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क्यों सवालों के घेरे में हैं भारतीय फार्मा कंपनियां

क्यों सवालों के घेरे में हैं भारतीय फार्मा कंपनियां

BREAKING NEWS, TOP STORIES, सामाजिक
आर.के. सिन्हा बीते कुछ दिनों में दो खबरें आईं, जिससे भारत के फार्मा सेक्टर की छवि पर गहरा असर पड़ा है। पहले तो अफ्रीकी देश गाम्बिया में एक भारतीय फार्मा कंपनी का सिरप पीने के कारण 60 से अधिक शिशुओं का निधन हो गया। कहना न होगा कि उस घटना से देश के फार्मा सेक्टर की भारी बदनामी हुई है। हालांकि, सिरप बनाने वाली कंपनी का दावा है कि उसकी सिरप में कोई गड़बड़ नहीं थी। अब उज्बेकिस्तान ने भी आरोप लगाया कि भारत में बना कफ सिरप  देने की वजह से उनके देश में भी 18 बच्चों की जान चली गई। इस मामले में हेल्थ ऑर्गनाइजेशन  ने जांच में सहयोग करने की बात कही। वहीं, भारत सरकार ने भी उज्बेकिस्तान सरकार के आरोपों की जांच का फैसला किया है। उज्बेकिस्तान ने कहा नोएडा की एक फार्मा कंपनी में बना कफ सिरप  पीने से उनके यहां बच्चों की जान चली गई है। उज्ब...
क्या तीर्थाटन और पर्यटन के विषय अलग अलग नहीं हैं ?

क्या तीर्थाटन और पर्यटन के विषय अलग अलग नहीं हैं ?

TOP STORIES, विश्लेषण
विश्वभर से यात्री हमारा पुरातन देखने तीर्थों पर आते हैं या फिर नए आकार बदलते जा रहे तीर्थ ? पुरातन सांस्कृतिक विरासत को बाजार में बदलना , कितना उचित , कितना घातक ; चर्चा होनी चाहिए ! हिन्दू मठ मंदिरों से भारत सरकार को सालाना 3 लाख 65 हजार करोड़ की कमाई होती है ! इसका कितना रिटर्न मंदिरों के रखरखाव में सरकार करती है , ऐसा कोई आंकड़ा हमारे पास नहीं है ! तिरुपति बालाजी जैसे सबसे कमाऊ दक्षिण के तमाम मंदिर सरकार के कब्जे में हैं , बद्री केदार जैसे मंदिर हों या वैष्णोदेवी ; सभी का धार्मिक चढ़ावा सरकारों के खजाने में जाता है ! इस कमाई का सरकारें मनमाना प्रयोग करती आई हैं , आरोप तो यह भी है कि सरकार अन्य धर्मों के धार्मिक स्थलों को दी जाने वाली राशि भी सरकारें इसी मद से खर्च करती आई हैं ! बावजूद इसके सरकारें तीर्थों के विशुद्ध विकास के लिए बहुत कम धन राशि खर्च करती हैं ! ...
‘We have to make India the most advanced laboratory of modern science’

‘We have to make India the most advanced laboratory of modern science’

BREAKING NEWS, TOP STORIES, राष्ट्रीय
The 108th Indian Science Congress was inaugurated today by Prime Minister Shri Narendra Modi via video conferencing. This year the congress is being organised at the Rashtrasant Tukadoji Maharaj Nagpur University, which is also celebrating its centenary. The focal theme of this year’s event is “Science and Technology for Sustainable Development with Women Empowerment”. During the coming 5 days (3-7 January), discussions on sustainable development issues, women empowerment, and the role of science & technology in achieving that will be discussed by the participants. They will deliberate on ways to increase the participation of women in higher echelons of teaching, research, and industry, along with finding ways to provide women with equal access to STEM (Science, Technology, Enginee...
108वीं भारतीय विज्ञान कांग्रेस का उद्घाटन करेंगे प्रधानमंत्री

108वीं भारतीय विज्ञान कांग्रेस का उद्घाटन करेंगे प्रधानमंत्री

BREAKING NEWS, TOP STORIES
108वीं भारतीय विज्ञान कांग्रेस का उद्घाटन करेंगे प्रधानमंत्री नई दिल्ली, 02 जनवरी (इंडिया साइंस वायर): 108वें भारतीय विज्ञान कांग्रेस  का आयोजन 3 जनवरी से राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय (आरटीएमएनयू), महाराष्ट्र में किया जा रहा है।  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तीन जनवरी, 2023 को इस पांच दिवसीय आयोजन का उद्घाटन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से करेंगे और कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के वक्तव्य में यह जानकारी दी गई है। इस वर्ष भारतीय विज्ञान कांग्रेस की मुख्य विषयवस्तु "महिला सशक्तिकरण के साथ सतत् विकास के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी" है। कार्यक्रम की मेजबानी आरटीएमएनयू अपने अमरावती रोड परिसर में कर रहा है। विज्ञान कांग्रेस के तकनीकी सत्र को 14 वर्गों में बांटा गया है। इन समानान्तर चलने वाले 14 वर्गों के अलावा, महिला विज्ञान का...
कैसे हों भारत और चीन के संबंध?

