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समाज सिनेमा और कानून पर मंथन जरूरी

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आठ साल पहले दिल्ली में हुआ निर्भया कांड हो या पांच दिन पहले हाथरस की घटना हो, इन दोनों बातों में कुछ नहीं बदला, अगर कुछ बदला है तो वो सिर्फ  दोषियों के नाम भर है। हम इक्कीसवीं सदी में रहने के बावजूद वो आजादी आज भी महिलाओं और बेटियों को नहीं दे पाए जिसकी वो हकदार हैं, उन्हें भी हक है रात को सड़को पर चलने का, उन्हें भी हक है अकेले कहीं भी घूमने का, लेकिन क्या वो हक हम उन्हें दे पाए हैं, क्यों हम और हमारी सरकार ऐसे कानून बनाने में पीछे है जो खाड़ी देशों में लागू है, जिसमें किसी भी प्रकार की हैवानियत करने से पूर्व अपराधी अपराध की सजा सोचकर अपनी मानसिकता बदल  देता है। आज जो कुछ घटित हो रहा है समाज में, उस हिसाब से अब जरूरत है एक ठोस कानून की। उपरोक्त दोनों घटनाओं के आरोपी लगभग बीस से तीस साल के नौजवान हैं, उम्मीद तो ये भी है कि ये यकीनन समाज से अलग-थलग होंगे, इस कारण भी भयमुक्त होंगे। सोशल थ...

औवेसी जी, अब तो बंद करो कोर्ट का अनादर करना

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कथित बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में सीबीआई कोर्ट के फैसले के बाद फिर से उम्मीद के मुताबिक ही कुछ सेक्युलरवादी और कठमुल्ले विरोध जता रहे हैं। अब कह रहे हैं कि कोर्ट का यह फैसला सहीं नहीं है। मतलब इन्हें अपने मन का फैसला सुनने से कम कुछ भी स्वीकार ही नहीं है। सीबीआई की विशेष अदालत ने इस केस में अपना फ़ैसला सुनाते हुए सभी 32 अभियुक्तों को समस्त आरोपों से बरी कर दिया है। माननीय जज ने कहा कि इस मामले में कोई ठोस साक्ष्य नहीं है। यह पूर्व विध्वंस सुनियोजित नहीं था। कुछ अराजक तत्वों ने ढ़ांचे को तोड़ा। इसके साथ ही बीजेपी के मार्गदर्शक मंडल के प्रमुख नेता लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती समेत कुल 32 लोग अब चैन से सो सकेंगे। इन्हें  इस  मामले में कांग्रेस सरकार द्वारा अभियुक्त बनाया गया था। क्या कोई पूछेगा कि इन सबन...

परागण कीटों पर भी दुष्प्रभाव डालता है वायु प्रदूषण

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नई दिल्ली, 01 अक्तूबर (इंडिया साइंस वायर): विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार दुनिया के दस सबसे प्रदूषित शहरों में से नौ शहर भारत में ही हैं। यह तथ्य किसी से छिपा नहीं है कि हवा पूरे पारिस्थितिक तंत्र को हर समय घेरे रहती है। फिर भी, मनुष्य को छोड़कर पेड़-पौधों और पशुओं से जुड़ी प्रणालियों पर वायु प्रदूषण के प्रभाव के बारे में जानकारी बहुत कम ही है। भारतीय शोधकर्ताओं के एक नवीनतम अध्ययन में वायु प्रदूषण के कारण पौधों और जीव-जंतुओं पर पड़ने वाले भौतिक एवं आणविक प्रभावों की ओर ध्यान दिया गया है। शोधकर्ताओं ने पाया है कि मधुमक्खी जैसे परागण करने वाले कीट, जिन पर हम अपने अस्तित्व के लिए सबसे अधिक भरोसा करते हैं, पर वायु प्रदूषण के कारण विनाशकारी प्रभाव पड़ रहा है। बेंगलूरू स्थित नेशनल सेंटर फॉर बायोलॉजिकल साइंसेज (एनसीबीएस) में नेचरलिस्ट इन्स्पायर्ड केमिकल इकोलॉजी (एनआईसीई) प्रयोग...

