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महिला प्रतिनिधित्व की स्थिति दयनीय क्यों?

महिला प्रतिनिधित्व की स्थिति दयनीय क्यों?

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- ललित गर्ग - आज़ादी का अमृत महोत्सव मना चुके राष्ट्र में विधायी संस्थानों लोकसभा एवं विधानसभाओं में महिला प्रतिनिधियों की संख्या दयनीय है, नगण्य है। 75 वर्षों में लोकसभा में महिलाओं का प्रतिनिधित्व 10 प्रतिशत तक भी नहीं बढ़ा है जबकि विधानसभाओं में यह स्थिति और भी चिन्तनीय है, वहां 9 प्रतिशत ही महिला प्रतिनिधि है। इस बार हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद यह मुद्दा फिर सुर्खियों में है कि वहां अड़सठ सदस्यीय विधानसभा में सिर्फ एक महिला विधायक होगी। हालांकि इस बार के चुनाव में वहां अलग-अलग दलों की ओर से कुल चौबीस महिला प्रत्याशी थीं। मुख्यधारा की राजनीति में महिलाओं का प्रतिनिधित्व क्यों नहीं बढ़ रहा है, क्यों राजनीतिक दल महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने के नाम पर उदासीन है? आखिर क्या वजह है कि जब संसद में बिना बहस के भी कई विधेयक पारित हो जाते हैं, तब भी संसद और विधानसभाओं में महिला...
विपक्ष का एकजुट होना लोकतंत्र के लिए ज़रूरी

विपक्ष का एकजुट होना लोकतंत्र के लिए ज़रूरी

TOP STORIES, विश्लेषण
रजनीश कपूरहाल ही के चुनावों में मिले-जुले परिणाम आए हैं। दिल्ली, गुजरात और हिमाचल में जो नतीजे आए हैं उनका अनुमान लगारहे राजनैतिक पंडितों की भविष्यवाणी काफ़ी हद तक सही साबित हुई। विपक्षी दलों ने जिस तरह कमर कस कर इन चुनावोंमें पहले के मुक़ाबले बेहतर प्रदर्शन किया है, उससे अब यह बात तो स्पष्ट है कि विपक्षी दल 2024 के लोकसभा चुनावों सेपहले 2023 में नौ राज्यों में होने वाले विधान सभा चुनावों को काफ़ी गंभीरता से ले रहे हैं। बिखरा हुआ विपक्ष किसी भीलोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं होता। शायद इसीलिए तमाम क्षेत्रीय दलों के नेता एक दूसरे के साथ बैठकें कर रहे हैं और आगेकी योजना बना रहे हैं।गुजरात में भाजपा ने जीत का नया कीर्तिमान स्थापित किया है। वहाँ प्रधान मंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की कड़ीमेहनत रंग लाई। पर हिमाचल और दिल्ली में शिकस्त के बाद, भाजपा के नेतृत्व को आने वाले चुनावों की तैयारी में ...
स्त्री अत्याचारों से जुड़ी चिन्ताओं की टंकार

स्त्री अत्याचारों से जुड़ी चिन्ताओं की टंकार

TOP STORIES, विश्लेषण, साहित्य संवाद
- ललित गर्ग - इनदिनों स्त्रियों के घरेलू जीवन में उन पर अत्याचार बढ़ते जा रहे हैं। विशेषतः कोरोना महामारी के लॉकडाउन के दौरान एवं उसके बाद महिलाओं पर हिंसा, मारपीट एवं प्रताड़ना की घटनाएं बढ़ी हैं। ऐसी ही पीलीभीत की एक घटना ने रोंगटे खड़े कर दिये। खाने में बाल निकलने के बाद पत्नी को पीलीभीत के युवक जहीरुद्दीन ने जिस बेरहमी, बर्बरता एवं क्रूरता से मारा, जमीन पर गिरा दिया, घर में रखी बाल काटने वाली मशीन (ट्रिमर) को पत्नी के सिर पर चला दिया, इन दुभाग्यपूर्ण एवं शर्मसार करने वाली नृशंसता की घटना की जितनी निन्दा की जाये, कम है। स्त्री को समानता का अधिकार देने और उसके स्त्रीत्व के प्रति आदर भाव रखने के मामले में आज भी पुरुषवादी सोच किस कदर समाज में हावी है,क इसकी पीलीभीत की यह ताजा घटना निन्दनीय एवं क्रूरतम निष्पत्ति है। दुभाग्यपूर्ण पहलू यह है कि जब एक स्त्री पर यह अनाचार हो रहा था तो दूसरी...
पंजाब में आतंकी दुस्साहस एवं हिंसा का बेकाबू होना

