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13 मार्च 1940 क्रांतिकारी ऊधमसिंह ने लंदन जाकर की थी जनरल डायर की हत्या

13 मार्च 1940 क्रांतिकारी ऊधमसिंह ने लंदन जाकर की थी जनरल डायर की हत्या

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--रमेश शर्मा भारतीय स्वाधीनता संग्राम में अधिकाँश क्राँतिकारियों का बलिदान सत्ता प्राप्ति के लिये नहीं अपितु इस राष्ट्र के स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपना बलिदान दिया । क्राँतिकारी ऊधमसिंह वे संकल्पवान बलिदानी हैं जिन्होंने जलियांवाला बाग हत्याकांड का बदला लंदन जाकर लिया और जनरल डायर को लंदन में गोली मारी । यह घटना 13 मार्च 1940 की है । हालांकि कुछ लोग कहते हैं कि वह जनरल डायर दूसरा था । और उसकी मौत 1927 मे हो गई थी । पर यह सच नहीं लगता । चूंकि क्राँतिकारी ऊधम सिंह ने वर्षों लंदन में रहकर डायर का पीछा किया था ।क्राँतिकारी उधम सिंह का जन्म 26 दिसम्बर 1899 को पंजाब के संगरूर जिले अंतर्गत सुनम गाँव में हुआ था | उनके जन्म के दो वर्ष बाद ही माँ का निधन हो गया था और पिताजी सरदार तेजपाल सिंह का निधन 8 साल बाद 1907 हो गया ।माता पिता की मृत्यु के बाद उन्हें अमृतसर के खालसा अनाथालय भेज दिया गया ।...
चीन में भयंकर दुर्दशा मुस्लिमों की : कब आवाज उठाएँगे ईरान-सऊदी

चीन में भयंकर दुर्दशा मुस्लिमों की : कब आवाज उठाएँगे ईरान-सऊदी

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आर.के. सिन्हा बताया जा रहा है कि एक-दूसरे के धुर विरोधी रहे सऊदी अरब और ईरान ने अपनी सारी पुरानी अदावतों को भूलकर दोस्ती करने का फैसला किया है। इन दोनों देशों को करीबी लाने का श्रेय अब हैरानी की बात यह है कि चीन को दिया जा रहा है। दरअसल सऊदी अरब में एक शिया मौलवी को 2016 में फांसी की सजा दी गई थी और इसी मुद्दे पर 2016 में सऊदी अरब और ईरान के कूटनीतिक संबंध खत्म हो गए थे। तब से ये दोनों देश एक-दूसरे के जानी दुश्मन बन गए थे। सऊदी अरब खुद को सरी दुनिया के सुन्नी मुसलमानों का रहनुमा मानता है और ईरान अपने को शिया मुसलमानों का। ऐसे में इन दोनों के कूटनीतिक रिश्ते बहाल करने के फैसले से सारी दुनिया कुछ हैरान तो अवश्य है। आप जानते हैं कि दोनों ही देश तेल उत्पादक देश हैं। दोनों ही देश अपने व्यवसायिक दिलचस्पी के वर्चस्व की लड़ाई लड़ते हैं। पर यहां एक जरूरी चिंता को नजरअंदाज किया जा रहा ...
लुटेरे राजनेता

लुटेरे राजनेता

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जिन्होंने अपने जीवन और कर्म द्वारा अनन्त काल तक के लिए यह मर्यादा स्थापित की कि एक मनुष्य को व्यक्ति रूप में,अपने सभी सम्बन्धों में,समाज देश और राजा रूप में कैसा होना चाहिए....उन राजा राम के राज्य में भी धोबी जैसी सोच वाले लोग रहते थे,,,,तो फिर सोचिए कि यदि राजा ही रावण जैसा,,अर्थात भ्रष्ट पापी अनाचारी अत्याचारी हो तो उसका अनुसरण करने वाली जनता कैसी होगी? चारा या सॉफ्टी बाबू का दोष केवल यह नहीं था कि व्यक्तिगत स्तर पर ये नष्ट भ्रष्ट थे और इन्होंने सत्ता का दुरुपयोग करते अपने ही प्रदेश को लूटा खसोटा बर्बाद कर दिया,अपने अनुयायियों को मूर्ख बनाया बल्कि इन्होंने जिस प्रकार की राजनीति, कार्यसंस्कृति की स्थापना की, लूट अपहरण गुण्डई दबंगई को शौर्य रूप में स्थापित किया, भ्रष्टाचार को जीवन शैली रूप में स्थापित कर उसे शिष्टाचार बना दिया,मुफ्तखोरी जालसाजी धोखाधड़ी को स्वीकार्यता दी,,,,एक शब्द में...
साभार….भारत का मुसलमान किस की ओर देखकर उछल रहा है ?

साभार….भारत का मुसलमान किस की ओर देखकर उछल रहा है ?

