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राहुल गांधी की भारत जोड़ा यात्रा के निहितार्थ

राहुल गांधी की भारत जोड़ा यात्रा के निहितार्थ

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-ललित गर्ग- श्रीनगर के लाल चौक पर कांग्रेस एवं उसके नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का भव्य समापन निश्चित ही कांग्रेस को नवजीवन देने का माध्यम बना है, इससे राहुल गांधी की छवि एकदम नये अन्दाज में उभर कर सामने आयी है और एक सकारात्मक राजनीति की पहल हुई है। वैसे भी भारत की माटी में पदयात्राओं का अनूठा इतिहास रहा है। असत्य पर सत्य की विजय हेतु मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम द्वारा की हुई लंका की ऐतिहासिक यात्रा हो अथवा एक मुट्ठी भर नमक से पूरा ब्रिटिश साम्राज्य हिला देने वाला 1930 का डाण्डी कूच, बाबा आमटे की भारत जोड़ो यात्रा हो अथवा राष्ट्रीय अखण्डता, साम्प्रदायिक सद्भाव और अन्तर्राष्ट्रीय भ्रातृत्व भाव से समर्पित एकता यात्रा, यात्रा के महत्व को अस्वीकार नहीं किया जा सकता। भारतीय जीवन में पैदल यात्रा को जन-सम्पर्क का सशक्त माध्यम स्वीकारा गया है। ये पैदल यात्राएं सामाजिक, सांस्कृतिक और र...
सप्तर्षि से उपमित दूरगामी अमृत बजट

सप्तर्षि से उपमित दूरगामी अमृत बजट

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-ः ललित गर्ग:-अमृत काल का पहला बजट अनेक दृष्टियों एवं दिशाओं से महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक है, क्योंकि इसमें वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने सात फोकस क्षेत्रों की बात की, जिन्हें उन्होंने सरकार का मार्गदर्शन करने के लिए ‘सप्तऋषि’ कहा। कश्यप, अत्रि, वशिष्ठ, विश्वामित्र, गौतम, जमदग्नि और भारद्वाज, इन सात ऋषियों को सप्तर्षि कहा जाता है, जो सृष्टि का संतुलन बनाने में अपनी योगदान देते हैं। भारत आर्थिक विकास एवं संतुलन में इन ऋषियों को आधार बनाने की बात एक मौलिक सोच एवं दिशा है। दुनिया ने भारतीय अर्थव्यवस्था को एक चमकते सितारे के रूप में स्थापित करने एवं सुदृढ़ आर्थिक विकास के लिये इस सप्तर्षि रूपी बजट में सात फोकस क्षेत्रों में समावेशी विकास, वंचितों को वरीयता, बुनियादी ढांचे और निवेश, क्षमता विस्तार हरित विकास, युवा शक्ति, वित्तीय क्षेत्रों पर बल दिया गया हैै, इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग, डि...
केंद्रीय बजट 2023 की मुख्य बातें 

केंद्रीय बजट 2023 की मुख्य बातें 

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केंद्रीय बजट 2023 में नई कर व्यवस्था के तहत व्यक्तिगत कर छूट की सीमा बढ़ाकर ₹7 लाख की गई है और वेतनभोगी व्यक्तियों को ₹50,000 की मानक कटौती देने की घोषणा की गई है। नई व्यवस्था के तहत सर्वाधिक सरचार्ज रेट को 37% से घटाकर 25% किया गया है और पूंजीगत निवेश को बढ़ाकर ₹10 लाख करोड़ किया गया है। भारत की आजादी के 75वें वर्ष में पूरी दुनिया ने यह भली भांति स्‍वीकार कर लिया है कि भारतीय अर्थव्यवस्था एक चमकता सितारा है क्योंकि कोविड-19 और रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण वैश्विक स्‍तर पर व्यापक सुस्‍ती दर्ज किए जाने के बावजूद भारत की आर्थिक विकास दर 7 प्रतिशत रहने का अनुमान है जो कि सभी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सर्वाधिक है। यह बात  केन्द्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज 01 फरवरी, 2023 को संसद में केन्‍द्रीय बजट 2023-24 पेश करते हुए कही। वित्त मंत्री ने विशेष जोर देते ह...
परीक्षा पे चर्चा 2023

परीक्षा पे चर्चा 2023

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“परीक्षा पे चर्चा 2023" में छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के साथ बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री के संबोधन का मूल पाठ नमस्ते! शायद इतनी ठंड में पहली बार परीक्षा पे चर्चा हो रही है। आमतौर पर फरवरी में करते है। लेकिन अब विचार आया कि आप सबको 26 जनवरी का भी लाभ मिले, फायदा उठाया ना जो बाहर के है उन्होंने। गए थे कर्तव्य पथ पर। कैसा लगा? बहुत अच्छा लगा। अच्छा घर जाकर क्या बताएंगे? कुछ नहीं बताएंगे। अच्छा साथियों समय ज्यादा लेता नहीं हूं, मैं लेकिन मैं इतना ...
कपड़ा उद्योग से निकले अपशिष्ट जल के शोधन की नई पद्धति