परागण कीटों पर भी दुष्प्रभाव डालता है वायु प्रदूषण

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नई दिल्ली, 01 अक्तूबर (इंडिया साइंस वायर): विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार दुनिया के दस सबसे प्रदूषित शहरों में से नौ शहर भारत में ही हैं। यह तथ्य किसी से छिपा नहीं है कि हवा पूरे पारिस्थितिक तंत्र को हर समय घेरे रहती है। फिर भी, मनुष्य को छोड़कर पेड़-पौधों और पशुओं से जुड़ी प्रणालियों पर वायु प्रदूषण के प्रभाव के बारे में जानकारी बहुत कम ही है। भारतीय शोधकर्ताओं के एक नवीनतम अध्ययन में वायु प्रदूषण के कारण पौधों और जीव-जंतुओं पर पड़ने वाले भौतिक एवं आणविक प्रभावों की ओर ध्यान दिया गया है। शोधकर्ताओं ने पाया है कि मधुमक्खी जैसे परागण करने वाले कीट, जिन पर हम अपने अस्तित्व के लिए सबसे अधिक भरोसा करते हैं, पर वायु प्रदूषण के कारण विनाशकारी प्रभाव पड़ रहा है। बेंगलूरू स्थित नेशनल सेंटर फॉर बायोलॉजिकल साइंसेज (एनसीबीएस) में नेचरलिस्ट इन्स्पायर्ड केमिकल इकोलॉजी (एनआईसीई) प्रयोग...

Children and young adults key to transmitting coronavirus – Study

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New Delhi, Oct 01 (India Science Wire): Number of novel coronavirus cases is surging in the country and researchers are trying to understand the potential spreaders and the possible routes of the spread of the virus to arrive at a viable and evidence based policy. A study based on contact-tracing says that more than five lakh people in India who were exposed to the novel corona virus SARS-CoV- 2, suggests that the virus' continued spread is determined by only a small percentage of those who become infected. According to the study, children and young adults were found to be potentially much more key sources of transmission of the virus especially indoors. The researchers found that 71% of infected individuals did not infect any of their contacts, while a mere 8% of infected ...

स्वास्थ्य और चिकित्सा के स्तर पर जमीन से जुड़कर ही हम इस क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल कर सकते हैं: वैद्य राजेश कोटेचा, सचिव, आयुष मंत्रालय, भारत सरकार

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l स्वास्थ्य पत्रकारिता को और व्यापक बनाने की है जरूरतः प्रो. के.जी.सुरेश, कुलपति माखनल लाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय l सबका विकास सबका स्वास्थ्य है आत्मनिर्भर भारत की पहचानः डॉ. उमा कुमार, विभागाध्यक्ष, रूमोटोलॉजी विभाग, एम्स, नई दिल्ली l स्वास्थ्य क्षेत्र में आत्मनिर्भरता विषय पर स्वस्थ भारत मीडिया, दिल्ली पत्रकार संघ एवं स्वस्थ भारत (न्यास) के संयुक्त तत्वावधान में वेबिनार आयोजित नई दिल्ली। अपनी समृद्ध परंपरा और चिकित्सा व आहार को अपनाकर हम स्वस्थ रह सकते हैं और कोरोना जैसी महामारी का मुकाबला करने में सफल हो सकते हैं। हमें स्वास्थ्य और चिकित्सा के स्तर पर जमीन से जुड़ना होगा तभी आत्मनिर्भरता भी हासिल कर सकते हैं। ये बातें 2 अक्टूबर को ' भारत की स्वास्थ्य नीति: आत्मनिर्भरता की आवश्यकता' पर आयोजित एक वेबिनार को संबोधित करते हुए आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य ...

