Shadow

TOP STORIES

हमारी न्याय व्यवस्था पर बीबीसी का प्रहार

हमारी न्याय व्यवस्था पर बीबीसी का प्रहार

EXCLUSIVE NEWS, TOP STORIES, राष्ट्रीय, समाचार
बलबीर पुंज गुजरात दंगे को लेकर यूनाइटेड किंगडम के राष्ट्रीय प्रसारक— बीबीसी की वृत्तचित्र को किस श्रेणी में रखेंगे? क्या इसे पत्रकारिता कहेंगे या फिर भारत के प्रति घृणा? इस घटनाक्रम में भारत सरकार की जो प्रतिक्रिया आई है, उसपर अलग से विस्तृत चर्चा हो सकती है। यह पहली बार नहीं, जब वामपंथ केंद्रित बीबीसी ने कोई भारत-विरोधी रिपोर्ट या वृत्तचित्र तैयार की हो और भारत सरकार ने उसपर प्रतिबंध लगाया हो। 1968-71 में तत्कालीन इंदिरा गांधी सरकार द्वारा बीबीसी पर लगाई पाबंदी— इसका प्रमाण है। स्वयं ब्रितानी सरकारों-राजनीतिज्ञों (मारग्रेटा थैचर सहित) के साथ भी बीबीसी का पुराना विवाद रहा है। इस पृष्ठभूमि में जिस प्रकार बीबीसी ने 20 वर्ष पुराने प्रकरण पर विकृत रिपोर्ट को प्रस्तुत किया है, वह उस औपनिवेशिक ब्रितानी अधिष्ठान से प्रेरित है, जिसने 19वीं शताब्दी में कमजोर कड़ियों को ढूंढकर कालांतर में वामपंथ...
सपा व राजद की शिकायत चुनाव आयोग से करेंगे: विहिप

सपा व राजद की शिकायत चुनाव आयोग से करेंगे: विहिप

BREAKING NEWS, TOP STORIES, राज्य, राष्ट्रीय, सामाजिक
VHP to meet CEC for de-recognising SP & RJD Shri Alok Kumar, Central Working President of the Vishva Hindu Parishad has sought an appointment with the Chief Election Commissioner of India to request that the registration of the Samajwadi Party (SP) and Rashtriya Janta Dal (RJD) be cancelled. The VHP wishes to draw the attention of the CEC to Section 29A of the Representation of the People Act 1951 which requires that the memorandum of each registered political party to have a specific provision that the party shall bear true faith and allegiance including to the principles of secularism and democracy. The recent statements of Shri Swami Prasad Maurya of SP disparaging the Ramcharitmanas and the burning of its pages are deliberate and malicious acts of outraging the religious ...
आसमान की यात्राओं के अराजक होने की त्रासदी

आसमान की यात्राओं के अराजक होने की त्रासदी

TOP STORIES, राष्ट्रीय, सामाजिक
-ः ललित गर्ग:-आज देश ही नहीं, दुनिया में व्यक्ति हिंसक एवं अराजक होता जा रहा है। हिंसा का बढ़ता प्रभाव मानवीय चेतना से खिलवाड़ करता है और व्यक्ति स्वयं को निरीह अनुभव करता है। इन स्थितियों में संवेदनहीनता बढ़ जाती है और जिन्दगी सिसकती हुई प्रतीत होती है। ऐसी स्थितियों का बढ़ना गहन चिन्ता का विषय है। यह चिन्ता तब ज्यादा बढ़ जाती है एवं परेशान करती है जब अति संवेदनशील हवाई यात्रा के दौरान ऐसी घटनाएं देखने को मिलती है। शराब के नशे में उद्दण्डता करना, किसी पर थूक देना, किसी पर पेशाब कर देना या किसी को थप्पड मार देने जैसी घटनाएं हवाई सफर के दौरान होना विमान अधिनियमों का उल्लंघन होने के साथ-साथ हवाई सफर को खतरे में डालना है। सोमवार को अबू धाबी से मुंबई के लिए चले एक विमान में ऐसी ही अराजक स्थितियां उत्पन्न हुई, जब चालक दल के सदस्यों की ओर से अनधिकृत गतिविधि से रोके जाने पर एक महिला यात्री ने एक...
ग़ायब होता जा रहा “सरकार नागरिक संवाद”

ग़ायब होता जा रहा “सरकार नागरिक संवाद”

