेक उद्योगपति दुनिया के विभिन्न देशों में सफल राजनेता रहे हैं। किंतु अक्सर यह महत्वाकांक्षा अक्सर उनके उद्योग व व्यापार पर ख़ासी भारी पड़ जाती है। हाल ही के समय तीन प्रसिद्ध उद्योगपति दुनिया में अपने अपने देश की राजनीति में प्रत्यक्ष व परोक्ष हस्तक्षेप के कारण सुर्ख़ियों में आए , विवादित हुए, राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता का शिकार हुए और बड़े घाटे का शिकार भी बने और  हालात न माया रही न राम मिले जैसे हो गए।  1) चीन में बड़ी कंपनी अलीबाबा के संस्थापक जैक मा पिछले वर्ष ही चीन सरकार व राष्ट्रपति शी जिनपिंग की आलोचना करने के कारण चीनी सरकार के कोप का कारण बने। अपनी सत्ता के लिए चुनौती मान जिनपिंग ने उनको देश से निर्वासित कर दिया और वे अब जापान में शरण लिए हुए हैं।उनकी कंपनियों के शेयर ...
72 घंटे में विस्तृत रिपोर्ट दे सेबीः गौतम अडाणी के पूर्व वकील हरीश साल्वे

72 घंटे में विस्तृत रिपोर्ट दे सेबीः गौतम अडाणी के पूर्व वकील हरीश साल्वे

BREAKING NEWS, TOP STORIES, राष्ट्रीय
एक्सक्लूसिव | 72 घंटे में विस्तृत रिपोर्ट दे सेबीः गौतम अडाणी के पूर्व वकील हरीश साल्वेइंडिया टुडे से बात करते हुए, वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने कहा कि कोई भी इस बात से खुश नहीं है कि भारतीय व्यवसायी दुनिया में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं.हरीश साल्वेहरीश साल्वे ने कहा कि गौतम अडानी के खिलाफ लगाया गया आरोप भारत और भारतीयों पर एक बड़ा हमला है. (फाइल फोटो: पीटीआई)नलिनी शर्मा द्वारा: जैसा कि गौतम अडाणी का पोर्ट्स-टू-एनर्जी समूह सार्वजनिक रूप से एक छोटे विक्रेता द्वारा स्टॉक हेरफेर और लेखांकन धोखाधड़ी के आरोपों से लड़ता है, व्यवसायी के पूर्व वकील और भारत के पूर्व सॉलिसिटर जनरल हरीश साल्वे ने चल रहे विवाद पर कुछ प्रकाश डाला और कहा कि कोई भी नहीं मुझे इस बात की खुशी है कि भारत छाया से बाहर आ गया है और दुनिया में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है। इंडिया टुडे से बात करते हुए हरीश साल्वे ने कह...
कम उम्र की शादियों का नुकसान

कम उम्र की शादियों का नुकसान

TOP STORIES, सामाजिक
डॉ. वेदप्रताप वैदिक भारत में कन्याओं की शादी 18 साल से कम उम्र में करना जुर्म है। गैर-कानूनी है लेकिन इस कानून की कौन परवाह करता है? हिंदू, मुसलमान, ईसाई, आदिवासी, अगड़े-पिछड़े सभी इस जुर्म में शामिल होते हैं। हमारे देश में तो कई दुधमुंहे बच्चों की भी शादी करवा दी जाती थी। भारत में हर साल लगभग 15 लाख अवयस्क लड़कियों की शादी करवा दी जाती है। यह आंकड़ा तो अंतरराष्ट्रीय संस्था ‘युनिसेफ’ का है लेकिन यह विदेशी संस्था सभी ऐसी अवैध शादियों का ठीक से पता लगा पाती होगी, इसमें मुझे संदेह हैं। 2006 के बाल विवाह विरोधी कानून के मुताबिक अकेले असम प्रांत में इस बार 1800 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इन शादियों को अवैध भी घोषित कर दिया गया है। अकेले असम में पिछले 10 दिन में ऐसी कम उम्र की 4000 शादियों के विरुद्ध पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की हैं। ज़रा सोचिए कि यदि पुलिस थोड़ी और सक्रिय हो जाए तो क्या लाख...
टूलकिट है बीबीसी