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मुसलमान कहीं भी युद्ध की स्थिति में है ही नहीं। क्योंकि टर्की, ईरान और पाकिस्तान मात्र तीन इस्लामिक देशों के पास ही पाँच लाख से अधिक स्ट्रेंथ की सेना है। बाकी किसी के पास कोई खास ताकत नहीं है। सऊदी अरब में १९७० में विद्रोहियों ने मक्का पर कब्जा कर लिया था । तब सऊदी अरब चाहकर भी कुछ नहीं कर पाया। मक्का को मुक्त कराने के लिए सऊदी अरब को अमेरिका की सहायता लेनी पड़ी। युद्ध के खर्चे के बदले में अमेरिका ने सऊदी अरब का तेल तो ले ही लिया। साथ ही सुरक्षा का भार भी हाथ में ले लिया। सऊदी अरब समेत किसी भी इस्लामिक देश के पास कोई खास एयरफोर्स नहीं है। किसी भी इस्लामिक देश के पास बहुत ताकतवर नेवी नहीं है। सऊदी अरब का एयरपोर्ट भी अमेरिका ने बनाया है। और सुरक्षा का सारा मामला अमेरिका ने अपने पास रखा हुआ है। ऐसे में इस्लाम का केंद्र बिंदु सऊदी अरब ही जब पूरी तरह आजाद नहीं है तो फिर मुसलमान कहाँ से आजा...
महिलाओं और बच्चीयों के खिलाफ बढ़ती हिंसा, चुनौतियां और इन्हें खत्म करने के रास्ते” विषय पर सेमिनार का आयोजन

महिलाओं और बच्चीयों के खिलाफ बढ़ती हिंसा, चुनौतियां और इन्हें खत्म करने के रास्ते” विषय पर सेमिनार का आयोजन

TOP STORIES, सामाजिक
समाजसेवी संस्था दीप वेलफेयर आर्गेनाईजेशन एवम एजुकेशनल फोरम फॉर वूमेन जस्टिस एंड सोशल वेलफेयर के संयुक्त तत्वाधान में 12 मार्च 2023, रविवार को न्यू महाराष्ट्रा सदन, कस्तूरबा गांधी मार्ग पर राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया।इस समारोह की शुरूआत विकलांग बच्चियों द्वारा सरस्वती वंदना से किया गया। जिसके बाद दीप संस्था के अध्यक्ष श्री अजय प्रकाश जी ने अपने स्वागत भाषण के साथ सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का कृतज्ञता व्यक्त करते हुए और संस्था के कार्यो का विवरण किया ।समारोह में श्रीमती सुनीता दुग्गल , पूर्व आई आर एस ऑफिसर व सांसद लोक सभा , पंडित सुनील भराला जी,अध्यक्ष श्रम कल्याण परिषद , उत्तर प्रदेश, डॉ. अजय कुमार ( चैयरमैन व मैनेजिंग डायरेक्टर फॉक्स कैपिटल एंड इन्वेस्टमेंट, फॉक्स रूबिकन कैपिटल पार्टनर्स, फॉक्स पेट्रोलियम ग्रुप ऑफ कंपनीज) ने मंच को शुभोषित किया। इनके साथ ही विभिन्न क्षेत्र...
क्या राहुल गांधी ने देश से गद्दारी की..?

क्या राहुल गांधी ने देश से गद्दारी की..?

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कृष्णमुरारी त्रिपाठी अटल ब्रिटेन के दौरे पर गए राहुल गांधी ने कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में भारत विरोधी बयानों की झड़ी लगा दी। वे वहीं नहीं रुके बल्कि - उन्होंने अपनी हर प्रेस कान्फ्रेंस / कार्यक्रम में भारत की संवैधानिक संस्थाओं व भारत विरोधी हमले करते रहे।और भारत की न्यायपालिका का अपमान करते हुए उसे कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने विदेश में भारत के संवैधानिक संस्थानों पर भी हमला बोला। और चीन का गुणगान करते हुए वे चीन के प्रति प्यार ज़ाहिर करते हुए नज़र आए।‌ जबकि इसके पूर्व भी उन्होंने अपना चीनी प्रेम दिखलाते हुए — भारत व चीनी सेना के मध्य हुए गलवान संघर्ष में भी उन्होंने भारतीय सेना पर प्रश्नचिन्ह उठाए थे। तो वहीं भारत को राज्यों के संघ के रूप में बताते हुए 'राज्यों को बार्गेनिंग के अधिकार' पर बातें की। जो भारत के संवैधानिक ढाँचे की बिल्कुल विरोधी बाते हैं। वे प्रेस कांफ्रेंस में भारत के ल...
अमेरिकन बैंक का डूबना..!

अमेरिकन बैंक का डूबना..!