TOP STORIES, विश्लेषण, साहित्य संवाद
हर रोज़ मीडिया में खबरें भरी पड़ी हैं- छोटी और बड़ी, लोगबाग सड़कों पर निकलकर प्रदर्शन-धरने कर रहे हैं, जुलूस निकल रहे हैं, नारेबाजी हो रही है, पर्चे बांटे जा रहे हैं, यह सब इसलिए कि किसी तरह प्रशासन-सरकार उनकी शिकायतें सुन ले। सरकार शिकायतें तो सुनती है,पर निराकरण नहीं होता ? आम आदमी सड़कों पर आकर यह सब करने को बमुश्किल होता है,क्योंकि उसके लिए यह कीमती वक्त और प्रयास बेकार करने जैसा है, जिसका उपयोग दो जून की रोटी कमाने में करना ज्यादा जरूरी है। र्निविकार बना प्रशासन जन समस्याओं का निवारण करना तो दूर, सुनने तक को राजी न हो तो और चारा भी क्या बचता है?समस्या चाहे पंचायत स्तर की मामूली हो या फिर राज्य अथवा राष्ट्रीय स्तर की, आम आदमी के लिए सड़क पर आने का विकल्प ही बचा है। महिला पहलवानों का उदाहरण नवीनतम है, जिन्हें भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष द्वारा किये गए कथित अनुचित यौन दुर्व्यवहार क...
यह ग्रंथ का नहीं, भारतीय संस्कृति का अपमान है*

यह ग्रंथ का नहीं, भारतीय संस्कृति का अपमान है*

EXCLUSIVE NEWS, TOP STORIES
संसार के सबसे सहिष्णु माने जाने वाले हिंदुओं की आस्थाओं पर चोट का जो सिलसिला चला है वह वायरस की तरह फैलता जा रहा है। भारत में कांग्रेस और द्रमुक के नेताओं ने तो राम को काल्पनिक सिद्ध करने का असफल अभियान चलाया, और अब राष्ट्रीय जनता दल और समाजवादी पार्टी के नेता रामचरितमानस के खिलाफ अनर्गल बातें कह रहे हैं, इससे भी मन नहीं भरा तो रामचरितमानस की प्रतियां ही फाड़ दीं। दूसरी ओर, पाकिस्तान में मंदिरों और हिंदुओं के साथ किस तरह का अत्याचार किया जाता है यह किसी से छिपा नहीं है। जरा दूर चलें तो देखने को मिलता है कि पिछले वर्ष सितंबर में ब्रिटेन में हिंदू मंदिरों पर हमले किये गये, इस साल ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में जनवरी में ही 15 दिनों के अंदर तीन हिंदू मंदिरों पर हमला हुआ, अब कनाडा के ब्रैम्पटन में प्रसिद्ध गौरी शंकर मंदिर में तोड़फोड़ की गयी और भारत के प्रति नफरत भरे संदेश लिखे गये। यह कितना द...
मैंने अपने शहर को इतना विह्वल कभी नहीं देखा! तीन से चार लाख लोग सड़क किनारे हाथ जोड़े खड़े हैं।

मैंने अपने शहर को इतना विह्वल कभी नहीं देखा! तीन से चार लाख लोग सड़क किनारे हाथ जोड़े खड़े हैं।

BREAKING NEWS, TOP STORIES, धर्म, सामाजिक
अयोध्या में प्रभु की मूर्ति बनाने के लिए नेपाल से शालिग्राम पत्थर जा रहा है, और आज वह ट्रक गोपालगंज से गुजर रहा है। कोई प्रचार नहीं, कोई बुलाहट नहीं, पर सारे लोग निकल आये हैं सड़क पर... युवक, बूढ़े, बच्चे... बूढ़ी स्त्रियां, घूंघट ओढ़े खड़ी दुल्हनें, बच्चियां...स्त्रियां हाथ में जल अक्षत ले कर सुबह से खड़ी हैं सड़क किनारे! ट्रक सामने आता है तो विह्वल हो कर दौड़ पड़ती हैं उसके आगे... छलछलाई आंखों से निहार रही हैं उस पत्थर को, जिसे राम होना है।बूढ़ी महिलाएं, जो शायद शालिग्राम पत्थर के राम-लखन बनने के बाद नहीं देख सकेंगी। वे निहार लेना चाहती हैं अपने राम को... निर्जीव पत्थर में भी अपने आराध्य को देख लेने की शक्ति पाने के लिए किसी सभ्यता को आध्यात्म का उच्चतम स्तर छूना पड़ता है। हमारी इन माताओं, बहनों, भाइयों को यह सहज ही मिल गया है।जो लड़कियां अपने वस्त्रों के कारण हमें संस्कार हीन लगती हैं,...
नोट बंदी और पी.चिदंबरम