टूलकिट है बीबीसी

TOP STORIES, राष्ट्रीय
लेखक -चंद्र प्रकाश कहावत है—रस्सी जल गई, लेकिन ऐंठन नहीं गई। विश्व की सबसे बड़ी औपनिवेशिक शक्ति ब्रिटेन के साथ इन दिनों कुछ यही हो रहा है। बिजली और गैस के बिल लगभग दोगुना बढ़ चुके हैं। अर्थव्यवस्था की हालत खराब है। देश को संभालने के लिए भारतीय मूल के एक हिंदू को प्रधानमंत्री पद पर स्वीकार करना पड़ा। स्पष्ट रूप से इसकी ही खीझ है कि ब्रिटेन के सरकारी चैनल बीबीसी ने दो भागों में एक डॉक्यूमेंट्री का प्रसारण किया। इसका उद्देश्य गुजरात दंगों को लेकर उस दुष्प्रचार को दोबारा हवा देना था, जिसकी पोल बहुत पहले खुल चुकी है। लेकिन बीबीसी ऐसा क्यों कर रहा है? उसके पीछे कौन-सी शक्तियां हैं? इस बात को समझने के लिए बीबीसी के इतिहास को समझना होगा, लेकिन पहले बात वर्तमान विवाद की। **डॉक्यूमेंट्री में क्या है?**‘इंडिया: द मोदी क्वेश्चन’ नाम की इस डॉक्यूमेंट्री में वर्ष 2002 में हुए गोधरा हत्याकांड और उ...
समाज विरोधी नैरेटिव

समाज विरोधी नैरेटिव

TOP STORIES, सामाजिक
मीडिया और राजनेता कैसे समाज विरोधी नैरेटिव सेट करते हैं इसे Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS) के परम पूजनीय सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवतजी के हालिया बयान और उसकी व्याख्या से समझा जा सकता है। “सत्य यह है कि मैं सब प्राणियों में हूँ इसलिए रूप नाम कुछ भी हो लेकिन योग्यता एक है, मान सम्मान एक है, सबके बारे में अपनापन हैं। कोई भी ऊँचा नीचा नहीं है। शास्त्रों का आधार लेकर पंडित (विद्वान) लोग जो (जाति आधारित ऊँच-नीच की बात) कहते हैं वह झूठ है- डॉ. मोहन भागवतजी” अब इसकी व्याख्या ऐसे कि कई मानो सरसंघचालक ब्राह्मण विरोधी हों। इसी संदर्भ में पंडित और विद्वान की जो व्याख्या है उसे प्रस्तुत कर रहा हूँ ताकि सनद रहे कि जो कहा उसे विकृत करके समाज में कैसे विभेद डालने का प्रयास किया जा रहा है। “पंडित” नाम का अर्थ विद्वता होता है। किसी विशेष ज्ञान में पारंगत होने वाले को ही पंडित कहते हैं। पंडित क...
गांधी और गोड़से विचार युद्ध फिल्म देखने का शुभ अवसर