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अमेरिकन बैंक का डूबना - प्रशांत पोळ शुक्रवार १० मार्च को अमेरिका की सोलहवी सबसे बडी बैंक, 'सिलिकॉन व्हॅली बैंक' (SVB) डूब गई. डीफंक्ट हो गई. एक ही दिन मे, बैंक पर रन आकर, इतनी बडी बैंक डूबने का शायद यह अनूठा उदाहरण हैं. अमेरिकन अर्थव्यवस्था (financial system इस संदर्भ मे) कितनी खोखली हैं, इसका यह उदाहरण हैं. *इसका परिणाम कल से, अर्थात सोमवार से, दिखना शुरु होगा.* इस बैंक के ग्राहक मुख्यतः स्टार्ट - अप कंपनीज और टेक कंपनीज थे. अमेरिका मे आई टी और टेक कंपनीज मे महिने मे दो बार वेतन बटता हैं. दिनांक १ को और दिनांक १५ को. जब १५ मार्च को वेतन बांटने का समय आएगा तो अनेक कंपनियों को समस्या होगी. उनकी बैंक ही डूब गई हैं, जिसमे उनका पैसा था. अब वेतन कहां से करेंगे? चालीस वर्ष पुरानी यह बैंक अचानक नही डूबी हैं. पिछले दो वर्षों से इसके लक्षण ठीक नही दिख रहे थे. अपने यहां जैसी आरबीआई रेग...
राजनीति की संस्कृति : हृदयनारायण दीक्षित

राजनीति की संस्कृति : हृदयनारायण दीक्षित

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राजनीति का सांस्कृतिक होना अनिवार्य है। संस्कृतिविहीन राजनीति कलहपूर्ण होती है। ऐसी राजनीति के संचालक और नेता देश को परेशानी में डालने वाले होते हैं। उनका आचरण उनके लिए भी फलप्रद नहीं होता। वे स्वयं की भी बेज्जती कराते हैं। कांग्रेस के नेता व पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी अपने निराधार वक्तव्यों से जगहंसाई करा रहे हैं। उन्होंने कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में अपने देश भारत के सम्बंध में अनर्गल टिप्पणियां की हैं। कैम्ब्रिज में बोलते हुए उन्होंने कहा है कि, ‘‘भारत की संवैधानिक संस्थाएं सत्ता पक्ष के नियंत्रण में हैं‘‘। राहुल जी स्वतंत्र न्यायपालिका द्वारा भिन्न भिन्न विषयों पर दिए गए निर्णयों पर ध्यान नहीं देते। सर्वोच्च न्यायालय ने अभी चुनाव आयुक्त की नियुक्ति के सम्बंध में विशेष प्रकार का निष्कर्ष दिया है। न्यायपीठ ने हिन्दू आस्था को भारत के लोगों की जीवनशैली बताया है। देश की न्यायपालिका संवैधानिक स...
हृदयनारायण दीक्षित :संस्कृत और संस्कृति

हृदयनारायण दीक्षित :संस्कृत और संस्कृति

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भारत के लोगों की तमाम आदर्श साधनाओं का सर्वोत्तम संस्कृति है। संस्कृति समाजचेता, दार्शनिकों और ज्ञानीजनों का सर्वोत्तम है। में भारत एक प्राचीन सभ्यता और संस्कृति है। इस देश का इतिहास अतिप्राचीन है। प्राचीनता के तत्वों में जाने हुए की तुलना में अनजाना भाग भी कम नहीं है। डॉ० हजारी प्रसाद द्विवेदी ने लिखा है, ‘‘इस देश का सबसे पुराना उपलब्ध साहित्य आर्यों का है। इन्हीं आर्यों के धर्म विश्वास नाना अनुकूल, प्रतिकूल परिस्थितियों में बनते बदलते अब तक इस देश की अधिकाँश जनता के निजी धर्म और विश्वास बने हुए हैं।‘‘ डॉ० द्विवेदी की यह स्थापना सही है। लेकिन आगे कहते हैं, ‘‘परन्तु आर्यों का साहित्य कितना भी पुराना और विशाल क्यों न हो भारतवर्ष के समूचे जनसमूह के विकास के अध्ययन के लिए न तो वह पर्याप्त ही है और न अविसंवादी ही है। इस देश में बहुत सी आर्येतर जातियां अत्यंत सभ्य और संस्कृत जीवन व्यतीत करती थ...
इतिहास को दोहराते राहुल गांधी

इतिहास को दोहराते राहुल गांधी

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इतिहास को दोहराते राहुल गांधी-बलबीर पुंज कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी द्वारा ब्रिटेन में दिए बयानों का कुल निचोड़ यह है— "भारत में लोकतंत्र समाप्त है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के लोग भारतीय सत्ता-अधिष्ठान पर काबिज है। चुनाव आयोग से लेकर मीडिया, न्यायालय दवाब में है। देश में लोकतंत्र को बचाने हेतु अमेरिका और यूरोप को हस्तक्षेप करना होगा।" वास्तव में, इन वक्तव्यों में निहित चिंतन ही भारत की त्रासदी और उसके शताब्दियों तक आक्रांताओं के अधीन परतंत्र रहने का बड़ा कारण है। वर्ष 1707 में मुगलिया आक्रांता औरंगजेब के देहांत के बाद भारत में इस्लामी हुकूमत क्षीण होने लगी थी। तब कालांतर में शाह वलीउल्लाह ने अफगान शासक अब्दाली (दुर्रानी) को भारत पर आक्रमण हेतु बुलावा भेजा, क्योंकि वह छत्रपति शिवाजी द्वारा प्रतिपादित 'हिंदवी स्वराज्य' को समाप्त करके भारत में पुन: इस्लामी राज स्थापित ...