कैसे हों भारत और चीन के संबंध?

BREAKING NEWS, Today News, TOP STORIES, राष्ट्रीय
*विनीत नारायणगलवान घाटी की घटना और कोविड महामारी के पहले तक चीन और भारत के बीच आपसी व्यापार बहुत तेजी सेबढ़ा था। पर पलड़ा चीन के पक्ष में भारी रहा। जिसको लेकर भारत के आर्थिक जगत में कुछ चिंता व्यक्त की जारही थी। विशेषकर कच्चे माल के निर्यात को लेकर भारत में विरोध के स्वर उभरने लगे। तर्क यह है कि जब दोनों हीदेशों की तकनीकी क्षमता और श्रमिकों की उपलब्धता एक जैसी है तो भारत भी क्यों नहीं निर्मित माल का हीनिर्यात करता? उधर अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में भारतीय निर्यातकों को चीन से कड़ा मुकाबला करना पड़ता है। उनकीशिकायत है कि चीन की सरकार अपने निर्माता और निर्यातकों को जिस तरह की सहूलियतें देती है और साम्यवादीदेश होने के बावजूद चीन में जिस तरह श्रमिकों से जिस तरह काम लिया जाता है, उसके कारण उनके उत्पादनों कामूल्य भारत के उत्पादनों के मूल्य की तुलना में काफी कम रहता है और इसलिए चीन का हिस्सा अन्तर्र...
पेले होने का मतलब

पेले होने का मतलब

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आर. के. सिन्हा  पेले के निधन से सारी दुनिया उदास है! उन्होंने अपने चाहने वालों को आनंद के अनगिनत अवसर दिए! पेले के चाहने वाले कहते हैं कि  वे  महानतम थे।  वे तीन बार जीती फीफा वर्ल्ड कप विजेता ब्राजील टीम के सदस्य रहे। वे दो बार उन ब्राजील की टीमों में रहे। उन्हें साल 2000 में फीफा फ्लेयर आफ दि सैंचुरी का भी सम्मान मिला।  पर क्या पेले को मुख्य रूप से इसी आधार पर सर्वकालिक महानतम खिलाड़ी माना जाए क्योंकि वे तीन बार जीती ब्राजील टीम में सदस्य थे? वे 1958 में ब्राजील की टीम में थे। वे तब  मात्र 17 साल के थे। वैसे वे 1962 और 1966 के वर्ल्ड कपों में चोटिल होने के कारण कोई खास जौहर नहीं दिखा सके थे। हां, 1970 के वर्ल्ड कप में वे अपने पीक पर थे। ...
अनुभवों का कलेवर है नव वर्ष

अनुभवों का कलेवर है नव वर्ष

BREAKING NEWS, TOP STORIES, सामाजिक
डॉ. शंकर सुवन सिंहनव वर्ष एक उत्सव की तरह पूरे विश्व में अलग-अलग स्थानों पर अलग-अलग तिथियों तथा विधियों सेमनाया जाता है। नव वर्ष उत्सव 4,000 वर्ष पहले से बेबीलोन में मनाया जाता था। उस समय नए वर्ष का येत्यौहार 21 मार्च को मनाया जाता था जो कि वसंत के आगमन की तिथि भी मानी जाती थी। ईसा पूर्व 45 वेंवर्ष में रोम के शासक जूलियस सीजर ने जूलियन कैलेंडर की स्थापना की थी। इसी जूलियन कैलेंडर केअनुसार विश्व में पहली बार 1 जनवरी को नए वर्ष का उत्सव मनाया गया। हिब्रू मान्यताओं के अनुसारभगवान द्वारा विश्व को बनाने में सात दिन लगे थे। इस सात दिन के संधान के बाद नया वर्ष मनाया जाता है।यह दिन ग्रेगरी के कैलेंडर के मुताबिक 5 सितम्बर से 5 अक्टूबर के बीच आता है। चैत्र हिंदू पंचांग का पहलामास है। इसी महीने से भारतीय नववर्ष आरम्भ होता है। वर्ष 2023 में चैत्र महीना 22 मार्च से प्रारम्भ होगा।इस्लामिक कैलें...
वोट और इलाजः दो सुंदर पहल