पंजाब में आतंकी दुस्साहस एवं हिंसा का बेकाबू होना

TOP STORIES, राज्य
-ललित गर्ग- पंजाब में हिंसा, आतंकवाद एवं नशे की बढ़ती घटनाएं चिन्ता का कारण बनती जा रही है। जबसे आम आदमी पार्टी की सरकार बनी है, हिंसा, हथियारों एवं नशे की उर्वरा भूमि बनकर पंजाब के जीवन की शांति पर कहर ढहा रही है। आतंकवादी घटनाओं का बढ़ना न केवल पंजाब बल्कि पूरे राष्ट्र के लिये संकट का संकेत हैं। ऐसा ही एक ताजा संकेत तरनतारन के एक थाने में राकेट लांचर से हमला से मिला है, जिसे अतिवादी-आतंकी तत्वों के दुस्साहस का नया प्रमाण कहा जा सकता है। इस हमले ने कुछ माह पहले मोहाली में खुफिया विभाग के मुख्यालय पर हुए राकेट हमले की याद दिला दी। इस हमले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी की ओर से यह मानकर की जा रही है कि यह आतंकी हमला है। प्रांत में लगातार सिर उठा रही आतंकवादी घटनाएं, नशे का बढ़ता प्रचलन एवं बन्दूक संस्कृति इस प्रांत के अशांत एवं अस्थिर होने की आधारभूमि कही जा सकती है।पंजाब में इनदिनों हु...
रोको नौनिहालों को खुदकुशी करने से

रोको नौनिहालों को खुदकुशी करने से

EXCLUSIVE NEWS, TOP STORIES, सामाजिक
आर.के. सिन्हा राजस्थान के कोटा में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने के लिए अन्य राज्यों से आए तीन नौजवानों के आत्महत्या करने की घटना को सुनकर दिल दहल जाता है। जिन बच्चों का अभी सारा जीवन संभावनाओं से भरा पड़ा हुआ था, उन्होंने अपनी जीवन लीला को यूँ ही एक झटके में खत्म कर लिया। मृतक छात्रों में दो बिहार और एक मध्यप्रदेश के रहने वाले थे, जिनकी उम्र 16, 17 और 18 साल थी। मृतक छात्रों में बिहार के रहने वाले दोनों छात्र अंकुश और उज्जवल एक ही हॉस्टल में रहते थे। एक इंजीनियरिंग की कोचिंग कर रहा था, वहीं दूसरा मेडिकल की तैयारी करता था। मध्यप्रदेश का छात्र प्रणव नीट की तैयारी करता था। कोटा या देश के अन्य भाग में नौजवानों द्वारा आत्म हत्या करने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। कुछ समय पहले कोटा में ही नीट की तैयारी कर रहे कोचिंग स्टूडेंट ने फंदा लगाकर खुदखुशी कर ली थी। उसके ...
Pheromone play a role in reproduction of mouse deer

Pheromone play a role in reproduction of mouse deer

BREAKING NEWS, TOP STORIES
Indian chevrotain or mouse deer plays a significant role in the forest ecosystem as a seed disperser. Though commonly found in forested areas, this smallest wild deer has been listed in Schedule I of the Wildlife Protection Act (1972) due to frequent hunting for bushmeat. A group of researchers from the Laboratory for the Conservation of Endangered Species (LaCONES), CSIR-Centre for Cellular and Molecular Biology (CCMB), has discovered the factors that may help in breeding mouse deer. A conservation breeding and species recovery programme for mouse deer was initiated in 2010 by Nehru Zoological Park, Hyderabad, in collaboration with the LaCONES at CSIR-CCMB, with support from the Central Zoo Authority. The programme started with six individuals (two males and four females) and aimed t...
भोपाल में आयोजित होगा आठवाँ भारत अंतरराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव

भोपाल में आयोजित होगा आठवाँ भारत अंतरराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव

BREAKING NEWS, TOP STORIES
विज्ञान का महाकुंभ कहे जाने वाले इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल (आईआईएसएफ) का 8वाँ संस्करण भोपाल में आयोजित किया जा रहा है। राजा भोज की नगरी में 21-24 जनवरी, 2023 को आयोजित होने वाले इस अंतरराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव में देश-विदेश के वैज्ञानिक, प्रौद्योगिकीविद, नीति-निर्माता, शिल्पकार, स्टार्टअप्स, किसान, शोधार्थी, छात्र और नवोन्मेषक हिस्सा ले रहे हैं। केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री एवं पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा है कि यह भारत की वैज्ञानिक और प्रौद्योगिकीय प्रगति की उपलब्धियों का उल्लास मनाने का एक उत्सव है। डॉ सिंह ने कहा है कि यह विज्ञान महोत्सव महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भारत द्वारा जी-20 शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता के साथ आयोजित हो रहा ...
पैसिव फायर सिस्टम परीक्षण के लिए नई प्रयोगशाला