गांधी और गोड़से विचार युद्ध फिल्म देखने का शुभ अवसर

TOP STORIES, जीवन शैली / फिल्में / टीवी
गांधी और गोड़से विचार युद्ध फिल्म देखने का शुभ अवसर प्राप्त हुआ। इस फिल्म को राजकुमार संतोषी ने निर्देशन किया है तथा असगर वजाहत के नाटक पर यह फिल्म आधारित है। इसका संवाद भी असगर वजाहत एवं राजकुमार संतोषी ने लिखा है। विचार की दृष्टि से यह फिल्म विचारोत्तेजक है। इसमें गोडसे और गांधी के विचार संतुलित ढंग से प्रस्तुत किए गए हैं। फिल्म बनाते समय यह ध्यान रखा गया है कि दोनों के विचार प्रमुखता से आएं। गोडसे के अपने तर्क थे और उन तर्कों के माध्यम से वह देश के हिंदुओं की दशा और दुर्दशा को देखकर व्यथित नजर आते हैं और उन्हें लगता है कि कहीं न कहीं गांधीजी हिंदुओं की समस्याओं, तकलीफों, वेदनाओं एवं कष्टों को समझने की चेष्टा नहीं करते। हर जगह उन्हें अपनी छवि की चिंता रहती है। वही गांधी के अपने तर्क हैं वह हर समस्याओं का निदान अहिंसा के माध्यम से देखना चाहते हैं। गांधी अपने विचारों से गोडसे को प्रभावित...
विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक में बजा भारत का डंका

विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक में बजा भारत का डंका

BREAKING NEWS, TOP STORIES, आर्थिक, राष्ट्रीय
स्विजरलैंड के दावोस नामक स्थान पर दिनांक 16 जनवरी से 20 जनवरी 2023 तक विश्व आर्थिक मंच (वर्ल्ड इकोनोमिक फोरम) की 43वीं वार्षिक बैठक का आयोजन किया गया था। विश्व आर्थिक मंच एक गैरलाभकारी अंतरराष्ट्रीय स्वतंत्र संस्था है जो निजी एवं सरकारी संस्थानों के बीच सहयोग स्थापित करने के उद्देश्य से काम करती है। विश्व आर्थिक मंच की प्रतिवर्ष होने वाली बैठक में विश्व के तमाम बड़े राजनेता, बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, संस्कृति और समाज के क्षेत्र में कार्य करने वाले विशिष्ट व्यक्ति भाग लेते हैं। इस बैठक में वैश्विक एवं क्षेत्रीय स्तर पर आर्थिक, सामाजिक, शैक्षिक, सांस्कृतिक, पर्यावरण, राजनैतिक, औद्योगिक, आदि क्षेत्रों से सम्बंधित विषयों पर विस्तार से चर्चा की जाती है एवं इन समस्याओं का हल निकालने का प्रयास किया जाता है। विश्व आर्थिक मंच को लगभग 1000 सदस्य कम्पनियों, विशेष रूप से ...
शालिग्राम शिला तराशी नहीं जाती

शालिग्राम शिला तराशी नहीं जाती

BREAKING NEWS, TOP STORIES, धर्म
शालिग्राम शिला तराशी नहीं जाती*विनीत नारायणअगर आस्था और श्रद्धा के बिना सत्ता पाने के उद्देश्य से व वोट बटोरने के लिए धर्म में राजनीति का प्रवेश हो तो येकितना घातक हो सकता है इसके उदाहरण पिछले कुछ वर्षों से निरंतर देखने को मिल रहे हैं। जिससे संत और भक्तसमाज बहुत व्यथित हैं। पर सत्ता के अहंकार में सत्ताधीश किसी की भावना और आस्था की कोई परवाह नहींकरते। फिर वो चाहे किसी भी धर्म के झंडाबरदार होने का दावा क्यों न करें।ताज़ा विवाद अयोध्या के श्री राम मंदिर के लिए प्रभु श्री राम और सीता माता की मूर्ति निर्माण के लिए नेपाल सेलाई गयीं विशाल शिलाओं के कारण पैदा हुआ है। वैदिक शास्त्रों को न मानने वाले राष्ट्रीय स्वयं संघ व भाजपा कानेतृत्व हिंदू भावनाओं का नक़दीकरण करने के लिये अपने मनोधर्म से नई-नई नौटंकियाँ करते रहते हैं। जिनशिलाओं को इतने ताम-झाम, ढोल-ताशे और मीडिया प्रचार के साथ नेपाल से अयोध्या ...