वोट और इलाजः दो सुंदर पहल

TOP STORIES, समाचार, सामाजिक
*डॉ. वेदप्रताप वैदिक* आज दो खबरें ऐसी हैं, जो भारत ही नहीं, सारे पड़ौसी देशों के लिए भी लाभकारी और प्रेरणादायक हैं। पहली खबर तो यह है कि भारत के चुनाव आयोग ने एक ऐसी मशीन बनाई है, जिसके जरिए लोग कहीं भी हों, वे अपना वोट डाल सकेंगे। अभी तो मतदान की जो व्यवस्था है, उसके अनुसार आप जहाँ रहते हैं, सिर्फ वहीं जाकर वोट डाल सकते हैं। लगभग 30 करोड़ लोग इसी कारण वोट डालने से वंचित रह जाते हैं। भारत के लोग केरल से कश्मीर तक मुक्त रूप से आते-जाते हैं और एक-दूसरे के प्रांत में रहते भी हैं। जरा सोचिए कि कोई मलयाली आदमी सिर्फ वोट डालने के लिए कश्मीर से केरल क्यों जाएगा? कोई हारे या जीते, वह अपने हजारों रूपए और कई दिन उनके लिए क्यों खपाएगा? यदि देश में यह नई सुविधा कायम हो गई तो कुल मतदाताओं की संख्या 100 करोड़ से भी ज्यादा हो जाएगी। भारतीय लोकतंत्र की यह बड़ी उपलब्धि मानी जाएगी। कई देशों में तो अ...
भारत के पुनर्जागरण का अमृत वर्ष 

भारत के पुनर्जागरण का अमृत वर्ष 

TOP STORIES, समाचार
मृत्युंजय दीक्षित  वर्ष 2022 का प्रारम्भ कोविड काल की त्रासद स्मृतियों के साथ हुआ था लेकिन शनैः शनैः यह वर्ष नई आकांक्षाओं  के साथ नई ऊँचाइयों को छूता गया।आज भारत का जनमानस नये उत्साह, उमंग, ऊर्जा के साथ अपने भविष्य को और अधिक उज्जवल तथा विकासपरक बनाने की ओर अग्रसर होकर गतिशक्ति के साथ चल पड़ा है। आज सम्पूर्ण विश्व भारत की ओर आशा भरी निगाहों से देख रहा है। भारत अपने यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में विश्व में एक नया स्थान प्राप्त कर रहा है जिनकी वैश्विक लोकप्रियता चरम पर है । आज सम्पूर्ण विश्व  के नेता मोदी जी के विचारों  को सुनने तथा अपनाने के लिए अधीर हो रहे हैं। यही कारण है कि आज भारत जी- 20 देशों की अध्यक्षता कर रहा है।भारत के लिए जी -20 की अध्यक्षता करना एक सुनहरा अवसर है। भारत जी- 20 देशों की अध्यक्षता करते हुए एक- पृथ्वी, एक परिवार, एक...
आरक्षण बन गया अफीम की गोली

आरक्षण बन गया अफीम की गोली

EXCLUSIVE NEWS, TOP STORIES, राष्ट्रीय
आरक्षण बन गया अफीम की गोली *डॉ. वेदप्रताप वैदिक* भारत में जातीय आरक्षण अफीम की गोली बन चुका है। हर राजनीतिक दल चाहता है कि वह जातीय आधार पर थोक वोट सेंत-मेत में कबाड़ ले। इस समय दो प्रदेशों में जातीय आरक्षण को लेकर काफी दंगल मचा हुआ है। एक है, छत्तीसगढ़ और दूसरा है- उत्तरप्रदेश! पहले में कांग्रेस की सरकार है और दूसरे में भाजपा की सरकार। लेकिन दोनों तुली हुई हैं कि 50 प्रतिशत की संवैधानिक सीमा को तोड़कर आरक्षण को 76 प्रतिशत और अन्य पिछड़ा वर्ग तक बढ़ा दिया जाए। बिहार तथा कुछ अन्य प्रांतों में भी इस तरह के विवादों ने तूल पकड़ लिया है। जहाँ तक छत्तीसगढ़ का सवाल है, उसकी सरकार ने विधानसभा में ऐसे विधेयक को पारित कर दिया है, जो 58 प्रतिशत आरक्षण को बढ़ाकर 76 प्रतिशत कर देता है। आर्थिक दृष्टि से पिछड़ों के लिए सिर्फ 4 प्रतिशत आरक्षण रखा गया है। इस नई प्रस्तावित आरक्षण-व्यवस्था के पीछे न त...