पैसिव फायर सिस्टम परीक्षण के लिए नई प्रयोगशाला

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आग से सुरक्षा संबंधित इंजीनियरिंग को बढ़ावा देने और पैसिव फायर सिस्टम के परीक्षण के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) गाँधीनगर में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप एक नई एवं उन्नत प्रयोगशाला स्थापित की गई है। पैसिव फायर बैरियर के लिए अनुसंधान एवं विकास और परीक्षण प्रयासों में यह प्रयोगशाला सहायता करेगी। यह प्रयोगशाला एक परीक्षण सुविधा केंद्र के रूप में कार्य करेगी; और उद्योगों को नये फायर उत्पाद विकसित करने तथा विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बिल्डिंग कोड्स के अनुपालन में सहायक होगी। इससे ऊँची इमारतों, हवाईअड्डों, मेट्रो रेल, और अन्य बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं में बिल्डिंग घटकों के परीक्षण के माध्यम से अग्नि सुरक्षा को बढ़ाया जा सकेगा। यह अत्याधुनिक सुविधा केंद्र अग्निरोधी दरवाजों, आग प्रतिरोधी दीवारों, डैम्पर्स, फायर पर्दों, दरवाजों के हार्डवेयर, हॉरिजॉन्टल थ्रु पेनीट्रेशन फाय...
13 दिसंबर 2001 संसद पर आतंकी हमला 

13 दिसंबर 2001 संसद पर आतंकी हमला 

TOP STORIES, राष्ट्रीय
9 जवानों बलिदान : 5 आतंकी मरे, मास्टर माइंड अफजल गुरू था सबसे पहले महिला सुरक्षा कर्मी कमलेश यादव का बलिदान -रमेश शर्मा  यह एक घातक आतंकवादी हमला था । जो योजना पूर्वक भारत की संसद पर किया गया था । इसमें पाँच आतंकवादी एक कार में तीस किलो आरडीएक्स लेकर संसद भवन में घुसे थे। हमले के पीछे आतंकवादी संगठन जैस-ए-मोहम्मद का षड्यंत्र था जिसे भारत में कुछ लोग कोआर्डिनेट कर रहे थे इनमें प्रमुख अफजल गुरु था ।  यह घटना 13 दिसम्बर 2001 की है । यह आतंकवादी प्रातः 11-25 बजे आरंभ हुआ था और कुल 45 मिनिट चला । आतंकवादी एक एम्बेसेडर कार से संसद के भीतर घुसे थे । जिस समय ये आतंकवादी संसद भवन में घुसे थे, सामान्यता यह समय संसद की कार्रवाई का होता है । प्रधानमंत्री सहित अधिकांश मंत्रीमंडल के सदस्य, सांसद और अधिकांश अधिकारी भी संसद भवन में होते हैं। किन्तु उस दिन किसी कारण से संसद की कार्यवा...
आप की राजनीति में बढ़ता अपराध का साया

आप की राजनीति में बढ़ता अपराध का साया

EXCLUSIVE NEWS, TOP STORIES, राज्य, विश्लेषण
ललित गर्ग- हाल ही में सम्पन्न दिल्ली नगर निगम चुनावों में जीते पार्षदों के संदर्भ में ‘एसोसिएशन फार डेमोक्रेटिक रिफार्म्स’ यानी एडीआर और ‘दिल्ली इलेक्शन वाच’ ने एक चौंकाने वाली रिपोर्ट जारी कर यह बताया गया है कि दो सौ अड़तालीस विजेताओं में से बयालीस यानी सत्रह प्रतिशत निर्वाचित पार्षद ऐसे हैं, जिन पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसके अलावा, उन्नीस पार्षद गंभीर आपराधिक मामलों के आरोपी हैं। इससे पूर्व दिल्ली में फरवरी, 2020 में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद भी एडीआर ने अपने विश्लेषण में चुने गए कम से कम आधे विधायकों पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज पाए थे। इसमें मुख्य रूप से आम आदमी पार्टी के विधायक थे। अब प्रश्न है कि दिल्ली नगर निगम के चुनावों में भी आप पार्टी ने उम्मीदवार बनाने के लिए स्वच्छ छवि के व्यक्ति को तरजीह देने की जरूरत क्यों नहीं समझी? दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति तो यह है कि साफ-सुथरी...