कपड़ा उद्योग से निकले अपशिष्ट जल के शोधन की नई पद्धति

BREAKING NEWS, TOP STORIES, राष्ट्रीय
नई दिल्ली, 27 जनवरी (इंडिया साइंस वायर): कपड़ा उद्योग से उत्सर्जित कृत्रिम रंगों कीविस्तृत श्रृंखला मानव और पर्यावरणीय स्वास्थ्य को खतरे में डाल सकती है। इसीलिए,कपड़ा उद्योग से निकले अपशिष्ट जल के शोधन के लिए नवीन उपचार तकनीकों कीआवश्यकता है, जिससे अपशिष्ट जल में डाई अणुओं को पूरी तरह नष्ट किया जा सके।भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) जोधपुर के शोधकर्ताओं ने अपशिष्ट जल-शोधनकी दो-चरणीय नई पद्धति विकसित की है, जिससे कपड़ा उद्योग से निकले रंगीन अपशिष्टजल का शोधन कर सकते हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि इस तरह उपचारित जल का अन्यउद्देश्यों के लिए पुन: उपयोग किया जा सकता है।अपशिष्ट जल-शोधन के पहले चरण में दूषित जल का इलेक्ट्रोकेमिकल पद्धति से प्रसंस्करणकिया जाता है। जल-शोधन के दूसरे चरण में कार्बन नैनोफाइबर पर नये ZnO कैटरपिलर केउपयोग से वास्तविक समय में फोटोकैटलिटिक निम्नीकरण किया जाता है। आईआ...
बागेश्वर धाम विवाद 

बागेश्वर धाम विवाद 

TOP STORIES, विश्लेषण, सामाजिक
किसी भी विवाद को समझना हो तो उसके मूल को समझना वैसेही आवश्यक है जैसे किसी रोग के उपचार के लिये उसके लक्षणों तथा कारणोंको समझना. वर्तमान में जो भी बागेश्वर धाम के चमत्कार या अंधविश्वास का विवाद वार्ताओं में है, यह शूल न बागेश्वर धाम के लिये हुआ है, न ही कोई राम रहीम या आशाराम बापू या किसी अन्य सनातन धार्मिक स्थल के लिये। इस शूल के मूल में "प्रभु श्रीराम मन्दिर" का निर्माण है, जो १४ जनवरी २०२४ को भव्य रूप में रामभक्तों के लिये प्रस्थापित हो जायेगा। यह रोग उसी दिन से है जब माननीय उच्चतम न्यायालय ने मन्दिर पुननिर्माण पर मुद्रा लगा दी थी। किन्तु जिस प्रकार रोग को मूल धरने में समय लगता है, वैसे ही अब यह रोग जैसेजैसे समय बीतेगा और २०२४ का सार्वत्रिक निर्वाचन समीप आयेगा, वैसेवैसे ऐसी अनेक घटनाओं से आपका साक्षात्कार होगा। यह तो केवल आरम्भ है!आगामी समय मे आपके धर्मस्थलों, धर्मग्रन्थों, धर्मगु...
क्या रियलिटी शो आपको भावुक करते हैं?

क्या रियलिटी शो आपको भावुक करते हैं?

TOP STORIES, विश्लेषण, सामाजिक
*रजनीश कपूरजब भी कभी आप टीवी पर किसी रियलिटी शो को देखते हैं तो आप उसमें दिखाए गए कुछ विषयों से इतनेप्रभावित हो जाते हैं कि आप भावुक हो उठते हैं। ऐसा होना स्वाभाविक है। परंतु यदि आपको पता चले कि टीवीपर दिखाए जाने वाले ऐसे कुछ रियलिटी शो पहले से ही नियोजित किए जाते हैं तो क्या आप तब भी भावुक होंगे?यह कुछ ऐसा ही है जैसा फ़िल्मों में दिखाया जाता है। सभी जानते हैं कि जैसे फ़िल्मों में चलने वाली बंदूक़ असलीनहीं होती और कलाकारों के शरीर से निकालने वाला खून भी असली नहीं होता। उसी तरह फ़िल्मों को लोकप्रियकरने कि दृष्टि से उसमें ऐसी कहानी ली जाती है जो श्रोताओं को भाव-विभोर कर सके।आजकल टीवी पर भी ऐसा ही कुछ हो रहा है। रियलिटी शो और टैलेंट शो के नाम पर टीवी पर अक्सर ऐसा कुछदिखाया जाता है जिससे कि श्रोता उसे देख कर भावुक हो उठें और इन चर्चा करने लगें। इन शो पर आने वाले दिनोंमें क्या होगा इसका अनुमान...
खिलाडियों के चयन में भ्रष्टाचार ले डूबा भारतीय हाँकी को