नोट बंदी और पी.चिदंबरम

BREAKING NEWS, TOP STORIES
क्या आप जानते हैं चिदंबरम ने नोट छापने वाली मशीनें डायरेक्ट पाकिस्तान को बेच दी थी ?25 बार चिदम्बरम को जमानत देने वाले इस न्यायाधीश की भी तलाशी ली जानी चाहिये कि आखिर माजरा क्या है ? काँग्रेस द्वारा किया गया विश्व का सबसे बड़ा घोटाला खुलना अभी बाकी है !!*बहुत बड़े बड़े काँग्रेसी चोर और ब्यूरोक्रैट्स पकड़े जायेंगे। इसलिये चिदम्बरम को बार -बार जमानत दी जा रही है । *● दुनिया का सबसे बड़ा घोटाला खुलेगा 2023 के बाद जो शायद दुनिया में कहीं नहीं हुआ होगा और इस महाघोटाले का मुख्य अभियुक्त है ---> पी० चिदंबरम् !!* *●क्यों किया गया अचानक नोटबन्दी का फैसला और क्यों टूट गयी पाकिस्तान की अर्थव्यस्था??**●सबूत भी बाहर आयेंगे। जाँच हो रही है।* *●पीएम मोदी ने नोटबंदी करके इस घोटाले को रोक तो दिया, मगर उसके बाद यह बात निकल कर सामने आयी कि देश में बिलकुल असली जैसे दिखने वाले एक ही नंबर के...
रेल बजट- सफर सुहावना करने का वादा

रेल बजट- सफर सुहावना करने का वादा

TOP STORIES, आर्थिक, विश्लेषण, समाचार
आर.के. सिन्हा केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा 45 लाख करोड़ का 2023-24 का बजट तो यही संकेत दे रहा है कि अब आपका रेलवे का सफर और सुहावना होने जा रहा है। यानी आपको रेल में यात्रा करने में आनंद आएगा। यह इसलिए संभव होगा क्योंकि सरकार रेलवे का कायाकल्प करने के प्रति दृढ़ संकल्प दिखा रही है। रेलवे का चौतरफा विकास करने का सिलसिला तो लगातार चल ही रहा है। इसे और गति देने के इरादे से ही केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साल 2023-24 के बजट में रेलवे के लिए 2 लाख 40 ह्जार करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा है। इसके अतिरिक्त 75 हजार करोड़ रुपया नई परियोजनाओं को लागू करने पर खर्च किए जाने का प्रस्ताव अलग से है। पिछले साल 2022-23 में रेलवे के विकास के लिए 1.4 लाख करोड़ का बजट आवंटित किया गया था। यानि अब ...
भारत के अमृत काल का प्रथम बजट विकसित राष्ट्र की आधारशिला रखने वाला बजट

भारत के अमृत काल का प्रथम बजट विकसित राष्ट्र की आधारशिला रखने वाला बजट

TOP STORIES, आर्थिक, समाचार
भारत का अमृत काल प्रारम्भ हो चुका है और वर्ष 2047 में भारत अपनी स्वाधीनता के 100 वर्ष पूरे कर रहा होगा। उस समय तक भारत को विश्व के मानचित्र पर एक विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करने की प्रेरणा देश के प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेन्द्र मोदी जी ने भारतीय नागरिकों को दी है। अतः देश के पास अब केवल लगभग 24 वर्ष का समय ही शेष है, ऐसे में केंद्रीय वित्त मंत्री माननीय श्रीमती निर्मला सीतारमन द्वारा संसद में वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए प्रस्तुत किया गया केंद्र सरकार का बजट भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की राह दिखा रहा है। यह बजट दरअसल अमृत काल का प्रथम बजट होने के कारण इसे भारत में अमृत काल की मजबूत आधारशिला रखने वाला बजट भी कहा जा सकता है। भारत में आध्यात्मिक दृष्टि से ऋषियों, मुनियों एवं गुरुओं द्वारा बताए गए मार्ग पर चलकर सफलता हासिल करने के कई उदाहरण सुनाई देते रहे हैं। इसी प्रकार वित्...
देश में अमृतकाल, बजट से मालामाल या बुरे होंगे हाल

देश में अमृतकाल, बजट से मालामाल या बुरे होंगे हाल

TOP STORIES, आर्थिक, राष्ट्रीय, समाचार
अगले वर्ष 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले यह मोदी सरकार का आखिरी पूर्ण बजट है.  केंद्रीय बजट से आम आदमी से लेकर उद्योग जगत को भी कई उम्मीदें हैं, कोरोना महामारी के बाद भारत की घरेलू अर्थव्यवस्था की हालत दुनिया के अन्य देशों के मुकाबले बेहतर है, फिलहाल भारतीय अर्थव्यवस्था जी 20  देशों में सबसे तेजी से बढ़ने वाली इकोनॉमी है, हालांकि,देश की इकोनॉमी की रिकवरी तेज करने, कर्ज के बोझ में कमी लाने, मध्यम वर्ग को राहत देने और राजकोषीय घाटा कम करने जैसी बड़ी चुनौतियां हैं. साल 2023 उस समय को दिखाता है जब भारत अमृत काल में प्रवेश कर रहा है. आने वाले 25 सालों में 2047 का साल आएगा, जो हमारी स्वतंत्रता का 100वां साल होगा. -प्रियंका सौरभ मोदी सरकार 2024 के लिए एजेंडा सेट कर रही है और विपक्ष भी अपनी पिच तैयार कर रहा है। आज बजट के जरिए सरकार ने अपनी अर्थनीति देश के सामने रख दी।...