IIT Delhi startups launch affordable antiviral protection kit

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New Delhi, Oct. 02 (India Science Wire): Indian Institute of Technology (IIT), Delhi incubated startups E-TEX and Clensta have teamed up and launched a complete antiviral protection kit for the masses at an affordable price on the occasion of Mahatma Gandhi’s birth anniversary. This antiviral protection kit has been launched with an ambition to provide protective cover to people amid the COVID-19 pandemic. The antiviral kit, unveiled by Prof V. Ramgopal Rao, Director, IIT Delhi, consists of a novel Clensta protection lotion and hand sanitizer; E-TEX Kawach Antiviral T-Shirt, and Kawach Mask. The products are backed up by experts from the chemical and textile departments of IIT Delhi. E-TEX Kawach Antiviral Garment with its antiviral fabric has been designed using advanced technolo...

Scientists devise frugal method to extract anti-TB agents from marine microalgae

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New Delhi, Oct. 02 (India Science Wire): Marine Biotechnology Division of National Institute of Ocean Technology (NIOT) has discovered a potential anti-TB agent to fight against tuberculosis (TB) by successfully isolating the biomolecules of pharmacological importance from a marine microalgae Chlorella vulgaris. This is possibly the first time that a promising anti-TB agent from the marine microalgae Chlorella vulgaris is developed during the production of Chlorella Growth Factor (CGF), lipid and lutein through a low cost extraction process. The hot water extract of C.vulgaris is also known as CGF. The study also highlights a cost-effective technology for the production of multiple biomolecules, sequentially from marine micro-alga biomass. Tuberculosis is a highly contagious ...

क्या शिक्षक पात्रता परीक्षा अभ्यर्थियों के साथ सरकारी ठगी है ?

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( बार-बार शिक्षक पात्रता परीक्षा का शिक्षकों की भर्ती के अभाव में क्या औचित्य है? सच में ये बेरोजगार युवाओं को लूटने का सरकारी धंधा बन गया है. हरियाणा में दस-दस बार शिक्षक पात्रता परीक्षा पास कर चुके युवाओं को अभी तक नौकरी की कोई आस नहीं है. इस बात का सबसे बड़ा सबूत है ये है कि सरकार को भर्ती के अभाव में इनकी पात्रता को मजबूर होकर पांच से सात करना पड़ा.  हरियाणा एवं केंद्र की आगामी परीक्षा का बेरोजगारों को लूटने के अलावा कोई औचित्य नहीं है. अगर सरकार को शिक्षकों कि आवश्यकता ही है तो पहले से उत्तीर्ण युवाओं को नौकरी दी जाये. पात्रता अवधि नेट की तरह आजीवन होनी चाहिए.  कोरोना के चलते जब भर्ती परीक्षाओं को रोक दिया है तो शिक्षक पात्रता करवाने के पीछे लूटने के अलावा कौन सी मंशा है. युवाओं को इसका एक सुर में विरोध करना चाहिए.) देश भर में शिक्षकों की भर्ती के लिए पिछले डेढ़ दशक से श...

बाबरी का फैसला जैसा भी है, बर्दाश्त करें

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बाबरी मस्जिद को गिराने के बारे में अब जो फैसला आया है, उस पर तीखा विवाद छिड़ गया है। इस फैसले में सभी कारसेवकों को दोषमुक्त कर दिया गया है। कुछ मुस्लिम संगठनों के नेता कह रहे हैं कि यदि मस्जिद गिराने के लिए कोई भी दोषी नहीं है तो फिर वे गिरी कैसे ? क्या वह हवा में उड़ गई ? सरकार और अदालत ने अभी तक उन लोगों को पकड़ा क्यों नहीं, जो मस्जिद को ढहाने के दोषी थे? जो सवाल हमारे कुछ मुस्लिम नेता पूछ रहे हैं, उनसे भी ज्यादा तीखे सवाल अब पाकिस्तान के नेता, अखबार और चैनल पूछेंगे। इस फैसले को लेकर देश में सांप्रदायिक असंतोष और तनाव फैलाने की कोशिशें शुरु हो गई हैं। मान लें कि सीबीआई की अदालत श्री लालकृष्ण आडवाणी, डॉ. मुरलीमनोहर जोशी और उमा भारती— जैसे सभी आरोपियों को सजा देकर जेल भेज देती तो क्या होता ? पहली बात तो यह कि इन नेताओं ने बाबरी मस्जिद के उस ढांचे को गिराया है, इसका कोई भी ठोस या खोखला—सा ...