खिलाडियों के चयन में भ्रष्टाचार ले डूबा भारतीय हाँकी को

TOP STORIES, राष्ट्रीय
आर.के. सिन्हा पिछले रविवार को देश के करोड़ों हॉकी चाहने वालों का सपना तार-तार हो गया। सबको उम्मीद थी कि 1975 के बाद भारत फिर से हॉकी वर्ल्ड कप को जीतने में कामयाब हो जाएगा। पर यह हो न सका। ओडिशा में खेले जा रहे हॉकी वर्ल्ड कप में न्यूज़ीलैंड ने पेनाल्टी शूट आउट में भारत को हराकर क्वार्टर फ़ाइनल में जगह बना ली और भारत खिताबी दौड़ से बाहर हो गया। दरअसल टोक्यो ओलंपिक खेलों में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय टीम से  आशा की किरण इसलिए नजर आ रही थी, क्योंकि; उसका पिछले ओलंपिक खेलों में सराहनीय प्रदर्शन रहा था। कहना होगा कि भारत की महिला और पुरुष हॉकी टीमों ने टोक्यों ओलंपिक खेलों में बेहतर प्रदर्शन किया था। भारत के हॉकी प्रेमियों को एक लंबे अंतराल के बाद इतना शानदार प्रदर्शन देखने को मिला था अपने खिलाड़ियों से। पर चालू वर्ल्ड कप में हमारी हॉकी टीम का खेल बेहद औसत...
विदेशी विश्वविद्यालयों के भारत में आने से राष्ट्रहितघात – उन्हे रोकना होगा

विदेशी विश्वविद्यालयों के भारत में आने से राष्ट्रहितघात – उन्हे रोकना होगा

TOP STORIES, विश्लेषण
        केंद्र सरकार विदेशी विश्वविद्यालयों को अपने देश बुलाने और उन्हें खुली छूट देने पर आग्रही दिखाई दे रही है. इस से अपने संस्कृति पर हो सकने वाले अत्यंत बुरे परिणाम से सरकार अनभिज्ञ है ऐसा नहीं लगता. (एकात्म प्रबोध मंडल के प्रतिवेदन के संलग्न अंश देखिए.) फिर भी देश को इसमें क्यों धकेला जा रहा है? 1 एक तरफ हम decolonization  की बात कर रहे हैं और दूसरी ओर मानसिक Recolonization के लिए हम स्वयं राजमार्ग तैय्यार कर रहे हैं. इस परस्पर विरोध से हम ना घर के ना घाट के इस उक्ति को चरितार्थ करेंगे. 2 आज की शिक्षा में हम अंग्रेजी माध्यम हटा नहीं पा रहे हैं. वैसे ही विदेशी विश्वविद्यालय उनका पैसा लगाकर भारतीय मानस पर हावी होंगे और वो भी भारतीय लोगों के प्रयास से. फिर विदेशी शिक्षा संस्थान और विदेशियत को निकालना क्...
26 जनवरी 1915 क्राँतिकारी गाइदिनल्यू का जन्म

26 जनवरी 1915 क्राँतिकारी गाइदिनल्यू का जन्म

TOP STORIES, राज्य
26 जनवरी 1915 क्राँतिकारी गाइदिनल्यू का जन्म* रानी लक्ष्मीबाई की भाँति जीवन भर स्वत्व और स्वाभिमान केलिये संघर्ष* स्वतंत्रता के बाद मिशनरियों के विरुद्ध अभियान --रमेश शर्मा 26 जनवरी भारत के लिये अति पवित्र दिन है । यह भारत के गणतंत्र का उत्सव दिवस है । दासत्व के एक लंबे अंधकार के बाद भारतीय जीवन में अपना संविधान आया था । भारतीय गणतंत्र की वर्षगाँठ के साथ इस दिन एक और गौरव मयी स्मृति जुड़ी हुई है । वह स्मृति है रानी गाइदिनल्यू के जन्मदिन की । वे क्राँतिकारी थीं उन्होंने तेरह वर्ष की उम्र से सशस्त्र संघर्ष आरंभ किया था । लेकिन स्वतंत्रता के बाद भी उन्हे शाँति न मिली । नागालैंड के लिये नागा संस्कृति ही महत्वपूर्ण है । वे नागालैंड के स्वत्व और स्वाभिमान की पक्षधर थीं । इस नाते चाहतीं थीं कि स्वतंत्रता के बाद नागालैंड में नागा संस्कृति ही स्थापित हो पर ईसाई धर्म प्रचारकों का एक बड़ा नेटव...